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देश की 70% आबादी गांवों में रहती है, जिसके चलते गांवों का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसी कई ग्राम पंचायतें हैं जहाँ ग्रामीण विकास के कार्यों में बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं और सरकार इन घोटालों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। इस गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए, यह बताया गया है कि ग्रामीण विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान उन ग्राम पंचायतों की ओर आकर्षित करना है जहाँ भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है और जहाँ ग्रामीणों को विकास के नाम पर धोखा दिया जा रहा है, ताकि इस पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
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देश की 70% आबादी गांवों में रहती है, जिसके चलते गांवों का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसी कई ग्राम पंचायतें हैं जहाँ ग्रामीण विकास के कार्यों में बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं और सरकार इन घोटालों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। इस गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए, यह बताया गया है कि ग्रामीण विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान उन ग्राम पंचायतों की ओर आकर्षित करना है जहाँ भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है और जहाँ ग्रामीणों को विकास के नाम पर धोखा दिया जा रहा है, ताकि इस पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
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- देश की 70% आबादी गांवों में रहती है, जिसके चलते गांवों का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसी कई ग्राम पंचायतें हैं जहाँ ग्रामीण विकास के कार्यों में बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं और सरकार इन घोटालों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। इस गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए, यह बताया गया है कि ग्रामीण विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान उन ग्राम पंचायतों की ओर आकर्षित करना है जहाँ भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है और जहाँ ग्रामीणों को विकास के नाम पर धोखा दिया जा रहा है, ताकि इस पर तत्काल कार्रवाई हो सके।1
- देवास में गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मीठा तालाब पर हुआ, जिसमें प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मीठा तालाब पर गंगा आरती भी की गई। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को सभी का दायित्व बताया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनके भरने से भूमिगत जल बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और यहाँ 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है। मंत्री सिलावट ने सभी से अनुरोध किया कि यह अभियान एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस महाअभियान के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने 'केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना', संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना की जानकारी देते हुए इन परियोजनाओं से होने वाले लाभों, जैसे सिंचाई का रकबा बढ़ना और पीने के पानी की उपलब्धता, पर प्रकाश डाला। अंत में, उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा हेतु नदियों, तालाबों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर बल दिया।1
- क्या आपको भी सामान के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज़्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं? अब दुकानदारों की मनमानी और लूट बिल्कुल नहीं चलेगी। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ऐसे अनुचित व्यवहार के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं, जो उपभोक्ताओं के कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हैं। यह समय है कि हर उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागृत हो और MRP से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ आवाज़ उठाए।1
- इंदौर में लगातार गहराते जल संकट के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ने के बाद, प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर निगरानी और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को तेज कर दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।1
- एक तीखे कटाक्ष में यह आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक दल बदलने के लिए जो शर्तें आजकल लागू हो रही हैं, उन पर सबसे पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' के ही नियम, कानून और दृष्टिकोण लागू हो रहे हैं।1
- इंदौर में पानी चोरी के एक 'महा-घोटाले' का आरोप सामने आया है, जिसमें 'पानी चोर गैंग' के शामिल होने की बात कही जा रही है। दावा किया जा रहा है कि हर महीने लगभग ₹7.08 करोड़ मूल्य का पानी सीधे सिस्टम से चुराया जा रहा है।1
- मध्यप्रदेश में जैन समाज ने साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। समाज ने मुख्यमंत्री और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर "आफ्रिका माताजी" के साथ हुई दुखद घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जैन समाज का कहना है कि लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं से समाज में भय और आक्रोश का माहौल है, जिसके चलते संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब बेहद ज़रूरी हो गया है। कलेक्टर ऑफिस पर दिए गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि जैन साधु-संत पूरी तरह अहिंसक जीवन जीते हुए पैदल विहार करते हैं और समाज में शांति, संयम तथा सद्भाव का संदेश देते हैं, बावजूद इसके उनके साथ हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। समाज ने इस पूरे मामले की SIT या न्यायिक जांच कराने, घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई है कि यदि किसी साजिश या षड्यंत्र के तथ्य सामने आते हैं तो गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। जैन समाज ने ज्ञापन में "संत सुरक्षा प्रोटोकॉल" लागू करने की भी मांग की है, जिसके तहत विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसके अलावा, समाज ने केंद्र सरकार से "राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति" बनाने की भी मांग की है, ताकि पैदल विहार करने वाले संतों के लिए सुरक्षा SOP और विशेष दिशा-निर्देश तय किए जा सकें। संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने और प्रशासन व समाज के बीच बेहतर समन्वय के लिए "संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल" गठित करने की मांग भी की गई है। समाज ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।1
- सोना और चांदी की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में इन धातुओं की ग्रहाकी लगभग न के बराबर है।1