मसौढ़ी में मैट्रिक परीक्षार्थी की दर्दनाक मौत, देर से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री मसौढ़ी। मैट्रिक परीक्षा छूटने के बाद एक छात्रा द्वारा ट्रेन से कूदकर आत्महत्या किए जाने की हृदयविदारक घटना सामने आई है। मृतका की पहचान मसौढ़ी थाना क्षेत्र के खरजमा गांव निवासी कोमल कुमारी के रूप में हुई है। मंगलवार को उसकी परीक्षा बरनी स्थित केंद्र पर थी। परिजनों के अनुसार, कोमल सोमवार को ही रिश्तेदार के गांव महाराजचक चली गई थी ताकि समय पर परीक्षा दे सके। परीक्षा केंद्र बरनी में था, जो वहां से करीब 6 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। परीक्षा के लिए रिपोर्टिंग टाइम सुबह 9 बजे तक था, लेकिन वह करीब 9:10 बजे केंद्र पहुंची। गेट बंद हो चुका था और उसे प्रवेश नहीं दिया गया। “सर प्लीज, गेट खोल दीजिए… मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा” प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोमल परीक्षा केंद्र के गेट पर जोर-जोर से दस्तक देती रही। वह बार-बार कह रही थी—“सर प्लीज गेट खोल दीजिए, परीक्षा 9:30 बजे शुरू होगी, अभी 20 मिनट बाकी हैं। बस दस मिनट लेट हुई हूं…” लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के कारण केंद्र प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश नहीं दिया। काफी प्रयास के बाद भी जब गेट नहीं खुला तो वह मायूस होकर लौट आई। कुछ देर बाद वह नदौल चली गई और एक ट्रेन में सवार हो गई। बताया जाता है कि तरेगना और मसौढ़ी कोर्ट स्टेशन के बीच महाराजचक गांव के पास चलती ट्रेन से कूद गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सोशल मीडिया से हुई पहचान, घर में मचा कोहराम कोमल के पिता मंटू यादव बाहर मजदूरी करते हैं। वह दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। पुलिस ने शव की पहचान के लिए फोटो सोशल मीडिया पर जारी किया। फोटो वायरल होने के बाद गांव के लोगों ने परिजनों को जानकारी दी। पहचान होते ही घर में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे बड़ा सवाल—जिम्मेदार कौन? यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है— क्या परीक्षा केंद्र पर मानवीय आधार पर कुछ मिनट की देरी को नजरअंदाज किया जा सकता था? क्या परीक्षा के दबाव और असफलता के डर ने छात्रा को यह कदम उठाने पर मजबूर किया? क्या छात्रों के लिए काउंसलिंग और हेल्पलाइन की पर्याप्त व्यवस्था है? यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक चिंतन का विषय है। यदि कोई छात्र या अभिभावक मानसिक तनाव से जूझ रहा हो, तो तुरंत परिवार, शिक्षकों या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर संवाद और सहयोग कई जिंदगियां बचा सकता है।
मसौढ़ी में मैट्रिक परीक्षार्थी की दर्दनाक मौत, देर से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री मसौढ़ी। मैट्रिक परीक्षा छूटने के बाद एक छात्रा द्वारा ट्रेन से कूदकर आत्महत्या किए जाने की हृदयविदारक घटना सामने आई है। मृतका की पहचान मसौढ़ी थाना क्षेत्र के खरजमा गांव निवासी कोमल कुमारी के रूप में हुई है। मंगलवार को उसकी परीक्षा बरनी स्थित केंद्र पर थी। परिजनों के अनुसार, कोमल सोमवार को ही रिश्तेदार के गांव महाराजचक चली गई थी ताकि समय पर परीक्षा दे सके। परीक्षा केंद्र बरनी में था, जो वहां से करीब 6 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। परीक्षा के लिए रिपोर्टिंग टाइम सुबह 9 बजे तक था, लेकिन वह करीब 9:10 बजे केंद्र पहुंची। गेट बंद हो चुका था और उसे प्रवेश नहीं दिया गया। “सर प्लीज, गेट खोल दीजिए… मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा” प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोमल परीक्षा केंद्र के गेट पर जोर-जोर से दस्तक देती रही। वह बार-बार कह रही थी—“सर प्लीज गेट खोल दीजिए, परीक्षा 9:30 बजे शुरू होगी, अभी 20 मिनट बाकी हैं। बस दस मिनट लेट हुई हूं…” लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के कारण केंद्र प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश नहीं दिया। काफी प्रयास के बाद भी जब गेट नहीं खुला तो वह मायूस होकर लौट आई। कुछ देर बाद वह नदौल चली गई और एक ट्रेन में सवार हो गई। बताया जाता है कि तरेगना और मसौढ़ी कोर्ट स्टेशन के बीच महाराजचक गांव के पास चलती ट्रेन से कूद गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सोशल