logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

.रूपगंज बाईपास पर भीषण सड़क हादसा: एक चालक जिंदा जलकर मौत, दूसरा घायल रूपगंज (बाइपास क्षेत्र), 13 मार्च 2026: रूपगंज बाईपास पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो भारी वाहनों की टक्कर के बाद आग लग गई। हादसे में दोनों चालकों में से एक की जिंदा जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूत्रों के अनुसार, दो भारी वाहन (ट्रक/ट्रेलर या समान) आपस में टकराए, जिससे दोनों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक चालक वाहन से बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जल गया। दूसरे चालक को किसी तरह बाहर निकाला गया, लेकिन वह बुरी तरह झुलस गया है। हादसे की सूचना मिलते ही थानाधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जले हुए शव को वाहन से बाहर निकलवाकर सरूपगंज अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। थानाधिकारी ने यातायात को सुचारू करने के प्रयास किए, लेकिन दोनों वाहनों में अत्यधिक वजन होने और आग के कारण रास्ता साफ करने में काफी समय लगा। जाम की स्थिति बनी रही।

1 day ago
user_Karan singh rathore
Karan singh rathore
सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
1 day ago

.रूपगंज बाईपास पर भीषण सड़क हादसा: एक चालक जिंदा जलकर मौत, दूसरा घायल रूपगंज (बाइपास क्षेत्र), 13 मार्च 2026: रूपगंज बाईपास पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो भारी वाहनों की टक्कर के बाद आग लग गई। हादसे में दोनों चालकों में से एक की जिंदा जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूत्रों के अनुसार, दो भारी वाहन (ट्रक/ट्रेलर या समान) आपस में टकराए, जिससे दोनों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक चालक वाहन से बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जल गया। दूसरे चालक को किसी तरह बाहर निकाला गया, लेकिन वह बुरी तरह झुलस गया है। हादसे की सूचना मिलते ही थानाधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जले हुए शव को वाहन से बाहर निकलवाकर सरूपगंज अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। थानाधिकारी ने यातायात को सुचारू करने के प्रयास किए, लेकिन दोनों वाहनों में अत्यधिक वजन होने और आग के कारण रास्ता साफ करने में काफी समय लगा। जाम की स्थिति बनी रही।

More news from Udaipur and nearby areas
  • उदयपुर जिले के बड़गांव तहसील क्षेत्र के भुताला पंचायत के चारभुजा मंदिर में, आयोजित पारम्परिक एतिहासिक ग़ैर नृत्य का आयोजन रंग तेरस तक चलेगा इस मेले में आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग लेंगे भुताला गांव की गैर नृत्य क्षेत्र में प्रसिद्ध है गैर खेलने के लिए 1,फिट का लकड़ी के डंडे से से ही खेलते हैं और पास गाई खेली जाती है और खेलते समय अगर किसी भी खिलाड़ी का साफ़ा या पगड़ी गिर जाती है तो उसे उसके वज़न बराबर गेहूं या मक्का कबूतरों को दाना डालने की परम्परा है जितने भी खिलाड़ी अपनी वैशभुषा सिर पर पगड़ी जबां धौती पहने हुए ही गैर नृत्य में ऐलाउ है यह गैर नृत्य रंग तैरस तक चलेगा रात्रि को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विशाल भजन संध्या जगदीश वैष्णव द्वारा आयोजित की जायेगी इस अवसर पर भुताला ,छिपाला, लोसिंग, कड़ियां, मोडी ईसवाल कालोडा कटार आसपास गांवों से ग्रामीणजन आनन्द लेंगे कार्यक्रम की समाप्ती, पर प्रसाद वितरण किया जायेगा
    1
    उदयपुर जिले के बड़गांव तहसील क्षेत्र के भुताला पंचायत के चारभुजा मंदिर में, आयोजित पारम्परिक एतिहासिक ग़ैर नृत्य का आयोजन रंग तेरस तक चलेगा इस मेले में आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग लेंगे भुताला गांव की गैर नृत्य क्षेत्र में प्रसिद्ध है गैर खेलने के लिए 1,फिट का लकड़ी के डंडे से से ही खेलते हैं और पास गाई खेली जाती है और खेलते समय अगर किसी भी खिलाड़ी का साफ़ा या पगड़ी गिर जाती है तो उसे उसके वज़न बराबर गेहूं या मक्का कबूतरों को दाना डालने की परम्परा है जितने भी खिलाड़ी अपनी वैशभुषा सिर पर पगड़ी जबां धौती पहने हुए ही गैर नृत्य में ऐलाउ है यह गैर नृत्य रंग तैरस तक चलेगा रात्रि को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विशाल भजन संध्या जगदीश वैष्णव द्वारा आयोजित की जायेगी इस अवसर पर भुताला ,छिपाला, लोसिंग, कड़ियां, मोडी ईसवाल कालोडा कटार आसपास गांवों से ग्रामीणजन आनन्द लेंगे कार्यक्रम की समाप्ती, पर प्रसाद वितरण किया जायेगा
    user_Jk Joshi
    Jk Joshi
    Salesperson Kotra, Udaipur•
    7 hrs ago
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
    1
    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • Post by RajuBhatnagar RAJ Studio Khard
    8
    Post by RajuBhatnagar RAJ Studio Khard
    user_RajuBhatnagar RAJ Studio Khard
    RajuBhatnagar RAJ Studio Khard
    Photographer रानी, पाली, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। गणगौर पर्व का विशेष महत्व माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है। दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं। समाज में उत्साह का माहौल माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू, भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
    2
    भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक
सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा
भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला।
शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
गणगौर पर्व का विशेष महत्व
माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि  राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है।
दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा
संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं।
समाज में उत्साह का माहौल
माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू,  भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
    user_V Rathi
    V Rathi
    Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • सैलाना में तलवारबाजी: दो युवकों की मौत, बीच-बचाव करने वाला दुकानदार गंभीर घायल
    1
    सैलाना में तलवारबाजी: दो युवकों की मौत, बीच-बचाव करने वाला दुकानदार गंभीर घायल
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    4
    Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सैलाना स्कूल में कक्षा 9 की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल वितरण, शिक्षा को बढ़ावा
    1
    सैलाना स्कूल में कक्षा 9 की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल वितरण, शिक्षा को बढ़ावा
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    4
    Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • ​उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिन्दु स्थित राजीव गांधी सेवा केन्द्र में चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मावली उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी ने ग्रामीणों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का सुना और मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार ​चौपाल में प्रशासनिक अमले के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
    1
    ​उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिन्दु स्थित राजीव गांधी सेवा केन्द्र में चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मावली उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी ने ग्रामीणों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का सुना और मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार ​चौपाल में प्रशासनिक अमले के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    34 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.