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पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। शास्त्रों, सामाजिक परंपराओं और नेपाल एवं भारत की प्रथाओं के आधार पर इस विषय की सरल और सादी जानकारी नीचे दी गई है। १. शास्त्रों में मृत्यु भोज और ब्राह्मण भोजन का नियम हिंदू शास्त्रों जैसे गरुड़ पुराण और मनुस्मृति में मृत्यु के बाद होने वाले संस्कारों के बारे में बताया गया है। देहांत के बाद दसवें से तेरहवें दिन तक श्राद्ध और पिंड दान की प्रक्रिया होती है। इस दौरान आत्मा की शांति के लिए केवल एक या कुछ सात्विक ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान देने का विधान है। पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। २. नेपाल की परंपरा और शवयात्रा में जाने वालों को भोजन नेपाल में मृत्यु संस्कारों की व्यवस्था थोड़ी अलग और व्यावहारिक है। नेपाल में जो लोग दाह संस्कार या शमशान घाट में जाते हैं, उन्हें मलमी कहा जाता है। दाह संस्कार के बाद या तेरहवें दिन शुद्धि के बाद इन सहयोगियों को भोजन कराने का रिवाज है। इसके पीछे की सोच यह है कि जो लोग दुख की घड़ी में साथ खड़े रहे और कंधा दिया, उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाए। नेपाल में भी तेरहवें दिन पूजा संपन्न कराने वाले कुल पुरोहित या ब्राह्मण को भोजन और दान दिया जाता है। लेकिन भारत के कुछ हिस्सों की तरह सैकड़ों लोगों को बड़े स्तर पर मृत्यु भोज देने का चलन वहाँ नहीं है। ३. यह अंतर क्यों है धर्मशास्त्रों में स्थानीय परंपराओं और देशकाल का सम्मान किया गया है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेरहवीं ने एक बड़े सामाजिक भोज का रूप ले लिया, जिसे अब कई लोग एक सामाजिक बोझ भी मानते हैं। इसके विपरीत नेपाल में शास्त्रों के मूल रूप को बनाए रखा गया, जहाँ केवल पुरोहित द्वारा श्राद्ध कराया जाता है और दुख में साथ देने वाले नजदीकी लोगों को सादगी से भोजन कराया जाता है। निष्कर्ष शास्त्रों में मृत्यु के बाद केवल पूजा कराने वाले ब्राह्मणों को श्राद्ध के हिस्से के रूप में भोजन कराने की बात कही गई है, न कि पूरे समाज को खाना खिलाने की। नेपाल में शवयात्रा में जाने वाले लोगों को भोजन कराना एक सामाजिक आभार और व्यावहारिक परंपरा है, जो परिवार को बेवजह के दिखावे और बड़े खर्च से बचाती है।

18 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
18 hrs ago

पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। शास्त्रों, सामाजिक परंपराओं और नेपाल एवं भारत की प्रथाओं के आधार पर इस विषय की सरल और सादी जानकारी नीचे दी गई है। १. शास्त्रों में मृत्यु भोज और ब्राह्मण भोजन का नियम हिंदू शास्त्रों जैसे गरुड़ पुराण और मनुस्मृति में मृत्यु के बाद होने वाले संस्कारों के बारे में बताया गया है। देहांत के बाद दसवें से तेरहवें दिन तक श्राद्ध और पिंड दान की प्रक्रिया होती है। इस दौरान आत्मा की शांति के लिए केवल एक या कुछ सात्विक ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान देने का विधान है। पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। २. नेपाल की परंपरा और शवयात्रा में जाने वालों को भोजन नेपाल में मृत्यु संस्कारों की व्यवस्था थोड़ी अलग और व्यावहारिक है। नेपाल में जो लोग दाह संस्कार या शमशान घाट में जाते हैं, उन्हें मलमी कहा जाता है। दाह संस्कार के बाद या तेरहवें दिन शुद्धि के बाद इन सहयोगियों को भोजन कराने का रिवाज है। इसके पीछे की सोच यह है कि जो लोग दुख की घड़ी में साथ खड़े रहे और कंधा दिया, उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाए। नेपाल में भी तेरहवें दिन पूजा संपन्न कराने वाले कुल पुरोहित या ब्राह्मण को भोजन और दान दिया जाता है। लेकिन भारत के कुछ हिस्सों की तरह सैकड़ों लोगों को बड़े स्तर पर मृत्यु भोज देने का चलन वहाँ नहीं है। ३. यह अंतर क्यों है धर्मशास्त्रों में स्थानीय परंपराओं और देशकाल का सम्मान किया गया है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेरहवीं ने एक बड़े सामाजिक भोज का रूप ले लिया, जिसे अब कई लोग एक सामाजिक बोझ भी मानते हैं। इसके विपरीत नेपाल में शास्त्रों के मूल रूप को बनाए रखा गया, जहाँ केवल पुरोहित द्वारा श्राद्ध कराया जाता है और दुख में साथ देने वाले नजदीकी लोगों को सादगी से भोजन कराया जाता है। निष्कर्ष शास्त्रों में मृत्यु के बाद केवल पूजा कराने वाले ब्राह्मणों को श्राद्ध के हिस्से के रूप में भोजन कराने की बात कही गई है, न कि पूरे समाज को खाना खिलाने की। नेपाल में शवयात्रा में जाने वाले लोगों को भोजन कराना एक सामाजिक आभार और व्यावहारिक परंपरा है, जो परिवार को बेवजह के दिखावे और बड़े खर्च से बचाती है।

  • user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    गढ़वा, गढ़वा, झारखंड
    क्या बात है ?
