परमाणु ऊर्जा विभाग, राजस्थान परमाणु बिजलीघर कर्मचारी धीरज गोठवाल द्वारा पिछले 20 वर्षो से विवादित सरकारी पड़त जमीन पर कब्जा समस्त नगर वासियों को सूचित हो कि पहले वीडियो में जो दरवाजा दिखाई दे रहा है यह धीरज गोठवाल ने सन 2004 में रातों रात दीवार तोड़कर दरवाजा लगाया था और दूसरे दिन आकर कहता है आप के प्लॉट के पीछे की जमीन मेरी हे जबकि सरकारी दस्तावेज पट्टे रजिस्ट्री में स्पष्ट चिन्हित कर दर्शाया गया है कि दक्षिण दिशा जमीन सरकारी पड़त जमीन है जिसके कारण विवाद हुआ और तहसीलदार पारिक साहब ने भविष्य में दोनो पक्षों को पाबंद किया जिसके चलते पिछले 20 वर्षो से सरकारी पड़त जमीन यथा स्थिति पड़ी थी मगर चारभुजा झालर बावड़ी पंचायत का नगर पालिका में विलय होते ही रावतभाटा तहसील भू माफिया भुवनेश नागर दलाल भाजपा कार्यकर्ता नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी मुकेश नागर द्वारा सुनियोजित तरीके से अपने जाती समाज संभवतः रिश्तेदार धीरज गोठवाल को मौखिक निर्माण स्वीकृति प्रदान कर करवाया जा रहा कब्जा समस्त प्रशासनिक अधिकारियों जन प्रतिनिधियों राजनेताओं को मौखिक एवम लिखित सूचना देने पर भी आज चार महीने गुजर जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं
परमाणु ऊर्जा विभाग, राजस्थान परमाणु बिजलीघर कर्मचारी धीरज गोठवाल द्वारा पिछले 20 वर्षो से विवादित सरकारी पड़त जमीन पर कब्जा समस्त नगर वासियों को सूचित हो कि पहले वीडियो में जो दरवाजा दिखाई दे रहा है यह धीरज गोठवाल ने सन 2004 में रातों रात दीवार तोड़कर दरवाजा लगाया था और दूसरे दिन आकर कहता है आप के प्लॉट के पीछे की जमीन मेरी हे जबकि सरकारी दस्तावेज पट्टे रजिस्ट्री में स्पष्ट चिन्हित कर दर्शाया गया है कि दक्षिण दिशा जमीन सरकारी पड़त जमीन है जिसके कारण विवाद हुआ और तहसीलदार पारिक साहब
ने भविष्य में दोनो पक्षों को पाबंद किया जिसके चलते पिछले 20 वर्षो से सरकारी पड़त जमीन यथा स्थिति पड़ी थी मगर चारभुजा झालर बावड़ी पंचायत का नगर पालिका में विलय होते ही रावतभाटा तहसील भू माफिया भुवनेश नागर दलाल भाजपा कार्यकर्ता नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी मुकेश नागर द्वारा सुनियोजित तरीके से अपने जाती समाज संभवतः रिश्तेदार धीरज गोठवाल को मौखिक निर्माण स्वीकृति प्रदान कर करवाया जा रहा कब्जा समस्त प्रशासनिक अधिकारियों जन प्रतिनिधियों राजनेताओं को मौखिक एवम लिखित सूचना देने पर भी आज चार महीने गुजर जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं
- रक्तदाता समूह के कॉर्डिनेटर विजय गुप्ता ने बताया कि परमाणु बिजली घर रावतभाटा में मानवता और सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। मरीज को ओ पॉजिटिव रक्त की अर्जेंट आवश्यकता होने पर रक्तदाता समूह के सक्रिय सदस्य इंद्र सिंह ने तुरंत आगे आकर रक्तदान किया और जरूरतमंद मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अस्पताल में एक मरीज को रक्त की सख्त जरूरत पड़ गई थी। जैसे ही यह सूचना रक्तदाता समूह तक पहुँची, इंद्र सिंह बिना देर किए अस्पताल पहुँचे और रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया। उनके इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है। रक्तदान को महादान कहा जाता है, और इंद्र सिंह ने अपने इस सेवा भाव से समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस दौरान विजय गुप्ता, बालकिशन गुलाटी प्रदीप पंचोली, अस्पताल स्टाफ में ओपी मीणा मौजूद रहे ।1
- समस्त नगर वासियों को सूचित हो कि पहले वीडियो में जो दरवाजा दिखाई दे रहा है यह धीरज गोठवाल ने सन 2004 में रातों रात दीवार तोड़कर दरवाजा लगाया था और दूसरे दिन आकर कहता है आप के प्लॉट के पीछे की जमीन मेरी हे जबकि सरकारी दस्तावेज पट्टे रजिस्ट्री में स्पष्ट चिन्हित कर दर्शाया गया है कि दक्षिण दिशा जमीन सरकारी पड़त जमीन है जिसके कारण विवाद हुआ और तहसीलदार पारिक साहब ने भविष्य में दोनो पक्षों को पाबंद किया जिसके चलते पिछले 20 वर्षो से सरकारी पड़त जमीन यथा स्थिति पड़ी थी मगर चारभुजा झालर बावड़ी पंचायत का नगर पालिका में विलय होते ही रावतभाटा तहसील भू माफिया भुवनेश नागर दलाल भाजपा कार्यकर्ता नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी मुकेश नागर द्वारा सुनियोजित तरीके से अपने जाती समाज संभवतः रिश्तेदार धीरज गोठवाल को मौखिक निर्माण स्वीकृति प्रदान कर करवाया जा रहा कब्जा समस्त प्रशासनिक अधिकारियों जन प्रतिनिधियों राजनेताओं को मौखिक एवम लिखित सूचना देने पर भी आज चार महीने गुजर जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं2
