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दमोह पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में 'सेफ क्लिक अभियान' शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मोबाइल, सोशल मीडिया, बैंकिंग ऐप और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर लोग साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। अभियान विशेष रूप से आमजन, विद्यार्थियों, महिलाओं, व्यापारियों और बुजुर्गों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है। पुलिस टीमों द्वारा लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी को भी ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाते की जानकारी या यूपीआई पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी जा रही है। एएसपी भदौरिया ने बताया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कूरियर कंपनी, बिजली विभाग या परिचित बनकर फोन करते हैं, और नौकरी, लोन, इनाम, निवेश, ऑनलाइन खरीदारी या सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, अभियान में बताया जा रहा है कि मोबाइल में केवल विश्वसनीय ऐप ही डाउनलोड करें, सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें, साथ ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करने या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने से भी बचें। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नजदीकी थाना/साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। समय पर सूचना देने से ठगी की राशि को रोकने या वापस दिलाने में मदद मिल सकती है। 'सेफ क्लिक अभियान' एक पुलिस जागरूकता कार्यक्रम है जो सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड ठगी और डिजिटल भुगतान से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी देता है, जिसका लक्ष्य साइबर अपराध होने से पहले ही लोगों को सतर्क करना है।

10 hrs ago
user_Narendra Ahirwar
Narendra Ahirwar
संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

दमोह पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में 'सेफ क्लिक अभियान' शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मोबाइल, सोशल मीडिया, बैंकिंग ऐप और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर लोग साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। अभियान विशेष रूप से आमजन, विद्यार्थियों, महिलाओं, व्यापारियों और बुजुर्गों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है। पुलिस टीमों द्वारा लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी को भी ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाते की जानकारी या यूपीआई पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी जा रही है। एएसपी भदौरिया ने बताया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कूरियर कंपनी, बिजली विभाग या परिचित बनकर फोन करते हैं, और नौकरी, लोन, इनाम, निवेश, ऑनलाइन खरीदारी या सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, अभियान में बताया जा रहा है कि मोबाइल में केवल विश्वसनीय ऐप ही डाउनलोड करें, सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें, साथ ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करने या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने से भी बचें। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नजदीकी थाना/साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। समय पर सूचना देने से ठगी की राशि को रोकने या वापस दिलाने में मदद मिल सकती है। 'सेफ क्लिक अभियान' एक पुलिस जागरूकता कार्यक्रम है जो सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड ठगी और डिजिटल भुगतान से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी देता है, जिसका लक्ष्य साइबर अपराध होने से पहले ही लोगों को सतर्क करना है।

More news from Damoh and nearby areas
  • जबलपुर में भ्रष्टाचार नीति, अन्याय और लूट के विरोध में एक राज्यस्तरीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन गंभीर मुद्दों के खिलाफ सामूहिक शक्ति प्रदर्शन करना है। यह आयोजन जनता के आक्रोश को व्यक्त करने और इन ज्वलंत समस्याओं पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
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    जबलपुर में भ्रष्टाचार नीति, अन्याय और लूट के विरोध में एक राज्यस्तरीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन गंभीर मुद्दों के खिलाफ सामूहिक शक्ति प्रदर्शन करना है।

यह आयोजन जनता के आक्रोश को व्यक्त करने और इन ज्वलंत समस्याओं पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
    user_बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
    बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
    Voice of people Jabera, Damoh•
    21 hrs ago
  • एक वीडियो जिसमें एक मोर को अपने पंख छोड़ते हुए दिखाया गया है, उसे अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है। इस वीडियो को मौजूदा माहौल में हर ग्रुप में डालने का आग्रह किया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह प्रक्रिया हिंसा नहीं है। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब बीजेपी नेत्री मेनका गांधी ने आचार्य सौरभसागर जी के समक्ष मुनियों द्वारा पीछी बनाने की क्रिया को लेकर हिंसा के अनर्गल आरोप लगाए थे। यह ताजा वीडियो उन्हीं आरोपों का जवाब देने और सच्चाई उजागर करने के उद्देश्य से जारी किया गया है, यह दर्शाता है कि पंख प्राकृतिक रूप से झड़ते हैं।
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    एक वीडियो जिसमें एक मोर को अपने पंख छोड़ते हुए दिखाया गया है, उसे अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है। इस वीडियो को मौजूदा माहौल में हर ग्रुप में डालने का आग्रह किया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह प्रक्रिया हिंसा नहीं है।

