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थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276

6 hrs ago
user_Ramesh Kumar
Ramesh Kumar
Farmer सायला, जालोर, राजस्थान•
6 hrs ago

थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276

  • user_Ramesh Kumar
    Ramesh Kumar
    सायला, जालोर, राजस्थान
    👏
    6 hrs ago
More news from Jalore and nearby areas
  • गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर छोटू सिंह रावणा पहुंचे से धरना स्थल महापड़ाव पर
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    गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर छोटू सिंह रावणा पहुंचे से धरना स्थल महापड़ाव पर
    user_Apna jalor
    Apna jalor
    Video Creator Sayla, Jalore•
    5 hrs ago
  • थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276
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    थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276
    user_Ramesh Kumar
    Ramesh Kumar
    Farmer सायला, जालोर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by कमलेश शर्मा
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    Post by कमलेश शर्मा
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    36 min ago
  • भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। गणगौर पर्व का विशेष महत्व माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है। दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं। समाज में उत्साह का माहौल माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू, भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
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    भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक
सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा
भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला।
शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
गणगौर पर्व का विशेष महत्व
माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि  राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है।
दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा
संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं।
समाज में उत्साह का माहौल
माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू,  भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
    user_V Rathi
    V Rathi
    Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
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    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    11 min ago
  • *अपनों का स्नेह एवं अनोखा सम्मान..* गत दिवस पाटोदी पंचायत समिति के निर्वाचन क्षेत्र चिलानाडी में भूराराम जी लीमा के सुपुत्र के वैवाहिक समारोह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मांगलिक अवसर पर लीमा परिवार एवं क्षेत्र के सम्मानित परिवारजनों द्वारा राज्य पशु ऊँट के माध्यम से जिस अनोखे एवं पारंपरिक अंदाज में आत्मीय स्वागत व सम्मान प्रदान किया गया, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। क्षेत्रवासियों का यह स्नेह, अपनापन और बेटे के समान दिया गया सम्मान मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। आप सभी का प्रेम और विश्वास ही मुझे निरंतर समाज सेवा के पथ पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि नवविवाहित दंपति का जीवन सुख, समृद्धि और मंगलमय भविष्य से परिपूर्ण रहे। #Chilanadi #प्रधान_ममता_जोगेंद्र_प्रजापत *#jogendraforpatodi* #अपनो_के_बिच
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    *अपनों का स्नेह एवं अनोखा सम्मान..*
गत दिवस पाटोदी पंचायत समिति के निर्वाचन क्षेत्र चिलानाडी में भूराराम जी लीमा के सुपुत्र के वैवाहिक समारोह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस मांगलिक अवसर पर लीमा परिवार एवं क्षेत्र के सम्मानित परिवारजनों द्वारा राज्य पशु ऊँट के माध्यम से जिस अनोखे एवं पारंपरिक अंदाज में आत्मीय स्वागत व सम्मान प्रदान किया गया, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
क्षेत्रवासियों का यह स्नेह, अपनापन और बेटे के समान दिया गया सम्मान मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। आप सभी का प्रेम और विश्वास ही मुझे निरंतर समाज सेवा के पथ पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि नवविवाहित दंपति का जीवन सुख, समृद्धि और मंगलमय भविष्य से परिपूर्ण रहे।
#Chilanadi #प्रधान_ममता_जोगेंद्र_प्रजापत *#jogendraforpatodi* #अपनो_के_बिच
    user_Balotra news Bhomesh Kumar
    Balotra news Bhomesh Kumar
    Taxi Driver पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    55 min ago
  • बालोतरा। बालोतरा स्वर्णकार समाज आगामी 15 मार्च को अध्यक्ष पद हेतु चुनाव आयोजित करने जा रहा है। इस चुनाव में अध्यक्ष पद हेतु नेमीचंद कोटडिया ने दावेदारी जताई है । तथा समाज के लोगों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की।
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    बालोतरा।
बालोतरा स्वर्णकार समाज आगामी 15 मार्च को अध्यक्ष पद हेतु चुनाव आयोजित करने जा रहा है।
इस चुनाव में अध्यक्ष पद हेतु नेमीचंद कोटडिया ने दावेदारी जताई है ।
तथा समाज के लोगों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की।
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में जालौर के विकास को लेकर राजस्थान पत्रिका के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों ने जालौर के विकास को लेकर विचार विमर्श किया इस दौरान पूर्व अधिकारी ललित दवे ने कहा कि जालौर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि की रुचि हमेशा नहीं के बराबर रही है इसलिए जालौर आज भी पिछड़ा हुआ है, जालौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दलपत सिंह आर्य ने कहा कि आज भी जालौर कई समस्याओं से गिरा हुआ नजर आ रहा है जिसमें सीवरेज समस्या राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्या बनी हुई है पेंशनर समाज के अध्यक्ष धनराज दवे ने कहा कि सहारवासियों को मिलकर जालौर के विकास के लिए आवाज उठानी होगी इस दौरान मधुर श्याम गुप्ता गोविंद सिंह मंडलावर प्रेम सिंह अबरार अली सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे
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    शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में जालौर के विकास को लेकर राजस्थान पत्रिका के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों ने जालौर के विकास को लेकर विचार विमर्श किया इस दौरान पूर्व अधिकारी ललित दवे ने कहा कि जालौर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि की रुचि हमेशा नहीं के बराबर रही है इसलिए जालौर आज भी पिछड़ा हुआ है, जालौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दलपत सिंह आर्य ने कहा कि आज भी जालौर कई समस्याओं से गिरा हुआ नजर आ रहा है जिसमें सीवरेज समस्या राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्या बनी हुई है पेंशनर समाज के अध्यक्ष धनराज दवे ने कहा कि सहारवासियों को मिलकर जालौर के विकास के लिए आवाज उठानी होगी इस दौरान मधुर श्याम गुप्ता गोविंद सिंह मंडलावर प्रेम सिंह अबरार अली सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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