आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। दोनों ने मंगलवार दोपहर घर से करीब 100 मीटर दूर एक बगीचे में जहरीला पदार्थ खा लिया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार शाम बेटे और गुरुवार सुबह मां की मौत हो गई। दरअसल इंदौर के परदेशीपुरा थाना के रहने वाले 62 वर्षीय इंदिरा पति खुशीराम और उनके 35 वर्षीय बेटे संजय की जहरीला पदार्थ खाने से उपचार के दौरान मौत हुई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर दोनों घर के पास स्थित एक बगीचे में पहुंचे और वहां जहर खा लिया। बेहोशी की हालत में मिलने के बाद उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वही किसी परिचित ने मृतक के परिवार को सूचना दी कि इंदिरा और संजय घर से कुछ दूरी पर स्थित बगीचे में बेसुध हालत पड़े हैं। मौके पर पहुंचने पर दोनों की सांसें चल रही थीं। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस को दिए बयान में मां-बेटे ने अपनी मर्जी से जहर खाने की बात कही थी। परिजनों के अनुसार दोनों मानसिक बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और उनका इलाज बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में चल रहा था। वही पूरे मामले की जांच परदेशीपुरा पुलिस कर रही है।
आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। दोनों ने मंगलवार दोपहर घर से करीब 100 मीटर दूर एक बगीचे में जहरीला पदार्थ खा लिया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार शाम बेटे और गुरुवार सुबह मां की मौत हो गई। दरअसल इंदौर के परदेशीपुरा थाना के रहने वाले 62 वर्षीय इंदिरा पति खुशीराम और उनके 35 वर्षीय बेटे संजय की जहरीला पदार्थ खाने से उपचार के दौरान मौत हुई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर दोनों घर के पास स्थित एक बगीचे में पहुंचे और वहां जहर खा लिया। बेहोशी की हालत में मिलने के बाद उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वही किसी परिचित ने मृतक के परिवार को सूचना दी कि इंदिरा और संजय घर से कुछ दूरी पर स्थित बगीचे में बेसुध हालत पड़े हैं। मौके पर पहुंचने पर दोनों की सांसें चल रही थीं। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस को दिए बयान में मां-बेटे ने अपनी मर्जी से जहर खाने की बात कही थी। परिजनों के अनुसार दोनों मानसिक बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और उनका इलाज बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में चल रहा था। वही पूरे मामले की जांच परदेशीपुरा पुलिस कर रही है।
- अत्याचार हो रहा है जबकि भारतीय जनता पार्टी के पार्षद का मकान आश्रम के सामने ही है। वह भी यह अन्याय देख रहे हैं प्रशासन से तुरंत एक्शन की मांग करते हुए इस आश्रम को तुरंत सील किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए स्वतंत्र पत्रकार राजेंद्र मालवीय1
- आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। दोनों ने मंगलवार दोपहर घर से करीब 100 मीटर दूर एक बगीचे में जहरीला पदार्थ खा लिया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार शाम बेटे और गुरुवार सुबह मां की मौत हो गई। दरअसल इंदौर के परदेशीपुरा थाना के रहने वाले 62 वर्षीय इंदिरा पति खुशीराम और उनके 35 वर्षीय बेटे संजय की जहरीला पदार्थ खाने से उपचार के दौरान मौत हुई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर दोनों घर के पास स्थित एक बगीचे में पहुंचे और वहां जहर खा लिया। बेहोशी की हालत में मिलने के बाद उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वही किसी परिचित ने मृतक के परिवार को सूचना दी कि इंदिरा और संजय घर से कुछ दूरी पर स्थित बगीचे में बेसुध हालत पड़े हैं। मौके पर पहुंचने पर दोनों की सांसें चल रही थीं। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस को दिए बयान में मां-बेटे ने अपनी मर्जी से जहर खाने की बात कही थी। परिजनों के अनुसार दोनों मानसिक बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और उनका इलाज बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में चल रहा था। वही पूरे मामले की जांच परदेशीपुरा पुलिस कर रही है।1
- डॉग बाइट मरीजों की संख्या में इजाफा, रेबीज का खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी डॉग बाइट मरीजों की संख्या में इजाफा, रेबीज का खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी1
- ₹600 करोड़ का मामला सिर्फ एक खबर नहीं... ये हर उस इंसान का सवाल है #DelhiScam #MedicalScam #HealthNews #NewsUpdate #Health1
- आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी ने ली दो जिंदगियां, मां-बेटे ने जहर खाकर दी जान इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी और मानसिक बीमारी से जूझ रही 62 वर्षीय इंदिरा और उनके 35 वर्षीय बेटे संजय ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान पहले बेटे और फिर मां की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार दोनों ने अपने बयान में अपनी मर्जी से जहर खाने की बात कही थी। परिजनों का कहना है कि दोनों मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे थे और आर्थिक परेशानियों से भी जूझ रहे थे। फिलहाल परदेशीपुरा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1