कटनी: छह माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, बहोरीबंद पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार *पुलिस ने करीब छह माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मृतक की पहचान उसके शर्ट की कॉलर पर लगे एक टेलर के टैग और डीएनए जांच के आधार पर हुई, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।पुलिस के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के दौरान सिद्ध बाबा रोड स्थित स्टॉप डैम की मेड़ के पास बांस के झुरमुट में 30 से 35 वर्षीय अज्ञात युवक का सड़ी-गली अवस्था में शव मिला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक की हत्या अन्य स्थान पर करने के बाद शव को जलाकर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया और बाद में उसे यहां लाकर छिपा दिया गया था। मामले में बहोरीबंद थाने में धारा 103(1) एवं 238 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में पुलिस ने लगातार जांच जारी रखी। जांच के दौरान मृतक की शर्ट की कॉलर पर “RS टेलर्स, मझौली” का टैग मिला। इसी सुराग के आधार पर पुलिस मझौली और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची। बाद में पडवार निवासी गोपाल बर्मन ने कपड़ों और जेब में मिली सूखी पत्तियों के आधार पर आशंका जताई कि शव उसके पुत्र दुर्गा बर्मन का हो सकता है। डीएनए परीक्षण में यह पुष्टि हो गई कि शव दुर्गा बर्मन का ही था।पूछताछ में पता चला कि दुर्गा बर्मन अक्सर कोल्हाई देव के जंगल में घूमता था। पुलिस ने जंगल में सर्च अभियान चलाया, जहां मृतक के रेडियो की बैटरियां, गुलेल और अधजले कपड़े बरामद हुए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ लोग जंगल में करंट बिछाकर जंगली जानवरों का अवैध शिकार करते थे।पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि महाशिवरात्रि की रात वे जंगल में करंट लगाकर जंगली सुअर और खरहा का शिकार करने पहुंचे थे। देर रात करंट हटाने के दौरान उन्हें महुआ के पेड़ के पास दुर्गा बर्मन का जला हुआ शव मिला। मृतक की पहचान होने के बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने शव को मोटरसाइकिल पर ले जाकर सिद्ध बाबा रोड स्थित बांस के झुरमुट में छिपा दिया, ताकि घटना के साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।पुलिस ने मामले में धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव (23), धर्मेंद्र उर्फ धम्मू गोटिया (30) और सुखदेव उर्फ सुक्के यादव (31) निवासी मझौली, जिला जबलपुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी बहोरीबंद विजय कुमार विश्वकर्मा, निरीक्षक शैलेंद्र यादव, बहोरीबंद थाना स्टाफ तथा साइबर सेल कटनी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कटनी: छह माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, बहोरीबंद पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार *पुलिस ने करीब छह माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मृतक की पहचान उसके शर्ट की कॉलर पर लगे एक टेलर के टैग और डीएनए जांच के आधार पर हुई, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।पुलिस के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के दौरान सिद्ध बाबा रोड स्थित स्टॉप डैम की मेड़ के पास बांस के झुरमुट में 30 से 35 वर्षीय अज्ञात युवक का सड़ी-गली अवस्था में शव मिला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक की हत्या अन्य स्थान पर करने के बाद शव को जलाकर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया और बाद में उसे यहां लाकर छिपा दिया गया था। मामले में बहोरीबंद थाने में धारा 103(1) एवं 238 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में पुलिस ने लगातार जांच जारी रखी। जांच के दौरान मृतक की शर्ट की कॉलर पर “RS टेलर्स, मझौली” का टैग मिला। इसी सुराग के आधार पर पुलिस मझौली और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची। बाद में पडवार निवासी गोपाल बर्मन ने कपड़ों और जेब में मिली सूखी पत्तियों के आधार पर आशंका जताई कि शव उसके पुत्र दुर्गा बर्मन का हो सकता है। डीएनए परीक्षण में यह पुष्टि हो गई कि शव दुर्गा बर्मन का ही था।पूछताछ में पता चला कि दुर्गा बर्मन अक्सर कोल्हाई देव के जंगल में घूमता था। पुलिस ने जंगल में सर्च अभियान चलाया, जहां मृतक के रेडियो की बैटरियां, गुलेल और अधजले कपड़े बरामद हुए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ लोग जंगल में करंट बिछाकर जंगली जानवरों का अवैध शिकार करते थे।पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि महाशिवरात्रि की रात वे जंगल में करंट लगाकर जंगली सुअर और खरहा का शिकार करने पहुंचे थे। देर रात करंट हटाने के दौरान उन्हें महुआ के पेड़ के पास दुर्गा बर्मन का जला हुआ शव मिला। मृतक की पहचान होने के बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने शव को मोटरसाइकिल पर ले जाकर सिद्ध बाबा रोड स्थित बांस के झुरमुट में छिपा दिया, ताकि घटना के साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।पुलिस ने मामले में धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव (23), धर्मेंद्र उर्फ धम्मू गोटिया (30) और सुखदेव उर्फ सुक्के यादव (31) निवासी मझौली, जिला जबलपुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी बहोरीबंद विजय कुमार विश्वकर्मा, निरीक्षक शैलेंद्र यादव, बहोरीबंद थाना स्टाफ तथा साइबर सेल कटनी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- एसडीओपी वीरेंद्र धारवे के नेतृत्व में थाना विजयराघवगढ़ पुलिस ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया।1
- कटनी की चर्चित डीएसपी नेहा पच्चीसिया इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं कटनी की चर्चित डीएसपी नेहा पच्चीसिया इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में उनका नाम लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। राजगढ़ जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डीएसपी बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक माना जाता है। एक शिक्षक की बेटी नेहा पच्चीसिया ने एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर एमपीपीएससी की तैयारी शुरू की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल की। कोरोना काल के दौरान जरूरतमंदों की सेवा और जनसहयोग के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपने हाथों से सम्मानित भी किया था। लेकिन वर्तमान में उन पर लगे गंभीर आरोपों ने उनके कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटनी के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ने आरोप लगाया है कि उनसे कथित रूप से 30 हजार रुपये की अवैध मांग की गई। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से उनके पास से कुठला, रंगनाथ और माधवनगर थाना क्षेत्रों का प्रभार वापस ले लिया। सूत्रों के अनुसार, उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ अन्य मामलों की भी विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। इनमें एक हत्या के प्रकरण में समय पर आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं किए जाने के कारण आरोपी को कानूनी लाभ मिलने की बात भी सामने आ रही है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य प्रशासनिक मामलों की भी जांच किए जाने की जानकारी मिल रही है। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।1
- दमोह थाना का निरीक्षण कर पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगि (भा.पु.से.) ने जनसंवाद के माध्यम से सुनी जनसमस्याएं।1
- किसान मजदूर दलित पिछड़े और आदिवासियों के हक अधिकार अत्याचार की दिल्ली तक लड़ाई लड़ने वाले आदरणीय श्रीराकेश सिंह लोधी जी बहोरीबंद विधानसभा से जय जवान जय किसान जय संविधान1
- *तेवर वही, अंदाज वही...* अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी मामले के करीब दो महीने बाद चंपत राय बंसल सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। मीडिया को देखते ही वे नाराज नजर आए और उंगली से इशारा करते हुए कैमरे बंद करने तथा वहां से चले जाने को कहा। इसके बाद उन्होंने कमरे का दरवाजा बंद करा लिया।1
- दमोह टोकन न मिलने से नाराज किसानों ने जबलपुर दमोह मुख्य मार्ग के तेंदूखेड़ा बस स्टैंड पर लगाया जाम।1
