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जालौर शनिवार को पेंशनर समाज भवन में विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन हुआ शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में जालौर के विकास को लेकर राजस्थान पत्रिका के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों ने जालौर के विकास को लेकर विचार विमर्श किया इस दौरान पूर्व अधिकारी ललित दवे ने कहा कि जालौर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि की रुचि हमेशा नहीं के बराबर रही है इसलिए जालौर आज भी पिछड़ा हुआ है, जालौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दलपत सिंह आर्य ने कहा कि आज भी जालौर कई समस्याओं से गिरा हुआ नजर आ रहा है जिसमें सीवरेज समस्या राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्या बनी हुई है पेंशनर समाज के अध्यक्ष धनराज दवे ने कहा कि सहारवासियों को मिलकर जालौर के विकास के लिए आवाज उठानी होगी इस दौरान मधुर श्याम गुप्ता गोविंद सिंह मंडलावर प्रेम सिंह अबरार अली सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे

5 hrs ago
user_कमलेश शर्मा
कमलेश शर्मा
Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
5 hrs ago

जालौर शनिवार को पेंशनर समाज भवन में विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन हुआ शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में जालौर के विकास को लेकर राजस्थान पत्रिका के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों ने जालौर के विकास को लेकर विचार विमर्श किया इस दौरान पूर्व अधिकारी ललित दवे ने कहा कि जालौर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि की रुचि हमेशा नहीं के बराबर रही है इसलिए जालौर आज भी पिछड़ा हुआ है, जालौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दलपत सिंह आर्य ने कहा कि आज भी जालौर कई समस्याओं से गिरा हुआ नजर आ रहा है जिसमें सीवरेज समस्या राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्या बनी हुई है पेंशनर समाज के अध्यक्ष धनराज दवे ने कहा कि सहारवासियों को मिलकर जालौर के विकास के लिए आवाज उठानी होगी इस दौरान मधुर श्याम गुप्ता गोविंद सिंह मंडलावर प्रेम सिंह अबरार अली सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे

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  • Post by कमलेश शर्मा
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    Post by कमलेश शर्मा
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    37 min ago
  • गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर छोटू सिंह रावणा पहुंचे से धरना स्थल महापड़ाव पर
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    गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर छोटू सिंह रावणा पहुंचे से धरना स्थल महापड़ाव पर
    user_Apna jalor
    Apna jalor
    Video Creator Sayla, Jalore•
    5 hrs ago
  • थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276
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    थ्रेशर बिकाऊ है 8302964276
    user_Ramesh Kumar
    Ramesh Kumar
    Farmer सायला, जालोर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • सुमेरपुर । कूरना स्थित क्रिकेट ग्राउंड में गुरुवार को ग्रामवासियों के सहयोग से चार दिवसीय प्रथम अंडर-23 ग्रामीण क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सुमेरपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा रहे। उनके साथ रघुनाथसिंह, कूरना ग्राम प्रशासक लाभूराम देवासी, जिला खेल प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश बारोलिया, ग्राम पंचायत उपसरपंच हरिप्रसाद मीणा, अर्जुन गिरवर, रतन पुरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि मेवाड़ा ने खिलाड़ियों से परिचय िलया। आयोजकों ने अतिथियों काे मोमेंटो भेंट किया। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि प्रतियोगिता में आसपास के गांवों की 32 टीमें भाग ले रही हैं। फाइनल 15 मार्च को हाेगा। विजेता टीम को 11 हजार रुपए व ट्रॉफी तथा उपविजेता को 5100 रुपए व ट्रॉफी दी जाएगी। आयोजन भानुप्रताप देवासी, नेमाराम मेघवाल, मुकेश देवासी, जीतू और हेमराज सहित ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। खेल कॅरियर और पहचान बनाने का माध्यम बन चुका है मेवाड़ा मेवाड़ा ने कहा कि खेल हमेशा खेल भावना से खेलना चाहिए । हार-जीत खेल का हिस्सा है, असली विजेता वही होता है जो मैदान पर पूरे जोश और ईमानदारी के साथ खेलता है। उन्होंने खिलाड़ियों को जीत में विनम्र रहने और हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी। उद्घाटन मैच कूरना ने जीता टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच कूरना और गिरवर टीम के बीच हुअा। कूरना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में 84 रन बनाए। जवाब में गिरवर टीम 49 रन ही बना सकी और कूरना ने 35 रन से जीत दर्ज की। डेंडा और डिंगाई के बीच खेले गए मैच में डिंगाई विजेता रही। देवतरा और गोगरा के बीच मुकाबले में देवतरा टीम ने जीत हासिल की। बाद में देवतरा और डिंगाई के बीच खेले गए मैच में देवतरा ने जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
