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Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/ bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/ pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/ Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/ Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/ bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/ pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/ Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/

58 min ago
user_Jalal News 901
Jalal News 901
Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
58 min ago

Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/ bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/ pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/ Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/ Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/ bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/ pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/ Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/

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  • Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/ bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/ pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/ Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/ Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/ bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/ pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/ Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/
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    Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/
bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/
pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/
Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/

Bareilly Ke baradari Thana Kshetra Ka mamla loot ki vardat/
bataya Apne shabdon mein kya kuchh hua pidita/
pidita ne lagai Insaaf Ki guhar/ lagai nyaay ki guhar prathna Patra ke sath/
Tala todkar sone ke jevar chori karne ka aarop pidita ka/
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    58 min ago
  • 3 दिवसीय उर्स ए रज़वी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ssp अनुराग आर्य की बाइट #बरेली पुलिस 3 दिवसीय उर्स ए रज़वी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ssp अनुराग आर्य की बाइट #बरेली पुलिस
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    3 दिवसीय उर्स ए रज़वी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ssp अनुराग आर्य की बाइट #बरेली पुलिस
3 दिवसीय उर्स ए रज़वी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ssp अनुराग आर्य की बाइट #बरेली पुलिस
    user_Mohd Ahemad saifi
    Mohd Ahemad saifi
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल #उत्कृष्ट कारीगरों को शॉल, ट्रॉफी और जानमाज देकर किया सम्मानित#
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    आप देख रहे हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल
#उत्कृष्ट कारीगरों को शॉल, ट्रॉफी और जानमाज देकर किया सम्मानित#
    user_   ख़बर जंक्शन बरेली
    ख़बर जंक्शन बरेली
