उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मुरवल में बच्चों के मिड-डे मील और छात्रवृत्ति में कथित अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। नैतिक पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष यशवंत सिंह खंगार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2004-05 से 2008-09 के बीच मिड-डे मील में लगभग ₹9,75,331 और छात्रवृत्ति की ₹2,33,345 की राशि में गड़बड़ी हुई। सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बबेरू की जांच में कुल मिलाकर ₹12 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता उजागर होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों और जांच के दावों के बावजूद इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आरोपों के घेरे में पूर्व ग्राम प्रधान रामबाबू निषाद, पूर्व/वर्तमान ग्राम प्रधान गीता देवी, संबंधित सचिव और ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं। खंगार ने यह भी आरोप लगाया कि रामबाबू निषाद की गंभीर आपराधिक छवि होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई का साहस नहीं दिखाया गया, और व्यवस्था इसे "जांच जारी है" कहकर टाल रही है। यशवंत सिंह खंगार ने 4 जून 2026 को जिलाधिकारी अमित आसेरी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने दोबारा शिकायत के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी का यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या यह मामला भी डीपीआरओ कार्यालय की निष्क्रियता का एक और उदाहरण बन जाएगा, जहां बच्चों के हक की लाखों की राशि में कथित गड़बड़ी पर भी कार्रवाई लंबित है।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मुरवल में बच्चों के मिड-डे मील और छात्रवृत्ति में कथित अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। नैतिक पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष यशवंत सिंह खंगार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2004-05 से 2008-09 के बीच मिड-डे मील में लगभग ₹9,75,331 और छात्रवृत्ति की ₹2,33,345 की राशि में गड़बड़ी हुई। सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बबेरू की जांच में कुल मिलाकर ₹12 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता उजागर होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों और जांच के दावों के बावजूद इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आरोपों के घेरे में पूर्व ग्राम प्रधान रामबाबू निषाद, पूर्व/वर्तमान ग्राम प्रधान गीता देवी, संबंधित सचिव और ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं। खंगार ने यह भी आरोप लगाया कि रामबाबू निषाद की गंभीर आपराधिक छवि होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई का साहस नहीं दिखाया गया, और व्यवस्था इसे "जांच जारी है" कहकर टाल रही है। यशवंत सिंह खंगार ने 4 जून 2026 को जिलाधिकारी अमित आसेरी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने दोबारा शिकायत के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी का यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या यह मामला भी डीपीआरओ कार्यालय की निष्क्रियता का एक और उदाहरण बन जाएगा, जहां बच्चों के हक की लाखों की राशि में कथित गड़बड़ी पर भी कार्रवाई लंबित है।
- आज बांदा में माता शारदा के रूप में एक कलाकार ने भक्तों के बीच अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया। इस मनमोहक प्रदर्शन ने सभी श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। इस नृत्य से भक्तों के मन को शांति और संतोष मिला, जिसने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मुरवल में बच्चों के मिड-डे मील और छात्रवृत्ति में कथित अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। नैतिक पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष यशवंत सिंह खंगार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2004-05 से 2008-09 के बीच मिड-डे मील में लगभग ₹9,75,331 और छात्रवृत्ति की ₹2,33,345 की राशि में गड़बड़ी हुई। सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बबेरू की जांच में कुल मिलाकर ₹12 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता उजागर होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों और जांच के दावों के बावजूद इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आरोपों के घेरे में पूर्व ग्राम प्रधान रामबाबू निषाद, पूर्व/वर्तमान ग्राम प्रधान गीता देवी, संबंधित सचिव और ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं। खंगार ने यह भी आरोप लगाया कि रामबाबू निषाद की गंभीर आपराधिक छवि होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई का साहस नहीं दिखाया गया, और व्यवस्था इसे "जांच जारी है" कहकर टाल रही है। यशवंत सिंह खंगार ने 4 जून 2026 को जिलाधिकारी अमित आसेरी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने दोबारा शिकायत के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी का यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या यह मामला भी डीपीआरओ कार्यालय की निष्क्रियता का एक और उदाहरण बन जाएगा, जहां बच्चों के हक की लाखों की राशि में कथित गड़बड़ी पर भी कार्रवाई लंबित है।1
- बांदा में जिला कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित 15 दिवसीय कबड्डी समर कैंप सीजन-7 का समापन बेहद उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। कैंप के आखिरी दिन खिलाड़ियों में गजब का जोश और जुनून देखने को मिला। खिलाड़ियों ने बताया कि इन 15 दिनों में उन्हें कबड्डी के नए कौशल सीखने के साथ-साथ अनुशासन, समय की महत्ता, नियमित खानपान, बड़ों का सम्मान और सीनियर खिलाड़ियों का आदर करने जैसी महत्वपूर्ण सीख भी मिली। मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों ने कहा, "आठवां सीजन इतनी जल्दी आ जाए कि हम फिर से कैंप का हिस्सा बन सकें।" समापन दिवस पर खिलाड़ियों को मनोरंजन और सीख के साथ मैत्री कबड्डी मुकाबले खेलने का अवसर भी मिला। ये प्रतियोगिताएं चार आयु वर्गों – मिनी, सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में आयोजित की गईं। विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी और आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एडीएम न्यायिक माया शंकर, एसडीएम इरफान उल्लाह खान, एमिटी स्कूल के संचालक विप्रांश यादव, लेखपाल कैलाश चंद्र, डीके सिंह, एसआई राजेंद्र वर्मा, महेश जी तथा राजेंद्र जी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कैंप को सफल बनाने में चंद्रमौली भारद्वाज, शादी जमा साहब, अरुणेश सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, कैलाश चंद्र लेखपाल, सुनील सक्सेना, अंकित कुशवाहा, नारायण सिंह, क्षितिज त्रिपाठी और विप्रांश यादव का विशेष योगदान रहा। अंत में जिला कबड्डी एसोसिएशन, बांदा के सचिव कमल सिंह यादव ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला कबड्डी एसोसिएशन बांदा के कोषाध्यक्ष सुनील सक्सेना ने किया।3
- बंदा जिले के बबेरू ब्लॉक परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक जन कल्याण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनता को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करना था।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में कुछ युवकों द्वारा खुलेआम जुआ खेलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में कई युवक हार-जीत की बाजी लगाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में दिख रहे युवकों को पुलिस कार्रवाई का कोई डर नहीं है, क्योंकि वे सार्वजनिक स्थान के पास बेखौफ होकर जुआ खेल रहे हैं। वीडियो में एक कथित दबंग युवक भी नजर आ रहा है, जिसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज होने की चर्चाएं हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह वायरल वीडियो मौदहा कोतवाली क्षेत्र के बड़ा चौराहा के आसपास का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वीडियो सही पाया जाता है, तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता, स्थान और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की जा रही है। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है और वायरल वीडियो की वास्तविकता सामने आने का इंतजार कर रही है।1
- देश में बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से डिजिटल और एटीएम नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। सरकार का विशेष ध्यान लोगों को तेज और सुरक्षित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर है। इस पहल के परिणामस्वरूप, डिजिटल लेनदेन के साथ-साथ एटीएम सुविधाओं का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर वित्तीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।1