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    सुमेरपुर । कूरना स्थित क्रिकेट ग्राउंड में गुरुवार को ग्रामवासियों के सहयोग से चार दिवसीय प्रथम अंडर-23 ग्रामीण क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सुमेरपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा रहे। उनके साथ रघुनाथसिंह, कूरना ग्राम प्रशासक लाभूराम देवासी, जिला खेल प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश बारोलिया, ग्राम पंचायत उपसरपंच हरिप्रसाद मीणा, अर्जुन गिरवर, रतन पुरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि मेवाड़ा ने खिलाड़ियों से परिचय िलया। आयोजकों ने अतिथियों काे मोमेंटो भेंट किया। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि प्रतियोगिता में आसपास के गांवों की 32 टीमें भाग ले रही हैं। फाइनल 15 मार्च को हाेगा। विजेता टीम को 11 हजार रुपए व ट्रॉफी तथा उपविजेता को 5100 रुपए व ट्रॉफी दी जाएगी। आयोजन भानुप्रताप देवासी, नेमाराम मेघवाल, मुकेश देवासी, जीतू और हेमराज सहित ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।
खेल कॅरियर और पहचान बनाने का माध्यम बन चुका है मेवाड़ा
मेवाड़ा ने कहा कि खेल हमेशा खेल भावना से खेलना चाहिए । हार-जीत खेल का हिस्सा है, असली विजेता वही होता है जो मैदान पर पूरे जोश और ईमानदारी के साथ खेलता है। उन्होंने खिलाड़ियों को जीत में विनम्र रहने और हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी।
उद्घाटन मैच कूरना ने जीता
टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच कूरना और गिरवर टीम के बीच हुअा। कूरना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में 84 रन बनाए। जवाब में गिरवर टीम 49 रन ही बना सकी और कूरना ने 35 रन से जीत दर्ज की। डेंडा और डिंगाई के बीच खेले गए मैच में डिंगाई विजेता रही। देवतरा और गोगरा के बीच मुकाबले में देवतरा टीम ने जीत हासिल की। बाद में देवतरा और डिंगाई के बीच खेले गए मैच में देवतरा ने जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
    user_Naresh kumar Malviya
    Naresh kumar Malviya
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* आबूरोड (सिरोही)। जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप और नीमहकीमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबूरोड तहसील के कुई ग्राम के मुख्य मार्ग पर संचालित एक क्लिनिक पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर झोलाछाप नीमहकीम को बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा। मामले में आबूरोड सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। जानकारी के अनुसार आबूरोड ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौतम मोरारका के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए झोलाछाप नीमहकीम धोलाराम को बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री के क्लिनिक संचालित करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान वह मरीजों का इलाज करते पाया गया, लेकिन उसके पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री या पंजीयन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने क्लिनिक की तलाशी ली, जहां से दवाइयां, इंजेक्शन तथा विभिन्न प्रकार के चिकित्सकीय उपकरण बरामद किए गए। मौके पर ही इन दवाइयों और उपकरणों को जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया गया। साथ ही क्लिनिक पर नोटिस चस्पा कर उसे सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई में बीसीएमओ डॉ. गौतम मोरारका, पीएचसी देलदर प्रभारी डॉ. सलीम खान, तहसीलदार पन्नालाल, औषधि नियंत्रण अधिकारी नरेंद्र राठौड़ तथा आबूरोड सदर थाना अधिकारी के प्रतिनिधि भवानी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि जिले में बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि झोलाछाप और नीमहकीम मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आबूरोड क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में बिना लाइसेंस क्लिनिक संचालित करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है और क्लिनिक को सीज कर दिया गया है। आगे भी जिले में ऐसे अवैध क्लिनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
