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प्रदीप शर्मा एसीएन जबलपुर क्रूज हादसे मे मृत हुए व्यक्तियो को अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ने किया श्रद्धांजलि का आयोजन
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
प्रदीप शर्मा एसीएन जबलपुर क्रूज हादसे मे मृत हुए व्यक्तियो को अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ने किया श्रद्धांजलि का आयोजन
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- बरगी डैम क्रूज हादसा: मौत के आगोश में भी साथ न छूटा, मां की ममता देख कांप उठी लोगों की रूह जबलपुर/बरगी। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने न केवल वहां मौजूद बचाव दल, बल्कि पूरे प्रदेश की आंखों में आंसू ला दिए। पानी की गहराई में डूबे क्रूज के केबिन से जब एक मां और उसके चार वर्षीय मासूम बेटे का शव निकाला गया, तो दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। अंतिम सांस तक बचाने की कोशिश चश्मदीदों और बचाव दल के अनुसार, मां ने लाइफ सेफ्टी जैकेट पहन रखी थी।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- दीवार गिरने से महिला घायल, जबलपुर रेफर1
- एमपीएल वुमन लीग ड्राफ्ट संपन्न: “देश की सबसे बड़ी लीग” बना एमपीएल , धवन बोले— मध्य प्रदेश क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल ग्वालियर के इम्पीरियल गोल्फ रिसोर्ट में आज मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग (एमपीएल ) के वुमन विंग का भव्य टीम ड्राफ्ट आयोजित हुआ। इस खास मौके पर एमपीएल के संस्थापक एवं एमपीसीए अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया, भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज़ शिखर धवन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सबा करीम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। “तीन साल में ही देश की सबसे बड़ी लीग” — सिंधिया कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महानआर्यमन सिंधिया ने कहा कि एमपीएल ने मात्र तीन वर्षों में देश की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग के रूप में पहचान बना ली है। उन्होंने बताया कि आज आईपीएल और अन्य बड़ी लीगों में एमपीएल से जुड़े खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने वुमन लीग की पाँचों टीमों के मालिकों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल मध्य प्रदेश क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। धवन ने की सराहना, बोले—बदलाव साफ दिख रहा शिखर धवन अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने ‘द वन हाई परफॉर्मेंस सेंटर’ की स्थापना और एमपीएल वुमन लीग की पहल को ऐतिहासिक बताया। धवन ने कहा कि पिछले 2–3 वर्षों में मध्य प्रदेश क्रिकेट में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है और इसका श्रेय महानआर्यमन सिंधिया की दूरदर्शिता को जाता है। सबा करीम ने याद किए माधवराव सिंधिया सबा करीम ने इस अवसर पर माधवराव सिंधिया को याद करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने वुमन स्टेट लीग को लेकर उत्साह जताया और इसे महिला क्रिकेट के लिए बड़ा कदम बताया। पाँच टीमों ने चुनी अपनी स्क्वॉड इस बार एमपीएल वुमन लीग में कुल 303 महिला खिलाड़ियों के पूल से पाँच टीमों ने अपनी-अपनी स्क्वॉड तैयार की: चंबल घड़ियाल ग्वालियर शेरनी रॉयल निमाड़ ईगल्स भोपाल वूल्व्स बुंदेलखंड बुल्स पिछले वर्ष जहाँ तीन टीमें थीं, इस बार संख्या बढ़कर पाँच हो गई है। इंदौर में होगा एमपीएल 2026 एमपीएल 2026 सीजन की शुरुआत 3 जून से इंदौर में होगी। करीब 28 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। कुल मिलाकर एमपीएल वुमन लीग का यह ड्राफ्ट न सिर्फ महिला क्रिकेट के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ, बल्कि मध्य प्रदेश को देश के क्रिकेट मानचित्र पर और मजबूत करने का संकेत भी दे गया।1
- भारतीय जनता पार्टी की सरकार की CM किसान योजना की खुली पोल सरकार की सारी बातें हवा हवाई किसान परेशान योजनाएं महान।1
- जबलपुर से नर्मदा नदी के प्रवाह से कई घाट निर्मित हुए जिनमें भेड़ाघाट धुंआधार सर्वाधिक चर्चित है यह तिथियों पर श्रद्धा से लोग नहाने आते इसके अलावा प्रकृति द्वारा यहां बहुत रोचक दृश्य देखने कई बार यहां हिंदी फिल्मों की शूटिंग हुई कई विदेशी पर्यटक आते रहते अलग अलग विख्यात यह स्थान है1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- लोकेशन जबलपुर रिपोर्टर आशीष कुमार दुबे बरगी डैम क्रूज हादसा: मौत के आगोश में भी साथ न छूटा, मां की ममता देख कांप उठी लोगों की रूह जबलपुर/बरगी। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने न केवल वहां मौजूद बचाव दल, बल्कि पूरे प्रदेश की आंखों में आंसू ला दिए। पानी की गहराई में डूबे क्रूज के केबिन से जब एक मां और उसके चार वर्षीय मासूम बेटे का शव निकाला गया, तो दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। अंतिम सांस तक बचाने की कोशिश चश्मदीदों और बचाव दल के अनुसार, मां ने लाइफ सेफ्टी जैकेट पहन रखी थी। ऐसा प्रतीत होता है कि डूबते हुए क्रूज के बीच उस मां ने अपनी पूरी शक्ति अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने में लगा दी थी। उसे शायद यह उम्मीद थी कि सेफ्टी जैकेट के सहारे वह अपने बच्चे को डूबने से बचा लेगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दोनों मां-बेटा क्रूज के केबिन में ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। गुरुवार शाम करीब 6:00 बजे नर्मदा के बैकवाटर में अचानक आए तेज तूफान और ऊंची लहरों के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया।मौसम विभाग द्वारा पहले ही येलो अलर्ट (तेज हवाओं की चेतावनी) जारी किया गया था, इसके बावजूद क्रूज का संचालन क्यों होने दिया गया, यह जांच का विषय है। जीवित बचे कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया है कि क्रूज पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और आपात स्थिति में चालक ने समय रहते क्रूज को किनारे नहीं लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। वहीं, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा में बड़ी चूक है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। NDRF, SDRF और सेना की टुकड़ी लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। "मां की ममता जीत गई, किन्तु मां हार गई..." — यह वाक्य आज हर उस शख्स की जुबान पर है जिसने बरगी की लहरों में डूबी उस ममता की कहानी सुनी।4