पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के कुटलैहड़ दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कंवर ने कहा कि मंत्री का क्षेत्र में स्वागत है, लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और राहत कार्यों को लेकर कोई भी घोषणा नहीं की। एक पत्रकार वार्ता में कंवर ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कें दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, और क्षेत्र की जनता लंबे समय से इनके पुनर्निर्माण की मांग कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री क्षेत्र के लिए एक विशेष राहत पैकेज या सड़कों के सुधार हेतु कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे जनता में निराशा है। वीरेंद्र कंवर ने मौजूदा स्थिति की तुलना भाजपा सरकार के कार्यकाल से करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से 2022 तक, भाजपा सरकार ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और उन्नयन पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान गांव-गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए व्यापक कार्य हुए, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिली। उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता ने कांग्रेस को दो विधायक दिए हैं, इसके बावजूद क्षेत्र में एक किलोमीटर सड़क की भी नई टायरिंग नहीं हो सकी। कंवर ने आगे कहा कि साढ़े तीन वर्षों के इस कार्यकाल में सड़क व्यवस्था बदहाल हो गई है, और खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मांग की है कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के लिए एक विशेष बजट तुरंत जारी किया जाए, और उनके निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के कुटलैहड़ दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कंवर ने कहा कि मंत्री का क्षेत्र में स्वागत है, लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और राहत कार्यों को लेकर कोई भी घोषणा नहीं की। एक पत्रकार वार्ता में कंवर ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कें दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, और क्षेत्र की जनता लंबे समय से इनके पुनर्निर्माण की मांग कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री क्षेत्र के लिए एक विशेष राहत पैकेज या सड़कों के सुधार हेतु कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे जनता में निराशा है। वीरेंद्र कंवर ने मौजूदा स्थिति की तुलना भाजपा सरकार के कार्यकाल से करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से 2022 तक, भाजपा सरकार ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और उन्नयन पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान गांव-गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए व्यापक कार्य हुए, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिली। उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता ने कांग्रेस को दो विधायक दिए हैं, इसके बावजूद क्षेत्र में एक किलोमीटर सड़क की भी नई टायरिंग नहीं हो सकी। कंवर ने आगे कहा कि साढ़े तीन वर्षों के इस कार्यकाल में सड़क व्यवस्था बदहाल हो गई है, और खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मांग की है कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के लिए एक विशेष बजट तुरंत जारी किया जाए, और उनके निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाना चाहिए।
- सतपाल सत्ती ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। यह जानकारी #247सुपरफास्ट और #दैनिक जागों वर्ल्ड द्वारा दी गई।1
- पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के कुटलैहड़ दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कंवर ने कहा कि मंत्री का क्षेत्र में स्वागत है, लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और राहत कार्यों को लेकर कोई भी घोषणा नहीं की। एक पत्रकार वार्ता में कंवर ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कें दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, और क्षेत्र की जनता लंबे समय से इनके पुनर्निर्माण की मांग कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री क्षेत्र के लिए एक विशेष राहत पैकेज या सड़कों के सुधार हेतु कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे जनता में निराशा है। वीरेंद्र कंवर ने मौजूदा स्थिति की तुलना भाजपा सरकार के कार्यकाल से करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से 2022 तक, भाजपा सरकार ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और उन्नयन पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान गांव-गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए व्यापक कार्य हुए, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिली। उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता ने कांग्रेस को दो विधायक दिए हैं, इसके बावजूद क्षेत्र में एक किलोमीटर सड़क की भी नई टायरिंग नहीं हो सकी। कंवर ने आगे कहा कि साढ़े तीन वर्षों के इस कार्यकाल में सड़क व्यवस्था बदहाल हो गई है, और खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मांग की है कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के लिए एक विशेष बजट तुरंत जारी किया जाए, और उनके निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाना चाहिए।1
- लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह पीपलू मेला में शामिल हुए।1
- भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री के एक वायरल वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। यह जानकारी हिमाचल और पंजाब से जुड़ी खबरों के संदर्भ में सामने आई है।1
- हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ 30 जून को हमीरपुर में 'ओलंपिक स्पीक' कार्यक्रम का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न खेलों से जुड़े नामी खिलाड़ी और खिलाड़ी स्कूली बच्चे भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। इसी अवसर पर 'रन फॉर यूनिटी' का भी आयोजन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने हमीरपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस 'स्पीक' का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाना है। इस मौके पर हमीरपुर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, ओलंपिक संघ के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा, नरेश राणा, अनिल परमार और अभय वीर सिंह लवली विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर में ट्राई देने आए चालकों में उस समय भारी रोष फैल गया जब उन्हें सूचित किया गया कि स्ट्राइक समाप्त हो चुकी है। चालकों का गुस्सा इस बात पर था कि उन्हें स्ट्राइक खत्म होने की जानकारी उसके समाप्त होने के बाद दी गई।2
- भाजपा समर्थित पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सुजानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने हमीरपुर उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इन पार्षदों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक तरीके से संपन्न करवाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और चुनाव प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की अपील की है।2
- नगर निगम के कर्मचारियों ने शहर में लगे होर्डिंग्स हटा दिए हैं।1