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    *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी*
आबूरोड (सिरोही)। जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप और नीमहकीमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबूरोड तहसील के कुई ग्राम के मुख्य मार्ग पर संचालित एक क्लिनिक पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर झोलाछाप नीमहकीम को बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा। मामले में आबूरोड सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। जानकारी के अनुसार  आबूरोड ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौतम मोरारका के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए झोलाछाप नीमहकीम धोलाराम को बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री के क्लिनिक संचालित करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान वह मरीजों का इलाज करते पाया गया, लेकिन उसके पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री या पंजीयन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
कार्रवाई के दौरान टीम ने क्लिनिक की तलाशी ली, जहां से दवाइयां, इंजेक्शन तथा विभिन्न प्रकार के चिकित्सकीय उपकरण बरामद किए गए। मौके पर ही इन दवाइयों और उपकरणों को जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया गया। साथ ही क्लिनिक पर नोटिस चस्पा कर उसे सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई में बीसीएमओ डॉ. गौतम मोरारका, पीएचसी देलदर प्रभारी डॉ. सलीम खान, तहसीलदार पन्नालाल, औषधि नियंत्रण अधिकारी नरेंद्र राठौड़ तथा आबूरोड सदर थाना अधिकारी के प्रतिनिधि भवानी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि जिले में बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि झोलाछाप और नीमहकीम मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आबूरोड क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में बिना लाइसेंस क्लिनिक संचालित करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है और क्लिनिक को सीज कर दिया गया है। आगे भी जिले में ऐसे अवैध क्लिनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
    user_Narendra Singh Bhati
    Narendra Singh Bhati
    पत्रकार Sirohi, Rajasthan•
    20 hrs ago
  • भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। गणगौर पर्व का विशेष महत्व माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है। दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं। समाज में उत्साह का माहौल माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू, भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
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    भीनमाल: गणगौर पर्व ‘दस लियो’ पर दिखी परंपरा की झलक
सिर पर बेडले, होंठों पर गणगौर के गीत: माहेश्वरी समाज की महिलाओं-कन्याओं की भव्य शोभायात्रा
भीनमाल (विक्रम राठी) माहेश्वरी समाज भीनमाल की ओर से मनाए जा रहे पारंपरिक गणगौर पर्व के तहत दसवें दिन शहर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ बेडले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं और कन्याएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर सजे हुए बेडले लेकर निकलीं, जिससे पूरे मार्ग पर लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर दृश्य देखने को मिला।
शोभायात्रा शहर के न्याति नोहरे से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। इसके बाद यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गजानंद साईं बाबा मंदिर और गायत्री माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाएं और कन्याएं समूह में गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए आगे बढ़ रही थीं। गीतों की मधुर धुन और धार्मिक उल्लास ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं के सिर पर सजे आकर्षक बेडले और पारंपरिक वेशभूषा ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
गणगौर पर्व का विशेष महत्व
माहेश्वरी समाज तहसील अध्यक्ष महादेव राठी ने बताया कि  राजस्थान की लोकसंस्कृति में गणगौर पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व होली के अगले दिन से शुरू होकर लगभग 16 से 18 दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अच्छे पति, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
