बाढ़ में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक, मानदेय और सरकारी दर्जे की मांग उठी बाढ़ कचहरी स्थित एक निजी भवन के प्रेक्षागृह में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव निखिल सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेशभर के नल-जल अनुरक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए निखिल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कार्यरत नल-जल अनुरक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्यायसंगत मानदेय और सरकारी कर्मी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि अनुरक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, क्योंकि वे इसके हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने योजना के लिए जमीन दी है और जिन्होंने नहीं भी दी है, सभी अनुरक्षक सालों भर नियमित रूप से काम करते हैं। ऐसे में सभी को अनुरक्षण कर्मी के रूप में मान्यता और उचित सुविधा मिलनी चाहिए। प्रधान महासचिव ने कहा कि सरकार का एजेंडा लाखों लोगों को रोजगार देने का है, लेकिन जब तक लाखों घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक जनस्वास्थ्य बेहतर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता ही बीमार रहेगी तो सरकार स्वस्थ समाज का लक्ष्य कैसे पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नल-जल योजना में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी—जैसे पाइप टूटना, गंदा पानी आना या नियमित जलापूर्ति बाधित होना—की स्थिति में लोगों की नाराजगी अनुरक्षकों को ही झेलनी पड़ती है। उन्हें दुत्कार और फटकार का सामना करना पड़ता है, जबकि संसाधनों और अधिकारों की कमी बनी रहती है। बैठक के अंत में संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे सरकार से लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
बाढ़ में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक, मानदेय और सरकारी दर्जे की मांग उठी बाढ़ कचहरी स्थित एक निजी भवन के प्रेक्षागृह में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव निखिल सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेशभर के नल-जल अनुरक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए निखिल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कार्यरत नल-जल अनुरक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्यायसंगत मानदेय और सरकारी कर्मी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि अनुरक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, क्योंकि वे इसके हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने योजना के लिए जमीन दी है और जिन्होंने नहीं भी दी है, सभी अनुरक्षक सालों भर नियमित रूप से काम करते हैं। ऐसे में सभी को अनुरक्षण कर्मी के रूप में मान्यता और उचित सुविधा मिलनी चाहिए। प्रधान महासचिव ने कहा कि सरकार का एजेंडा लाखों लोगों को रोजगार देने का है, लेकिन जब तक लाखों घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक जनस्वास्थ्य बेहतर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता ही बीमार रहेगी तो सरकार स्वस्थ समाज का लक्ष्य कैसे पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नल-जल योजना में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी—जैसे पाइप टूटना, गंदा पानी आना या नियमित जलापूर्ति बाधित होना—की स्थिति में लोगों की नाराजगी अनुरक्षकों को ही झेलनी पड़ती है। उन्हें दुत्कार और फटकार का सामना करना पड़ता है, जबकि संसाधनों और अधिकारों की कमी बनी रहती है। बैठक के अंत में संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे सरकार से लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
- बाढ़ में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक, मानदेय और सरकारी दर्जे की मांग उठी बाढ़ कचहरी स्थित एक निजी भवन के प्रेक्षागृह में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव निखिल सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेशभर के नल-जल अनुरक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए निखिल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कार्यरत नल-जल अनुरक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्यायसंगत मानदेय और सरकारी कर्मी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि अनुरक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, क्योंकि वे इसके हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने योजना के लिए जमीन दी है और जिन्होंने नहीं भी दी है, सभी अनुरक्षक सालों भर नियमित रूप से काम करते हैं। ऐसे में सभी को अनुरक्षण कर्मी के रूप में मान्यता और उचित सुविधा मिलनी चाहिए। प्रधान महासचिव ने कहा कि सरकार का एजेंडा लाखों लोगों को रोजगार देने का है, लेकिन जब तक लाखों घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक जनस्वास्थ्य बेहतर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता ही बीमार रहेगी तो सरकार स्वस्थ समाज का लक्ष्य कैसे पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नल-जल योजना में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी—जैसे पाइप टूटना, गंदा पानी आना या नियमित जलापूर्ति बाधित होना—की स्थिति में लोगों की नाराजगी अनुरक्षकों को ही झेलनी पड़ती है। उन्हें दुत्कार और फटकार का सामना करना पड़ता है, जबकि संसाधनों और अधिकारों की कमी बनी रहती है। बैठक के अंत में संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे सरकार से लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।1
- Post by संवाद डिजिटल टीवी न्यूज1
- पटना जिले के अठमलगोला मंगलवार, 17 फरवरी को अथमलगोला प्रखंड के छेदी सिंह के टोला में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समस्त नाई समाज, अथमलगोला प्रखंड द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षता नाई संघ के अध्यक्ष बबलू ठाकुर ने की। इस अवसर पर शिप्पु ठाकुर, कुंदन कुमार, अवधेश ठाकुर सहित कई समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पार्षद सह पूर्व प्रत्याशी रणजीत रंजन उर्फ राजू ठाकुर ने कार्यक्रम में शिरकत की। सभी अतिथियों ने कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, शिक्षा और पिछड़े वर्ग के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।1
- बिहार,समस्तीपुर पटोरी थाना क्षेत्र के हसनपुर सूरत गांव के रहने वाले ड्यूटी पर तैनात एक युवक को संदिग्ध हालात में मौत गांव में पसरा मातम ।1
- मोदी राज में इन्साफ कैसे मिलेगा1
- Post by Anil Paswan1
- 🙏🙏Samastipur jila ke Mohanpur gaon mein ek baccha chor Ne kaise bacche ko churane ka intejaam dekh sakte hain kaise kar rahe the aur kaise hain bacche chor Dhyan se apne bacche ko rakhe kripya karke 🙏🙏🙏 news reporter Vishal bhai ko support Karen Jo aur अच्छा-अच्छा news aapke samne prastut Karen1
- बिहार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा आज से शू्रू हो हो गई। इसके लिए 1699 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा में कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है सीवान में मैटिरिक परीक्षा के दौरान बडी लापरवाही सामने आर्ड है। दारौंदा प्रखंड के गोरखनाथ Iा। कॉलेज के डायरेक्टर ने परीक्षा केंद्र के अंदर से फेसबक लाइव कर दिया। सेंटर के अंदर मोबाडल बैन था। SDM अनिता सिन्हा ने बताया, "वीडियो परीक्षा शुरू होने से पहले का है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वीडियो किसी परीक्षार्थी ने नहीं बल्कि Iा। के डायरेक्टर ने बनाया है।" उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान सरक्षा मानकों और गोपनीयता नियमों के उल्लंघन का मामला गंभीर है। इसके लिए डायरेक्टर सूनील के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गर्ई है वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। सेंटर के स्ट्रडेंटस और जिम्मेदार लोगों से प्छताछ की जा रही है।1