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गणत्त्ंत्र 26 जनवरी के दिन समानित होते रिपोटर राजेश पहाडिया।

18 hrs ago
user_Reporter Rajesh pahadiya
Reporter Rajesh pahadiya
Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
18 hrs ago

गणत्त्ंत्र 26 जनवरी के दिन समानित होते रिपोटर राजेश पहाडिया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
    1
    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    55 min ago
  • भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। गणगौर पर्व का विशेष महत्व माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है। दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं। समाज में उत्साह का माहौल माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू, भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
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    भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक
सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा
भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला।
शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
गणगौर पर्व का विशेष महत्व
माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि  राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है।
दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा
संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं।
समाज में उत्साह का माहौल
माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू,  भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
    user_V Rathi
    V Rathi
    Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • सिवाड़ा नर्मदा नहर कांड: युवक-महिला-बच्ची एक साथ मिले, मौके से चौंकाने वाली ग्राउंड रिपोर्ट #सांचौर
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    सिवाड़ा नर्मदा नहर कांड: युवक-महिला-बच्ची एक साथ मिले, मौके से चौंकाने वाली ग्राउंड रिपोर्ट #सांचौर
    user_Mahadev news 24
    Mahadev news 24
    सांचोर, जालोर, राजस्थान•
    32 min ago
  • गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर छोटू सिंह रावणा पहुंचे से धरना स्थल महापड़ाव पर
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    गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर छोटू सिंह रावणा पहुंचे से धरना स्थल महापड़ाव पर
    user_Apna jalor
    Apna jalor
    Video Creator Sayla, Jalore•
    6 hrs ago
  • थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276
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    थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276
    user_Ramesh Kumar
    Ramesh Kumar
    Farmer सायला, जालोर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • आबूरोड। इस्लाम मजहब के सबसे पवित्र माह रमजान मे अलविदा(आखरी) जुम्मे की मोमिनो ने की अदा नमाज, अल्लाह कि बारगाह मे अपने गुनाहों कि दुआएं मगफिरत मांगी। रमजान माह के शुरू होने के साथ ही आखरी पखवाडे मे प्रवेश के साथ ही अलविदा जुम्मे के मुबारक मोके पर शहर की जामा मस्जिद, छोटी मस्जिद, मदिना मस्जिद, मुल्तानिया मस्जिद, लुनियापुरा, आकरा भट्टा मस्जिद मे मोमिनो ने नमाज अदा की, शहर के अलावा आसपास के मावल, अम्बाजी, गिरवर, चण्डेला, मुंगथला, वासडा, सांतपुर, सुरपगला, चनार, तलहेटी सहित गांवो के लोगो ने सवेरे से ही मस्जदों में आना शुरू कर दिया था, दोपहर मे सभी मस्जिदो में जुम्मे की नमाज के लिए इक्_ा हुए, जामा मस्जिद के मौलाना मेराज अहमद अशरफी, छोटी मस्जिद के इमामुल हसन, मदिना मस्जिद के हाजी हन्ना नूरी, मुल्तानिया मस्जिद के रिजवान कादरी, आकरा भट्टा मस्जिद के मौलाना खादीमुल इस्लाम, लुनियापुरा मस्जिद के मौलाना मोहम्मद अनवर कादरी ने रमजान महा का आखरी खुत्बा पडा और नमाज अदा करवाई। इस मौके पर उन्होने सभी को रमाजान माह की नेकी के बारे में बताया, उन्होनें कहा की रमाजान का आखरी पखवाडी शुरू हो गया है, अल्लाह तबारको ताअला ने अपनी हदीस मुबारक में फरमाया है कि रमजान के आखरी पखवाडे मे ज्यादा से ज्यादा गरीब मिस्कीनो की मद्द करें, अपने गुनाहो की माफी मांगे व इस पाक महिने में अल्लाह की इबादत करके अपने गुनाहो से तोबा करने को कहा, नमाज के बाद अलविदा सलातो सलाम पडी गई व अल्लाह की बारगाह मे अपने व देश की खुशहाली के लिए दुआए मांगी। ईद कि नमाज से पहले अदा करें जकात फितरा इस्लाम में खुदा ने सभी को बराबर का हक अता किया