गणगौर के दिनों में महिलाएं प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा करती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और मिट्टी की ईसर-गौरा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस पर्व के माध्यम से समाज में पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया जाता है।
दसवें दिन “दस लियो” की परंपरा
संतोषी देवी चांडक ने बताया कि गणगौर पर्व के दसवें दिन को स्थानीय परंपरा में “दस लियो” कहा जाता है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं विशेष व्रत रखकर माता गौरी की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
कई स्थानों पर इस दिन पूजा के दौरान दस प्रकार की पूजा सामग्री अर्पित करने या दस बार अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इसी कारण इसे “दस लियो” कहा जाता है। इसके साथ ही महिलाएं समूह में बैठकर गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गणगौर पर्व के मध्य का संकेत भी माना जाता है। इसके बाद पर्व के मुख्य दिनों और अंतिम उत्सवों की तैयारियां तेज हो जाती हैं।
समाज में उत्साह का माहौल
माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा में समाज की कन्याएं व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिरों में पहुंचकर महिलाओं ने माता गौरी और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सभी के सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान पार्वती देवी भूतड़ा, हेमलता राठी, गायत्री देवी, धनवंती शारदा, कांता देवी, गीता देवी भूतड़ा, निर्मला, रमिला चांडक, विमला राठी, रीटा, आशा, दक्षा, कल्पना, रिंकू,  भावना राठी, मानसी, अनिता, डिंपल मुहन्ता, रामेश्वरी, पिंकी, हर्षा, मीना, खुशबू, रतनी, दुर्गा, ललिता, लक्ष्मी, लीला सोनी, टीना, सुमन शारदा, दिव्या, मोनिका, तानु, ऊषा, ममता चांडक, जिग्गी, सहित समाज की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।
    user_V Rathi
    V Rathi
    Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • बाली उपखंड के बोया गांव में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में वार्षिक गैर नृत्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ आसपास चित्र सहित स्थानीय ग्रामीणों ने भारी संख्या में लिया भाग
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    बाली उपखंड के बोया गांव में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में वार्षिक गैर नृत्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ आसपास चित्र सहित स्थानीय ग्रामीणों ने भारी संख्या में लिया भाग
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में जालौर के विकास को लेकर राजस्थान पत्रिका के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों ने जालौर के विकास को लेकर विचार विमर्श किया इस दौरान पूर्व अधिकारी ललित दवे ने कहा कि जालौर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि की रुचि हमेशा नहीं के बराबर रही है इसलिए जालौर आज भी पिछड़ा हुआ है, जालौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दलपत सिंह आर्य ने कहा कि आज भी जालौर कई समस्याओं से गिरा हुआ नजर आ रहा है जिसमें सीवरेज समस्या राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्या बनी हुई है पेंशनर समाज के अध्यक्ष धनराज दवे ने कहा कि सहारवासियों को मिलकर जालौर के विकास के लिए आवाज उठानी होगी इस दौरान मधुर श्याम गुप्ता गोविंद सिंह मंडलावर प्रेम सिंह अबरार अली सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे
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    शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में जालौर के विकास को लेकर राजस्थान पत्रिका के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, आयोजित कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों ने जालौर के विकास को लेकर विचार विमर्श किया इस दौरान पूर्व अधिकारी ललित दवे ने कहा कि जालौर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि की रुचि हमेशा नहीं के बराबर रही है इसलिए जालौर आज भी पिछड़ा हुआ है, जालौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दलपत सिंह आर्य ने कहा कि आज भी जालौर कई समस्याओं से गिरा हुआ नजर आ रहा है जिसमें सीवरेज समस्या राजकीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्या बनी हुई है पेंशनर समाज के अध्यक्ष धनराज दवे ने कहा कि सहारवासियों को मिलकर जालौर के विकास के लिए आवाज उठानी होगी इस दौरान मधुर श्याम गुप्ता गोविंद सिंह मंडलावर प्रेम सिंह अबरार अली सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे
    user_कमलेश शर्मा
    कमलेश शर्मा
    Voice of people जालोर, जालोर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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