परिवार परामर्श केंद्र में 27 मामलों की सुनवाई, दो दंपतियों में हुआ समझौता परिवार परामर्श केंद्र में 27 मामलों की सुनवाई, दो दंपतियों में हुआ समझौता शराब पीकर मारपीट और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोपों के बीच काउंसलिंग से बनी बात, दंपतियों को साथ भेजा गया शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में पारिवारिक विवादों के निस्तारण के लिए सुनवाई की गई। केंद्र में कुल 27 पत्रावलियों पर सुनवाई हुई। परामर्श के दौरान आपसी सहमति बनने पर दो दंपतियों का समझौता कराकर उन्हें सकुशल साथ विदा किया गया। पुवायां थाना क्षेत्र के दंपति की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। महिला का एक बेटा है। महिला ने काउंसलिंग के दौरान आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है। साथ ही वह घर का खर्च भी नहीं देता। महिला ने सास पर भी मकान में रहने से रोकने और पति को उसके खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि यदि पति उसे ठीक से रखे तो वह ससुराल जाने के लिए तैयार है। इस पर पति ने परिवार परामर्श केंद्र में भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में शराब नहीं पीएगा, पत्नी के साथ मारपीट नहीं करेगा और उसकी सभी उचित शर्तें मानेगा। उसने पत्नी को साथ ले जाने तथा उसके खर्च की जिम्मेदारी उठाने की बात कही। दोनों पक्षों को समझाने के बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया और दंपति को सकुशल विदा कर दिया गया। खुदागंज थाना क्षेत्र के दूसरे दंपति की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। महिला के दो बच्चे हैं और वह करीब छह माह से मायके में रह रही थी। महिला ने आरोप लगाया कि पति कम दहेज लाने का ताना देकर उससे रुपये मांगता है और मारपीट करता है। महिला ने स्पष्ट किया कि वह पति के साथ तभी जाएगी, जब वह मारपीट नहीं करने का भरोसा दे। पति ने काउंसलिंग के दौरान पत्नी के साथ मारपीट न करने और उसे अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई। परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों की बात सुनकर उन्हें समझाया। इसके बाद दोनों पक्षों में आपसी सहमति से समझौता हो गया और दंपति को सकुशल विदा किया गया। परिवार परामर्श केंद्र में प्रभारी म0उ0नि0 मधु यादव, परामर्शदाता श्रीमती शशि प्रभा कौशल, महिला मुख्य आरक्षी चंद्रकांता, महिला आरक्षी निशा, रश्मि चौधरी, नेहा चौहान, मोनिका कुमारी, पिंकी तथा आरक्षी रिंकू कुमार आदि मौजूद रहे।
परिवार परामर्श केंद्र में 27 मामलों की सुनवाई, दो दंपतियों में हुआ समझौता परिवार परामर्श केंद्र में 27 मामलों की सुनवाई, दो दंपतियों में हुआ समझौता शराब पीकर मारपीट और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोपों के बीच काउंसलिंग से बनी बात, दंपतियों को साथ भेजा गया शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में पारिवारिक विवादों के निस्तारण के लिए सुनवाई की गई। केंद्र में कुल 27 पत्रावलियों पर सुनवाई हुई। परामर्श के दौरान आपसी सहमति बनने पर दो दंपतियों का समझौता कराकर उन्हें सकुशल साथ विदा किया गया। पुवायां थाना क्षेत्र के दंपति की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। महिला का एक बेटा है। महिला ने काउंसलिंग के दौरान आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है। साथ ही वह घर का खर्च भी नहीं देता। महिला ने सास पर भी मकान में रहने से रोकने और पति को उसके खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि यदि पति उसे ठीक से रखे तो वह ससुराल जाने के लिए तैयार है। इस पर पति ने परिवार परामर्श केंद्र में भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में शराब नहीं पीएगा, पत्नी के