    1 hr ago
  • user_Sudesh Kumar
    Sudesh Kumar
    Dulmi, Ramgarh
    Hi bro reply me ek baat puchhni h
    2 hrs ago
More news from Sonbhadra and nearby areas
  • अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के अवतरण दिवस पर हुआ वृहद वृक्षारोपण रेणुकूट, सोनभद्र। परम पूज्य अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के अवतरण दिवस के अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रेणुकूट, सोनभद्र द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। पर्यावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण के साथ लोगों ने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी संकल्प लिया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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    अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के अवतरण दिवस पर हुआ वृहद वृक्षारोपण
रेणुकूट, सोनभद्र। परम पूज्य अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के अवतरण दिवस के अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रेणुकूट, सोनभद्र द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस दौरान परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। पर्यावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण के साथ लोगों ने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी संकल्प लिया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    8 hrs ago
  • नहाकर लौट रही वृद्ध महिला को जहरीले सांप ने डसा, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर दुद्धी (सोनभद्र)। कस्बे से सटे मल्देवा गांव में गुरुवार दोपहर गांव के पूर्व प्रधान रामफल यादव की 70 वर्षीय मां फुलवंती देवी को घर के पास स्थित हैंडपंप से नहाकर लौटते समय किसी अज्ञात विषैला सांप ने काट लिया। घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। सांप के काटने की जानकारी मिलने पर परिजन आनन फानन में महिला को निजी साधन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी लेकर पहुंचे।जहां सीएचसी चिकित्सक डॉ. मनोहर सिंह की देखरेख में तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। हालांकि, बुजुर्ग महिला की बिगड़ती हालत और जहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉ. मनोहर सिंह ने बताया कि मरीज को सीएचसी लाते ही आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन स्थिति चिंताजनक होने के कारण उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया है।
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    नहाकर लौट रही वृद्ध महिला को जहरीले सांप ने डसा, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर
दुद्धी (सोनभद्र)। कस्बे से सटे मल्देवा गांव में गुरुवार दोपहर गांव के पूर्व प्रधान रामफल यादव की 70 वर्षीय मां फुलवंती देवी को घर के पास स्थित हैंडपंप से नहाकर लौटते समय किसी अज्ञात विषैला सांप ने काट लिया। घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है।
सांप के काटने की जानकारी मिलने पर परिजन आनन फानन में महिला को निजी साधन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी लेकर पहुंचे।जहां सीएचसी चिकित्सक डॉ. मनोहर सिंह की देखरेख में तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। हालांकि, बुजुर्ग महिला की बिगड़ती हालत और जहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉ. मनोहर सिंह ने बताया कि मरीज को सीएचसी लाते ही आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन स्थिति चिंताजनक होने के कारण उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया है।
    user_विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    Local News Reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • ग्राम बाजना थाना अंतर्गत खेत विवाद को लेकर मारपीट, पांच लोगों पर मामला दर्ज
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    ग्राम बाजना थाना अंतर्गत खेत विवाद को लेकर मारपीट, पांच लोगों पर मामला दर्ज
    user_भीमकुंड न्यूज़ 24
    भीमकुंड न्यूज़ 24
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • प्रधानमंत्री आवास की राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास की राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात के बाद जिला पंचायत CEO से मिलने पहुंचे ग्रामीण, डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक करते रहे इंतजार; भारी बारिश में भी डटे रहे, अधिकारी के नहीं पहुंचने पर निराश लौटे बलरामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों की राशि हितग्राहियों के खातों में पहुंचने के बजाय कथित तौर पर दूसरे लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर राशि आहरित किए जाने के मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने बलरामपुर कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे प्रकरण में कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके नाम से आवास स्वीकृत हुए थे और योजना की राशि जारी भी की गई, लेकिन कथित रूप से राशि उनके खातों में न जाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद राशि का आहरण भी किए जाने का आरोप है। मामले में शिकायत और जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। कलेक्टर से मिलने के बाद CEO कार्यालय पहुंचे ग्रामीण ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। बताया