- कटनी नगर//- कालर के टैग से मिले अज्ञात शव की गुत्थी सुलझी AIMA MEDIA 24×7 जन जन की आवाज़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई कटनी, मध्यप्रदेश दिनांक: 6 अगस्त 2026 | गुरुवार कालर के टैंग से मिले अज्ञात शव की गुत्थी सुलझी, छह माह बाद अंधे कत्ल का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार कटनी। पुलिस कंट्रोल रूम कटनी में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा (भा.पु.से.) ने बहोरीबंद थाना पुलिस द्वारा छह माह पुराने अंधे कत्ल के सनसनीखेज खुलासे की जानकारी दी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, डीएनए परीक्षण, मुखबिर की सूचना और लगातार की गई विवेचना के आधार पर मृतक की पहचान करते हुए हत्या के मामले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के अवसर पर बहोरीबंद थाना क्षेत्र के सिद्ध बाबा रोड के पास एक अज्ञात युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ था। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष आंकी गई थी। शव बुरी तरह जल चुका था, जिससे उसकी पहचान संभव नहीं हो पा रही थी। प्रथम दृष्टया साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को जलाकर सड़क किनारे बांस की झाड़ियों में फेंकने की आशंका के आधार पर बहोरीबंद थाने में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 103(1) एवं 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा एसडीओपी स्लीमनाबाद अंकिता चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से मिली एक आरएस ट्रेडर्स लिखी पर्ची महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। पुलिस ने संबंधित दुकान और आसपास के क्षेत्रों में जांच की। इसी दौरान गोपाल वर्मन निवासी पड़वार ने शव के पास मिले कपड़ों और पर्ची को देखकर आशंका जताई कि शव उनके कई दिनों से लापता पुत्र दुर्गा वर्मन का हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने गोपाल वर्मन का डीएनए सैंपल लेकर अज्ञात शव के डीएनए से मिलान कराया। जांच रिपोर्ट में शव की पहचान दुर्गा वर्मन के रूप में होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि दुर्गा वर्मन अक्सर कोलरहिया देव के जंगल में घूमने जाया करता था। पुलिस ने जंगल में दोबारा सर्च अभियान चलाया, जहां मृतक की हड्डियों के अवशेष, खोपड़ी, गुलेल तथा अधजले कपड़े बरामद किए गए। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कोलरहिया देव के जंगल के आसपास कुछ लोग खेतों और जंगल में करंट लगाकर जंगली जानवरों का अवैध शिकार करते हैं। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की जांच धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव, धर्मेंद्र उर्फ घम्मू गोटिया, सुखदेव उर्फ सुख्खे यादव, सचिन गोटिया तथा कुराई तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि महाशिवरात्रि की रात पड़वार निवासी धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव, धर्मेंद्र उर्फ घम्मू गोटिया, सुखदेव उर्फ सुख्खे यादव, सचिन गोटिया और कुराई ने मिलकर रात लगभग 8 बजे जंगल में करंट लगाया था ताकि जंगली सूअर एवं अन्य वन्य जीवों का शिकार किया जा सके। देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच जब वे करंट हटाने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां एक व्यक्ति करंट की चपेट में आकर मृत पड़ा है। मृतक की पहचान दुर्गा वर्मन के रूप में होने के बाद आरोपियों ने घटना छिपाने की साजिश रची। उन्होंने शव को मोटरसाइकिल के बीच में बैठाकर जंगल से बाहर निकाला और पड़वार, प्रेमनगर, जोरली, गैसरी तथा बचैया होते हुए बचैया मोड़ स्थित सिद्ध बाबा रोड के पास बांस की झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले में धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव (23 वर्ष) पिता महेश यादव, निवासी भटवा पड़वार, थाना मझौली, जिला जबलपुर, धर्मेंद्र उर्फ घम्मू गोटिया (30 वर्ष) पिता कोमल गोटिया, निवासी खितौला, थाना मझौली, जिला जबलपुर तथा सुखदेव उर्फ सुख्खे यादव (31 वर्ष) पिता परसलाल यादव, निवासी पड़वार, थाना मझौली, जिला जबलपुर को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। इस महत्वपूर्ण अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी बहोरीबंद निरीक्षक विनय कुमार विश्वकर्मा, निरीक्षक शैलेंद्र यादव, उप निरीक्षक कटनी पुलिस लाइन अरुण दुबे, सहायक उप निरीक्षक मंजू ठाकुर, प्रधान आरक्षक अशोक सेम, रमेश सिंह, योगेंद्र राजपूत, सुनील ठाकुर, बृजेश सिंह, आर. मोहित साहू, अतुल जैन, संदीप यादव, महिला आरक्षक वंदना रजक, सैनिक हरिहर दुबे, सैनिक राजकुमार सेन तथा साइबर सेल कटनी के आरक्षक सतेंद्र की विशेष भूमिका रही। रिपोर्ट : राकेश निषाद AIMA MEDIA 24×7 | जन जन की आवाज़ श्रमजीवी पत्रकार संघ, जिला इकाई कटनी (मध्यप्रदेश)4