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बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेरूआरबारी में अधीक्षक पद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण कर उनके स्थान पर डॉ. सिद्धि रंजन को नियुक्त किए जाने के बावजूद, सोमवार को कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार, डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर लंबे समय से बेरूआरबारी पीएचसी में कार्यरत थे और उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर कई बार चर्चा हुई थी। हाल ही में, कुछ लोगों ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से शिकायत की थी कि डॉ. ज्ञानेश्वर का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी से आहरित होता है, जबकि उनकी तैनाती बेरूआरबारी पीएचसी में थी। इस शिकायत के बाद, जिलाधिकारी ने 21 मई को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी कर दिया और डॉ. सिद्धि रंजन को बेरूआरबारी पीएचसी का नया अधीक्षक नियुक्त किया। सोमवार को जब डॉ. सिद्धि रंजन कार्यभार ग्रहण करने के लिए पीएचसी पहुंचे, तो कार्यभार हस्तांतरण संभव नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक, उस समय डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और अधीक्षक कार्यालय बंद था, जिससे नए अधीक्षक को कार्यभार ग्रहण करने में कठिनाई हुई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी यदि समय पर कार्यभार हस्तांतरण नहीं होता है, तो इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने और उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

2 hrs ago
user_A9Bharat News
A9Bharat News
Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
2 hrs ago

बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेरूआरबारी में अधीक्षक पद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण कर उनके स्थान पर डॉ. सिद्धि रंजन को नियुक्त किए जाने के बावजूद, सोमवार को कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार, डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर लंबे समय से बेरूआरबारी पीएचसी में कार्यरत थे और उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर कई बार चर्चा हुई थी। हाल ही में, कुछ लोगों ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से शिकायत की थी कि डॉ. ज्ञानेश्वर का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी से आहरित होता है, जबकि उनकी तैनाती बेरूआरबारी पीएचसी में थी। इस शिकायत के बाद, जिलाधिकारी ने 21 मई को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी कर दिया और डॉ. सिद्धि रंजन को बेरूआरबारी पीएचसी का नया अधीक्षक नियुक्त किया। सोमवार को जब डॉ. सिद्धि रंजन कार्यभार ग्रहण करने के लिए पीएचसी पहुंचे, तो कार्यभार हस्तांतरण संभव नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक, उस समय डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और अधीक्षक कार्यालय बंद था, जिससे नए अधीक्षक को कार्यभार ग्रहण करने में कठिनाई हुई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी यदि समय पर कार्यभार हस्तांतरण नहीं होता है, तो इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने और उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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  • बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेरूआरबारी में अधीक्षक पद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण कर उनके स्थान पर डॉ. सिद्धि रंजन को नियुक्त किए जाने के बावजूद, सोमवार को कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार, डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर लंबे समय से बेरूआरबारी पीएचसी में कार्यरत थे और उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर कई बार चर्चा हुई थी। हाल ही में, कुछ लोगों ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से शिकायत की थी कि डॉ. ज्ञानेश्वर का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी से आहरित होता है, जबकि उनकी तैनाती बेरूआरबारी पीएचसी में थी। इस शिकायत के बाद, जिलाधिकारी ने 21 मई को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी कर दिया और डॉ. सिद्धि रंजन को बेरूआरबारी पीएचसी का नया अधीक्षक नियुक्त किया। सोमवार को जब डॉ. सिद्धि रंजन कार्यभार ग्रहण करने के लिए पीएचसी पहुंचे, तो कार्यभार हस्तांतरण संभव नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक, उस समय डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और अधीक्षक कार्यालय बंद था, जिससे नए अधीक्षक को कार्यभार ग्रहण करने में कठिनाई हुई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी यदि समय पर कार्यभार हस्तांतरण नहीं होता है, तो इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने और उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
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    बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेरूआरबारी में अधीक्षक पद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण कर उनके स्थान पर डॉ. सिद्धि रंजन को नियुक्त किए जाने के बावजूद, सोमवार को कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।

जानकारी के अनुसार, डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर लंबे समय से बेरूआरबारी पीएचसी में कार्यरत थे और उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर कई बार चर्चा हुई थी। हाल ही में, कुछ लोगों ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से शिकायत की थी कि डॉ. ज्ञानेश्वर का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी से आहरित होता है, जबकि उनकी तैनाती बेरूआरबारी पीएचसी में थी। इस शिकायत के बाद, जिलाधिकारी ने 21 मई को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी कर दिया और डॉ. सिद्धि रंजन को बेरूआरबारी पीएचसी का नया अधीक्षक नियुक्त किया।

सोमवार को जब डॉ. सिद्धि रंजन कार्यभार ग्रहण करने के लिए पीएचसी पहुंचे, तो कार्यभार हस्तांतरण संभव नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक, उस समय डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और अधीक्षक कार्यालय बंद था, जिससे नए अधीक्षक को कार्यभार ग्रहण करने में कठिनाई हुई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी यदि समय पर कार्यभार हस्तांतरण नहीं होता है, तो इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

