पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित "सेफ क्लिक" साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले के सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 600 से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह पहल पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में की जा रही है, जिसका उद्देश्य जिले के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, साइबर बुलिंग और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की विशेष सलाह दी। इसके अतिरिक्त, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया। सागर पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। इस अवसर पर निरीक्षक रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक आरकेएस चौहान, उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप और आरक्षक आनंद सहित टीचिंग स्टाफ से जुड़ रॉबर्ट्स, राजू सिल्वरस्टार, निखिल चौधरी, संदीप मसीह, अजय अल्बर्ट, अर्चना शर्मा, जॉली जॉय, परविंदर कौर, सुरभि तिवारी तथा स्कूल के अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित "सेफ क्लिक" साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत, सागर जिले के सागर कॉन्वेंट स्कूल में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 600 से अधिक विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह पहल पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में की जा रही है, जिसका उद्देश्य जिले के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर
अपराधों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी केंट श्री रोहित डोंगरे और प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, साइबर बुलिंग और सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न
आने की विशेष सलाह दी। इसके अतिरिक्त, किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी द्वारा सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की उत्सुकता कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रही। विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षकों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए
एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया। सागर पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधियों की चालों को समझे, सतर्क रहे और एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। इस अवसर पर निरीक्षक रोहित डोंगरे, उप निरीक्षक आरकेएस चौहान, उपनिरीक्षक संजय बामनिया, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक भानु प्रताप और आरक्षक आनंद सहित टीचिंग स्टाफ से जुड़ रॉबर्ट्स, राजू सिल्वरस्टार, निखिल चौधरी, संदीप मसीह, अजय अल्बर्ट, अर्चना शर्मा, जॉली जॉय, परविंदर कौर, सुरभि तिवारी तथा स्कूल के अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना फैक्ट्री से लगभग एक दर्जन मजदूरों को जानवरों की तरह बंधक बनाकर रखने और प्रताड़ित करने का जघन्य मामला सामने आया है। हाल ही में मुक्त कराए गए इन मजदूरों की हालत बेहद दयनीय पाई गई, जो जानवरों से भी बदतर थी। अंकित बालियान नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह अपनी फैक्ट्री में इन मजदूरों को कई सालों से बंधक बनाए हुए था। जांच में सामने आया है कि इन मजदूरों को बेतहाशा चोटों के निशान और मार-मारकर सुजाए गए हाथ-पांव के साथ पाया गया। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद उन्हें एक लॉकअप में बंद रखा जाता था। मजदूरों को 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था, जिसमें चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च शामिल होती थी। इन मजदूरों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से 12 हजार रुपये के मासिक वेतन का लालच देकर यहां लाया गया था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री यातना देकर तीन मजदूरों की हत्या कर दी थी। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है। मुजफ्फरनगर के SSP संजय वर्मा के हाथ में वह हथियार देखा गया जिससे इन बंधक बनाए गए मजदूरों को कथित तौर पर यातनाएं दी जाती थीं।1
- कितना प्यारा सॉन्ग है आप सभी को अच्छालगा प्लीज फॉलो कर लो दोस्तों कितना प्यारा सॉन्ग है आप सभी को अच्छा लगा प्लीज फॉलो कर लो दोस्तों1
- रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाने में एक बेहद भावुक और अनूठा नज़ारा देखने को मिला, जहाँ एक तरफ लोगों की आँखें नम थीं, वहीं दूसरी तरफ जोरदार स्वागत भी किया गया। यह घटना इतनी असामान्य थी कि इसने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पुलिसकर्मियों के लिए भी जनता की आँखों से आँसू छलक पड़े और उनका इतने उत्साह से स्वागत किया गया।1
- इंदौर में भारी बारिश के बाद जलजमाव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो शहर के रोबोट चौराहे के पास स्थित न्याय नगर का है, जहाँ भारी बारिश के कारण सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है। वायरल वीडियो में एक दूल्हा अपनी बारात के साथ इसी जलभराव वाले रास्ते से गुजरता हुआ दिखाई दे रहा है। इस मुश्किल स्थिति के बावजूद, बारातियों ने अपना उत्साह बनाए रखा और समारोह को जारी रखा। यह वीडियो अब शहर में बारिश और जलजमाव की समस्याओं को लेकर आम लोगों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।1
- नगरपालिका परिषद करेली द्वारा महेंद्र वार्ड पार्क में साफ-सफाई के लिए श्रमदान किया गया। यह अभियान शासन के निर्देशानुसार डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पखवाड़े के तहत चलाया गया है।1
- भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय से एक सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रदेश के 33.92 लाख से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में 203.56 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की। इस पहल से वृद्धजन, निराश्रित, दिव्यांगजन और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था के कारण पेंशन राशि बिना किसी मध्यस्थ के सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुँच रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रदेश सरकार पात्र हितग्राहियों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।1
- मौसम को लेकर एक पोस्ट में अत्यधिक उत्साह व्यक्त किया गया है। साझा की गई जानकारी के अनुसार, मौसम को बार-बार 'बेहद प्यारा', 'एक नंबर' और 'बहुत अच्छा' बताया गया है। इसमें मौसम की मनमोहक और उत्तम गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है।1
- नरसिंहपुर जिले के ककरा घाट चिरहकला के पास बुधवार देर रात एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। यह ट्रैक्टर-ट्रॉली बिल्डिंग मटेरियल का लोहा लेकर गाडरवारा से ककरा घाट की ओर जा रही थी, तभी हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना के दौरान ट्रॉली में सवार दो लोग फंस गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने जेसीबी की सहायता से ट्रॉली के नीचे फंसे दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना का वीडियो आज गुरुवार को सुबह 11 बजे से सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है।1
- दमोह पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में 'सेफ क्लिक अभियान' शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मोबाइल, सोशल मीडिया, बैंकिंग ऐप और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर लोग साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। अभियान विशेष रूप से आमजन, विद्यार्थियों, महिलाओं, व्यापारियों और बुजुर्गों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है। पुलिस टीमों द्वारा लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी को भी ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाते की जानकारी या यूपीआई पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी जा रही है। एएसपी भदौरिया ने बताया कि साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कूरियर कंपनी, बिजली विभाग या परिचित बनकर फोन करते हैं, और नौकरी, लोन, इनाम, निवेश, ऑनलाइन खरीदारी या सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, अभियान में बताया जा रहा है कि मोबाइल में केवल विश्वसनीय ऐप ही डाउनलोड करें, सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें, साथ ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करने या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने से भी बचें। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नजदीकी थाना/साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। समय पर सूचना देने से ठगी की राशि को रोकने या वापस दिलाने में मदद मिल सकती है। 'सेफ क्लिक अभियान' एक पुलिस जागरूकता कार्यक्रम है जो सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड ठगी और डिजिटल भुगतान से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी देता है, जिसका लक्ष्य साइबर अपराध होने से पहले ही लोगों को सतर्क करना है।1