कन्नौज के ठठिया क्षेत्र स्थित स्वामी शिवानंद हायर सेकेंडरी स्कूल के सोशल साइंस शिक्षक अखिलेश श्रीवास्तव ने अपने बेटे सुमित श्रीवास्तव को ब्लड कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए अपनी पूरी जिंदगी की कमाई और जमा-पूंजी दांव पर लगा दी। बेटे को मौत के मुँह से खींच लाने के पिता के अदम्य साहस और हौसले ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात दे दी है, और अब उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ है। यह कहानी पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। वर्ष 2006 में परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा, जब सुमित को ब्लड कैंसर होने की पुष्टि हुई। पिता अखिलेश श्रीवास्तव ने हार नहीं मानी और बेटे का इलाज शुरू कराया। प्रारंभिक उपचार लखनऊ के पीजीआई में हुआ, जिसके बाद 2016 में डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी। इसके लिए सुमित को मुंबई के टाटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका लंबे समय तक इलाज चला। इस पूरे उपचार में लगभग 50 लाख रुपये खर्च हुए। एक शिक्षक के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था, लेकिन अखिलेश श्रीवास्तव ने अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए अपनी नौकरी की पूरी कमाई, भविष्य निधि, पेंशन पर लोन, घर के जेवर, और रिश्तेदारों व परिचितों से कर्ज लेकर यह राशि जुटाई। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनके सामने सिर्फ बेटे की जिंदगी थी, और उन्होंने पाई-पाई खर्च कर दी, भले ही कर्ज का बोझ बढ़ गया। आज सुमित श्रीवास्तव कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हराकर पूरी तरह स्वस्थ हैं और मुस्कुरा रहे हैं। अखिलेश श्रीवास्तव अभी भी लोगों से लिए गए कर्ज और उसका ब्याज चुका रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर कोई शिकायत नहीं है, बल्कि बेटे के स्वस्थ होने का सुकून और गर्व है। उनका कहना है कि उनकी पूरी जिंदगी की कमाई सफल हो गई है। यह कहानी एक पिता के त्याग, संघर्ष और अटूट प्रेम का प्रमाण है, जिसे पूरा क्षेत्र सलाम कर रहा है।
कन्नौज के ठठिया क्षेत्र स्थित स्वामी शिवानंद हायर सेकेंडरी स्कूल के सोशल साइंस शिक्षक अखिलेश श्रीवास्तव ने अपने बेटे सुमित श्रीवास्तव को ब्लड कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए अपनी पूरी जिंदगी की कमाई और जमा-पूंजी दांव पर लगा दी। बेटे को मौत के मुँह से खींच लाने के पिता के अदम्य साहस और हौसले ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात दे दी है, और अब उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ है। यह कहानी पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। वर्ष 2006 में परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा, जब सुमित को ब्लड कैंसर होने की पुष्टि हुई। पिता अखिलेश श्रीवास्तव ने हार नहीं मानी और बेटे का इलाज शुरू कराया। प्रारंभिक उपचार लखनऊ के पीजीआई में हुआ, जिसके बाद 2016 में डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी। इसके लिए सुमित को मुंबई के टाटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका लंबे समय तक इलाज चला। इस पूरे उपचार में लगभग 50 लाख रुपये खर्च हुए। एक शिक्षक के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था, लेकिन अखिलेश श्रीवास्तव ने अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए अपनी नौकरी की पूरी कमाई, भविष्य निधि, पेंशन पर लोन, घर के जेवर, और रिश्तेदारों व परिचितों से कर्ज लेकर यह राशि जुटाई। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनके सामने सिर्फ बेटे की जिंदगी थी, और उन्होंने पाई-पाई खर्च कर दी, भले ही कर्ज का बोझ बढ़ गया। आज सुमित श्रीवास्तव कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हराकर पूरी तरह स्वस्थ हैं और मुस्कुरा रहे हैं। अखिलेश श्रीवास्तव अभी भी लोगों से लिए गए कर्ज और उसका ब्याज चुका रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर कोई शिकायत नहीं है, बल्कि बेटे के स्वस्थ होने का सुकून और गर्व है। उनका कहना है कि उनकी पूरी जिंदगी की कमाई सफल हो गई है। यह कहानी एक पिता के त्याग, संघर्ष और अटूट प्रेम का प्रमाण है, जिसे पूरा क्षेत्र सलाम कर रहा है।
