राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने आयोग के सदस्यों विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा और शालिनी जमवाल के साथ हमीरपुर जिले के तीन दिवसीय प्रवास का समापन किया। अपने अंतिम दिन हमीर भवन में जिला अधिकारियों के साथ एक बैठक में, आयोग ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के अधिकारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की, साथ ही अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। कुलदीप कुमार ने पुलिस, अभियोजन विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि वे जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का विस्तृत ब्यौरा एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस अधिनियम के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए ताकि एससी वर्ग के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा हो सके। अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल में लगभग 26 प्रतिशत आबादी एससी वर्ग की है, और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के तहत 25 प्रतिशत बजट आवंटित किया जाता है, जिसका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से पिछले तीन वर्षों के खर्च की रिपोर्ट माँगी और सड़क से वंचित एससी बस्तियों का ब्यौरा देने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में एससी बस्तियों के नाम जातिसूचक नहीं होने चाहिए और यदि सरकारी रिकॉर्ड में ऐसे नाम हैं, तो उन्हें हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित आवास योजनाओं, आदर्श ग्राम योजना, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य विभागों की सब्सिडी योजनाओं की भी समीक्षा की। कुलदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके द्वारा माँगी गई रिपोर्टों या दिए गए निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले, उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने आयोग के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि जिले में आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने बैठक में विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कुलदीप कुमार ने दोहराया कि आयोग प्रदेश में एससी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव कृतसंकल्प है और अभी तक आठ जिलों का दौरा कर चुका है। उन्होंने रोहड़ू में एक किशोर की आत्महत्या और कुल्लू जिला के सैंज में एक महिला की हत्या जैसे संवेदनशील मामलों का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाने का भी उल्लेख किया। हमीरपुर प्रवास के दौरान, आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, शहरी निकायों तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के अलावा आम लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि कई छोटे मामले स्थानीय स्तर पर ही निपटाए जा सकते हैं, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को आगे आना चाहिए। कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की एससी वर्ग के कल्याण, उत्थान और अधिकारों की रक्षा के प्रति संवेदनशीलता की सराहना की, जिनके प्रयासों से आयोग का गठन हुआ है और कई कल्याणकारी योजनाएँ भी आरंभ हुई हैं।
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने आयोग के सदस्यों विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा और शालिनी जमवाल के साथ हमीरपुर जिले के तीन दिवसीय प्रवास का समापन किया। अपने अंतिम दिन हमीर भवन में जिला अधिकारियों के साथ एक बैठक में, आयोग ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के अधिकारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की, साथ ही अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। कुलदीप कुमार ने पुलिस, अभियोजन विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि वे जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का विस्तृत ब्यौरा एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस अधिनियम के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए ताकि एससी वर्ग के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा हो सके। अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल में लगभग 26 प्रतिशत आबादी एससी वर्ग की है, और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के तहत 25 प्रतिशत बजट आवंटित किया जाता है, जिसका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से पिछले तीन वर्षों के खर्च की रिपोर्ट माँगी और सड़क से वंचित एससी बस्तियों का ब्यौरा देने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में एससी बस्तियों के नाम जातिसूचक नहीं होने चाहिए और यदि सरकारी रिकॉर्ड में ऐसे नाम हैं, तो उन्हें हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित आवास योजनाओं, आदर्श ग्राम योजना, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य विभागों की सब्सिडी योजनाओं की भी समीक्षा की। कुलदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके द्वारा माँगी गई रिपोर्टों या दिए गए निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले, उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने आयोग के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि जिले में आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने बैठक में विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कुलदीप कुमार ने दोहराया कि आयोग प्रदेश में एससी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव कृतसंकल्प है और अभी तक आठ जिलों का दौरा कर चुका है। उन्होंने रोहड़ू में एक किशोर की आत्महत्या और कुल्लू जिला के सैंज में एक महिला की हत्या जैसे संवेदनशील मामलों का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाने का भी उल्लेख किया। हमीरपुर प्रवास के दौरान, आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, शहरी निकायों तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के अलावा आम लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि कई छोटे मामले स्थानीय स्तर पर ही निपटाए जा सकते हैं, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को आगे आना चाहिए। कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की एससी वर्ग के कल्याण, उत्थान और अधिकारों की रक्षा के प्रति संवेदनशीलता की सराहना की, जिनके प्रयासों से आयोग का गठन हुआ है और कई कल्याणकारी योजनाएँ भी आरंभ हुई हैं।
- नगर निगम के कर्मचारियों ने शहर में लगे होर्डिंग्स हटा दिए हैं।1
- भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री के एक वायरल वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। यह जानकारी हिमाचल और पंजाब से जुड़ी खबरों के संदर्भ में सामने आई है।1
- झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली नगर पंचायत शाहतलाई में जीत के बाद अब झंडूता पंचायत समिति पर भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का भगवा परचम लहरा गया है। बुधवार को हुए झंडूता पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने दोनों महत्वपूर्ण पदों पर जीत दर्ज की। बड़गांव वार्ड से निर्वाचित शीला देवी ने अध्यक्ष का पद संभाला, वहीं गेहड़वीं वार्ड से निर्वाचित शोभित धीमान उपाध्यक्ष चुने गए। ये चुनाव बुधवार को झंडूता की एसडीएम अर्शिया शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुए। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित शीला देवी का मुकाबला कांग्रेस समर्थित संदला धीमान से था, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित शोभित धीमान और कांग्रेस समर्थित ओंकार सिंह आमने-सामने थे। मतदान के बाद, अध्यक्ष पद पर शीला देवी को 13 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी संदला धीमान के खाते में 9 वोट आए। उपाध्यक्ष पद पर शोभित धीमान ने 12 वोट हासिल किए, वहीं ओंकार सिंह को 10 वोटों से संतोष करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप शीला देवी और शोभित धीमान को विजयी घोषित किया गया। जीत की घोषणा के बाद, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पंचायत समिति के अन्य सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल की अगुवाई में एक भव्य विजय रैली निकाली। यह रैली झंडूता विकास खंड कार्यालय से बाजार होते हुए भाजपा कार्यालय तक गई, और इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की। इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित पंचायत समिति के अन्य सदस्यों को बधाई देते हुए विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूलमंत्र के साथ काम करने वाली पार्टी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी वजह से भाजपा पर जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी एक नई पहचान बना रहा है। कटवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, और लोग भाजपा का साथ देकर इस संकल्प में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के हर गांव और घर तक सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाना शुरू से ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है, जिसके लिए वे दिन-रात पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने इस बात पर बल दिया कि विकास केवल कोरी घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले कार्यों से होता है, और केंद्र सरकार तथा प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार के प्रयासों से झंडूता विधानसभा क्षेत्र में स्थापित हुए विकास के नए आयाम इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि झंडूता पंचायत समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्य क्षेत्र के विकास तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करेंगे, और इसमें वे भी अपने स्तर पर उनका पूरा सहयोग देंगे।1
- तु है कहाँ तुझे ढूंढे मेरी नज़र, सिर्फ एक मुलाकात की तमन्ना है दिल को समझा सकु इस जमाने मे मेरा भी कोई है l1
- पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा ने जनता द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के जवाब दिए हैं। इन जवाबों को सुनने के लिए कहा गया है।1
- हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की नालागढ़ तहसील में स्थित पंचायत गुलरवाला करसौली के टप्परियां गाँव का एक परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है। इस परिवार के पास अपना कोई घर नहीं है, जिसके कारण वे फिलहाल पंचायत भवन में रहने को मजबूर हैं। परिवार में तीन बेटियाँ हैं, और उनकी सुरक्षा व भविष्य को लेकर माता-पिता गंभीर रूप से चिंतित हैं। समाज के सभी लोगों से विनम्र अपील की गई है कि वे इस परिवार की मदद के लिए आगे आएँ। इस सहायता का उद्देश्य उन्हें रहने के लिए एक सुरक्षित घर, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इस अपील के साथ ही यह भी कहा गया है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।1
- पीपलू मेले का शुभारंभ हो गया है।1
- बनोगी की प्रधान आशा राणा ने सैंज में स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह प्रण व्यापार मंडल सैंज द्वारा आयोजित एक अभिनन्दन समारोह के दौरान व्यक्त किया। इस अवसर पर, प्रधान आशा राणा ने व्यापार मंडल सैंज के साथ-साथ प्रेस क्लब का भी आभार जताया।1
- नूरपुर शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन के नेतृत्व में, पार्षदों और पशुपालन विभाग के सहयोग से, बुधवार को विशेष कार्रवाई करते हुए शहर में घूम रहे आवारा बैलों को पकड़ा गया। यह अभियान एसडीएम अरुण शर्मा के समर्थन से संपन्न हुआ। नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि शहरवासियों द्वारा लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेसहारा बैल मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया था। इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए, नगर परिषद और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह से ही अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 बेसहारा बैलों को सुरक्षित रूप से पकड़कर डमटाल स्थित पशुशाला भेज दिया गया। टीम ने पूरे अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान न पहुंचे। नीति महाजन ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद शहर को बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि शहर में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अगले चरण में, शहर में घूम रही बेसहारा गौमाताओं को भी चिन्हित कर सुरक्षित रूप से पकड़कर पशुशाला भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित देखभाल मिल सके और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिल सके। महाजन ने शहरवासियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल नगर परिषद को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान को सफल बनाने में नगर परिषद की उपाध्यक्ष सोनिया सोगा, पार्षद सीमा देवी, एकता मेहरा, अश्वनी कुमार, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, और नगर परिषद के कर्मचारी भी उपस्थित रहे और सभी ने सक्रिय भूमिका निभाई।1