साथ मारपीट नहीं करेगा और उसकी सभी उचित शर्तें मानेगा। उसने पत्नी को साथ ले जाने तथा उसके खर्च की जिम्मेदारी उठाने की बात कही। दोनों पक्षों को समझाने के बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया और दंपति को सकुशल विदा कर दिया गया। खुदागंज थाना क्षेत्र के दूसरे दंपति की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। महिला के दो बच्चे हैं और वह करीब छह माह से मायके में रह रही थी। महिला ने आरोप लगाया कि पति कम दहेज लाने का ताना देकर उससे रुपये मांगता है और मारपीट करता है। महिला ने स्पष्ट किया कि वह पति के साथ तभी जाएगी, जब वह मारपीट नहीं करने का भरोसा दे। पति ने काउंसलिंग के दौरान पत्नी के साथ मारपीट न करने और उसे अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई। परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों की बात सुनकर उन्हें समझाया। इसके बाद दोनों पक्षों में आपसी सहमति से समझौता हो गया और दंपति को सकुशल विदा किया गया। परिवार परामर्श केंद्र में प्रभारी म0उ0नि0 मधु यादव, परामर्शदाता श्रीमती शशि प्रभा कौशल, महिला मुख्य आरक्षी चंद्रकांता, महिला आरक्षी निशा, रश्मि चौधरी, नेहा चौहान, मोनिका कुमारी, पिंकी तथा आरक्षी रिंकू कुमार आदि मौजूद रहे।
- 132विधान सभा से संभावित प्रत्याशी आजाद समाज पार्टी के सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा दी गई जान से मारने धमकी1
- ***किसानों की समस्याओं पर डीएम सख्त, अफसरों को समयबद्ध निस्तारण का अल्टीमेटम*** शाहजहांपुर। विकास भवन सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन हुआ। बैठक में किसानों की समस्याओं और शिकायतों को लेकर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से काम करने और मामलों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी सहित कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषक प्रतिनिधि और 33 प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को उनके निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। कार्बन क्रेडिट के संबंध में प्रेजेंटेशन उपलब्ध न कराने पर डीएम ने डीएफओ से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं पशु बीमा योजना के तहत किसानों को मिलने वाली धनराशि में वृद्धि के लिए शासन को पत्र भेजने को कहा। 👉रबी सीजन की तैयारियों पर जोर जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर ने रबी सत्र 2026-27 के लिए अनुदान पर बीज और निःशुल्क बीज मिनी किट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कराने की जानकारी दी गई। किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या राजकीय कृषि बीज भंडार पर भी बुकिंग करा सकेंगे। ई-लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर संदेश भेजे जाएंगे, जिसके आधार पर उन्हें राजकीय कृषि बीज भंडार से तोरिया मिनीकिट बीज मिलेगा। 👉फसल बचाव के बताए उपाय कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार ने बारिश के बाद फसलों के बचाव और प्रबंधन की जानकारी दी। धान और तिलहनी फसलों में रोग एवं कीट नियंत्रण के उपाय बताए गए। उन्होंने तिलहनी फसलों की बुवाई के लिए उचित समय, बीज दर, कतार दूरी और बीजोपचार की जानकारी देते हुए डीएपी के स्थान पर सिंगल सुपर फास्फेट के प्रयोग की सलाह दी। जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि किसानों को कृषि रक्षा रसायनों पर अनुदान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसान संबंधित कृषि रक्षा इकाई से रसायन खरीदकर केवल कृषक अंश का भुगतान करेंगे। 👉योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर जोर जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बताया गया कि छोटे एवं सीमांत किसानों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण छह प्रतिशत रियायती वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन इकाइयों के लिए परियोजना लागत पर 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान बताया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह ने लंपी स्किन रोग से बचाव के लिए चल रहे निःशुल्क टीकाकरण अभियान की जानकारी दी और किसानों से इसका लाभ उठाने की अपील की। बैठक में उप कृषि निदेशक पुरुषोत्तम कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, भूमि संरक्षण अधिकारी रामप्रकाश राण, सहायक अभियंता नलकूप नरोत्तम लाल दिवाकर, जिला प्रबंधक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शमी आलम समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कृषक प्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- प्रसूता की मौत के आरोपों के बीच डॉ. केपी गुप्ता ने PM-CM का दिया उदाहरण, बयान पर शाहजहांपुर। पुवायां स्थित चरक हॉस्पिटल में प्रसूता की ऑपरेशन के बाद मौत के मामले में आरोपों से घिरे डॉ. केपी गुप्ता द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके एक बयान ने