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब बीजेपी नेत्री मेनका गांधी ने आचार्य सौरभसागर जी के समक्ष मुनियों द्वारा पीछी बनाने की क्रिया को लेकर हिंसा के अनर्गल आरोप लगाए थे। यह ताजा वीडियो उन्हीं आरोपों का जवाब देने और सच्चाई उजागर करने के उद्देश्य से जारी किया गया है, यह दर्शाता है कि पंख प्राकृतिक रूप से झड़ते हैं।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बीना शहर के व्यस्त इटावा बाजार क्षेत्र में एक ज्वेलर्स की दुकान में लाखों रुपये की चोरी की बड़ी वारदात सामने आने से हड़कंप मच गया है। यह घटना पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्वेलर्स व्यवसायी अनिल सोनी (52) गुरुवार सुबह अपनी दुकान खोलने पहुँचे, तो उन्होंने बाहर के ताले टूटे पाए, जिसके बाद भीतर जाकर अलमारी के ताले भी टूटे और उसमें रखा कीमती सामान गायब पाया। पीड़ित व्यवसायी अनिल सोनी के अनुसार, चोर दुकान में रखी लगभग 7 से 10 हजार रुपये की नगदी और करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, जिनमें अंगूठियाँ, पायलें और बिछिया शामिल हैं, चोरी कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही बीना थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। इस चोरी की खबर फैलते ही सर्राफा व्यापारियों में गहरा आक्रोश पैदा हो गया है, जिन्होंने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सर्राफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार सोनी, भारत भूषण सोनी, जितेंद्र राय सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से चोरों की जल्द गिरफ्तारी, चोरी गए माल की बरामदगी और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ नियमित व प्रभावी रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही चोरी की इस वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। थाने से कुछ ही दूरी पर हुई इस चोरी ने न केवल पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि व्यापारियों के बीच भी असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है, जिससे सभी की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं।
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    बीना शहर के व्यस्त इटावा बाजार क्षेत्र में एक ज्वेलर्स की दुकान में लाखों रुपये की चोरी की बड़ी वारदात सामने आने से हड़कंप मच गया है। यह घटना पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्वेलर्स व्यवसायी अनिल सोनी (52) गुरुवार सुबह अपनी दुकान खोलने पहुँचे, तो उन्होंने बाहर के ताले टूटे पाए, जिसके बाद भीतर जाकर अलमारी के ताले भी टूटे और उसमें रखा कीमती सामान गायब पाया।

पीड़ित व्यवसायी अनिल सोनी के अनुसार, चोर दुकान में रखी लगभग 7 से 10 हजार रुपये की नगदी और करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, जिनमें अंगूठियाँ, पायलें और बिछिया शामिल हैं, चोरी कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही बीना थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। इस चोरी की खबर फैलते ही सर्राफा व्यापारियों में गहरा आक्रोश पैदा हो गया है, जिन्होंने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सर्राफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार सोनी, भारत भूषण सोनी, जितेंद्र राय सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से चोरों की जल्द गिरफ्तारी, चोरी गए माल की बरामदगी और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ नियमित व प्रभावी रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।

बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही चोरी की इस वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। थाने से कुछ ही दूरी पर हुई इस चोरी ने न केवल पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि व्यापारियों के बीच भी असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है, जिससे सभी की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जबलपुर के सिहोरा स्थित धनगवां के प्रखर वेयरहाउस में ओवरलोड गाड़ियों को खाली करवाने का गंभीर मामला सामने आया है। यहां नियमों को ताक पर रखकर 10-चक्का ट्रकों से, जिनकी पासिंग क्षमता मात्र 18 टन है, 14-चक्का ट्रकों के बराबर माल उतरवाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, चावल का एक लॉट 29.5 यूनिट का होता है, जिसे इन 10-चक्का ट्रकों में लोड किया जा रहा है। यह प्रक्रिया ट्रकों की निर्धारित वजन ढोने की क्षमता का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके तहत उन्हें वेयरहाउस में अधिक क्षमता वाले 14-चक्का ट्रकों के रूप में दिखाकर अनलोड किया जा रहा है। इस पूरी अनियमितता में एफसीआई भोपाल का संदर्भ भी दिया गया है।
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    जबलपुर के सिहोरा स्थित धनगवां के प्रखर वेयरहाउस में ओवरलोड गाड़ियों को खाली करवाने का गंभीर मामला सामने आया है। यहां नियमों को ताक पर रखकर 10-चक्का ट्रकों से, जिनकी पासिंग क्षमता मात्र 18 टन है, 14-चक्का ट्रकों के बराबर माल उतरवाया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, चावल का एक लॉट 29.5 यूनिट का होता है, जिसे इन 10-चक्का ट्रकों में लोड किया जा रहा है। यह प्रक्रिया ट्रकों की निर्धारित वजन ढोने की क्षमता का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके तहत उन्हें वेयरहाउस में अधिक क्षमता वाले 14-चक्का ट्रकों के रूप में दिखाकर अनलोड किया जा रहा है। इस पूरी अनियमितता में एफसीआई भोपाल का संदर्भ भी दिया गया है।
    user_Yuva
    Yuva
    Transportation service सिहोरा, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सागर में बुधवार को ब्राह्मण समाज ने भारत भूषण के कथित एनकाउंटर के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। यह मशाल जुलूस नगर के म्यूनिसिपल स्कूल परिसर से प्रारंभ होकर वंदना होटल तक पहुँचा। समाजजनों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि किसी भी मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराया जाना आवश्यक है। जुलूस के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कानून का शासन सर्वोपरि है, और जनता का विश्वास केवल किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच से ही कायम रह सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की पारदर्शी जांच करने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की। कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि ब्राह्मण समाज न्याय व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच होने तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे। मशाल जुलूस के दौरान शांति व अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा, और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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    सागर में बुधवार को ब्राह्मण समाज ने भारत भूषण के कथित एनकाउंटर के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