    Social Media Manager बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • दोहना रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत चादरों के जुलूस पर पुष्पवर्षा, पानी वितरण पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने दिया सौहार्द का संदेश दोहना रेलवे स्टेशन पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने लगाया स्वागत कैंप चादरों के जुलूस और कांवड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा, जल वितरण व माल्यार्पण से किया स्वागत, भाईचारे का दिया संदेश बरेली। आला हजरत दरगाह पर चादरों का जुलूस लेकर जा रहे जायरीनों तथा कांवड़ लेकर जा रहे भोले भक्तों के स्वागत के लिए पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से भोजीपुरा रोड स्थित दोहना रेलवे स्टेशन के पास स्वागत कैंप लगाया गया। कैंप में दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का स्वागत कर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान की अगुवाई में हिंदू सनातनी भाइयों ने आला हजरत दरगाह की ओर जा रहे चादरों के जुलूस में शामिल जायरीनों पर पुष्पवर्षा की। इस दौरान पानी का वितरण किया गया और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। वहीं मुस्लिम भाइयों ने कांवड़ लेकर जा रहे कांवड़ियों का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा और जल वितरण किया तथा माला पहनाकर उन्हें गले लगाया। इस दौरान मौजूद लोगों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में भोजीपुरा जिला पंचायत सदस्य योगेश पटेल, भोजीपुरा थाना प्रभारी (SHO) सहित पीस कमेटी ऑफ इंडिया की टीम मौजूद रही। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल, राष्ट्रीय महासचिव मनमोहन सिंह तनेजा, सलाहकार एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सैयद शहाबुद्दीन, प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान, प्रदेश महासचिव मोंटू सक्सेना, प्रदेश सचिव अखिलेश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग खुशनुमा खान, आजम खान, जिला अध्यक्ष विनोद रस्तोगी, जिला उपाध्यक्ष रामकिशन रस्तोगी, जिला महासचिव विवेक शर्मा, गोपाल रस्तोगी, महानगर अध्यक्ष आशुतोष अंतवाल, महानगर उपाध्यक्ष महेश रस्तोगी, महानगर सचिव सोनू रस्तोगी उर्फ पिकू, जिला महासचिव गौरव रस्तोगी सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पीस कमेटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान एक-दूसरे का सम्मान करना ही सामाजिक सौहार्द की मजबूत नींव है। दोहना रेलवे स्टेशन पर आयोजित कैंप ने आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया।
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    दोहना रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत
चादरों के जुलूस पर पुष्पवर्षा, पानी वितरण
पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने दिया सौहार्द का संदेश
दोहना रेलवे स्टेशन पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने लगाया स्वागत कैंप
चादरों के जुलूस और कांवड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा, जल वितरण व माल्यार्पण से किया स्वागत, भाईचारे का दिया संदेश
बरेली। आला हजरत दरगाह पर चादरों का जुलूस लेकर जा रहे जायरीनों तथा कांवड़ लेकर जा रहे भोले भक्तों के स्वागत के लिए पीस कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से भोजीपुरा रोड स्थित दोहना रेलवे स्टेशन के पास स्वागत कैंप लगाया गया। कैंप में दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का स्वागत कर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।
प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान की अगुवाई में हिंदू सनातनी भाइयों ने आला हजरत दरगाह की ओर जा रहे चादरों के जुलूस में शामिल जायरीनों पर पुष्पवर्षा की। इस दौरान पानी का वितरण किया गया और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया।
वहीं मुस्लिम भाइयों ने कांवड़ लेकर जा रहे कांवड़ियों का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा और जल वितरण किया तथा माला पहनाकर उन्हें गले लगाया। इस दौरान मौजूद लोगों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में भोजीपुरा जिला पंचायत सदस्य योगेश पटेल, भोजीपुरा थाना प्रभारी (SHO) सहित पीस कमेटी ऑफ इंडिया की टीम मौजूद रही।