सवाई माधोपुर के रणथंभौर में पांचवें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ। लिव4फ्रीडम एलएलपी द्वारा रणथंभौर के आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिजॉर्ट एवं कैसल झूमर बावड़ी में 'कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन, प्रसिद्ध संरक्षण पारिस्थितिकीविद्, लेखिका एवं फोटोग्राफर डॉ. लतिका नाथ ने इस बात पर जोर दिया कि जंगलों और वन्यजीवों का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है जब बाघ संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन के बीच सही संतुलन स्थापित किया जाए। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। डॉ. नाथ ने 'भारत के बाघों का भविष्य : संकट, पुनर्वास और दीर्घकालिक अस्तित्व' विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वन्यजीव पर्यटन से प्राप्त आय का एक बड़ा हिस्सा संरक्षण कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने सफारी में पर्यटकों की संख्या सीमित करने और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही नेपाल, भूटान, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के संरक्षण मॉडलों से सीखने का सुझाव दिया। वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. अनिश अंधेरिया ने 'इंसानों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में बाघ' विषय पर चर्चा की और आर्थिक विकास के नाम पर पर्यावरण की अनदेखी न करने की बात कही। उन्होंने हाईवे, रेलवे लाइन जैसी आधारभूत संरचनाओं के वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए रेलवे ट्रैक पर सायरन जैसी तकनीकों के उपयोग का सुझाव दिया, और बताया कि बाघों का संरक्षण देश की जल सुरक्षा व पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ एवं सफारी गाइड विजय सिंह मीणा ने रणथंभौर सहित देश के प्रसिद्ध बाघों डॉलर, चार्जर, पारो, कॉलरवाली, मछली और माया से जुड़े रोचक अनुभव साझा किए। वाइल्ड लाइफ फिल्म निर्माता सुबैया नल्ला मुत्थु ने प्रसिद्ध बाघिन 'मछली' पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की, जबकि रेडिको खेतान के अमित छौजर और वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अभिषेक भाट ने भी संरक्षण से जुड़े अपने विचार रखे। कार्यक्रम में 'रॉयल रणथंभौर – कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' शीर्षक से एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी गई। पहले दिन सुबह झूमर बावड़ी में स्कूली विद्यार्थियों ने पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और बाघ बचाने का संदेश दिया। आयोजकों आनंद भारद्वाज और सुनील मंगल ने बताया कि शनिवार को अभिनेता, पटकथा लेखक एवं निर्माता राहुल सिंह बाघ संरक्षण में सिनेमा की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे, जबकि वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न विशेषज्ञ 'जिम्मेदार सफारी : अधिकार, नियम और सम्मान' विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कंजर्वेशन अवॉर्ड्स समारोह रहेगा, जिसमें बाघ व पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 11 विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों का चयन पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वी. पी. सिंह बदनौर की अध्यक्षता वाली प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा।
सवाई माधोपुर के रणथंभौर में पांचवें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ। लिव4फ्रीडम एलएलपी द्वारा रणथंभौर के आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिजॉर्ट एवं कैसल झूमर बावड़ी में 'कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन, प्रसिद्ध संरक्षण पारिस्थितिकीविद्, लेखिका एवं फोटोग्राफर डॉ. लतिका नाथ ने इस बात पर जोर दिया कि जंगलों और वन्यजीवों का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है जब बाघ संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन के बीच सही संतुलन स्थापित किया जाए। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। डॉ. नाथ ने 'भारत के बाघों का भविष्य : संकट, पुनर्वास और दीर्घकालिक अस्तित्व' विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वन्यजीव पर्यटन से प्राप्त आय का एक बड़ा हिस्सा संरक्षण कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने सफारी में पर्यटकों की संख्या सीमित करने और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही नेपाल, भूटान, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के संरक्षण मॉडलों से सीखने का सुझाव दिया। वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. अनिश अंधेरिया ने 'इंसानों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में बाघ' विषय पर चर्चा की और आर्थिक विकास के नाम पर पर्यावरण की अनदेखी न करने की बात कही। उन्होंने हाईवे, रेलवे लाइन जैसी आधारभूत संरचनाओं के वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए रेलवे ट्रैक पर सायरन जैसी तकनीकों के उपयोग का सुझाव दिया, और बताया कि बाघों का संरक्षण देश की जल सुरक्षा व पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ एवं सफारी गाइड विजय सिंह मीणा ने रणथंभौर सहित देश के प्रसिद्ध बाघों डॉलर, चार्जर, पारो, कॉलरवाली, मछली और माया से जुड़े रोचक अनुभव साझा किए। वाइल्ड लाइफ फिल्म निर्माता सुबैया नल्ला मुत्थु ने प्रसिद्ध बाघिन 'मछली' पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की, जबकि रेडिको खेतान के अमित छौजर और वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अभिषेक भाट ने भी संरक्षण से जुड़े अपने विचार रखे। कार्यक्रम में 'रॉयल रणथंभौर – कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स' शीर्षक से एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी गई। पहले दिन सुबह झूमर बावड़ी में स्कूली विद्यार्थियों ने पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और बाघ बचाने का संदेश दिया। आयोजकों आनंद भारद्वाज और सुनील मंगल ने बताया कि शनिवार को अभिनेता, पटकथा लेखक एवं निर्माता राहुल सिंह बाघ संरक्षण में सिनेमा की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे, जबकि वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न विशेषज्ञ 'जिम्मेदार सफारी : अधिकार, नियम और सम्मान' विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कंजर्वेशन अवॉर्ड्स समारोह रहेगा, जिसमें बाघ व पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 11 विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों का चयन पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वी. पी. सिंह बदनौर की अध्यक्षता वाली प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा।
- सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।1
- बूंदी जिले में स्थित ताल्वास के महादेव जी को घूमने के लिए एक बहुत ही शानदार जगह बताया गया है। यह स्थान अपनी लोकप्रियता के चलते एक महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल बन गया है, जहाँ बड़ी संख्या में लोग हर रोज़ भ्रमण और दर्शन के लिए पहुँचते हैं।1
- खेड़ा मीर समान गाँव में नवनिर्मित मंशामूर्ण महादेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं मंदिर डोरा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा से आयोजित इस तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत 25 जून 2026 को एकादशी के पावन दिन श्री गणेश पूजन और कलश यात्रा के साथ हुई। दूसरे दिन, 26 जून 2026 को द्वादशी के अवसर पर हवन, विभिन्न प्रकार के अधिवास जैसे शर्करा, फलादि, पुष्पादि, तृण और शय्या का आयोजन किया गया, जिसके बाद रात्रि जागरण संपन्न हुआ। आज 27 जून 2026, त्रयोदशी के शुभ अवसर पर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की मुख्य रस्में निभाई जा रही हैं। दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रमों में प्रमुख रूप से मूर्ति महास्नान, न्यास, प्राण प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति और आरती शामिल हैं। इन सभी अनुष्ठानों के उपरांत एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। यह पूरा धार्मिक आयोजन आचार्य पं. अनिल उपाध्याय के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। समस्त पंच खेड़ा मीर समान और ग्रामवासियों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे इस पुनीत कार्य में सपरिवार सम्मिलित होकर धर्म लाभ उठाएँ।1
- उनियारा कस्बे में शुक्रवार को हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजियों का जुलूस श्रद्धा, अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। मातमी धुनों और 'या हुसैन' की सदाओं के बीच यह जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ नैनवां रोड स्थित निर्धारित स्थल पर पहुंचा, जहाँ धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को ठंडा किया गया। इस दौरान, विभिन्न अखाड़ों के उस्तादों और पट्टेबाज़ों ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक करतबों का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। इस मोहर्रम आयोजन में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समाजों के लोगों सहित हिंदू महिलाओं ने भी ताजियों पर फूल और मिठाई चढ़ाकर भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। वृत्ताधिकारी (सीओ) अशोक कुमार के निर्देशन में सुरक्षा संभाली गई, जबकि उनियारा थानाधिकारी कप्तान सिंह सहित पुलिस जाब्ता पूरे जुलूस मार्ग पर तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए आयोजन को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया। कार्यक्रम के समापन पर, ताजिया कमेटी के पदाधिकारियों ने सीओ अशोक कुमार, थानाधिकारी कप्तान सिंह, अन्य पुलिस अधिकारियों, अखाड़ों के उस्तादों और पट्टेबाज़ों की दस्तारबंदी कर उनका सम्मान किया। इस पूरे आयोजन के दौरान भाईचारे, शांति और सामाजिक समरसता का संदेश मुखर रहा।1
- राजस्थान पंचायती विभाग की ओर से पंचायत चुनावों के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, इस संबंध में पूरी खबर जल्द ही उपलब्ध होगी, जिससे यह स्पष्ट हो पाएगा कि राज्य में पंचायत चुनाव आयोजित किए जाएंगे या नहीं।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन पुलिया के पास, बड़ के बालाजी के बगल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के लोग बदबू से खासे परेशान हैं। यह स्थिति तब है जब कुछ महीने पहले ही जिला प्रशासन ने साइकिल से क्षेत्र का दौरा कर पानी, बिजली, साफ-सफाई और सड़कों पर गड्ढों का जायजा लिया था। इस दौरे के एक महीना बीत जाने के बाद भी गंदगी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, और सड़कों पर गड्ढे भी जस के तस बने हुए हैं। जिला प्रशासन द्वारा साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें संबंधित अधिकारियों को बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति को सुधारने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का भी जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में यह देखने वाली बात है कि जिला प्रशासन द्वारा धरातल पर कब तक काम किया जाएगा, या फिर ये केवल खानापूर्ति बनकर रह जाएगा।1
- श्योपुर में चोखी ढाणी होटल मारपीट मामले में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में उनके समर्थकों ने एसपी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस एफआईआर को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही, उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।1
- राजस्थान के जयपुर में एक वीआईपी मूवमेंट के दौरान हुई घटना में एक युवती गंभीर रूप से झुलस गई। बताया गया है कि यह घटना पुलिस के धक्के के कारण हुई, जिससे युवती को गंभीर चोटें आईं।1