जा रहा है कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में ग्रामीणों को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिलने के लिए भेजा गया था, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में चर्चा हो सके। इसी उम्मीद के साथ ग्रामीण दोपहर करीब 1:30 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार वे जिला पंचायत CEO से मुलाकात के लिए उनके कार्यालय के बाहर इंतजार करते रहे। डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक भारी बारिश में इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब साढ़े तीन घंटे तक अधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान क्षेत्र में भारी बारिश होती रही, लेकिन अपनी शिकायत के निराकरण की उम्मीद में ग्रामीण कार्यालय के बाहर डटे रहे। ग्रामीणों के अनुसार शाम करीब 5 बजे तक भी CEO कार्यालय नहीं पहुंच सके। आखिरकार ग्रामीणों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। बताया गया कि CEO की अनुपस्थिति में उनके स्टेनो के माध्यम से ग्रामीणों को वह डाक दी गई, जिसे संबंधित मैडम द्वारा आगे कार्रवाई के लिए फॉरवर्ड किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे अधिकारी से सीधे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी और उन्हें उपलब्ध दस्तावेज लेकर ही वापस लौटना पड़ा। सवालों के घेरे में योजना की राशि का हस्तांतरण प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में हितग्राही के नाम स्वीकृत राशि यदि किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई और उसका आहरण भी कर लिया गया, तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीण अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और पत्राचार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब उनकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच किस स्तर पर कराता है और यदि आवास की राशि वास्तव में दूसरे खातों में ट्रांसफर कर आहरित की गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।
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    प्रधानमंत्री आवास की राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण
प्रधानमंत्री आवास की राशि दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण
कलेक्टर से मुलाकात के बाद जिला पंचायत CEO से मिलने पहुंचे ग्रामीण, डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक करते रहे इंतजार; भारी बारिश में भी डटे रहे, अधिकारी के नहीं पहुंचने पर निराश लौटे
बलरामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों की राशि हितग्राहियों के खातों में पहुंचने के बजाय कथित तौर पर दूसरे लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर राशि आहरित किए जाने के मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने बलरामपुर कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे प्रकरण में कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके नाम से आवास स्वीकृत हुए थे और योजना की राशि जारी भी की गई, लेकिन कथित रूप से राशि उनके खातों में न जाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद राशि का आहरण भी किए जाने का आरोप है। मामले में शिकायत और जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं।
कलेक्टर से मिलने के बाद CEO कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। बताया जा रहा है कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में ग्रामीणों को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिलने के लिए भेजा गया था, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में चर्चा हो सके।
इसी उम्मीद के साथ ग्रामीण दोपहर करीब 1:30 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार वे जिला पंचायत CEO से मुलाकात के लिए उनके कार्यालय के बाहर इंतजार करते रहे।
डेढ़ बजे से शाम 5 बजे तक भारी बारिश में इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब साढ़े तीन घंटे तक अधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान क्षेत्र में भारी बारिश होती रही, लेकिन अपनी शिकायत के निराकरण की उम्मीद में ग्रामीण कार्यालय के बाहर डटे रहे।
ग्रामीणों के अनुसार शाम करीब 5 बजे तक भी CEO कार्यालय नहीं पहुंच सके। आखिरकार ग्रामीणों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
बताया गया कि CEO की अनुपस्थिति में उनके स्टेनो के माध्यम से ग्रामीणों को वह डाक दी गई, जिसे संबंधित मैडम द्वारा आगे कार्रवाई के लिए फॉरवर्ड किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे अधिकारी से सीधे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी और उन्हें उपलब्ध दस्तावेज लेकर ही वापस लौटना पड़ा।
सवालों के घेरे में योजना की राशि का हस्तांतरण
