कोटा: एक-दूजे को गुलाल लगाकर सरकार के खिलाफ ली अंतिम निर्णय तक लड़ने की शपथ कलेक्ट्रेट के गेट पर जेके मजदूरों ने मनाई संघर्ष वाली धुलंडी कोटा। कोटा के जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पिछले एक साल से अधिक समय से धरना दे रहे जेके सिंथेटिक्स के मजदूरों ने बुधवार को रंगों का त्यौहार धुलंडी धरना स्थल पर ही मनाया। एक तरफ जहां पूरा देश अपने घरों में खुशियां मना रहा था, वहीं इन मजदूरों ने सड़क पर ही एक-दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। मजदूरों ने संकल्प लिया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उनके 28 साल पुराने बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। धरने का संचालन कर रहे महामंत्री कामरेड हबीब खान, उमाशंकर और नरेंद्र सिंह ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के मजदूर विरोधी रवैये के कारण 4200 परिवारों के भविष्य पर अंधेरा छाया हुआ है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमें शर्म आती है यहां के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर, जिनकी अनदेखी के कारण हमने दीपावली, ईद, रक्षाबंधन और अब होली भी सड़क पर ही मनाई है। जमीन अधिग्रहण के बावजूद नहीं मिला हक सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सरकार ने जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन मजदूरों के बकाया वेतन के भुगतान की शर्त को भुला दिया गया। मजदूरों ने मांग की है कि सरकार अपनी तानाशाही छोड़े और तुरंत भुगतान की प्रक्रिया शुरू करे। कामरेड पुष्पा खींची (जनवादी महिला समिति) ने भी समर्थन देते हुए कहा कि अब इस लड़ाई को ग्रामीण स्तर तक ले जाया जाएगा और महिलाओं को लामबंद किया जाएगा। बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करने का संकल्प मजदूर नेताओं ने केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कोटा के विकास के लिए बंद पड़ी जेके सिंथेटिक फैक्ट्री को दोबारा शुरू करवाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को उग्र करते हुए कोटा की सड़कों पर जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा। बड़ी संख्या में मौजूद रहे मजदूर धरने पर कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, सतीश चंद्र, रेशमा देवी, राजी वर्मा, निर्मला बाई, चंद्रकला सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गुलाल लगाकर संघर्ष को अंतिम सांस तक लड़ने की शपथ ली।
कोटा: एक-दूजे को गुलाल लगाकर सरकार के खिलाफ ली अंतिम निर्णय तक लड़ने की शपथ कलेक्ट्रेट के गेट पर जेके मजदूरों ने मनाई संघर्ष वाली धुलंडी कोटा। कोटा के जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पिछले एक साल से अधिक समय से धरना दे रहे जेके सिंथेटिक्स के मजदूरों ने बुधवार को रंगों का त्यौहार धुलंडी धरना स्थल पर ही मनाया। एक तरफ जहां पूरा देश अपने घरों में खुशियां मना रहा था, वहीं इन मजदूरों ने सड़क पर ही एक-दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। मजदूरों ने संकल्प लिया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट
के आदेशानुसार उनके 28 साल पुराने बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। धरने का संचालन कर रहे महामंत्री कामरेड हबीब खान, उमाशंकर और नरेंद्र सिंह ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के मजदूर विरोधी रवैये के कारण 4200 परिवारों के भविष्य पर अंधेरा छाया हुआ है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमें शर्म आती है यहां के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर, जिनकी अनदेखी के कारण हमने दीपावली, ईद, रक्षाबंधन और अब होली भी सड़क पर ही मनाई है। जमीन अधिग्रहण के बावजूद
नहीं मिला हक सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सरकार ने जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन मजदूरों के बकाया वेतन के भुगतान की शर्त को भुला दिया गया। मजदूरों ने मांग की है कि सरकार अपनी तानाशाही छोड़े और तुरंत भुगतान की प्रक्रिया शुरू करे। कामरेड पुष्पा खींची (जनवादी महिला समिति) ने भी समर्थन देते हुए कहा कि अब इस लड़ाई को ग्रामीण स्तर तक ले जाया जाएगा और महिलाओं को लामबंद किया जाएगा। बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करने का संकल्प मजदूर नेताओं ने केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कोटा के