चर्चा छेड़ दी। पत्रकार के शराब के नशे में ऑपरेशन करने के आरोप पर सफाई देते हुए डॉ. गुप्ता ने उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि वह यह कह दें कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री शराब पीकर सभी फैसले लेते हैं तो यह कहना बेवकूफी और निराधार होगा। इसी उदाहरण को लेकर अब सवाल उठ रहा है कि ऐसे गंभीर चिकित्सा विवाद में देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का संदर्भ देना कितना उचित था। गौरतलब है कि नौ सितंबर को चरक हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर मौत हो गई थी। मृतका के ससुर जोगराज की तहरीर पर 10 सितंबर को पुवायां कोतवाली में डॉ. फिरोज और डॉ. केपी गुप्ता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तहरीर में डॉ. केपी पर नशे की हालत में लापरवाही से ऑपरेशन करने का आरोप भी लगाया गया था। अब प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए PM-CM के उदाहरण को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।1
- piapre khane se kaon si bimari dur Hoti Hai video ko like karo share karo follow karo YouTube channel subscribe Karen1
- अंधेरे में आवारा गौवंश बने हादसे का कारण, यातायात पुलिस ने निकाला अनोखा समाधान अंधेरे में आवारा गौवंश बने हादसे का कारण, यातायात पुलिस ने निकाला अनोखा समाधान रात में गौवंश के गले में बांधी जा रही रिफ्लेक्टिव बेल्ट, वाहन चालकों को दूर से दिखाई देंगे पशु शाहजहांपुर। रात्रि के समय सड़कों पर बैठे या घूमते आवारा गौवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए शाहजहांपुर यातायात पुलिस ने विशेष पहल शुरू की है। पुलिस टीम ने आवारा गौवंश के गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधने का अभियान शुरू किया है। बेल्ट पर पड़ने वाली वाहनों की रोशनी से गौवंश दूर से ही दिखाई देगा, जिससे वाहन चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात के नेतृत्व में प्रभारी यातायात द्वारा जनपद में सुगम और जाममुक्त यातायात व्यवस्था के साथ सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रात्रि गश्त के दौरान मार्गों पर घूमने और बैठने वाले आवारा गौवंश को चिन्हित कर उनके गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाई जा रही हैं। यातायात पुलिस के मुताबिक रात के अंधेरे में काले या गहरे रंग के गौवंश कई बार वाहन चालकों को समय से दिखाई नहीं देते। इससे अचानक ब्रेक लगाने या गौवंश से टकराने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रिफ्लेक्टिव बेल्ट के जरिए गौवंश की दृश्यता बढ़ने से वाहन चालकों को पहले ही सतर्क होने का मौका मिलेगा। यातायात पुलिस द्वारा जनपद की सीसी टीमों के साथ समन्वय कर रात्रि गश्त और प्रभावी प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जा रही है। दुर्घटना संभावित स्थानों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखते हुए सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी यातायात ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा यातायात पुलिस की प्राथमिकता है। रात्रि में आवारा गौवंश की दृश्यता बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाने की पहल सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें और विशेष सतर्कता बरतें। सड़क पर गौवंश अथवा अन्य बाधा दिखाई देने पर गति नियंत्रित करते हुए सुरक्षित तरीके से वाहन चलाएं तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1
- मदनापुर में मरीज की मौत पर बवाल! परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, स्वास्थ्य विभाग पर भी उठे सवाल शाहजहांपुर के थाना मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला थाने तक पहुंचा तो परिजनों का आक्रोश देखने को मिला। वहीं डॉक्टर द्वारा मरीज को जिला मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद परिजन गुस्से में थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के मुताबिक, हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टर मरीज को लेकर जिला मेडिकल कॉलेज की ओर चला गया। इस दौरान परिवार के लोग भी सवाल उठाते रहे कि आखिर मरीज की स्थिति इतनी गंभीर होने तक बेहतर उपचार क्यों नहीं मिल सका? मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में कथित रूप से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी अब सवाल उठना लाजिमी है। सवाल बड़ा है—क्या स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों की जानकारी नहीं है? और अगर जानकारी है, तो कार्रवाई कब होगी? फिलहाल मरीज की मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।2