- औरैया की एक युवती की शिकायत के आधार पर स्वयंभू संत हरिओम यादव, जिन्हें 'बोतल बाबा' के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने उन पर पूजा-पाठ और अनुष्ठान के नाम पर धन लेने के साथ-साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और नामजद आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई जारी है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच प्रचलित है, और आरोपों की पुष्टि न्यायालय एवं जांच के निष्कर्षों के अधीन होगी।1
- हरदोई के माधौगंज मोहल्ला (गोखले नगर), पुरानी गुड़ मंडी निवासी श्री अरविंद सोनी (गुड्डू) जी और अनुराग सोनी (मन्नू) जी के निवास पर सुंदरकांड पाठ, हवन पूजन और प्रसाद वितरण (भण्डारा) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस भक्तिमय अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण मौजूद रहे, जिन्होंने प्रसाद ग्रहण कर ईश्वर का गुणगान किया और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में आशीष कुमार, सुजीत कुमार, उत्तम पाल, दुर्विजय पाल, राहुल राठौर, रोहित राठौर, अमर सिंह, शिवाकांत, आयुष, कृष्णा, अमन सोनी, वेदप्रकाश तिवारी, रामकृष्ण राठौर और आकाश सोनी सहित सैकड़ों लोगों का विशेष योगदान रहा।4
- Rajpur Kanpur dehat oh shdusjso di itself out do to go1
- Fatehpur 84 jajamgjshsjsycasr I love you my huierohgbyh Fatehpur 84 Jay Shri Ram ji ho gaya kya kar rahe hai 74 kanpur1
- बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच, योग लोगों के लिए स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता और फिटनेस का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। इसी क्रम में, विकासखंड भरखनी के प्रांगण में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ योग शिक्षक अभिषेक पाठक ने प्रतिभागियों को योग आसन की सभी क्रियाएं कराईं और उन्हें प्रतिदिन योग करते रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर खंड विकास शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार द्विवेदी और खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सहित विकासखंड स्तर के ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष रोहित सिंह समेत कई अन्य लोगों ने योग किया। खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार द्विवेदी ने इस दौरान बताया कि भाग-दौड़ भरे दैनिक जीवन और लगातार कम होते शारीरिक श्रम के कारण ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि शहर की लगभग 25 से 30 प्रतिशत आबादी ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रही है। चिकित्सकों द्वारा भी ऐसे मरीजों को नियमित व्यायाम और योग करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि योग केवल शारीरिक अभ्यास ही नहीं, बल्कि मन और चित्त को एकाग्र करने का भी एक सशक्त माध्यम है। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने जानकारी दी कि लंबे समय तक बैठकर काम करने से युवा वर्ग भी जोड़ों के दर्द और शारीरिक अकड़न की समस्या से प्रभावित हो रहा है। इसी कारण अब कई कॉर्पोरेट संस्थान अपने कर्मचारियों को फिटनेस और योग के लिए विशेष समय दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व योग दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में योग संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।4
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- औरैया की एक युवती की शिकायत पर स्वयंभू संत हरिओम यादव, जिन्हें 'बोतल बाबा' के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने उन पर पूजा-पाठ और अनुष्ठान के बहाने धन ऐंठने के साथ-साथ छेड़छाड़ तथा दुष्कर्म के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक, युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर तुरंत कार्रवाई की गई है। इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी चल रही है और लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायालय तथा जांच के निष्कर्षों पर ही निर्भर करेगी।1
- बिहार के भरत तिवारी, जो लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे और सरकार से अपनी माँगें पूरी करवाना चाहते थे, उनका सरकार ने एनकाउंटर कर दिया है। बताया जा रहा है कि बिहार के ही इस भरत तिवारी को भरी जवानी में पुलिस ट्रेनिंग एनकाउंटर में मार गिराया गया।1