विकास के लिए बंद पड़ी जेके सिंथेटिक फैक्ट्री को दोबारा शुरू करवाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को उग्र करते हुए कोटा की सड़कों पर जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा। बड़ी संख्या में मौजूद रहे मजदूर धरने पर कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, सतीश चंद्र, रेशमा देवी, राजी वर्मा, निर्मला बाई, चंद्रकला सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गुलाल लगाकर संघर्ष को अंतिम सांस तक लड़ने की शपथ ली।
- कोटा करंट से बीएसटीसी स्टूडेंट की मौत मामले में धरना परिजनों व समाज के लोगों दिया घटनास्थल पर धरना मुआवजा व कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर जता रहे हैं आक्रोश होली की मस्ती में झूमते हुए का वीडियो बनाते हुए कल स्टूडेंट्स की हुई थी मौत वीडियो बनाते समय करंट की चपेट में आने से हुई छात्र की मौत मृतक 21 वर्षीय छात्र धीरज मीणा बीएसटीसी का था स्टूडेंट् कुन्हाड़ी थाना पुलिस कर रही है मामले की जांच1
- Post by VKH NEWS1
- Post by Kishan Lal jangid1
- कोटा के श्रीपुर स्थित सनाढय धर्मशाला में समाज की ओर से धूमधाम से होली मनाई गई1
- कलेक्ट्रेट के गेट पर जेके मजदूरों ने मनाई संघर्ष वाली धुलंडी कोटा। कोटा के जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पिछले एक साल से अधिक समय से धरना दे रहे जेके सिंथेटिक्स के मजदूरों ने बुधवार को रंगों का त्यौहार धुलंडी धरना स्थल पर ही मनाया। एक तरफ जहां पूरा देश अपने घरों में खुशियां मना रहा था, वहीं इन मजदूरों ने सड़क पर ही एक-दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। मजदूरों ने संकल्प लिया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उनके 28 साल पुराने बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। धरने का संचालन कर रहे महामंत्री कामरेड हबीब खान, उमाशंकर और नरेंद्र सिंह ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के मजदूर विरोधी रवैये के कारण 4200 परिवारों के भविष्य पर अंधेरा छाया हुआ है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमें शर्म आती है यहां के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर, जिनकी अनदेखी के कारण हमने दीपावली, ईद, रक्षाबंधन और अब होली भी सड़क पर ही मनाई है। जमीन अधिग्रहण के बावजूद नहीं मिला हक सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सरकार ने जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन मजदूरों के बकाया वेतन के भुगतान की शर्त को भुला दिया गया। मजदूरों ने मांग की है कि सरकार अपनी तानाशाही छोड़े और तुरंत भुगतान की प्रक्रिया शुरू करे। कामरेड पुष्पा खींची (जनवादी महिला समिति) ने भी समर्थन देते हुए कहा कि अब इस लड़ाई को ग्रामीण स्तर तक ले जाया जाएगा और महिलाओं को लामबंद किया जाएगा। बंद उद्योगों को पुनर्जीवित करने का संकल्प मजदूर नेताओं ने केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कोटा के विकास के लिए बंद पड़ी जेके सिंथेटिक फैक्ट्री को दोबारा शुरू करवाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को उग्र करते हुए कोटा की सड़कों पर जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा। बड़ी संख्या में मौजूद रहे मजदूर धरने पर कालीचरण सोनी, केदार जोशी, महावीर प्रसाद, सतीश चंद्र, रेशमा देवी, राजी वर्मा, निर्मला बाई, चंद्रकला सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गुलाल लगाकर संघर्ष को अंतिम सांस तक लड़ने की शपथ ली।4
- Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS1
- कोटा में होली के दिन युवक की संदिग्ध मौत, नयापुरा कॉम्प्लेक्स में मिला शव स्क्रिप्ट: कोटा. एंकर. शहर के नयापुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार नयापुरा निवासी 28 वर्षीय आकाश राजपूत पुत्र ओमप्रकाश होली के मौके पर घर के बाहर रंग खेल रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ देर बाद जब वे बाहर गए तो आकाश नजर नहीं आया। काफी तलाश करने के बाद वह नयापुरा कॉम्प्लेक्स में अचेत अवस्था में पड़ा मिला। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार मृतक करीब 3-4 महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। मृतक के एक चार साल का बच्चा भी है और वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। फिलहाल पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और नयापुरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- कोटा के पाटनपोल स्थित मथुराधीश मंदिर पर धूमधाम से होली मनाई गई1