वह दिन दूर नहीं जब सर्दी में गर्मी सताने लगेगी, तेजी से बढ़ रही है गर्मी वह दिन दूर नहीं जब सर्दी में गर्मी सताने लगेगी। दुनिया में बढ़ते तापमान ने वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की जारी रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ सालों में वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने की संभावना जताई है। वैज्ञानिकों का अनुसार बदलती जलवायु को लेकर यह रिपोर्ट चिंताजनक ही नहीं बल्कि चेताने वाली है। इसमें दोराय नहीं कि पिछले करीब दो दशक में मौसम में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिले हैं। इसकी प्रमुख वजह जलवायु परिवर्तन को माना गया है और बढ़ता तापमान जलवायु को बदल रहा है। इसका बड़ा दुष्प्रभाव हिमालय राज्यों में देखने मिल है। इस बार नेपाल और तिब्बत में आई भीषण आपदा को लेकर भी जलवायु परिवर्तन बड़ा कारण माना जा रहा है। दरअसल वैश्विक तापमान बढ़ने की रफ्तार ने दुनिया को जलवायु परिवर्तन के एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचा दिया है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी ) की नई रिपोर्ट के अनुसार पृथ्वी का औसत वैश्विक तापमान आने वाले कुछ वर्षों में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार करने को तैयार है। वर्ष 2015 में पेरिस जलवायु समझौते में 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसका समय 2030 निर्धारित था, लेकिन 1.5 डिग्री सेल्सियस वर्ष 2024 में ही पहुंच गया था। वर्ष 2025 में इसमें थोड़ा कमी आई। मगर यह अल नीनो का वर्ष है तो अब इसके अधिक बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं, जो वास्तव में बेहद चिंताजनक है। जिससे दुनिया में तापमान के साथ गर्मी में अधिक वृद्धि होगी और सूखे की स्थिति उत्पन्न होगी। बाढ़ की समस्याएं पनपेगी तो जंगलों की आग हरियाली को नष्ट करेगी। इसके अलावा समुद्री जल स्तर में तेजी से वृद्धि होने से तटीय भू-भाग पानी में समाने लगेंगे। पारिस्थितिक तंत्र पर खतरे बढ़ जायेंगे। कुल मिलाकर मौसमी दुष्परिणाम सामने आने की संभावनाएं प्रबल होंगी। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा नीतियों के।कारण तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। लिहाजा तापमान को बढ़ाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में तत्काल और लगातार कटौती करनी होगी। वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने की तकनीकों को ईजाद करना होगा और प्राकृतिक उपाय अपनाने होंगे । रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाली आपदाओं को लेकर तैयार रहना होगा। अलबत्ता हर हाल के वैश्विक ताप बढ़ने से रोकना होगा और ठोस नीतियां बनानी होंगी। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र सिंह का कहना है कि पिछले ढाई दशक से तापमान बढ़ने से मौसम में बढ़ रही खामियों को लेकर विज्ञानिक चेताते आ रहे हैं। मगर अभी तक इस ओर तब्बजो न देने से समस्या बढ़ती जा रही है। हिमालय, ध्रुवीय बर्फीले क्षेत्र और समुद्री तट सर्वाधिक प्रभावित होंगे। यूएनईपी की रिपोर्ट की रिपोर्ट को कतई नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। यह चेताने वाली रिपोर्ट है।
वह दिन दूर नहीं जब सर्दी में गर्मी सताने लगेगी, तेजी से बढ़ रही है गर्मी वह दिन दूर नहीं जब सर्दी में गर्मी सताने लगेगी। दुनिया में बढ़ते तापमान ने वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की जारी रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ सालों में वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने की संभावना जताई है। वैज्ञानिकों का अनुसार बदलती जलवायु को लेकर यह रिपोर्ट चिंताजनक ही नहीं बल्कि चेताने वाली है। इसमें दोराय नहीं कि पिछले करीब दो दशक में मौसम में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिले हैं। इसकी प्रमुख वजह जलवायु परिवर्तन को माना गया है और बढ़ता तापमान जलवायु को बदल रहा है। इसका बड़ा दुष्प्रभाव हिमालय राज्यों में देखने
मिल है। इस बार नेपाल और तिब्बत में आई भीषण आपदा को लेकर भी जलवायु परिवर्तन बड़ा कारण माना जा रहा है। दरअसल वैश्विक तापमान बढ़ने की रफ्तार ने दुनिया को जलवायु परिवर्तन के एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचा दिया है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी ) की नई रिपोर्ट के अनुसार पृथ्वी का औसत वैश्विक तापमान आने वाले कुछ वर्षों में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार करने को तैयार है। वर्ष 2015 में पेरिस जलवायु समझौते में 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसका समय 2030 निर्धारित था, लेकिन 1.5 डिग्री सेल्सियस वर्ष 2024 में ही पहुंच गया था। वर्ष 2025 में इसमें थोड़ा कमी आई। मगर यह अल नीनो का वर्ष है तो अब इसके