है इसी के तहत हर वो मुस्लमान जिसमे इस्लाम में कदम रखा है उस पर फितरा (जान का सदका) देना जरूरी है अगर वह ईद की नमाज से पहले पहले फितरा अदा नही करेगा तो उसकी ईद की नमाज नही होगी सभी मौलानाओ ने मोमिनो को तकरीर पेश करते हुए कही, उन्होने बताया कि इस्लाम ने जकात फितरा, खैरात उन लोगो को देने का हुक्म दिया है जिनको इसकी जरूरत है, अगर हम ईद कि नमाज से पहले उन जरूरत मंद लोगो को दे देगें तो वह भी ईद अच्छी तरह से मना सके वह भी अपने बच्चो को नए कपडे दिला सके, यह इस्लाम ने इसीलिए करा है ताकि जब मुस्लमान ईद की नमाज अदा करने ईदगाह जाए तो अल्लाह के किसी भी बंदे मे फर्क न लगे सब एक जगह बराबरी से लगे, उन्होने कहा कि जकात का पैसा हम साल मे कभी भी निकाल सकते है, खैरात हमे अल्लाह ने जितना दिया है हम निकाल सकते है, अलविदा जुम्मे कि नमाज के बाद मोमिनो ने गरीब मिस्किनो को फितरा, जकात, खैरात अदा कि। रहा मेले सा माहोल अलविदा जुम्मे के मुबारक मौके पर दूर दराज गाँवो से नमाज अदा करने आये मोमिनो के साथ छोटे बच्चो ने मस्जिद के बहार लगे बजार मे जमकर खरीदारी की, छेाटे बच्चो ने जहां अपने मन पसंद के कपडे व खिलोने खरीदे वही रोजदारो ने रोजा इफ्तार के लिये फल सहित अन्य खाद्य सामग्री खरीदी, नमाज के बाद मस्जिद के बहार मानो जेसे मेला लगा हो।
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    आबूरोड। इस्लाम मजहब के सबसे पवित्र माह रमजान मे अलविदा(आखरी) जुम्मे की मोमिनो ने की अदा नमाज, अल्लाह कि बारगाह मे अपने गुनाहों कि दुआएं मगफिरत मांगी।
रमजान माह के शुरू होने के साथ ही आखरी पखवाडे मे प्रवेश के साथ ही अलविदा जुम्मे के मुबारक मोके पर शहर की जामा मस्जिद, छोटी मस्जिद, मदिना मस्जिद, मुल्तानिया मस्जिद, लुनियापुरा, आकरा भट्टा मस्जिद मे मोमिनो ने नमाज अदा की, शहर के अलावा आसपास के  मावल, अम्बाजी, गिरवर, चण्डेला, मुंगथला, वासडा, सांतपुर, सुरपगला, चनार, तलहेटी सहित गांवो के लोगो ने सवेरे से ही मस्जदों में आना शुरू कर दिया था, दोपहर मे सभी मस्जिदो में जुम्मे की नमाज के लिए इक्_ा हुए, जामा मस्जिद के मौलाना मेराज अहमद अशरफी, छोटी मस्जिद के इमामुल हसन, मदिना मस्जिद के हाजी हन्ना नूरी, मुल्तानिया मस्जिद के रिजवान कादरी, आकरा भट्टा मस्जिद के मौलाना खादीमुल इस्लाम, लुनियापुरा मस्जिद के मौलाना मोहम्मद अनवर कादरी ने रमजान महा का आखरी खुत्बा पडा और नमाज अदा करवाई। इस मौके पर उन्होने सभी को रमाजान माह की नेकी के बारे में बताया, उन्होनें कहा की रमाजान का आखरी पखवाडी शुरू हो गया है, अल्लाह तबारको ताअला ने अपनी हदीस मुबारक में फरमाया है कि रमजान के आखरी पखवाडे मे ज्यादा से ज्यादा गरीब मिस्कीनो की मद्द करें, अपने गुनाहो की माफी मांगे व इस पाक महिने में अल्लाह की इबादत करके अपने गुनाहो से तोबा करने को कहा, नमाज के बाद अलविदा सलातो सलाम पडी गई व अल्लाह की बारगाह मे अपने व देश की खुशहाली के लिए दुआए मांगी।
ईद कि नमाज से पहले अदा करें जकात फितरा इस्लाम में खुदा ने सभी को बराबर का हक अता किया है इसी के तहत हर वो मुस्लमान जिसमे इस्लाम में कदम रखा है उस पर फितरा (जान का सदका) देना जरूरी है अगर वह ईद की नमाज से पहले पहले फितरा अदा नही करेगा तो उसकी ईद की नमाज नही होगी सभी मौलानाओ ने मोमिनो को तकरीर पेश करते हुए कही, उन्होने बताया कि इस्लाम ने जकात फितरा, खैरात उन लोगो को देने का हुक्म दिया है जिनको इसकी जरूरत है, अगर हम ईद कि नमाज से पहले उन जरूरत मंद लोगो को दे देगें तो वह भी ईद अच्छी तरह से मना सके वह भी अपने बच्चो को नए कपडे दिला सके, यह इस्लाम ने इसीलिए करा है ताकि जब मुस्लमान ईद की नमाज अदा करने ईदगाह जाए तो अल्लाह के किसी भी बंदे मे फर्क न लगे सब एक जगह बराबरी से लगे, उन्होने कहा कि जकात का पैसा हम साल मे कभी भी निकाल सकते है, खैरात हमे अल्लाह ने जितना दिया है हम निकाल सकते है, अलविदा जुम्मे कि नमाज के बाद मोमिनो ने गरीब मिस्किनो को फितरा, जकात, खैरात अदा कि।
रहा मेले सा माहोल
अलविदा जुम्मे के मुबारक मौके पर दूर दराज गाँवो से नमाज अदा करने आये मोमिनो के साथ छोटे बच्चो ने मस्जिद के बहार लगे बजार मे जमकर खरीदारी की, छेाटे बच्चो ने जहां अपने मन पसंद के कपडे व खिलोने खरीदे वही रोजदारो ने रोजा इफ्तार के लिये फल सहित अन्य खाद्य सामग्री खरीदी, नमाज के बाद  मस्जिद के बहार मानो जेसे मेला लगा हो।
    user_Lokesh Soni
    Lokesh Soni