- ****तमंचा लेकर घूम रहा था युवक, रोजा पुलिस ने दबोचा**** शाहजहांपुर। रोजा पुलिस ने अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर एक युवक को तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार 15 सितंबर की रात ग्राम अटसलिया ओवरब्रिज के पास से ओम गुप्ता (36) निवासी आदर्श नगर कॉलोनी, रोजा को पकड़ा गया। तलाशी में उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मु.अ.सं. 417/26, धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक शिवम अग्रवाल, कांस्टेबल नितिन कुमार और वसंत कुमार शामिल रहे1
- 🚨 रात्रि में आवारा गौवंश से हादसे रोकने की पहल, गले में बांधी जा रही रिफ्लेक्टिव बेल्ट हैंडलाइन: अंधेरे में दूर से दिखाई देंगे गौवंश, वाहन चालकों को समय रहते मिल सकेगा संकेत शाहजहांपुर। रात्रि के समय सड़कों पर घूमने और बैठने वाले आवारा गौवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए शाहजहांपुर यातायात पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। पुलिस टीम द्वारा आवारा गौवंश के गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधी जा रही हैं, ताकि अंधेरे में वाहन चालकों को गौवंश दूर से ही दिखाई दे सकें। पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी यातायात के नेतृत्व में यातायात पुलिस द्वारा यह विशेष अभियान चलाया गया। रात्रि गश्त के दौरान पुलिस टीम ने मार्गों पर घूमने और बैठने वाले आवारा गौवंश को चिह्नित कर उनके गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहनाई। रिफ्लेक्टिव बेल्ट के चलते वाहन की रोशनी पड़ने पर गौवंश दूर से ही दिखाई देने लगेंगे। इससे वाहन चालकों को समय रहते अपनी गति नियंत्रित करने और सावधानी बरतने का मौका मिलेगा, जिससे संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। यातायात पुलिस द्वारा जनपद की सीसी टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर रात्रि गश्त और प्रभावी प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जा रही है। दुर्घटना संभावित स्थानों और प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। क्षेत्राधिकारी यातायात ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा यातायात पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रि के समय आवारा गौवंश की दृश्यता बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाने की पहल सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, विशेष सतर्कता बरतें और यातायात नियमों का पालन करते हुए स्वयं के साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। #Shahjahanpur #TrafficPolice #RoadSafety #ReflectiveBelt #Gauvansh #RoadAccident #UPPolice1
- मदनापुर में मरीज की मौत पर बवाल! परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, स्वास्थ्य विभाग पर भी उठे सवाल एंकर:- शाहजहांपुर के थाना मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला थाने तक पहुंचा तो परिजनों का आक्रोश देखने को मिला। वहीं डॉक्टर द्वारा मरीज को जिला मेडिकल कॉलेज ले जाने की बात सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वीओ:- मदनापुर क्षेत्र में मरीज की मौत के बाद परिजन गुस्से में थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के मुताबिक, हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टर मरीज को लेकर जिला मेडिकल कॉलेज की ओर चला गया। इस दौरान परिवार के लोग भी सवाल उठाते रहे कि आखिर मरीज की स्थिति इतनी गंभीर होने तक बेहतर उपचार क्यों नहीं मिल सका? मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में कथित रूप से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी अब सवाल उठना लाजिमी है। सवाल बड़ा है—क्या स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों की जानकारी नहीं है? और अगर जानकारी है, तो कार्रवाई कब होगी? फिलहाल मरीज की मौत के वास्तविक कारण और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।2