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल, राष्ट्रीय महासचिव मनमोहन सिंह तनेजा, सलाहकार एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सैयद शहाबुद्दीन, प्रदेश अध्यक्ष रहीम खान, प्रदेश महासचिव मोंटू सक्सेना, प्रदेश सचिव अखिलेश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग खुशनुमा खान, आजम खान, जिला अध्यक्ष विनोद रस्तोगी, जिला उपाध्यक्ष रामकिशन रस्तोगी, जिला महासचिव विवेक शर्मा, गोपाल रस्तोगी, महानगर अध्यक्ष आशुतोष अंतवाल, महानगर उपाध्यक्ष महेश रस्तोगी, महानगर सचिव सोनू रस्तोगी उर्फ पिकू, जिला महासचिव गौरव रस्तोगी सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान पीस कमेटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान एक-दूसरे का सम्मान करना ही सामाजिक सौहार्द की मजबूत नींव है। दोहना रेलवे स्टेशन पर आयोजित कैंप ने आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया।
    user_शाहबुद्दीन
    शाहबुद्दीन
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 108वें उर्स-ए-रज़वी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से पेश की गई अकीदत की चादर बरेली। 108वें उर्स-ए-रज़वी के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से दरगाह आला हजरत पर अकीदत की चादर पेश की गई। सपा प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की और देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, तरक्की और खुशहाली की दुआ की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि अखिलेश यादव की ओर से उर्स-ए-रज़वी के लिए चादर भेजी गई है। इसके साथ उनका संदेश भी दरगाह के सज्जादा नशीन को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से देश में शांति, सौहार्द और भाईचारे का माहौल कायम रहने की दुआ की गई है। वरिष्ठ सपा नेता इंजीनियर अनीस अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उर्स-ए-रज़वी के अवसर पर देशवासियों के लिए अमन, सलामती और भाईचारे की दुआ भेजी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों सावन का पवित्र महीना भी चल रहा है, ऐसे में सभी धर्मों के लोग अपने-अपने त्योहार प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान के साथ मनाएं, यही समाजवादी पार्टी का संदेश है। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शमीम सुल्तानी, वरिष्ठ नेता संजीव सक्सेना, कदीर अहमद, जिला प्रवक्ता अशोक यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने दरगाह पर हाजिरी देकर आला हजरत को खिराज-ए-अकीदत पेश किया और उर्स की मुबारकबाद दी।
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    108वें उर्स-ए-रज़वी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से पेश की गई अकीदत की चादर
बरेली। 108वें उर्स-ए-रज़वी के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से दरगाह आला हजरत पर अकीदत की चादर पेश की गई। सपा प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की और देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, तरक्की और खुशहाली की दुआ की।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि अखिलेश यादव की ओर से उर्स-ए-रज़वी के लिए चादर भेजी गई है। इसके साथ उनका संदेश भी दरगाह के सज्जादा नशीन को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से देश में शांति, सौहार्द और भाईचारे का माहौल कायम रहने की दुआ की गई है।
वरिष्ठ सपा नेता इंजीनियर अनीस अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उर्स-ए-रज़वी के अवसर पर देशवासियों के लिए अमन, सलामती और भाईचारे की दुआ भेजी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों सावन का पवित्र महीना भी चल रहा है, ऐसे में सभी धर्मों के लोग अपने-अपने त्योहार प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान के साथ मनाएं, यही समाजवादी पार्टी का संदेश है।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शमीम सुल्तानी, वरिष्ठ नेता संजीव सक्सेना, कदीर अहमद, जिला प्रवक्ता अशोक यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने दरगाह पर हाजिरी देकर आला हजरत को खिराज-ए-अकीदत पेश किया और उर्स की मुबारकबाद दी।
    user_Muneeb husain repoter
    Muneeb husain repoter