प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में हितग्राही के नाम स्वीकृत राशि यदि किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुई और उसका आहरण भी कर लिया गया, तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीण अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें केवल आश्वासन और पत्राचार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब उनकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच किस स्तर पर कराता है और यदि आवास की राशि वास्तव में दूसरे खातों में ट्रांसफर कर आहरित की गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • 15वें वित्त की नाली में सॉलिंग गायब! ललमटिया में चला हथौड़ा, बारेसांढ़ में अभी और टूटेंगी नालियां* गारू। गारू प्रखंड के बारेसांढ़ पंचायत अंतर्गत ललमटिया गांव में 15वें वित्त आयोग मद से निर्माणाधीन नाली में अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अभय कुमार के निर्देश पर इंजीनियर आनंद तिग्गा ने निर्माण कार्य की जांच की। जांच में निर्धारित सॉलिंग कार्य नहीं किए जाने के बावजूद पांच इंच की दीवार वाली नाली का निर्माण किए जाने की बात सामने आई।तकनीकी मानकों की अनदेखी मिलने के बाद नाली के संबंधित हिस्से पर हथौड़ा चलाकर उसे तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि सॉलिंग के बिना जहां जहां पांच इंच की दीवार वाली नाली बनाई गई है, उन हिस्सों को भी तोड़ा जाएगा। यानी ललमटिया में कार्रवाई के बाद बारेसांढ़ पंचायत में अभी और नालियों पर हथौड़ा चलने की संभावना है।प्रशासन की इस कार्रवाई से पंचायत क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजनाओं की समय पर जांच हो तो निर्माण में होने वाली लापरवाही पर रोक लगाई जा सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि 15वें वित्त आयोग मद से कराए जा रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी जांच की जाए, ताकि सरकारी राशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तकनीकी मानकों के विपरीत पाए जाने वाले निर्माण कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    15वें वित्त की नाली में सॉलिंग गायब! ललमटिया में चला हथौड़ा, बारेसांढ़ में अभी और टूटेंगी नालियां*

गारू। गारू प्रखंड के बारेसांढ़ पंचायत अंतर्गत ललमटिया गांव में 15वें वित्त आयोग मद से निर्माणाधीन नाली में अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अभय कुमार के निर्देश पर इंजीनियर आनंद तिग्गा ने निर्माण कार्य की जांच की। जांच में निर्धारित सॉलिंग कार्य नहीं किए जाने के बावजूद पांच इंच की दीवार वाली नाली का निर्माण किए जाने की बात सामने आई।तकनीकी मानकों की अनदेखी मिलने के बाद नाली के संबंधित हिस्से पर हथौड़ा चलाकर उसे तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि सॉलिंग के बिना जहां जहां पांच इंच की दीवार वाली नाली बनाई गई है, उन हिस्सों को भी तोड़ा जाएगा। यानी ललमटिया में कार्रवाई के बाद बारेसांढ़ पंचायत में अभी और नालियों पर हथौड़ा चलने की संभावना है।प्रशासन की इस कार्रवाई से पंचायत क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजनाओं की समय पर जांच हो तो निर्माण में होने वाली लापरवाही पर रोक लगाई जा सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि 15वें वित्त आयोग मद से कराए जा रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी जांच की जाए, ताकि सरकारी राशि का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तकनीकी मानकों के विपरीत पाए जाने वाले निर्माण कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
    16 hrs ago
  • यात्री बसों में निर्धारित किराए से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई! बस संचालकों की बैठक लेकर शासन द्वारा निर्धारित किराया लेने एवं किराया सूची बसों में चस्पा करने के दिए निर्देश यात्री बसों में शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने संबंधी लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज सरगुजा श्री दीपक कुमार झा (भापुसे)एवं पुलिस अधीक्षक, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज श्री वैभव बैंकर (भापुसे).के निर्देशन में एवं अति पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आज दिनांक 10.09.2026 को यातायात शाखा, बलरामपुर में बस संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री यशवंत यादव, यातायात प्रभारी श्री विमलेश कुमार देवांगन, रक्षित निरीक्षक, बलरामपुर द्वारा बस संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित यात्री किराया दरों की विस्तृत जानकारी दी गई। बस संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि यात्रियों से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित किराया दर के अनुसार ही किराया वसूल किया जाए तथा निर्धारित किराया दरों की सूची प्रत्येक यात्री बस में प्रमुख एवं स्पष्ट स्थान पर अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए, ताकि यात्रियों को किराए की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। बैठक में शासन द्वारा निर्धारित किराया दरों के संबंध में बताया गया कि साधारण बस सेवा हेतु प्रथम 5 किलोमीटर की दूरी तक ₹8 प्रति यात्री तथा उसके पश्चात ₹1 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर अथवा उसके भाग के लिए निर्धारित है। डीलक्स/शयनयान कोच हेतु प्रथम 5 किलोमीटर की दूरी तक ₹8 प्रति यात्री तथा उसके पश्चात ₹3 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर अथवा उसके भाग के लिए निर्धारित है। बस संचालकों को निर्देशित किया गया कि यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूल न की जाए। निर्धारित किराए से अधिक वसूली संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान बस चालक एवं परिचालकों को यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करने, यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा वाहन संचालन के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने, बसों को निर्धारित स्टॉप पर ही रोकने, बसों को अपने निर्धारित रोड पर संचालित करने एवं यातायात नियमों का पालन करने हेतु भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर बस संचालकों द्वारा क्षेत्र में बस संचालन के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं कठिनाइयों को अधिकारियों के समक्ष रखा गया, जिन पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए यथासंभव समाधान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में बस संचालकों द्वारा भविष्य में निर्धारित किराए से अधिक वसूली संबंधी शिकायत की पुरावृत्ति नहीं होने देने तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।