    आबू रोड, सिरोही, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* आबूरोड (सिरोही)। जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप और नीमहकीमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबूरोड तहसील के कुई ग्राम के मुख्य मार्ग पर संचालित एक क्लिनिक पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर झोलाछाप नीमहकीम को बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा। मामले में आबूरोड सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। जानकारी के अनुसार आबूरोड ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौतम मोरारका के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए झोलाछाप नीमहकीम धोलाराम को बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री के क्लिनिक संचालित करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान वह मरीजों का इलाज करते पाया गया, लेकिन उसके पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री या पंजीयन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने क्लिनिक की तलाशी ली, जहां से दवाइयां, इंजेक्शन तथा विभिन्न प्रकार के चिकित्सकीय उपकरण बरामद किए गए। मौके पर ही इन दवाइयों और उपकरणों को जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया गया। साथ ही क्लिनिक पर नोटिस चस्पा कर उसे सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई में बीसीएमओ डॉ. गौतम मोरारका, पीएचसी देलदर प्रभारी डॉ. सलीम खान, तहसीलदार पन्नालाल, औषधि नियंत्रण अधिकारी नरेंद्र राठौड़ तथा आबूरोड सदर थाना अधिकारी के प्रतिनिधि भवानी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि जिले में बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि झोलाछाप और नीमहकीम मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आबूरोड क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में बिना लाइसेंस क्लिनिक संचालित करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है और क्लिनिक को सीज कर दिया गया है। आगे भी जिले में ऐसे अवैध क्लिनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
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    *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी*
आबूरोड (सिरोही)। जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप और नीमहकीमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबूरोड तहसील के कुई ग्राम के मुख्य मार्ग पर संचालित एक क्लिनिक पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर झोलाछाप नीमहकीम को बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा। मामले में आबूरोड सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। जानकारी के अनुसार  आबूरोड ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौतम मोरारका के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए झोलाछाप नीमहकीम धोलाराम को बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री के क्लिनिक संचालित करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान वह मरीजों का इलाज करते पाया गया, लेकिन उसके पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री या पंजीयन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
कार्रवाई के दौरान टीम ने क्लिनिक की तलाशी ली, जहां से दवाइयां, इंजेक्शन तथा विभिन्न प्रकार के चिकित्सकीय उपकरण बरामद किए गए। मौके पर ही इन दवाइयों और उपकरणों को जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया गया। साथ ही क्लिनिक पर नोटिस चस्पा कर उसे सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई में बीसीएमओ डॉ. गौतम मोरारका, पीएचसी देलदर प्रभारी डॉ. सलीम खान, तहसीलदार पन्नालाल, औषधि नियंत्रण अधिकारी नरेंद्र राठौड़ तथा आबूरोड सदर थाना अधिकारी के प्रतिनिधि भवानी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि जिले में बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि झोलाछाप और नीमहकीम मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आबूरोड क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में बिना लाइसेंस क्लिनिक संचालित करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है और क्लिनिक को सीज कर दिया गया है। आगे भी जिले में ऐसे अवैध क्लिनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
    user_Narendra Singh Bhati
    Narendra Singh Bhati
    पत्रकार Sirohi, Rajasthan•
    21 hrs ago
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
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    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    18 hrs ago
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