यह मशाल जुलूस नगर के म्यूनिसिपल स्कूल परिसर से प्रारंभ होकर वंदना होटल तक पहुँचा। समाजजनों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि किसी भी मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराया जाना आवश्यक है।

जुलूस के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कानून का शासन सर्वोपरि है, और जनता का विश्वास केवल किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच से ही कायम रह सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की पारदर्शी जांच करने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि ब्राह्मण समाज न्याय व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच होने तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे। मशाल जुलूस के दौरान शांति व अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा, और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
    user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • ललितपुर के मड़ावरा में प्रशासन ने सख्ती का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहाँ उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने संदिग्ध परिस्थितियों में अनाज से लदी एक डीसीएम को रोककर उसकी जांच की। जांच के दौरान वाहन चालक आवश्यक दस्तावेज और मंडी से संबंधित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब डीसीएम संख्या UP 94 AT 3167 मड़ावरा कस्बे से अनाज लेकर ललितपुर की ओर जा रही थी और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने इसे साढ़ूमल के पास रोका। चालक से अनाज से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और मंडी के कागजात मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध प्रमाण पत्र दिखाने में विफल रहा। दस्तावेज उपलब्ध न होने पर, एसडीएम ने तत्काल मंडी प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंचे मंडी अधिकारियों ने वाहन और उसके अभिलेखों की गहन जांच की, और प्रारंभिक जांच में आवश्यक कागजात न मिलने पर डीसीएम को मड़ावरा पुलिस को सौंप दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध अनाज कारोबार में लिप्त और नियमों की अनदेखी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप भविष्य में भी ऐसे जांच अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    ललितपुर के मड़ावरा में प्रशासन ने सख्ती का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहाँ उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने संदिग्ध परिस्थितियों में अनाज से लदी एक डीसीएम को रोककर उसकी जांच की। जांच के दौरान वाहन चालक आवश्यक दस्तावेज और मंडी से संबंधित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

यह कार्रवाई तब हुई जब डीसीएम संख्या UP 94 AT 3167 मड़ावरा कस्बे से अनाज लेकर ललितपुर की ओर जा रही थी और उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने इसे साढ़ूमल के पास रोका। चालक से अनाज से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और मंडी के कागजात मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध प्रमाण पत्र दिखाने में विफल रहा।

दस्तावेज उपलब्ध न होने पर, एसडीएम ने तत्काल मंडी प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंचे मंडी अधिकारियों ने वाहन और उसके अभिलेखों की गहन जांच की, और प्रारंभिक जांच में आवश्यक कागजात न मिलने पर डीसीएम को मड़ावरा पुलिस को सौंप दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध अनाज कारोबार में लिप्त और नियमों की अनदेखी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप भविष्य में भी ऐसे जांच अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_पत्रकार प्रिइन्द्र सिंह
    पत्रकार प्रिइन्द्र सिंह
    Local News Reporter Madawara, Lalitpur•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना फैक्ट्री से लगभग एक दर्जन मजदूरों को जानवरों की तरह बंधक बनाकर रखने और प्रताड़ित करने का जघन्य मामला सामने आया है। हाल ही में मुक्त कराए गए इन मजदूरों की हालत बेहद दयनीय पाई गई, जो जानवरों से भी बदतर थी। अंकित बालियान नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह अपनी फैक्ट्री में इन मजदूरों को कई सालों से बंधक बनाए हुए था। जांच में सामने आया है कि इन मजदूरों को बेतहाशा चोटों के निशान और मार-मारकर सुजाए गए हाथ-पांव के साथ पाया गया। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद उन्हें एक लॉकअप में बंद रखा जाता था। मजदूरों को 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था, जिसमें चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च शामिल होती थी। इन मजदूरों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से 12 हजार रुपये के मासिक वेतन का लालच देकर यहां लाया गया था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री यातना देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी थी। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है। मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में वह हथियार देखा गया जिससे इन बंधक बनाए गए मजदूरों को कथित तौर पर यातनाएं दी जाती थीं।
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    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना फैक्ट्री से लगभग एक दर्जन मजदूरों को जानवरों की तरह बंधक बनाकर रखने और प्रताड़ित करने का जघन्य मामला सामने आया है। हाल ही में मुक्त कराए गए इन मजदूरों की हालत बेहद दयनीय पाई गई, जो जानवरों से भी बदतर थी। अंकित बालियान नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह अपनी फैक्ट्री में इन मजदूरों को कई सालों से बंधक बनाए हुए था।