    Teacher बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बरेली- अमेरिका और ईरान की लड़ी गई जंग मज़हबी नहीं बल्कि सियासी जंग थी:मुफ्ती सलीम बरेलवी। बेटियों के बहकते कदम को रोकने के लिए उन्हें अच्छी तालीम और तरबियत दे: कारी यूसुफ रज़ा संभली।* *मसलक ए आला हज़रत का पैगाम सुन्नियों में आपसी इत्तेहाद: कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी।* *जिलानी मियां व रेहान ए मिल्लत के कुल शरीफ में की गई मुल्क और मिल्लत की खुशहाली की दुआ।* बरेली,उर्स-ए-रज़वी के दूसरे दिन आज बाद नमाज़-ए-फ़ज़र कुरान ख्वानी हुई। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम इस्लामिया मैदान में दरगाह सरपरस्त हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत व सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में शुरू हुआ। हाजी गुलाम सुब्हानी और आसिम नूरी ने मिलाद नज़राना पेश किया। कुरान की तिलावत से मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने सुबह 8 बजे महफ़िल का आगाज़ किया। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कुल शरीफ के बाद तहफ़ुज़ मज़हब-ओ-मसलक कॉन्फ्रेंस को खिताब करते हुए मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि हाल ही में अमेरिका और ईरान की बीच लड़ी गई जंग एक सियासी जंग थी इसे हरगिज़ मज़हबी जंग नहीं कहा जा सकता। अगर ईरान मज़हब इस्लाम के लिए जंग लड़ता तो पहले मस्जिद ए अक्सा,फ़िलिस्तीन,ग़ाज़ा और अफगानिस्तान के लिए लड़ता। आगे मुसलमानों को ताकीद करते हुए कहा कि हमें अपने मुल्क और अपने आप को मजबूत करना है तो हमें उच्च शिक्षा हासिल करनी होगी। मुस्लमानों को अपने एरियो में अच्छे स्कूलों की स्थापना करनी होगी। आज के नौजवान को नशे से दूर रहकर अपना और अपने परिवार का बेहतर मुस्तबकिल बनाना है। बच्चे ही हमारे मुल्क का भविष्य है। आज हमारे मदरसों को आंतकवाद का अड्डा कहकर बदनाम किया जा रहा है बल्कि हकीकत यह है कि मदरसों से हमेशा देश प्रेम का पाठ पढ़ाया गया है। मदरसों ने देश भक्त पैदा किए है। देश के राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद,एपीजे अब्दुल कलाम आदि ने भी मदरसों से ही शिक्षा हासिल की। आखिर में देश के मुसलामानों को नसीहत करते हुए कहा कि वो ऐसे धरने प्रदर्शन से दूर रहे जिसका कोई कायद न हो। आज कितने हमारे नौजवान बेगुनाह जेलों में सालों से बंद है। कही कोई मसला पेश आए तो हम कोर्ट कचहरी और पुलिस प्रशासन का सहारा ले। उर्स का संचालन करते हुए *कारी यूसुफ रज़ा संभली* ने अपने खिताब में मुस्लिम बेटियां और उनके बहकते कदम पर फ़िक्र ज़ाहिर करते हुए कहा कि मुसलामान अपनी बेटियों को अच्छी तालीम(शिक्षा) और तरबियत(संस्कार) शरई दायरे में रहकर दे। उनके हाथों में मोबाइल की जगह कानून ए शरीयत, बहारे शरीयत जैसी किताबें दे ताकि वो समझ सके भलाई किसमें है। *कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी* ने कहा कि मसलक-ए-आला हज़रत का मिशन बहावी,देवबंदी का रद्द और सुन्नियों में आपसी इत्तेहाद है। इसी मिशन को हुज्जातुल इस्लाम,मुफ्ती-ए-आज़म हिन्द, मुफस्सिर-ए-आज़म,रेहान-ए-मिल्लत समेत खानदान के बुजुर्गों ने आगे बढ़ाया। रेहान-ए-मिल्लत ने मज़हब-ओ-मसलक के फरोग के लिए यूरोप,अफ्रीका,अमेरिका समेत एशिया के मुल्कों का दौरा कर परचम-ए-रज़ा को बुलंद किया। *मौलाना साबिर उल क़ादरी(बिहार)* ने कहा कि रेहान- ए-मिल्लत जहां एक तरफ बेहतरीन शायर थे वहीं दूसरी तरफ आपने बहुत से फतवे भी लिखे। आप तलबा(छात्रों) को अरबी और इंग्लिश में भी दर्स देते थे। इसके अलावा मौलाना अव्वल रज़ा महकश(बिहार),मुफ्ती नवाजिश आलम,मौलाना जैनुल आबेदीन,मुफ्ती अकील उर रहमान आदि ने भी खिताब किया। सुबह 09 बजकर 58 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा कारी सखावत मुरादाबादी,मुफ्ती जमील नूरी,मुफ्ती अख्तर हुसैन ने पड़ी। खुसूसी दुआ मुफ्ती आकिल रज़वी ने मुल्क ओ मिल्लत की खुशहाली के लिए की। दोपहर 01 बजकर 30 मिनट पर इस्लामिया मैदान में मुफ्ती अय्यूब नूरी ने नमाज़ ए जुमा अदा कराया। हजारों लोगों ने नमाज़ अदा की। नासिर कुरैशी ने आज सियासी और गैर सियासी चादरें भी दरगाह पर पेश होती रहे। आंवला,फरीदपुर,मीरगंज,भोजीपुरा,बहेड़ी,तिलियापुर,देवचरा के अलावा पुराना शहर,जसोली,जखीरा,बाकर गंज,किला आदि से चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचते रहे।
