बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा आज से शू्रू हो हो गई। इसके लिए 1699 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है सीवान में मैटिरिक परीक्षा के दौरान बडी लापरवाही सामने आर्ड है। दारौंदा प्रखंड के गोरखनाथ Iा। कॉलेज के डायरेक्टर ने परीक्षा केंद्र के अंदर से फेसबक लाइव कर दिया। सेंटर के अंदर मोबाडल बैन था। SDM अनिता सिन्हा ने बताया, "वीडियो परीक्षा शुरू होने से पहले का है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वीडियो किसी परीक्षार्थी ने नहीं बल्कि Iा। के डायरेक्टर ने बनाया है।" उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सरक्षा मानकों और गोपनीयता नियमों के उल्लंघन का मामला गंभीर है। इसके लिए डायरेक्टर सूनील के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गर्ई है वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। सेंटर के स्ट्रडेंटस और जिम्मेदार लोगों से प्छताछ की जा रही है।
बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा आज से शू्रू हो हो गई। इसके लिए 1699 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है सीवान में मैटिरिक परीक्षा के दौरान बडी लापरवाही सामने आर्ड है। दारौंदा प्रखंड के गोरखनाथ Iा। कॉलेज के डायरेक्टर ने परीक्षा केंद्र के अंदर से फेसबक लाइव कर दिया। सेंटर के अंदर मोबाडल बैन था। SDM अनिता सिन्हा ने बताया, "वीडियो परीक्षा शुरू होने से पहले का है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वीडियो किसी परीक्षार्थी ने नहीं बल्कि Iा। के डायरेक्टर ने बनाया है।" उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सरक्षा मानकों और गोपनीयता नियमों के उल्लंघन का मामला गंभीर है। इसके लिए डायरेक्टर सूनील के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गर्ई है वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। सेंटर के स्ट्रडेंटस और जिम्मेदार लोगों से प्छताछ की जा रही है।
- सैकड़ो साल से पूजनीय मां ब्रह्माणी के बारे में पूरा जाने1
- अथमलगोला में किराना दुकान में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला थाना क्षेत्र अंतर्गत थमहा गांव में अज्ञात लोगों द्वारा एक किराना दुकान में आग लगा देने का मामला सामने आया है। इस घटना में दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया और दुकानदार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात अचानक दुकान से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी, लेकिन तब तक दुकान में रखा फ्रिज, पंखा, आटा, चावल, मसाले समेत अन्य दैनिक उपयोग के सभी सामान पूरी तरह जल चुके थे। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि दुकान से लगभग 30 हजार रुपये नकद भी गायब हैं। उनका आरोप है कि अज्ञात लोगों ने पहले चोरी की और उसके बाद दुकान में आग लगा दी। आग बुझने तक पूरी दुकान खाक हो चुकी थी और अंदर कुछ भी सुरक्षित नहीं बचा। घटना की सूचना अथमलगोला थाना को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आगजनी और चोरी की इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है। पीड़ित दुकानदार ने प्रशासन से उचित मुआवजा और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1
- I love you kangana ranawat2
- पटना जिले के बख्तियारपुर में शशिरंजन व सुधीर की मौत पर महा-धरना, न्यायिक जांच और कार्रवाई की मांग, गूंजे बर्खास्तगी नारे, आंदोलन तेज करने की चेतावनी ।1
- महुआ थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर सलखनी गांव में बच्चा चोरी के शक में एक व्यक्ति की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि अफवाह फैलने के बाद भीड़ ने उसे पकड़कर बंधक बना लिया और मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही महुआ थानाध्यक्ष दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है। #महुआ #वैशाली #बिहार #बच्चाचोरीअफवाह #मॉबलिंचिंग #जहांगीरपुरसलखनी #महुआपुलिस #क्राइमन्यूज #ग्रामीणहंगामा1
- संगठन पुनर्निर्माण के तहत जन सुराज के साथियों के साथ संवाद की कुछ झलकियां! 🗓️ दिनांक: 17 फरवरी 📍 स्थान: बेगूसराय1
- बिहार,समस्तीपुर पटोरी थाना क्षेत्र के हसनपुर सूरत गांव के रहने वाले ड्यूटी पर तैनात एक युवक को संदिग्ध हालात में मौत गांव में पसरा मातम ।1
- बाढ़ में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक, मानदेय और सरकारी दर्जे की मांग उठी बाढ़ कचहरी स्थित एक निजी भवन के प्रेक्षागृह में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव निखिल सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेशभर के नल-जल अनुरक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए निखिल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कार्यरत नल-जल अनुरक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्यायसंगत मानदेय और सरकारी कर्मी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि अनुरक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, क्योंकि वे इसके हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने योजना के लिए जमीन दी है और जिन्होंने नहीं भी दी है, सभी अनुरक्षक सालों भर नियमित रूप से काम करते हैं। ऐसे में सभी को अनुरक्षण कर्मी के रूप में मान्यता और उचित सुविधा मिलनी चाहिए। प्रधान महासचिव ने कहा कि सरकार का एजेंडा लाखों लोगों को रोजगार देने का है, लेकिन जब तक लाखों घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक जनस्वास्थ्य बेहतर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता ही बीमार रहेगी तो सरकार स्वस्थ समाज का लक्ष्य कैसे पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नल-जल योजना में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी—जैसे पाइप टूटना, गंदा पानी आना या नियमित जलापूर्ति बाधित होना—की स्थिति में लोगों की नाराजगी अनुरक्षकों को ही झेलनी पड़ती है। उन्हें दुत्कार और फटकार का सामना करना पड़ता है, जबकि संसाधनों और अधिकारों की कमी बनी रहती है। बैठक के अंत में संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे सरकार से लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।1