मीडिया से हुई पहचान, घर में मचा कोहराम कोमल के पिता मंटू यादव बाहर मजदूरी करते हैं। वह दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। पुलिस ने शव की पहचान के लिए फोटो सोशल मीडिया पर जारी किया। फोटो वायरल होने के बाद गांव के लोगों ने परिजनों को जानकारी दी। पहचान होते ही घर में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे बड़ा सवाल—जिम्मेदार कौन? यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है— क्या परीक्षा केंद्र पर मानवीय आधार पर कुछ मिनट की देरी को नजरअंदाज किया जा सकता था? क्या परीक्षा के दबाव और असफलता के डर ने छात्रा को यह कदम उठाने पर मजबूर किया? क्या छात्रों के लिए काउंसलिंग और हेल्पलाइन की पर्याप्त व्यवस्था है? यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक चिंतन का विषय है। यदि कोई छात्र या अभिभावक मानसिक तनाव से जूझ रहा हो, तो तुरंत परिवार, शिक्षकों या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर संवाद और सहयोग कई जिंदगियां बचा सकता है।
- बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा आज से शू्रू हो हो गई। इसके लिए 1699 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है सीवान में मैटिरिक परीक्षा के दौरान बडी लापरवाही सामने आर्ड है। दारौंदा प्रखंड के गोरखनाथ Iा। कॉलेज के डायरेक्टर ने परीक्षा केंद्र के अंदर से फेसबक लाइव कर दिया। सेंटर के अंदर मोबाडल बैन था। SDM अनिता सिन्हा ने बताया, "वीडियो परीक्षा शुरू होने से पहले का है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वीडियो किसी परीक्षार्थी ने नहीं बल्कि Iा। के डायरेक्टर ने बनाया है।" उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सरक्षा मानकों और गोपनीयता नियमों के उल्लंघन का मामला गंभीर है। इसके लिए डायरेक्टर सूनील के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गर्ई है वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। सेंटर के स्ट्रडेंटस और जिम्मेदार लोगों से प्छताछ की जा रही है।1
- Post by संवाद डिजिटल टीवी न्यूज1
- बाढ़ अनुमंडल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 की शुरुआत हो गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। अनुमंडल प्रशासन के अनुसार इस बार कुल 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और सभी केंद्र छात्राओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। दोनों पालियों में कुल 7 हजार 879 परीक्षार्थी परीक्षा दे रही हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर महिला और पुरुष स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही गश्ती और जोनल दंडाधिकारी भी लगातार निगरानी कर रहे हैं। सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं और प्रत्येक 500 छात्राओं पर एक वीडियोग्राफर की प्रतिनियुक्ति की गई है। छात्राओं की फ्रिस्किंग के लिए अस्थायी फ्रिस्किंग कक्ष भी बनाए गए हैं।1
- पटना जिले के अठमलगोला मंगलवार, 17 फरवरी को अथमलगोला प्रखंड के छेदी सिंह के टोला में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समस्त नाई समाज, अथमलगोला प्रखंड द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षता नाई संघ के अध्यक्ष बबलू ठाकुर ने की। इस अवसर पर शिप्पु ठाकुर, कुंदन कुमार, अवधेश ठाकुर सहित कई समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पार्षद सह पूर्व प्रत्याशी रणजीत रंजन उर्फ राजू ठाकुर ने कार्यक्रम में शिरकत की। सभी अतिथियों ने कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, शिक्षा और पिछड़े वर्ग के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।1
- Post by Anil Paswan1
- 🙏🙏Samastipur jila ke Mohanpur gaon mein ek baccha chor Ne kaise bacche ko churane ka intejaam dekh sakte hain kaise kar rahe the aur kaise hain bacche chor Dhyan se apne bacche ko rakhe kripya karke 🙏🙏🙏 news reporter Vishal bhai ko support Karen Jo aur अच्छा-अच्छा news aapke samne prastut Karen1
- बिहार समस्तीपुर मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र में ज्ञानेश्वर पब्लिक स्कूल के सौजन्य से विज्ञान प्रदर्शनी मेले में छोटे छोटे बच्चों की प्रतिभा देख अभिभावक हुए अचंभित किया सराहना।1
- Post by संवाद डिजिटल टीवी न्यूज1