शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रमुख दायित्व-कमिश्नर === आंगनवाड़ी केन्द्र निर्धारित समय पर संचालित हो, केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं-कमिश्नर === आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति समय-सीमा में पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए === शहडोल 12 फरवरी 2026- आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के तीनों जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषण से मुक्ति विभाग की प्राथमिक जिम्मेवारी है। विभागीय अधिकारी निरंतर भ्रमण कर आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें की सभी आंगनवाड़ी केन्द्र समय पर संचालित हों, केन्द्रों में प्री स्कूल गतिविधियां संचालित की जाएं। जिसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रशिक्षण दिया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों के सुधार के साथ ही संबंधित अमले के विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती मनीषा लुम्बा, जिला कार्यक्रम अधिकारी शहडोल श्री अखिलेश मिश्रा, अनूपपुर श्री विनोद परस्ते, उमरिया श्रीमती दिव्या गुप्ता, सहायक संचालक राकेश खरे तथा तीनों जिलों के परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवचिन्हत गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण ट्रेकर एप में दर्ज कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का नियमित वजन एवं लम्बाई की माप कर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करते हुए अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। जो बच्चे कुपोषित श्रेणी में हैं उन्हें एनआरसी में भर्ती कराकर सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ये बच्चे पुनः कुपोषण श्रेणी में नहीं जाएं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर द्वारा नियमित मानीटरिंग तथा समय पर दवाओं का सेवन एवं बच्चों के भोजन की मानीटरिंग सुनिश्चित की जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को समय पर नास्ता एवं भोजन का वितरण हो। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा मे पूरी कर ली जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें। आयुक्त ने आभा आईडी, अपार आईडी तथा समग्र सत्यापन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होनंे कहा कि पीएमजनमन,डीएमएफ तथा विभागीय योजनाओं से बनने वाली आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराएं। जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्वच्छ शौचालय नहीं हैं एवं विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है के कार्य भी फरवरी माह में पूरा कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रेां की रंगाई-पुताई एवं मेन्टीनेंश हेतु मिलने वाली राशि का सही उपयोग किया जाए। सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पानी, बाउन्ड्रीवाल, किचन गार्डन, एलईडी तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी येाजना में शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति का लाभ सभी पात्र छात्राओं को देना सुनिश्चित किया जाए। विभाग में जिन सेवकों की विभागीय जांच लंबित है शीघ्र जांच पूरी कराई जाए तथा लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभाग को विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले बजट का सही एवं पारदर्शी तरीके से शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रमुख दायित्व-कमिश्नर === आंगनवाड़ी केन्द्र निर्धारित समय पर संचालित हो, केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं-कमिश्नर === आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति समय-सीमा में पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए === शहडोल 12 फरवरी 2026- आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के तीनों जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषण से मुक्ति विभाग की प्राथमिक जिम्मेवारी है। विभागीय अधिकारी निरंतर भ्रमण कर आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें की सभी आंगनवाड़ी केन्द्र समय पर संचालित हों, केन्द्रों में प्री स्कूल गतिविधियां संचालित की जाएं। जिसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रशिक्षण दिया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों के सुधार के साथ ही संबंधित अमले के विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती मनीषा लुम्बा, जिला कार्यक्रम अधिकारी शहडोल श्री अखिलेश मिश्रा, अनूपपुर श्री विनोद परस्ते, उमरिया श्रीमती दिव्या गुप्ता, सहायक संचालक राकेश खरे तथा तीनों जिलों के परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवचिन्हत गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण ट्रेकर एप में दर्ज कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का नियमित वजन एवं लम्बाई की माप कर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करते हुए अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। जो बच्चे कुपोषित श्रेणी में हैं उन्हें एनआरसी में भर्ती कराकर सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ये बच्चे पुनः कुपोषण श्रेणी में नहीं जाएं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर द्वारा नियमित मानीटरिंग तथा समय पर दवाओं का सेवन एवं बच्चों के भोजन की मानीटरिंग सुनिश्चित की जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को समय पर नास्ता एवं भोजन का वितरण हो। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा मे पूरी कर ली जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें। आयुक्त ने आभा आईडी, अपार आईडी तथा समग्र सत्यापन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होनंे कहा कि पीएमजनमन,डीएमएफ तथा विभागीय योजनाओं से बनने वाली आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराएं। जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्वच्छ शौचालय नहीं हैं एवं विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है के कार्य भी फरवरी माह में पूरा कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रेां की रंगाई-पुताई एवं मेन्टीनेंश हेतु मिलने वाली राशि का सही उपयोग किया जाए। सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पानी, बाउन्ड्रीवाल, किचन गार्डन, एलईडी तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी येाजना में शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति का लाभ सभी पात्र छात्राओं को देना सुनिश्चित किया जाए। विभाग में जिन सेवकों की विभागीय जांच लंबित है शीघ्र जांच पूरी कराई जाए तथा लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभाग को विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले बजट का सही एवं पारदर्शी तरीके से शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रमुख दायित्व-कमिश्नर === आंगनवाड़ी केन्द्र निर्धारित समय पर संचालित हो, केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं-कमिश्नर === आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति समय-सीमा में पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए === शहडोल 12 फरवरी 2026- आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के तीनों जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषण से मुक्ति विभाग की प्राथमिक जिम्मेवारी है। विभागीय अधिकारी निरंतर भ्रमण कर आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें की सभी आंगनवाड़ी केन्द्र समय पर संचालित हों, केन्द्रों में प्री स्कूल गतिविधियां संचालित की जाएं। जिसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रशिक्षण दिया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों के सुधार के साथ ही संबंधित अमले के विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती मनीषा लुम्बा, जिला कार्यक्रम अधिकारी शहडोल श्री अखिलेश मिश्रा, अनूपपुर श्री विनोद परस्ते, उमरिया श्रीमती दिव्या गुप्ता, सहायक संचालक राकेश खरे तथा तीनों जिलों के परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवचिन्हत गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण ट्रेकर एप में दर्ज कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का नियमित वजन एवं लम्बाई की माप कर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करते हुए अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। जो बच्चे कुपोषित श्रेणी में हैं उन्हें एनआरसी में भर्ती कराकर सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ये बच्चे पुनः कुपोषण श्रेणी में नहीं जाएं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर द्वारा नियमित मानीटरिंग तथा समय पर दवाओं का सेवन एवं बच्चों के भोजन की मानीटरिंग सुनिश्चित की जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को समय पर नास्ता एवं भोजन का वितरण हो। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा मे पूरी कर ली जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें। आयुक्त ने आभा आईडी, अपार आईडी तथा समग्र सत्यापन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होनंे कहा कि पीएमजनमन,डीएमएफ तथा विभागीय योजनाओं से बनने वाली आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराएं। जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्वच्छ शौचालय नहीं हैं एवं विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है के कार्य भी फरवरी माह में पूरा कराएं। आंगनवाड़ी केन्द्रेां की रंगाई-पुताई एवं मेन्टीनेंश हेतु मिलने वाली राशि का सही उपयोग किया जाए। सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पानी, बाउन्ड्रीवाल, किचन गार्डन, एलईडी तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी येाजना में शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति का लाभ सभी पात्र छात्राओं को देना सुनिश्चित किया जाए। विभाग में जिन सेवकों की विभागीय जांच लंबित है शीघ्र जांच पूरी कराई जाए तथा लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभाग को विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले बजट का सही एवं पारदर्शी तरीके से शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।1