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    बरेली- अमेरिका और ईरान की लड़ी गई जंग मज़हबी नहीं बल्कि सियासी जंग थी:मुफ्ती सलीम बरेलवी।
बेटियों के बहकते कदम को रोकने के लिए उन्हें अच्छी तालीम और तरबियत दे: कारी यूसुफ रज़ा संभली।*
*मसलक ए आला हज़रत का पैगाम सुन्नियों में आपसी इत्तेहाद: कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी।*
*जिलानी मियां व रेहान ए मिल्लत के कुल शरीफ में की गई  मुल्क और मिल्लत की खुशहाली की दुआ।*
बरेली,उर्स-ए-रज़वी के दूसरे दिन आज बाद नमाज़-ए-फ़ज़र कुरान ख्वानी हुई। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम इस्लामिया मैदान में दरगाह सरपरस्त हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत व सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में शुरू हुआ। हाजी गुलाम सुब्हानी और आसिम नूरी ने मिलाद नज़राना पेश किया। कुरान की तिलावत से मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने सुबह 8 बजे महफ़िल का आगाज़ किया। 
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कुल शरीफ के बाद तहफ़ुज़ मज़हब-ओ-मसलक कॉन्फ्रेंस को खिताब करते हुए मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि हाल ही में अमेरिका और ईरान की बीच लड़ी गई जंग एक सियासी जंग थी इसे हरगिज़ मज़हबी जंग नहीं कहा जा सकता। अगर ईरान मज़हब इस्लाम के लिए जंग लड़ता तो पहले मस्जिद ए अक्सा,फ़िलिस्तीन,ग़ाज़ा और अफगानिस्तान के लिए लड़ता। 
आगे मुसलमानों को ताकीद करते हुए कहा कि हमें अपने मुल्क और अपने आप को मजबूत करना है तो हमें उच्च शिक्षा हासिल करनी होगी। मुस्लमानों को अपने एरियो में अच्छे स्कूलों की स्थापना करनी होगी। आज के नौजवान को नशे से दूर रहकर अपना और अपने परिवार का बेहतर मुस्तबकिल बनाना है। बच्चे ही हमारे मुल्क का भविष्य है। आज हमारे मदरसों को आंतकवाद का अड्डा कहकर बदनाम किया जा रहा है बल्कि हकीकत यह है कि मदरसों से हमेशा देश प्रेम का पाठ पढ़ाया गया है। मदरसों ने देश भक्त पैदा किए है। देश के राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद,एपीजे अब्दुल कलाम आदि ने भी मदरसों से ही शिक्षा हासिल की। आखिर में देश के मुसलामानों को नसीहत करते हुए कहा कि वो ऐसे धरने प्रदर्शन से दूर रहे जिसका कोई कायद न हो। आज कितने हमारे नौजवान बेगुनाह जेलों में सालों से बंद है। कही कोई मसला पेश आए तो हम कोर्ट कचहरी और पुलिस प्रशासन का सहारा ले। उर्स का संचालन करते हुए *कारी यूसुफ रज़ा संभली* ने अपने खिताब में मुस्लिम बेटियां और उनके बहकते कदम पर फ़िक्र ज़ाहिर करते हुए कहा कि मुसलामान अपनी बेटियों को अच्छी तालीम(शिक्षा) और तरबियत(संस्कार) शरई दायरे में रहकर दे। उनके हाथों में मोबाइल की जगह कानून ए शरीयत, बहारे शरीयत जैसी किताबें दे ताकि वो समझ सके भलाई किसमें है। *कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी* ने कहा कि मसलक-ए-आला हज़रत का मिशन बहावी,देवबंदी का रद्द और सुन्नियों में आपसी इत्तेहाद है। इसी मिशन को हुज्जातुल इस्लाम,मुफ्ती-ए-आज़म हिन्द, मुफस्सिर-ए-आज़म,रेहान-ए-मिल्लत समेत खानदान के बुजुर्गों ने आगे बढ़ाया। रेहान-ए-मिल्लत ने मज़हब-ओ-मसलक के फरोग के लिए यूरोप,अफ्रीका,अमेरिका समेत एशिया के मुल्कों का दौरा कर परचम-ए-रज़ा को बुलंद किया। *मौलाना साबिर उल क़ादरी(बिहार)* ने कहा कि रेहान- ए-मिल्लत जहां एक तरफ बेहतरीन शायर थे वहीं दूसरी तरफ आपने बहुत से फतवे भी लिखे। आप तलबा(छात्रों) को अरबी और इंग्लिश में भी दर्स देते थे। इसके अलावा मौलाना अव्वल रज़ा महकश(बिहार),मुफ्ती नवाजिश आलम,मौलाना जैनुल आबेदीन,मुफ्ती अकील उर रहमान आदि ने भी खिताब किया। सुबह 09 बजकर 58 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा कारी सखावत मुरादाबादी,मुफ्ती जमील नूरी,मुफ्ती अख्तर हुसैन ने पड़ी। खुसूसी दुआ मुफ्ती आकिल रज़वी ने मुल्क ओ मिल्लत की खुशहाली के लिए की। दोपहर 01 बजकर 30 मिनट पर इस्लामिया मैदान में मुफ्ती अय्यूब नूरी ने नमाज़ ए जुमा अदा कराया। हजारों लोगों ने नमाज़ अदा की।  
