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जालौन के कोंच ब्लॉक क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए मंजूरी दे दी गई है। इन निर्माण कार्यों के लिए कुल 90 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे।
Vivek Dwivedi public news
जालौन के कोंच ब्लॉक क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए मंजूरी दे दी गई है। इन निर्माण कार्यों के लिए कुल 90 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे।
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- जालौन के कोंच ब्लॉक क्षेत्र की 62 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए मंजूरी दे दी गई है। इन निर्माण कार्यों के लिए कुल 90 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे।1
- जनपद जालौन में पैसों के लेन-देन से जुड़े एक विवाद में दोस्त द्वारा अपने ही दोस्त के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक रोहित को मात्र 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है, साथ ही घटना में शामिल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, आटा थाना क्षेत्र निवासी रोहित का अपहरण 2 जून को हुआ था। घटना के बाद रोहित की पत्नी ने आटा थाने में पति के अपहरण की सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर आटा थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से रोहित को सकुशल ढूंढ निकाला। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि रोहित का अपहरण उसके दोस्तों ने ही पैसों के लेन-देन को लेकर रची गई साजिश के तहत किया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के विवाद के कारण अपहरण की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। अपर पुलिस अधीक्षक ईशांत सोनी ने प्रेसवार्ता में बताया कि अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया था, जिसके बाद लगातार कार्रवाई और तकनीकी जांच के आधार पर अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर सभी संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ अब विधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, जालौन जिले के डकोर विकास खण्ड स्थित गौशाला में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने गोवंश की सेवा की और उन्हें गुड़ व चना खिलाकर गौ संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने गौशाला परिसर में वृक्षारोपण भी किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प दोहराया गया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने भारतीय संस्कृति में गौ माता के विशेष स्थान पर जोर देते हुए कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाज के निर्माण का भी प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, और इन योजनाओं का लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना सबकी साझा जिम्मेदारी है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने गौशालाओं को सिर्फ आश्रय स्थल नहीं, बल्कि पशुधन संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गोवंश की समुचित देखभाल, स्वच्छता, चारा-पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों का सामूहिक दायित्व है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गौशाला की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और गोवंश के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशालाओं में चारे, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था और पशु चिकित्सा सुविधाओं की नियमित उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। पाण्डेय ने यह भी रेखांकित किया कि गोवंश की सेवा और संरक्षण समाज की एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को भारतीय संस्कृति की एक प्रमुख पहचान बताया और स्वयं गोवंश को गुड़-चना खिलाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दोहराया। इस कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने गौसेवा को मानव सेवा के समान बताते हुए गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान गौशाला परिसर में स्वच्छता, हरियाली और बेहतर व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया। यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि गौसेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है, और गौ संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है।3
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन में एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के बीच पौधारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु और डॉ. प्रियम यादव सहित अन्य चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। इस अवसर पर फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल और जितेंद्र राठौर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी संभाली। उपस्थित सभी लोगों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।3
- उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस कदम से प्रदेश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेश को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की नीतियों और बेहतर औद्योगिक वातावरण के कारण देश-विदेश की कई कंपनियाँ उत्तर प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं। डिफेंस सेक्टर में बढ़ते इस निवेश से प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, साथ ही युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से राज्य को रक्षा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भागीदारी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।1
- जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और हरित व स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालातों के बीच पौधारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु एवं डॉ. प्रियम यादव सहित कई चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, लोकेंद्र पाल एवं जितेंद्र राठौर जैसे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सिक्योरिटी कर्मी अवधेश और दीपक ने संभाली। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे तथा समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।4
- जालौन जिले के ग्राम सुढार सालाबाद में उस समय हड़कंप मच गया जब एक रसेल वाइपर सांप ट्यूबवेल की हौदी में पानी के भीतर पाया गया। इस अत्यधिक विषैले सांप को, जो सबसे जहरीले साँपों में गिना जाता है, स्थानीय युवाओं ने सुरक्षित रूप से पकड़कर छोड़ दिया।1