अधिक बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं, जो वास्तव में बेहद चिंताजनक है। जिससे दुनिया में तापमान के साथ गर्मी में अधिक वृद्धि होगी और सूखे की स्थिति उत्पन्न होगी। बाढ़ की समस्याएं पनपेगी तो जंगलों की आग हरियाली को नष्ट करेगी। इसके अलावा समुद्री जल स्तर में तेजी से वृद्धि होने से तटीय भू-भाग पानी में समाने लगेंगे। पारिस्थितिक तंत्र पर खतरे बढ़ जायेंगे। कुल मिलाकर मौसमी दुष्परिणाम सामने आने की संभावनाएं प्रबल होंगी। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा नीतियों के।कारण तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। लिहाजा तापमान को बढ़ाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में तत्काल और लगातार कटौती करनी होगी। वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने की
तकनीकों को ईजाद करना होगा और प्राकृतिक उपाय अपनाने होंगे । रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाली आपदाओं को लेकर तैयार रहना होगा। अलबत्ता हर हाल के वैश्विक ताप बढ़ने से रोकना होगा और ठोस नीतियां बनानी होंगी। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र सिंह का कहना है कि पिछले ढाई दशक से तापमान बढ़ने से मौसम में बढ़ रही खामियों को लेकर विज्ञानिक चेताते आ रहे हैं। मगर अभी तक इस ओर तब्बजो न देने से समस्या बढ़ती जा रही है। हिमालय, ध्रुवीय बर्फीले क्षेत्र और समुद्री तट सर्वाधिक प्रभावित होंगे। यूएनईपी की रिपोर्ट की रिपोर्ट को कतई नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। यह चेताने वाली रिपोर्ट है।
- नैनीताल में 16 सितंबर से 124वें भव्य नंदा देवी महोत्सव का आगाज, तैयारियां पूरी नैनीताल। धार्मिक संस्था राम सेवक सभा के तत्वावधान में इस वर्ष होने वाले 124वें नंदा देवी महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का भव्य आगाज 16 सितंबर (बुधवार) से होगा। आयोजकों के अनुसार, इस साल का आयोजन वर्ष 2027 में होने वाले ऐतिहासिक 125वें महोत्सव की रिहर्सल के रूप में किया जा रहा है।राम सेवक सभा की पत्रकार वार्ता में महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि 16 सितंबर को उद्घाटन समारोह में सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री (संभावित) शामिल होंगे। इसी दिन एक दल कदली लेने मंगोली जाएगा। 17 सितंबर को भव्य शोभायात्रा के साथ कदली को गोवर्धन कीर्तन हॉल लाया जाएगा।19 सितंबर को मुख्य प्राण-प्रतिष्ठा के बाद धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। इसके तहत 20 को दुर्गा सप्तशती पाठ, 21 को महाभंडारा और 22 को सुंदरकांड पाठ होगा। अंततः 23 सितंबर को नगर भ्रमण के बाद मूर्तियों को नैनीझील में विसर्जित किया जाएगा। इस बार तल्लीताल व मल्लीताल में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें महिलाओं का पारंपरिक झोड़ा नृत्य विशेष आकर्षण रहेगा।1
- पीएम नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सीएम धामी का संदेश: एक दीप आशीर्वाद का… 🪔 एक दीप आशीर्वाद का… 🪔 17 सितंबर को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत के शिल्पकार, देश को नई दिशा, नई गति और विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने वाले यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी का जन्मदिवस है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी का जीवन राष्ट्रसेवा, समर्पण और संकल्प की एक प्रेरणादायी यात्रा है। उनके सशक्त नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है और विश्व पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आइए, देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती से 17 सितंबर की शाम 6 से 7 बजे तक ‘आशीर्वाद दीप’ प्रज्वलित कर उत्तराखण्ड और यहां के जनमानस से विशेष आत्मीय लगाव रखने वाले आदरणीय प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना करें।1
- एसओजी ने 2.51 लाख की स्मैक के साथ युवक को किया गिरफ्तार अल्मोड़ा। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अल्मोड़ा पुलिस की एसओजी टीम ने 8.39 ग्राम स्मैक के साथ 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत 2,51,700 रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली अल्मोड़ा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में जनपद में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग कर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में रविवार को प्रभारी एसओजी सुनील धानिक के नेतृत्व में टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। बेस तिराहे से होटल मैनेजमेंट की ओर जाने वाले पहले मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे एक युवक की तलाशी ली गई। उसके कब्जे से 8.39 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी राहुल उम्र 25 वर्ष पुत्र स्व. रामचन्द्र, निवासी बेस अस्पताल कैंपस सरकारी आवास, थाना व जिला अल्मोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कोतवाली अल्मोड़ा में एफआईआर संख्या 95/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस बरामद स्मैक के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स की भी जांच कर रही है। यहाँ एसओजी टीम में अपर उपनिरीक्षक नीरज सिंघल, हेड कांस्टेबल इरशाद उल्ला और कांस्टेबल राकेश खेतवाल शामिल रहे।1