नासिर कुरैशी ने आज सियासी और गैर सियासी चादरें भी दरगाह पर पेश होती रहे। आंवला,फरीदपुर,मीरगंज,भोजीपुरा,बहेड़ी,तिलियापुर,देवचरा के अलावा पुराना शहर,जसोली,जखीरा,बाकर गंज,किला आदि से चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचते रहे।
    user_Press reporter
    Press reporter
    Bareilly, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • पुलिस की लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप, विवेचना दूसरे थाने में स्थानांतरित करने की मांग पुलिस की लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप, विवेचना दूसरे थाने में स्थानांतरित करने की मांग
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    पुलिस की लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप, विवेचना दूसरे थाने में स्थानांतरित करने की मांग
पुलिस की लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप, विवेचना दूसरे थाने में स्थानांतरित करने की मांग
    user_अवधेश शर्मा उप संपादक बरेली बरेली रिपोर्टर
    अवधेश शर्मा उप संपादक बरेली बरेली रिपोर्टर
    मीडिया में ज्यादा काम किया है बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • रज़वी परचम से तीन रोज़ा उर्से रज़वी का आगाज़ रिमझिम फुहारों के बीच सुब्हानी मियां ने अदा की परचम कुशाई की रस्म बरेली। आला हज़रत फ़ाज़िले बरेलवी का 108 वा उर्से रज़वी का आगाज़ परचम कुशाई की रस्म के साथ हो गया। रात में नातिया मुशायरा व हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। उर्स की सभी रस्में दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) की सदारत और सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में दरगाह परिसर व इस्लामिया मैदान में अदा की जा रही है। नातिया मुशायरा देर रात तक जारी था। देश विदेश के कोने कोने से ज़ायरीन दरगाह पहुँच रहे है। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि आज इस्लामिया मैदान में रज़वी परचम रज़ा गेट पर नसब कर दिया गया। रज़वी परचम लहराते ही विधिवत उर्स का आगाज़ हो गया। नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर,मसलक-ए-आला हज़रत ज़िंदाबाद के नारों के बीच दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) ने अपने दस्ते मुबारक से (हाथों) सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां,सय्यद आसिफ मियां व देश-दुनिया से आये उलेमा की मौजूदगी में ठीक 9.20 बजे परचम कुशाई की रस्म अदा की। यहाँ फातिहा के बाद खुसूसी दुआ मुफ्ती सलीम नूरी ने की। परचम कुशाई होते ही फ़िज़ा में आला हज़रत की लिखी नात व मनकबत गूँजने लगी। इससे पहले मुख्य परचमी जुलूस आजम नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास से सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की कयादत में दरगाह पहुंचा। इसके अलावा ठिरिया निजावत खान और रहपुरा चौधरी से भी परचम और चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचे जिसे सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी जगह फातिहाख्वानी और लंगर का एहतिमाम हुआ। मुख्य परचमी जुलूस 7.30 बजे दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की क़यादत में अपने रिवायती रास्तों कुमार टाकीज,इंदिरा मार्केट होते हुए बिहारीपुर के ढाल के रास्ते दरगाह पहुँचे। यहाँ सलामी देने के बाद जुलूस दरगाह से दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां की क़यादत में वापिस इस्लामिया मैदान पहुँचे। जुलूस का रास्ते में जगह-जगह हिन्दू मुस्लिम ने दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां का फूलों से स्वागत किया। बाद नमाज़-ए- मग़रिब महफ़िल-ए-मिलाद हाजी गुलाम सुब्हानी व आसिम नूरी ने पेश की। रात में 10 बजकर 35 मिनट पर आला हज़रत के बड़े साहिबजादे हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रज़ा खान (हामिद