वन विभाग की चुप्पी से नष्ट हो रही किसानों की फसलें, आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन वन विभाग की चुप्पी से नष्ट हो रही किसानों की फसलें, आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन रीवा। वन विभाग की अनदेखी व चुप्पी से किसानों की फसलें नष्ट हो रही है। इसके बाद भी नीलगायों, बंदरों एवं जंगली सुअरों पर लगाम लगाने व पकड़ने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कारगर कदम नहीं उठा रहे और न ही नुकसान का हर्जाना चुका रहे। वन विभाग अधिकारियों की चुप्पी किसानों को संकट में डाल रही है। अगर किसान आक्रोश में आकर फसलों सहित घरों के छप्परों को बचाने जानवरों को क्षति पहुंचाएंगे तो वन विभाग का अमला कारवाई करने टूट पड़ेगा। लेकिन क्षति पहुंचा रहे जानवरों को पकड़ने कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा और न ही खुला आदेश जारी कर रहा कि जो जानवर फसलों सहित छप्परों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्हें भगाने व मारने किसान स्वयं उपाय करें। किस तरह से नीलगायों व बंदरों द्वारा फसलों को नष्ट किया जा रहा है, इसका नजारा देख सकते हैं। यह नजारा जवा क्षेत्र के मटीमा का है। किसानों द्वारा मप्र के पूर्व प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह को भी उक्त गंभीर समस्याओं से भी अवगत कराया गया इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वन विभाग की चुप्पी से नष्ट हो रही किसानों की फसलें, आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन वन विभाग की चुप्पी से नष्ट हो रही किसानों की फसलें, आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन रीवा। वन विभाग की अनदेखी व चुप्पी से किसानों की फसलें नष्ट हो रही है। इसके बाद भी नीलगायों, बंदरों एवं जंगली सुअरों पर लगाम लगाने व पकड़ने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कारगर कदम नहीं उठा रहे और न ही नुकसान का हर्जाना चुका रहे। वन विभाग अधिकारियों की चुप्पी किसानों को संकट में डाल रही है। अगर किसान आक्रोश में आकर फसलों सहित घरों के छप्परों को बचाने जानवरों को क्षति पहुंचाएंगे तो वन विभाग का अमला कारवाई करने टूट पड़ेगा। लेकिन क्षति पहुंचा रहे जानवरों को पकड़ने कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा और न ही खुला आदेश जारी कर रहा कि जो जानवर फसलों सहित छप्परों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्हें भगाने व मारने किसान स्वयं उपाय करें। किस तरह से नीलगायों व बंदरों द्वारा फसलों को नष्ट किया जा रहा है, इसका नजारा देख सकते हैं। यह नजारा जवा क्षेत्र के मटीमा का है। किसानों द्वारा मप्र के पूर्व प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह को भी उक्त गंभीर समस्याओं से भी अवगत कराया गया इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
- वन विभाग की चुप्पी से नष्ट हो रही किसानों की फसलें, आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन रीवा। वन विभाग की अनदेखी व चुप्पी से किसानों की फसलें नष्ट हो रही है। इसके बाद भी नीलगायों, बंदरों एवं जंगली सुअरों पर लगाम लगाने व पकड़ने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कारगर कदम नहीं उठा रहे और न ही नुकसान का हर्जाना चुका रहे। वन विभाग अधिकारियों की चुप्पी किसानों को संकट में डाल रही है। अगर किसान आक्रोश में आकर फसलों सहित घरों के छप्परों को बचाने जानवरों को क्षति पहुंचाएंगे तो वन विभाग का अमला कारवाई करने टूट पड़ेगा। लेकिन क्षति पहुंचा रहे जानवरों को पकड़ने कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा और न ही खुला आदेश जारी कर रहा कि जो जानवर फसलों सहित छप्परों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्हें भगाने व मारने किसान स्वयं उपाय करें। किस तरह से नीलगायों व बंदरों द्वारा फसलों को नष्ट किया जा रहा है, इसका नजारा देख सकते हैं। यह नजारा जवा क्षेत्र के मटीमा का है। किसानों द्वारा मप्र के पूर्व प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह को भी उक्त गंभीर समस्याओं से भी अवगत कराया गया इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
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- Post by Rajman Kushwaha1
- Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह1
- Mauganj News:- मऊगंज में रंजिश की आग बनी हत्या की वजह: ढाबा गौतमान में सामूहिक हमला, कई घायल – इलाज के दौरान रघुबीर पटेल की मौत, पुलिस ने 14 आरोपियों को दबोचा। दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.89650741302
- Post by चंदन भइया1
- रीवा में महिला को सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप, आईजी से शिकायत रीवा शहर की एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष और अन्य लोगों पर सोशल मीडिया के माध्यम से उसे और उसके परिवार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक रीवा रेंज से शिकायत की है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति सहित ससुराल पक्ष के लोग फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील व अपमानजनक पोस्ट, मैसेज और कमेंट कर रहे हैं तथा उसके सोशल मीडिया अकाउंट से फोटो-वीडियो डाउनलोड कर एडिट करके वायरल किया जा रहा है। शिकायत में बताया गया है कि महिला का विवाह जनवरी 2025 में सतना निवासी निर्मल उर्फ निखिल तिवारी के साथ हुआ था। विवाह के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला का आरोप है कि 27 जनवरी 2025 को उसके साथ मारपीट भी की गई, जिसके बाद वह मायके रीवा लौट आई। इस मामले में उसने थाना अमहिया में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई थी। महिला का कहना है कि तब से उसके पति, जेठ, ससुर और पति की कथित प्रेमिका सहित अन्य लोग अलग-अलग फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उसे और उसके परिवार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि कई इंस्टाग्राम आईडी से आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट किए जा रहे हैं तथा उसकी फोटो और वीडियो को एडिट कर वायरल किया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार जब उसने इस पर आपत्ति जताई तो आरोपियों द्वारा उसे और उसके परिवार को बदनाम करने व बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। महिला ने इसे उसकी निजता का उल्लंघन बताते हुए आईजी से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ सोशल मीडिया पोस्ट और मैसेज के प्रिंट आउट भी संलग्न किए गए हैं।4