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    यात्री बसों में निर्धारित किराए से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई!
बस संचालकों की बैठक लेकर शासन द्वारा निर्धारित किराया लेने एवं किराया सूची बसों में चस्पा करने के दिए निर्देश
यात्री बसों में शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने संबंधी लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए,  पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज सरगुजा श्री दीपक कुमार झा (भापुसे)एवं पुलिस अधीक्षक, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज श्री वैभव बैंकर (भापुसे).के निर्देशन में एवं अति पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आज दिनांक 10.09.2026 को यातायात शाखा, बलरामपुर में बस संचालकों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री यशवंत यादव, यातायात प्रभारी श्री विमलेश कुमार देवांगन, रक्षित निरीक्षक, बलरामपुर द्वारा बस संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित यात्री किराया दरों की विस्तृत जानकारी दी गई। बस संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि यात्रियों से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित किराया दर के अनुसार ही किराया वसूल किया जाए तथा निर्धारित किराया दरों की सूची प्रत्येक यात्री बस में प्रमुख एवं स्पष्ट स्थान पर अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए, ताकि यात्रियों को किराए की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
बैठक में शासन द्वारा निर्धारित किराया दरों के संबंध में बताया गया कि साधारण बस सेवा हेतु प्रथम 5 किलोमीटर की दूरी तक ₹8 प्रति यात्री तथा उसके पश्चात ₹1 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर अथवा उसके भाग के लिए निर्धारित है।
डीलक्स/शयनयान कोच हेतु प्रथम 5 किलोमीटर की दूरी तक ₹8 प्रति यात्री तथा उसके पश्चात ₹3 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर अथवा उसके भाग के लिए निर्धारित है।
बस संचालकों को निर्देशित किया गया कि यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूल न की जाए। निर्धारित किराए से अधिक वसूली संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान बस चालक एवं परिचालकों को यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करने, यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा वाहन संचालन के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने, बसों को निर्धारित स्टॉप पर ही रोकने, बसों को अपने निर्धारित रोड पर संचालित करने एवं यातायात नियमों का पालन करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर बस संचालकों द्वारा क्षेत्र में बस संचालन के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं कठिनाइयों को अधिकारियों के समक्ष रखा गया, जिन पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए यथासंभव समाधान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में बस संचालकों द्वारा भविष्य में निर्धारित किराए से अधिक वसूली संबंधी शिकायत की पुरावृत्ति नहीं होने देने तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • प्रसव के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, सीएचसी दुद्धी लाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी दुद्धी (सोनभद्र)।स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम मधुबन के टोला बरहापान में एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सूचना पर सीएचसी दुद्धी पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार मृतका सीता कुमारी (20) पत्नी संजय कुमार ने 4 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे घर पर ही एक स्वस्थ बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी में जन्म दिया था। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। हालांकि, 5 सितंबर की दोपहर अचानक सीता को सांस लेने में दिक्कत के साथ सर्दी खांसी की शिकायत हुई। पति संजय ने बताया कि 5 सितंबर की रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्होंने एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध न होने पर देर रात करीब 2 बजे निजी भाड़े की गाड़ी से दुद्धी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अन्यत्र जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि निजी कारणों और आर्थिक समस्याओं के चलते परिजन प्रसूता को जिला अस्पताल न ले जाकर वापस घर ले आए। परिजनों का कहना है कि घर पर कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बुधवार की दोपहर बाद सीता की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। देखते ही देखते हालत बेहद गंभीर हो गई। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे परिजन सीता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. शाह आलम ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएचसी प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। परिजनों ने बताया कि सीता और संजय पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध में थे और एक साथ रह रहे थे। मृतका का नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों की देखरेख में है।