जांच में सामने आया है कि इन मजदूरों को बेतहाशा चोटों के निशान और मार-मारकर सुजाए गए हाथ-पांव के साथ पाया गया। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद उन्हें एक लॉकअप में बंद रखा जाता था। मजदूरों को 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था, जिसमें चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च शामिल होती थी। इन मजदूरों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से 12 हजार रुपये के मासिक वेतन का लालच देकर यहां लाया गया था।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री यातना देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी थी। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है। मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में वह हथियार देखा गया जिससे इन बंधक बनाए गए मजदूरों को कथित तौर पर यातनाएं दी जाती थीं।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित "सेफ क्लिक" साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले के सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 600 से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह पहल पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में की जा रही है, जिसका उद्देश्य जिले के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, साइबर बुलिंग और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की विशेष सलाह दी। इसके अतिरिक्त, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया। सागर पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। इस अवसर पर निरीक्षक रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक आरकेएस चौहान, उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप और आरक्षक आनंद सहित टीचिंग स्टाफ से जुड़ रॉबर्ट्स, राजू सिल्वरस्टार, निखिल चौधरी, संदीप मसीह, अजय अल्बर्ट, अर्चना शर्मा, जॉली जॉय, परविंदर कौर, सुरभि तिवारी तथा स्कूल के अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।
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    पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित "सेफ क्लिक" साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले के सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 600 से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह पहल पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में की जा रही है, जिसका उद्देश्य जिले के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, साइबर बुलिंग और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की विशेष सलाह दी।

इसके अतिरिक्त, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रही।

विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया। सागर पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।

इस अवसर पर निरीक्षक रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक आरकेएस चौहान, उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप और आरक्षक आनंद सहित टीचिंग स्टाफ से जुड़ रॉबर्ट्स, राजू सिल्वरस्टार, निखिल चौधरी, संदीप मसीह, अजय अल्बर्ट, अर्चना शर्मा, जॉली जॉय, परविंदर कौर, सुरभि तिवारी तथा स्कूल के अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार शाम दो शक्तिशाली भूकंपों से दहल उठा। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला झटका 7.2 तीव्रता का था, जिसके ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। इन दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकास से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था, जिससे कई राज्यों में भारी तबाही हुई और दर्जनों इमारतें धराशायी हो गईं। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम मृतक संख्या कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं। USGS के प्रारंभिक आकलन में हजारों मौतों की आशंका जताई गई थी, लेकिन 10 हजार मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। काराकास, ला गुआइरा, अरागुआ और काराबोबो राज्यों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, जिसके चलते मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बंद कर दिया गया है। देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है, और सेना, आपदा प्रबंधन बल व स्वास्थ्यकर्मी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चला रहे हैं। अब तक 20 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं, और हजारों लोग खुले मैदानों तथा सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। अमेरिका सहित कई देशों ने खोज एवं बचाव दल और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है, और पूरी दुनिया की निगाहें वेनेजुएला में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।
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    दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार शाम दो शक्तिशाली भूकंपों से दहल उठा। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला झटका 7.2 तीव्रता का था, जिसके ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। इन दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकास से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था, जिससे कई राज्यों में भारी तबाही हुई और दर्जनों इमारतें धराशायी हो गईं।

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम मृतक संख्या कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं। USGS के प्रारंभिक आकलन में हजारों मौतों की आशंका जताई गई थी, लेकिन 10 हजार मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। काराकास, ला गुआइरा, अरागुआ और काराबोबो राज्यों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, जिसके चलते मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बंद कर दिया गया है।

देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है, और सेना, आपदा प्रबंधन बल व स्वास्थ्यकर्मी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चला रहे हैं। अब तक 20 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं, और हजारों लोग खुले मैदानों तथा सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। अमेरिका सहित कई देशों ने खोज एवं बचाव दल और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है, और पूरी दुनिया की निगाहें वेनेजुएला में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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