- राजेश शुक्ला की अपील के बाद टाकुली ने अपना पर्चा वापस ले लिया! किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनावी समीकरण में आया बड़ा बदलाव। आखिर क्या है इस फैसले की पूरी कहानी? जानिए पूरी खबर इस वीडियो में। 📍 किच्छा की राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें दर्पण न्यूज़ के साथ। #किच्छा #BreakingNews #KichhaNews #राजेशशुक्ला #टाकुली #नगरपालिकाचुनाव #UttarakhandNews #DarpanNews #ViralNews #PoliticalNews राजेश शुक्ला की अपील के बाद टाकुली ने अपना पर्चा वापस ले लिया! किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनावी समीकरण में आया बड़ा बदलाव। आखिर क्या है इस फैसले की पूरी कहानी? जानिए पूरी खबर इस वीडियो में। 📍 किच्छा की राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें दर्पण न्यूज़ के साथ। #किच्छा #BreakingNews #KichhaNews #राजेशशुक्ला #टाकुली #नगरपालिकाचुनाव #UttarakhandNews #DarpanNews #ViralNews #PoliticalNews1
- गरुड़ में गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ, भजन संध्या में भक्तिमय हुआ राम मंदिर परिसर गरुड़ में गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ, भजन संध्या में भक्तिमय हुआ राम मंदिर परिसर1
- 🙏 Radhe Gift Nd Toys House की ओर से आप सभी को 🌺 श्री गणेश चतुर्थी की मंगलमयी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! ❤️ विघ्नहर्ता श्री गणेश जी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियाँ लेकर आएँ। 🙏✨ 🌸 गणपति बप्पा मोरया! 🌸 🙏 Radhe Gift Nd Toys House की ओर से आप सभी को 🌺 श्री गणेश चतुर्थी की मंगलमयी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! ❤️ विघ्नहर्ता श्री गणेश जी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियाँ लेकर आएँ। 🙏✨ 🌸 गणपति बप्पा मोरया! 🌸1
- जनपद स्थापना दिवस पर विकास की भावी रूपरेखा को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में होगी गोष्ठी, जन आकांक्षाओं के अनुरूप चम्पावत के सुनियोजित विकास की बनेगी कार्ययोजना: जिलाधिकारी। जनपद स्थापना दिवस पर विकास की भावी रूपरेखा को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में होगी गोष्ठी, जन आकांक्षाओं के अनुरूप चम्पावत के सुनियोजित विकास की बनेगी कार्ययोजना: जिलाधिकारी। चम्पावत जनपद के स्थापना दिवस के अवसर पर 15 सितम्बर को जनपद के विकास की भावी दिशा एवं जन आकांक्षाओं को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को प्रातः 11 :00बजे एक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। गोष्ठी में जनपद के संभ्रांत नागरिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को आमंत्रित कर चम्पावत के सुनियोजित एवं समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपद स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सभी जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चम्पावत जनपद की स्थापना 15 सितम्बर 1997 को जिस भावना और उद्देश्य के साथ की गई थी, उसे ध्यान में रखते हुए जनपद को विकास के पथ पर और तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक चिंतन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्ठी में इस बात पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी कि आने वाले वर्षों में चम्पावत के विकास की दिशा क्या हो और जनसामान्य की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप प्रशासन किस प्रकार और प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। इसके साथ ही जनपद की स्थानीय आवश्यकताओं, संभावनाओं एवं भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि गोष्ठी में प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों एवं विचारों को समाहित करते हुए एक दस्तावेज तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जो जनपद के भावी एवं सुनियोजित विकास की कार्ययोजना तैयार करने में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और स्थानीय आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर चम्पावत को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रशासन निरंतर कार्य करेगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपद स्थापना दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर समस्त जनपदवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनपद की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- नैनीताल में तेज बारिश: सड़कें पानी से भरीं, नैनी झील के गेट खोले गए नैनीताल: शहर में सोमवार दोपहर को मौसम अचानक बदल गया। दोपहर 1 बजे से करीब डेढ़ घंटे तक बहुत तेज बारिश हुई। इस मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और जगह-जगह जलभराव हो गया। नाले उफान पर आने के कारण प्रसिद्ध नैनी झील का जलस्तर अचानक बहुत बढ़ गया।बढ़ते पानी को देखते हुए सिंचाई विभाग ने झील के सभी गेट खोल दिए और 18 इंच पानी बाहर छोड़ा गया। डेढ़ घंटे में यहाँ 50 एमएम से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन स्कूली बच्चों और आम जनता को आने-जाने में परेशानी हुई। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।1