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    प्रसव के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, सीएचसी दुद्धी लाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी
दुद्धी (सोनभद्र)।स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम मधुबन के टोला बरहापान में एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सूचना पर सीएचसी दुद्धी पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार मृतका सीता कुमारी (20) पत्नी संजय कुमार ने 4 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे घर पर ही एक स्वस्थ बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी में जन्म दिया था। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। हालांकि, 5 सितंबर की दोपहर अचानक सीता को सांस लेने में दिक्कत के साथ सर्दी खांसी की शिकायत हुई।
पति संजय ने बताया कि 5 सितंबर की रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्होंने एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध न होने पर देर रात करीब 2 बजे निजी भाड़े की गाड़ी से दुद्धी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अन्यत्र जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
बताया गया कि निजी कारणों और आर्थिक समस्याओं के चलते परिजन प्रसूता को जिला अस्पताल न ले जाकर वापस घर ले आए। परिजनों का कहना है कि घर पर कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बुधवार की दोपहर बाद सीता की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। देखते ही देखते हालत बेहद गंभीर हो गई।
गुरुवार तड़के करीब 4 बजे परिजन सीता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. शाह आलम ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
परिजनों ने बताया कि सीता और संजय पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध में थे और एक साथ रह रहे थे। मृतका का नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों की देखरेख में है।
    user_विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    Local News Reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बनारसी बिगहा गांव से 27 लीटर देशी शराब के साथ कारोबारी गिरफ्तार नवीनगर प्रखंड के माली थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बनारसी बिगहा गांव से गुरुवार को एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय राम के रूप में हुई है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर उसे शराब के साथ पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 300 एमएल की 90 बोतल, कुल 27 लीटर टनाका देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। माली थानाध्यक्ष दीपक कुमार राय ने बताया कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। #BharatCrimeLiveNews #नवीनगर #मालीथाना #अवैधशराब #देशीशराब #शराबकारोबारी #पुलिसकार्रवाई #अजय_राम #औरंगाबाद #औरंगाबादबिहार #बिहारपुलिस #शराबबंदी #CrimeNews #BiharNews #AurangabadNews #BreakingNews #PoliceAction #HuchTag
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    बनारसी बिगहा गांव से 27 लीटर देशी शराब के साथ कारोबारी गिरफ्तार

नवीनगर प्रखंड के माली थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बनारसी बिगहा गांव से गुरुवार को एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय राम के रूप में हुई है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर उसे शराब के साथ पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 300 एमएल की 90 बोतल, कुल 27 लीटर टनाका देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। माली थानाध्यक्ष दीपक कुमार राय ने बताया कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
#BharatCrimeLiveNews #नवीनगर #मालीथाना #अवैधशराब #देशीशराब #शराबकारोबारी #पुलिसकार्रवाई #अजय_राम #औरंगाबाद #औरंगाबादबिहार #बिहारपुलिस #शराबबंदी #CrimeNews #BiharNews #AurangabadNews #BreakingNews #PoliceAction #HuchTag
    user_कुणाल सिंह 9304927827
    कुणाल सिंह 9304927827
    पत्रकारिता औरंगाबाद, औरंगाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र ओबरा में 5 वर्षीय बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। परिजनों ने पड़ोस के एक किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना पर पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। 🔴 नाबालिग पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।
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    🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र
ओबरा में 5 वर्षीय बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। परिजनों ने पड़ोस के एक किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना पर पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
🔴 नाबालिग पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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