मियां) के कुल शरीफ की फातिहा मुफ्ती जईम रज़ा व मुफ्ती जमील ने पढ़ी। मुफ़्ती सलीम नूरी बरेलवी ने अपने खिताब में कहा कि हुज्जातुल इस्लाम ने 1938 में मुरादाबाद में हुई एक बड़ी कॉन्फ्रेंस में मुसलमानों से अपने बच्चों तालीम दिलाने पर ज़ोर देते हुए अपने आप को आर्थिक रूप से मजबूत करने का आव्हान किया। दुनिया भर में सुन्नियत की पहचान कराने में अहम रोल अदा किया। आला हज़रत की वजह से बरेली सुन्नियत का केंद्र बन गया। आजम नगर, ठिरिया और रहपुरा चौधरी पहुंचने पर सज्जादानशीन का जोरदार इस्तकबाल वसीम खान,शमी खान,अजमल खान,राशिद खान,मुशाहिद खान,रफत अली खान, जुनैद कुरैशी,फहीम खान,सलमान खान,परवेज़ कुरैशी, जीशान कुरैशी,वसीम कुरैशी आदि ने किया। सज्जादानशीन के साथ हाजी मोहसिन हसन नूरी,मुफ्ती गुलफाम, मौलाना जाहिद रज़ा,मौलाना बशीर उल क़ादरी,मौलाना ज़िक्रउल्लाह,मौलाना सय्यद शाबाहत अली,औरंगज़ेब नूरी,परवेज़ नूरी,शाहिद नूरी,अजमल नूरी,युनुस गद्दी,इरशाद रज़ा ताहिर अल्वी,सबलू अल्वी,हस्सान रज़ा,युनुस साबरी आदि साथ रहे। 07 अगस्त (जुमा) बाद नमाज़ ए फ़ज़्र कुरानख्वानी। सुबह 9.58 मिनट पर रेहाने मिल्लत व 10.30 बजे मुफ़स्सिर-ए आज़म के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद मज़हब-ओ जमालक कॉन्फ्रेस होगी। उलेमा नामूसे रिसालत,मिशन मसलक आला हज़रत, समाज सुधार,आपसी सौहार्द,सामाजिक बुराई के खात्मे पर चर्चा करेगें। दिन में कार्यक्रम व चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा। रात में दुनियाभर के मशहूर उलेमा की तक़रीर होगी। देर रात 1 बजकर 40 मिनट पर मुफ्ती आज़म-ए-हिन्द के कुल शरीफ की रस्म अदा होगी। उर्स की व्यवस्था में राशिद अली खान,मौलाना ज़ाहिद रज़ा,परवेज़ नूरी,अजमल नूरी,ताहिर अल्वी,शाहिद नूरी,औरंगजेब नूरी,हाजी जावेद खान,नासिर क़ुरैशी,मंज़ूर रज़ा,शान रज़ा, सुहेल रज़ा खान,सय्यद फैज़ान रज़ा,अब्दुल माजिद,मोहसिन रज़ा,तारिक सईद,मुजाहिद रज़ा, जुहैब रज़ा, आलेनबी,इशरत नूरी, हाजी अब्बास नूरी,सय्यद माजिद अली,सय्यद एज़ाज़,नफीस खान, शरिक बरकाती, काशिफ रज़ा,सुहैल रज़ा, सऊद रज़ा,नोमान रज़ा, हसन बरेलवी,आरिफ रज़ा,फ़ारूक़ खान,साजिद नूरी,सबलू अल्वी,हाजी फय्याज,गफ़ूर पहलवान,शहज़ाद पहलवान,काशिफ रज़ा,शाद रज़ा,अरबाज़ रज़ा,आदिल रज़ा,जावेद खान,साकिब रज़ा,,हाजी शकील नूरी,साकिब रज़ा,नईम नूरी,मुस्तक़ीम नूरी,इरशाद रज़ा, आसिम नूरी,अश्मीर रज़ा,फ़ैज़ी रज़ा,सय्यद जुनैद,हाजी शारिक नूरी,हाजी अज़हर बेग,जुनैद चिश्ती,अब्दुल वाजिद नूरी,गजाली रज़ा,रजब अली, आदि दिन रात व्यवस्था बनाने में जुटे है। इसके अलावा परचम कुशाई के मौके पर डॉक्टर अनीस बेग भी मौजूद रहे।
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    रज़वी परचम से तीन रोज़ा उर्से रज़वी का आगाज़

रिमझिम फुहारों के बीच सुब्हानी मियां ने अदा की परचम कुशाई की रस्म
बरेली। आला हज़रत फ़ाज़िले बरेलवी का 108 वा उर्से रज़वी का आगाज़ परचम कुशाई की रस्म के साथ हो गया। रात में नातिया मुशायरा व हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। उर्स की सभी रस्में दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) की सदारत और सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में दरगाह परिसर व इस्लामिया मैदान में अदा की जा रही है। नातिया मुशायरा देर रात तक जारी था।  देश विदेश के कोने कोने से ज़ायरीन दरगाह पहुँच रहे है। 
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि आज इस्लामिया मैदान में रज़वी परचम रज़ा गेट पर नसब कर दिया गया। रज़वी परचम लहराते ही विधिवत उर्स का आगाज़ हो गया। नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर,मसलक-ए-आला हज़रत ज़िंदाबाद के नारों के बीच दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) ने अपने दस्ते मुबारक से (हाथों) सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां,सय्यद आसिफ मियां व देश-दुनिया से आये उलेमा की मौजूदगी में ठीक 9.20 बजे परचम कुशाई की रस्म अदा की। यहाँ फातिहा के बाद खुसूसी दुआ मुफ्ती सलीम नूरी ने की। परचम कुशाई होते ही फ़िज़ा में आला हज़रत की लिखी नात