मैहर पंचायत चौकीदारों और 'आप' ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; न्यूनतम वेतन और नियमितीकरण की मांग खबर/मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले में ग्राम पंचायतों के जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के शोषण और अल्प मानदेय के विरुद्ध स्वर मुखर होने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में पंचायत चौकीदारों, भृत्य, सफाईकर्मियों और पंप चालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा *प्रमुख मांगें और वैधानिक आधार* ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान वर्ष 2013 में विभाग द्वारा जारी विभिन्न आदेशों (पत्र क्रमांक 643 और 13700) की ओर आकर्षित किया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: चतुर्थ श्रेणी का दर्जा: ई-पंचायत परियोजना और जल प्रदाय व्यवस्था में लगे इन कर्मचारियों को शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। समान और न्यायसंगत वेतन: वर्तमान में मिल रहे 1500 से 2500 रुपये के "अवैधानिक" मानदेय को समाप्त कर न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत सम्मानजनक वेतन लागू किया जाए। सेवा शर्तें और सामाजिक सुरक्षा: कार्य समय, अवकाश नियम, वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ-साथ PF, ESI, चिकित्सा सुविधा और पेंशन/बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित हो। नियमितीकरण: वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे कर्मचारियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ की जाए *श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप* 'आप' नेता पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भी ये कर्मचारी न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 और मानवाधिकार सिद्धांतों के विपरीत अत्यंत अल्प वेतन पर कार्य करने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे शासन की "दोषपूर्ण नीति" करार देते हुए कहा कि इतनी कम राशि में परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा असंभव है। "पंचायत व्यवस्था की बुनियाद यही कर्मचारी हैं। जल योजना से लेकर स्वच्छता तक का सारा भार इनके कंधों पर है, फिर भी इनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।" - पुष्पेंद्र सिंह *आगामी चेतावनी* ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन द्वारा इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र संवेदनशील निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी संगठन और आम आदमी पार्टी व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है
मैहर पंचायत चौकीदारों और 'आप' ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; न्यूनतम वेतन और नियमितीकरण की मांग खबर/मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले में ग्राम पंचायतों के जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के शोषण और अल्प मानदेय के विरुद्ध स्वर मुखर होने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में पंचायत चौकीदारों, भृत्य, सफाईकर्मियों और पंप चालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा *प्रमुख मांगें और वैधानिक आधार* ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान वर्ष 2013 में विभाग द्वारा जारी विभिन्न आदेशों (पत्र क्रमांक 643 और 13700) की ओर आकर्षित किया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: चतुर्थ श्रेणी का दर्जा: ई-पंचायत परियोजना और जल प्रदाय व्यवस्था में लगे इन कर्मचारियों को शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। समान और न्यायसंगत वेतन: वर्तमान में मिल रहे 1500 से 2500 रुपये के "अवैधानिक" मानदेय को समाप्त कर न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत सम्मानजनक वेतन लागू किया जाए। सेवा शर्तें और सामाजिक सुरक्षा: कार्य समय, अवकाश नियम, वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ-साथ PF, ESI, चिकित्सा सुविधा और पेंशन/बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित हो। नियमितीकरण: वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे कर्मचारियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ की जाए *श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप* 'आप' नेता पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भी ये कर्मचारी न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 और मानवाधिकार सिद्धांतों के विपरीत अत्यंत अल्प वेतन पर कार्य करने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे शासन की "दोषपूर्ण नीति" करार देते हुए कहा कि इतनी कम राशि में परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा असंभव है। "पंचायत व्यवस्था की बुनियाद यही कर्मचारी हैं। जल योजना से लेकर स्वच्छता तक का सारा भार इनके कंधों पर है, फिर भी इनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।" - पुष्पेंद्र सिंह *आगामी चेतावनी* ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन द्वारा इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र संवेदनशील निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी संगठन और आम आदमी पार्टी व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है
- मां -बाप से हर 6 मास पर संतुष्टि-प्रमाण पत्र लिया जाये... बहुत ही अच्छा मुद्दा उठाया है आदरणीय @AgrawalRMD जी ने ।1
- Post by Deepak Tiwari (Sonu)1
- दुल्हन के भाई ने जीजा के खानदान को गिफ्ट में दिए 24 कैरेट 'Gold के बिस्कुट', डिब्बा खुलते ही हक्के-बक्के रह गए लोग सोशल मीडिया पर इन दिनों एक Saudi Wedding Video तेजी से घूम रहा है. रोशनी से सजी महफिल, शेखों का जलवा और एक डिब्बा जिसमें चमचमाते बिस्कुट रखे हों...कैमरा जैसे ही उस मंजर पर जाता है, दिल में बस एक ही सवाल उठता है क्या वाकई शादी में सोना बांटा जा रहा है? वीडियो में कुछ लोग पारंपरिक अरबी लिबास में बैठे नजर आते हैं और एक शख्स उनके बीच डिब्बा लेकर आता है. डिब्बा खुलते ही अंदर रखी चमचमाती चीजें सबका ध्यान खींच लेती हैं. दावा किया गया कि ये 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट हैं, जो दुल्हन के भाई ने दूल्हे के परिवार को तोहफे में दिए. इंटरनेट पर वायरल हो रहा ये वीडियो कुछ ऐसा ही नजारा दिखाता है, लेकिन असल कहानी थोड़ी अलग और दिलचस्प है.1
- *अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज सतना ने की कार्यवाही की मांग* रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के देवरा गांव में शराब के नशे में धुत युवक ने गांव के ब्राह्मण समाज के लोगों को भद्दी-भद्दी गालियां और जान से मारने की धमकी दी। व्यक्ति का नाम जगदीश बताया जा रहा है। नशे की हालत में आय दिन गालियां और धमकियां देता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जगदीश ने शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने स्थानीय थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। अब देखते हैं कि पुलिस जातीय समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। जिला अध्यक्ष सतना अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज1
- एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आनंद पांडे ने शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नकैला में कक्षा 10वीं के एक छात्र के परीक्षा फार्म भरने में हुई गंभीर लापरवाही पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित शिक्षक की घोर लापरवाही के कारण नियमित अध्ययनरत छात्र का बोर्ड परीक्षा फार्म नहीं भरा गया, जिससे छात्र का भविष्य अधर में लटक गया है। यह न केवल प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि छात्र हितों के साथ सीधा अन्याय है। श्री आनंद पांडे ने कहा कि यदि जिला प्रशासन तत्काल इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर छात्र को वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करता है, तो एनएसयूआई मजबूरन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं छात्र हित में व्यापक संघर्ष करेगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि छात्र के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई हर हाल में छात्र को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। आनंद पांडे प्रदेश महासचिव, एनएसयूआई @highlight Jitu Patwari Collector Satna NSUI Madhya Pradesh1
- देवेंद्र नगर में भारतीयम विद्यापीठ ग्राउंड परिसर में सीनियर कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आज दिनांक व्यापारी संघ एवं सतना रोड क्रिकेट टीम के बीच मैच खेला जा रहा है जिसमें प्रथम पारी सतना रोड टीम के द्वारा की जा रही है1
- मैहर एसपी ऑफिस के सामने ट्रक का एक्सीडेंट ड्राइवर सुरक्षित मैहर पुलिस को सूचना दी गई1
- *अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीण, सतना कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन* *सतना* I जिले के रामस्थान गांव के श्रवण कुमार पाठक की, खदान है खदान के पास नर्सरी बनी हुई है नर्सरी के पास ही अवैध उत्खनन, चल रहा है ग्रामीण सूत्रों का कहना है कि यह अवैध खनन रातों दिन बराबर चलता है और कम से कम 50 ट्रैक्टर और ट्रक लगे हुए है जो निरंतर चलते रहते है इस मामले की जानकारी कई बार गग्रामीणों ने खनिज अधिकारी और इंस्पेक्टर को फोन के माध्यम से दी गई है लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है ऐसा लगता है कि खनिज विभाग के सह पर ये अवैध खनन हो रहा है और नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है सूत्रों की माने तो अब स्थानीय निवासी इस मामले पर लामबंद होकर, सतना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और कार्यवाही की माँग करेगें अगर इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो स्थानीय निवासी धरना प्रदर्शन भी करेंगे और इस अवैध उत्खनन को बंद कराएंगे, *सूत्रों का यह भी कहना है,की इस अवैध खनन रामस्थान के सरपंच भी शामिल है इनके द्वारा अपने साथियों के साथ मिल कर,निरंतर अवैध उत्खनन कराया जा रहा है I*1
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रमुख दायित्व-कमिश्नर === आंगनवाड़ी केन्द्र निर्धारित समय पर संचालित हो, केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं-कमिश्नर === आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति समय-सीमा में पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए === शहडोल 12 फरवरी 2026- आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के तीनों जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषण से मुक्ति विभाग की प्राथमिक जिम्मेवारी है। विभागीय अधिकारी निरंतर भ्रमण कर आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें की सभी आंगनवाड़ी केन्द्र समय पर संचालित हों, केन्द्रों में प्री स्कूल गतिविधियां संचालित की जाएं। जिसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रशिक्षण दिया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों के सुधार के साथ ही संबंधित अमले के विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती मनीषा लुम्बा, जिला कार्यक्रम अधिकारी शहडोल श्री अखिलेश मिश्रा, अनूपपुर श्री विनोद परस्ते, उमरिया श्रीमती दिव्या गुप्ता, सहायक संचालक राकेश खरे तथा तीनों जिलों के परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवचिन्हत गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण ट्रेकर एप में दर्ज कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का नियमित वजन एवं लम्बाई की माप कर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करते हुए अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। जो बच्चे कुपोषित श्रेणी में हैं उन्हें एनआरसी में भर्ती कराकर सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ये बच्चे पुनः कुपोषण श्रेणी में नहीं जाएं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर द्वारा नियमित मानीटरिंग तथा समय पर दवाओं का सेवन एवं बच्चों के भोजन की मानीटरिंग सुनिश्चित की जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को समय पर नास्ता एवं भोजन का वितरण हो। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा मे पूरी कर ली जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें। आयुक्त ने आभा आईडी, अपार आईडी तथा समग्र सत्यापन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होनंे कहा कि पीएमजनमन,डीएमएफ तथा विभागीय योजनाओं से बनने वाली आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराएं। जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्वच्छ शौचालय नहीं हैं एवं विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है के कार्य भी फरवरी माह में पूरा कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रेां की रंगाई-पुताई एवं मेन्टीनेंश हेतु मिलने वाली राशि का सही उपयोग किया जाए। सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पानी, बाउन्ड्रीवाल, किचन गार्डन, एलईडी तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी येाजना में शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति का लाभ सभी पात्र छात्राओं को देना सुनिश्चित किया जाए। विभाग में जिन सेवकों की विभागीय जांच लंबित है शीघ्र जांच पूरी कराई जाए तथा लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभाग को विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले बजट का सही एवं पारदर्शी तरीके से शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।1