- जंग का आज 15 वां दिन: अमेरिका की हालत: कैलिफ़ोर्निया में 30 से ज़्यादा चोर 10 लाख डॉलर से ज़्यादा के गहने चुरा कर भाग गए...6 घंटे पहले...1
- Post by Rajendra Kumar Doveriya1
- एलपीजी वितरण के प्रबंधन को लेकर विधायक संदीप शर्मा प्रशासनिक व रसद विभाग अधिकारियों से मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत की। संदीप शर्मा ने बताया कि पूरे देश भर में गैस को लेकर पैनिक माहौल बना हुआ है। एजेंसी पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी अनावश्यक लोग बुकिंग करने लगे। आज रसद विभाग, प्रशासनिक अधिकारी के साथ बैठक में उसके बारे में चर्चा की गई। गैस एजेंसी, रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डोमेस्टिक गैस सिलेंडर में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। एक घर पर एक गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद जल्दी दूसरी बार आने को लेकर ज्यादा बुकिंग हो रही है। लोगों को लग रहा है कि ऐसे माहौल में गैस बंद ना हो जाए इसलिए अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉस्टल और मेडिकल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई की जाएगी।1
- रामगंजमंडी शहर में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ दशा माता का पर्व मनाया। महिलाओं ने व्रत रखकर पीपल वृक्ष की विधिवत पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा पति की लंबी उम्र की कामना की। सुबह से ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित पीपल वृक्षों के पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। इस दौरान शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक महिलाएं चुनरी ओढ़कर पूजा सामग्री के साथ दशा माता की आराधना करती नजर आई। बाजार नंबर 3 स्थित पुराने पीपल वृक्ष पर पूजा करने के लिए महिलाओं की कतारें लगी रहीं, वहीं जुल्मी रोड स्थित पीपल वृक्ष के पास भी विधिवत पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा लगाई और कच्चे सूत के डोरे में 10 गांठ लगाकर वृक्ष पर बांधा। इसके साथ ही दशारानी और राजा नल-दमयंती की कथा सुनकर व्रत-उपवास किया। वही घरों में कुमकुम से स्वास्तिक बनाकर तथा हाथों की छाप लगाकर शुभता की कामना की गई।1
- ग्राउंड की खराब गुणवत्ता पर जताई नाराज़गी निरीक्षण के दौरान स्थानीय खिलाड़ियों और बच्चों ने मंत्री जी को अपना फटा हुआ फुटबॉल और जूते दिखाए। खिलाड़ियों ने बताया कि ग्राउंड की मिट्टी इतनी खराब है कि आए दिन चोट लगने का डर रहता है और जूते फट जाते हैं। इस पर मंत्री जी ने UIT (नगर विकास न्यास) के इंजीनियरों को मौके पर ही तलब किया। मंत्री मदन दिलावर ने कहा: "जो काम गुणवत्ता (Quality) के साथ होना चाहिए था, वह नहीं हो रहा है। मैंने निर्देश दिए हैं कि इस मिट्टी की जांच की जाए। अगर यह मानकों के अनुसार नहीं है, तो पूरी मिट्टी को बदलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर का ग्राउंड तैयार किया जाए।" स्टेडियम में क्या-क्या होंगे सुधार? मिट्टी का बदलाव: पूरे फुटबॉल ग्राउंड की मिट्टी बदली जाएगी ताकि पानी का भराव न हो और खिलाड़ियों को खेलते समय "जर्क" न लगे। सिंथेटिक ट्रैक: स्टेडियम के बाहरी हिस्से में सिंथेटिक ट्रैक का काम आगामी 2-3 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। सुरक्षा और स्वच्छता: आवारा पशुओं और कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मानक: ग्राउंड को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यहां से भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकें। 15 दिनों का अल्टीमेटम मंत्री दिलावर ने स्पष्ट किया है कि अगले 15 से 20 दिनों के भीतर ग्राउंड का काम सुव्यवस्थित हो जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि काम की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। कोटा स्टोरीलाइन (Kota Storyline) के दर्शकों के लिए यह एक राहत भरी खबर है।1
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