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- दुल्हन के भाई ने जीजा के खानदान को गिफ्ट में दिए 24 कैरेट 'Gold के बिस्कुट', डिब्बा खुलते ही हक्के-बक्के रह गए लोग सोशल मीडिया पर इन दिनों एक Saudi Wedding Video तेजी से घूम रहा है. रोशनी से सजी महफिल, शेखों का जलवा और एक डिब्बा जिसमें चमचमाते बिस्कुट रखे हों...कैमरा जैसे ही उस मंजर पर जाता है, दिल में बस एक ही सवाल उठता है क्या वाकई शादी में सोना बांटा जा रहा है? वीडियो में कुछ लोग पारंपरिक अरबी लिबास में बैठे नजर आते हैं और एक शख्स उनके बीच डिब्बा लेकर आता है. डिब्बा खुलते ही अंदर रखी चमचमाती चीजें सबका ध्यान खींच लेती हैं. दावा किया गया कि ये 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट हैं, जो दुल्हन के भाई ने दूल्हे के परिवार को तोहफे में दिए. इंटरनेट पर वायरल हो रहा ये वीडियो कुछ ऐसा ही नजारा दिखाता है, लेकिन असल कहानी थोड़ी अलग और दिलचस्प है.1
- सिंगरौली स्लग --दोहरी हत्या--अंधविश्वास या कोई अन्य वजह--जॉच जारी एंकर --सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत अतरवा गांव के बैरिहवा टोला में निर्मम तरीके से दोहरी हत्या का मामला सामने आया है जहां एक पुरुष कमलनारायण और एक महिला फूलमती का शव छत बिछत रूप में घर के सामने पड़ा पाया गया है और पास में ही मिट्टी का चबूतरा और कई नारियल पाए गए हैं Vo --घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी छत्रपति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है Vo -2 ग्रामीण और परिजनों के मुताबिक यह हत्या टोना, टोटका और अंधविश्वास से जुड़ी हुई भी हो सकती है लेकिन पुलिस अभी मामले की विवेचना कर रही है और आगे साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करेगी लेकिन इस इस निर्मम तरीके से हुई दोहरी हत्या से ग्रामीणों में भय व्याप्त है बाइट -- 1- मृतका की बहू 2- बलिराम साहू,उपसरपंच1
- *अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज सतना ने की कार्यवाही की मांग* रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के देवरा गांव में शराब के नशे में धुत युवक ने गांव के ब्राह्मण समाज के लोगों को भद्दी-भद्दी गालियां और जान से मारने की धमकी दी। व्यक्ति का नाम जगदीश बताया जा रहा है। नशे की हालत में आय दिन गालियां और धमकियां देता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जगदीश ने शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने स्थानीय थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। अब देखते हैं कि पुलिस जातीय समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने वाले के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। जिला अध्यक्ष सतना अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज1
- सीधी में दस रूपए को लेकर हुआ खूनी जंग, वीडियो आया सामने।1
- यह गांव की बहुत रोड खराब है यहां के सरपंच के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जाता,, ग्राम भोलगढ़ पंचायत बेलदह पोस्ट हनुमानगढ़ जिला सीधी तहसील रामपुर नैकिन,,2
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता जन्म मृत्यु पंजीयन एवं विवाह पंजीयन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश ==== शहडोल 12 फरवरी 2026- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश जिले के जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को दिए हैं। जन्म-मृत्यु एवं विवाह का पंजीयन कराना प्रत्येक नागरिक का कानूनी दायित्व है। जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन निर्धारित समय सीमा के भीतर कराया जाना अनिवार्य है, जिससे नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रमाण-पत्रों एवं अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। जन्म प्रमाण-पत्र शैक्षणिक प्रवेश, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, उत्तराधिकार सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेज है। वहीं मृत्यु प्रमाण-पत्र संपत्ति हस्तांतरण, बीमा दावा, बैंक संबंधी कार्य एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होता है। इसी प्रकार विवाह पंजीयन पति-पत्नी के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा एवं विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जन्म, मृत्यु एवं विवाह से संबंधित घटनाओं का पंजीयन निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से संबंधित पंजीयन कार्यालय, नगर निकाय अथवा ग्राम पंचायत में कराएं। निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीयन कराने पर नियमानुसार विलंब शुल्क देय हो सकता है। उन्होंने निर्देश दिया है कि दीवार लेखन के माध्यम से जन्म पंजीकरण के लिए जन्म आपका हक, पंजीकरण जरूरी है। जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का पहला अधिकार सुरक्षित भविष्य की पहली पुकार, जीवन की शुरूआत, पंजीकरण के साथ। इसी तरह मृत्यु पंजीकरण के लिए अंतिम यात्रा का हो सम्मान, मृत्यु का हो सही प्रमाण, जो चले गए उनकी यादें खास, पंजीकरण है परिवार का विश्वास। मृत्यु के बाद भी परिवार का साथ पंजीकरण है कानूनी बात। जन्म और मृत्यु दोनो के लिए जन्म हो या मृत्यु, पहचान जरूरी रिकार्ड हो सही तभी बात बने पूरी। जीवन और मृत्यु दोनों का हो हिसाब यही है हमारा कर्तव्य और जवाब, पंजीकरण है एक जिम्मेदारी देश के विकास की सच्ची तैयारी। प्रेरक और भावनात्मक नारे जन्म का प्रमाण जीवन का आधार, मृत्यु का प्रमाण परिवार का आधार, पंजीकरण कराएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं। हर जन्म और मृत्यु का हो लेखा यही है देश की सच्ची रेखा। विवाह पंजीयन के लिए विवाह का आठवां वचन विवाह का हो पंजीयन, नारी का है सम्मान जब हो उसके विवाह का प्रमाण, खुश हो दूल्हा, खुश हो दुल्हन जब हो शादी का हो अनिवार्य पंजीयन।1