नूरपुर शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन के नेतृत्व में, पार्षदों और पशुपालन विभाग के सहयोग से, बुधवार को विशेष कार्रवाई करते हुए शहर में घूम रहे आवारा बैलों को पकड़ा गया। यह अभियान एसडीएम अरुण शर्मा के समर्थन से संपन्न हुआ। नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि शहरवासियों द्वारा लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेसहारा बैल मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया था। इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए, नगर परिषद और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह से ही अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 बेसहारा बैलों को सुरक्षित रूप से पकड़कर डमटाल स्थित पशुशाला भेज दिया गया। टीम ने पूरे अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान न पहुंचे। नीति महाजन ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद शहर को बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि शहर में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अगले चरण में, शहर में घूम रही बेसहारा गौमाताओं को भी चिन्हित कर सुरक्षित रूप से पकड़कर पशुशाला भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित देखभाल मिल सके और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिल सके। महाजन ने शहरवासियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल नगर परिषद को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान को सफल बनाने में नगर परिषद की उपाध्यक्ष सोनिया सोगा, पार्षद सीमा देवी, एकता मेहरा, अश्वनी कुमार, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, और नगर परिषद के कर्मचारी भी उपस्थित रहे और सभी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
नूरपुर शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन के नेतृत्व में, पार्षदों और पशुपालन विभाग के सहयोग से, बुधवार को विशेष कार्रवाई करते हुए शहर में घूम रहे आवारा बैलों को पकड़ा गया। यह अभियान एसडीएम अरुण शर्मा के समर्थन से संपन्न हुआ। नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि शहरवासियों द्वारा लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेसहारा बैल मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया था। इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए, नगर परिषद और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह से ही अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 बेसहारा बैलों को सुरक्षित रूप से पकड़कर डमटाल स्थित पशुशाला भेज दिया गया। टीम ने पूरे अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान न पहुंचे। नीति महाजन ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद शहर को बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि शहर में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अगले चरण में, शहर में घूम रही बेसहारा गौमाताओं को भी चिन्हित कर सुरक्षित रूप से पकड़कर पशुशाला भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित देखभाल मिल सके और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिल सके। महाजन ने शहरवासियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल नगर परिषद को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान को सफल बनाने में नगर परिषद की उपाध्यक्ष सोनिया सोगा, पार्षद सीमा देवी, एकता मेहरा, अश्वनी कुमार, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, और नगर परिषद के कर्मचारी भी उपस्थित रहे और सभी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- नूरपुर शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन के नेतृत्व में, पार्षदों और पशुपालन विभाग के सहयोग से, बुधवार को विशेष कार्रवाई करते हुए शहर में घूम रहे आवारा बैलों को पकड़ा गया। यह अभियान एसडीएम अरुण शर्मा के समर्थन से संपन्न हुआ। नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि शहरवासियों द्वारा लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेसहारा बैल मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया था। इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए, नगर परिषद और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह से ही अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 बेसहारा बैलों को सुरक्षित रूप से पकड़कर डमटाल स्थित पशुशाला भेज दिया गया। टीम ने पूरे अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान न पहुंचे। नीति महाजन ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद शहर को बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि शहर में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अगले चरण में, शहर में घूम रही बेसहारा गौमाताओं को भी चिन्हित कर सुरक्षित रूप से पकड़कर पशुशाला भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित देखभाल मिल सके और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिल सके। महाजन ने शहरवासियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल नगर परिषद को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान को सफल बनाने में नगर परिषद की उपाध्यक्ष सोनिया सोगा, पार्षद सीमा देवी, एकता मेहरा, अश्वनी कुमार, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, और नगर परिषद के कर्मचारी भी उपस्थित रहे और सभी ने सक्रिय भूमिका निभाई।1
- आज जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर स्थित भद्रकाली किलेवाली माता मंदिर से लाइव आरती दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध हैं। श्रद्धालु 'जय माँ भद्रकाली' के जयघोष के साथ माता के इन पवित्र दर्शनों का लाभ उठा सकते हैं।1
- पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा ने जनता द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के जवाब दिए हैं। इन जवाबों को सुनने के लिए कहा गया है।1
- भाजपा समर्थित पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सुजानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने हमीरपुर उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इन पार्षदों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक तरीके से संपन्न करवाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और चुनाव प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की अपील की है।2
- सतपाल सत्ती ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। यह जानकारी #247सुपरफास्ट और #दैनिक जागों वर्ल्ड द्वारा दी गई।1
- पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के कुटलैहड़ दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कंवर ने कहा कि मंत्री का क्षेत्र में स्वागत है, लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और राहत कार्यों को लेकर कोई भी घोषणा नहीं की। एक पत्रकार वार्ता में कंवर ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कें दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, और क्षेत्र की जनता लंबे समय से इनके पुनर्निर्माण की मांग कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री क्षेत्र के लिए एक विशेष राहत पैकेज या सड़कों के सुधार हेतु कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे जनता में निराशा है। वीरेंद्र कंवर ने मौजूदा स्थिति की तुलना भाजपा सरकार के कार्यकाल से करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से 2022 तक, भाजपा सरकार ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और उन्नयन पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान गांव-गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए व्यापक कार्य हुए, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिली। उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता ने कांग्रेस को दो विधायक दिए हैं, इसके बावजूद क्षेत्र में एक किलोमीटर सड़क की भी नई टायरिंग नहीं हो सकी। कंवर ने आगे कहा कि साढ़े तीन वर्षों के इस कार्यकाल में सड़क व्यवस्था बदहाल हो गई है, और खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मांग की है कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के लिए एक विशेष बजट तुरंत जारी किया जाए, और उनके निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाना चाहिए।1
- लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह पीपलू मेला में शामिल हुए।1
- नगर निगम के कर्मचारियों ने शहर में लगे होर्डिंग्स हटा दिए हैं।1