विभागीय सूत्रों ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने और उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • बेतिया में भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनसुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस घटना को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है, जिसके बाद बेतिया में इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। इसी क्रम में, जनसुराज के सदस्यों ने शहीद स्मारक पर कैंडल जलाकर भारत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि एक लोकतंत्र में किसी भी संदिग्ध घटना की सच्चाई सामने आना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की हकीकत जनता के सामने लाने का आग्रह किया। जनसुराज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान कोई अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से, मृतक के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई और न्याय की आवाज को बुलंद किया गया, जिससे इस संवेदनशील मामले पर सियासी दबाव बढ़ गया है।
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    बेतिया में भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनसुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस घटना को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है, जिसके बाद बेतिया में इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है।

इसी क्रम में, जनसुराज के सदस्यों ने शहीद स्मारक पर कैंडल जलाकर भारत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि एक लोकतंत्र में किसी भी संदिग्ध घटना की सच्चाई सामने आना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की हकीकत जनता के सामने लाने का आग्रह किया। जनसुराज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान कोई अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से, मृतक के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई और न्याय की आवाज को बुलंद किया गया, जिससे इस संवेदनशील मामले पर सियासी दबाव बढ़ गया है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के लिए टीम इंडिया के साथ खेलते हुए नजर आएंगे। वे भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए दिखाई देंगे।
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    वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के लिए टीम इंडिया के साथ खेलते हुए नजर आएंगे। वे भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए दिखाई देंगे।
    user_Chandan Cricket Hub
    Chandan Cricket Hub
    Cricket club Bettiah, Pashchim Champaran•
    7 hrs ago
  • मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से नौतन थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीपीओ रजनीकांत प्रियदर्शी ने लोगों से एकजुटता और भाईचारे के साथ यह पर्व मनाने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से यह भी अपील की कि किसी भी अफवाह या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की बात कही है। बताया गया है कि मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संवेदनशील स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
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    मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से नौतन थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीपीओ रजनीकांत प्रियदर्शी ने लोगों से एकजुटता और भाईचारे के साथ यह पर्व मनाने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से यह भी अपील की कि किसी भी अफवाह या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की बात कही है। बताया गया है कि मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संवेदनशील स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Abhishek Kumar Shrivastava
    Abhishek Kumar Shrivastava
    Court reporter नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र के बेलवतिया गाँव में एक शादी उस समय टूट गई जब नेपाल से आई बारात में चढ़ावे में मिले गहने नकली निकले। ढोल-बाजे बजने और विवाह की तैयारियों के बीच नकली गहनों का पता चलने के बाद शादी संपन्न नहीं हो सकी।
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    पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र के बेलवतिया गाँव में एक शादी उस समय टूट गई जब नेपाल से आई बारात में चढ़ावे में मिले गहने नकली निकले। ढोल-बाजे बजने और विवाह की तैयारियों के बीच नकली गहनों का पता चलने के बाद शादी संपन्न नहीं हो सकी।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • पटना में पाइप से घरेलू गैस (PNG) कनेक्शन का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसे "कछुआ चाल" बताया गया है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए, पटना के हर घर तक गैस पाइपलाइन पहुँचने में लगभग 15 साल का समय लग जाएगा।
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    पटना में पाइप से घरेलू गैस (PNG) कनेक्शन का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसे "कछुआ चाल" बताया गया है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए, पटना के हर घर तक गैस पाइपलाइन पहुँचने में लगभग 15 साल का समय लग जाएगा।
    user_Niraj Raj
    Niraj Raj
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    18 min ago
  • गरिमा देवी शिकारिया ने मृदा आश्रम में अपना खुशी का पल वृद्ध लोगों के साथ साझा किया।
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    गरिमा देवी शिकारिया ने मृदा आश्रम में अपना खुशी का पल वृद्ध लोगों के साथ साझा किया।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • नौतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीज के उपचार में कथित देरी को लेकर उसके परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। यह घटना तब शुरू हुई जब मरीज की परिजन कलावती देवी और पीएचसी में कार्यरत ड्रेसर मदन प्रसाद कुशवाहा के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई। इस झड़प के कारण अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं। परिजनों का आरोप है कि उपचार में लापरवाही और अनावश्यक देरी के कारण मरीज की हालत बिगड़ी। इस दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी भय और असमंजस का माहौल बन गया। घटना को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, और यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में सोमवार को पीएचसी प्रभारी और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अमरेश सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है।
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    नौतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीज के उपचार में कथित देरी को लेकर उसके परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। यह घटना तब शुरू हुई जब मरीज की परिजन कलावती देवी और पीएचसी में कार्यरत ड्रेसर मदन प्रसाद कुशवाहा के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई।

इस झड़प के कारण अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं। परिजनों का आरोप है कि उपचार में लापरवाही और अनावश्यक देरी के कारण मरीज की हालत बिगड़ी। इस दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी भय और असमंजस का माहौल बन गया। घटना को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, और यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में सोमवार को पीएचसी प्रभारी और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अमरेश सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली।

स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    22 hrs ago
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