व मनकबत गूँजने लगी। इससे पहले मुख्य परचमी जुलूस आजम नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास से सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की कयादत में दरगाह पहुंचा। इसके अलावा ठिरिया निजावत खान और रहपुरा चौधरी से भी परचम और चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचे जिसे सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी जगह फातिहाख्वानी और लंगर का एहतिमाम हुआ। मुख्य परचमी जुलूस 7.30 बजे दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की क़यादत में अपने रिवायती रास्तों कुमार टाकीज,इंदिरा मार्केट होते हुए बिहारीपुर के ढाल के रास्ते दरगाह पहुँचे। यहाँ सलामी देने के बाद जुलूस दरगाह से दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां की क़यादत में वापिस इस्लामिया मैदान पहुँचे। जुलूस का रास्ते में जगह-जगह हिन्दू मुस्लिम ने दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां का फूलों से स्वागत किया। बाद नमाज़-ए- मग़रिब महफ़िल-ए-मिलाद हाजी गुलाम सुब्हानी व आसिम नूरी ने पेश की। रात में 10 बजकर 35 मिनट पर आला हज़रत के बड़े साहिबजादे हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रज़ा खान (हामिद मियां) के कुल शरीफ की फातिहा मुफ्ती जईम रज़ा व मुफ्ती जमील ने पढ़ी। मुफ़्ती सलीम नूरी बरेलवी ने अपने खिताब में कहा कि हुज्जातुल इस्लाम ने 1938 में मुरादाबाद में हुई एक बड़ी कॉन्फ्रेंस में मुसलमानों से अपने बच्चों तालीम दिलाने पर ज़ोर देते हुए अपने आप को आर्थिक रूप से मजबूत करने का आव्हान किया। दुनिया भर में सुन्नियत की पहचान कराने में अहम रोल अदा किया। आला हज़रत की वजह से बरेली सुन्नियत का केंद्र बन गया। आजम नगर, ठिरिया और रहपुरा चौधरी पहुंचने पर सज्जादानशीन का जोरदार इस्तकबाल वसीम खान,शमी खान,अजमल खान,राशिद खान,मुशाहिद खान,रफत अली खान, जुनैद कुरैशी,फहीम खान,सलमान खान,परवेज़ कुरैशी, जीशान कुरैशी,वसीम कुरैशी आदि ने किया। सज्जादानशीन के साथ हाजी मोहसिन हसन नूरी,मुफ्ती गुलफाम, मौलाना जाहिद रज़ा,मौलाना बशीर उल क़ादरी,मौलाना ज़िक्रउल्लाह,मौलाना सय्यद शाबाहत अली,औरंगज़ेब नूरी,परवेज़ नूरी,शाहिद नूरी,अजमल नूरी,युनुस गद्दी,इरशाद रज़ा
ताहिर अल्वी,सबलू अल्वी,हस्सान रज़ा,युनुस साबरी आदि साथ रहे। 
07 अगस्त (जुमा) बाद नमाज़ ए फ़ज़्र कुरानख्वानी। सुबह 9.58 मिनट पर रेहाने मिल्लत व 10.30 बजे मुफ़स्सिर-ए आज़म के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद मज़हब-ओ जमालक कॉन्फ्रेस होगी। उलेमा नामूसे रिसालत,मिशन मसलक आला हज़रत, समाज सुधार,आपसी सौहार्द,सामाजिक बुराई के खात्मे पर चर्चा करेगें। दिन में कार्यक्रम व चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा। रात में दुनियाभर के मशहूर उलेमा की तक़रीर होगी। देर रात 1 बजकर 40 मिनट पर मुफ्ती आज़म-ए-हिन्द के कुल शरीफ की रस्म अदा होगी।
उर्स की व्यवस्था में राशिद अली खान,मौलाना ज़ाहिद रज़ा,परवेज़ नूरी,अजमल नूरी,ताहिर अल्वी,शाहिद नूरी,औरंगजेब नूरी,हाजी जावेद खान,नासिर क़ुरैशी,मंज़ूर रज़ा,शान रज़ा, सुहेल रज़ा खान,सय्यद फैज़ान रज़ा,अब्दुल माजिद,मोहसिन रज़ा,तारिक सईद,मुजाहिद रज़ा, जुहैब रज़ा, आलेनबी,इशरत नूरी, हाजी अब्बास नूरी,सय्यद माजिद अली,सय्यद एज़ाज़,नफीस खान, शरिक बरकाती, काशिफ रज़ा,सुहैल रज़ा, सऊद रज़ा,नोमान रज़ा, हसन बरेलवी,आरिफ रज़ा,फ़ारूक़ खान,साजिद नूरी,सबलू अल्वी,हाजी फय्याज,गफ़ूर पहलवान,शहज़ाद पहलवान,काशिफ रज़ा,शाद रज़ा,अरबाज़ रज़ा,आदिल रज़ा,जावेद खान,साकिब रज़ा,,हाजी शकील नूरी,साकिब रज़ा,नईम नूरी,मुस्तक़ीम नूरी,इरशाद रज़ा, आसिम नूरी,अश्मीर रज़ा,फ़ैज़ी रज़ा,सय्यद जुनैद,हाजी शारिक नूरी,हाजी अज़हर बेग,जुनैद चिश्ती,अब्दुल वाजिद नूरी,गजाली रज़ा,रजब अली, आदि दिन रात व्यवस्था बनाने में जुटे है। इसके अलावा परचम कुशाई के मौके पर डॉक्टर अनीस बेग भी मौजूद रहे।
    user_Muneeb husain repoter
    Muneeb husain repoter
    Teacher बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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