छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में गैस पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पिछले 6 महीने से खोदी गई सड़कों ने पूरे शहर को तहस-नहस कर दिया है। कार्यदायी कंपनी ने सड़कें खोदकर बिना मरम्मत और पर्याप्त बैरिकेडिंग के ही छोड़ दी हैं। स्थिति यह है कि रात में सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे, मिट्टी के ढेर और कीचड़ भरा पानी जमा रहता है, जहाँ सुरक्षा के नाम पर महज एक पीला बैरिकेड लगा दिया गया है। इस बदहाली के कारण स्कूटी और गाड़ी सवार इसी कीचड़ से होकर निकलने को मजबूर हैं। सड़क की इस दुर्दशा से शहरवासियों की परेशानियाँ बेहद बढ़ गई हैं। रात में गड्ढे दिखाई न देने से बाइक सवार गिरकर हादसों का शिकार हो रहे हैं और गाड़ियाँ खराब हो रही हैं। गड्ढों में भरे पानी से मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया का डर पैदा हो गया है, वहीं एक लेन बंद रहने से घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि टैक्स देने के बाद भी वे कीचड़ में चलने को मजबूर हैं और गैस कंपनी व नगर पालिका दोनों सो रहे हैं। उग्र नागरिकों ने कलेक्टर और नगर पालिका से माँग की है कि 15 दिन में सभी गड्ढे भरकर सड़क दुरुस्त की जाए तथा काम के दौरान उचित बैरिकेडिंग और डायवर्जन का इंतजाम किया जाए।
छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में गैस पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पिछले 6 महीने से खोदी गई सड़कों ने पूरे शहर को तहस-नहस कर दिया है। कार्यदायी कंपनी ने सड़कें खोदकर बिना मरम्मत और पर्याप्त बैरिकेडिंग के ही छोड़ दी हैं। स्थिति यह है कि रात में सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे, मिट्टी के ढेर और कीचड़ भरा पानी जमा रहता है, जहाँ सुरक्षा के नाम पर महज एक पीला बैरिकेड लगा दिया गया है। इस बदहाली के कारण स्कूटी और गाड़ी सवार इसी कीचड़ से होकर निकलने को मजबूर हैं। सड़क की इस दुर्दशा से शहरवासियों की परेशानियाँ बेहद बढ़ गई हैं। रात में गड्ढे दिखाई न देने से बाइक सवार गिरकर हादसों का शिकार हो रहे हैं और गाड़ियाँ खराब हो रही हैं। गड्ढों में भरे पानी से मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया का डर पैदा हो गया है, वहीं एक लेन बंद रहने से घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि टैक्स देने के बाद भी वे कीचड़ में चलने को मजबूर हैं और गैस कंपनी व नगर पालिका दोनों सो रहे हैं। उग्र नागरिकों ने कलेक्टर और नगर पालिका से माँग की है कि 15 दिन में सभी गड्ढे भरकर सड़क दुरुस्त की जाए तथा काम के दौरान उचित बैरिकेडिंग और डायवर्जन का इंतजाम किया जाए।
- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में जीवन दीप समिति के सदस्यों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री, जो इसी क्षेत्र से हैं, से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। कथित तौर पर, जीवन दीप समिति के सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में कमी आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समिति के सदस्यों की गैर-मौजूदगी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं में गिरावट आई है और लोगों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में यह स्थिति होने के कारण, लोगों में नाराजगी है और वे मंत्री से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मंत्री इसी क्षेत्र से हैं, तो उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और जीवन दीप समिति के सदस्यों की अनुपस्थिति का कारण पता लगाना चाहिए।1
- अनूपपुर जिले के कोटमा तहसील में स्थित ग्राम पंचायत उरतान में आसमानी आफत ने कहर बरपाया है। एक साथ 12 मवेशियों की दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी त्रासदी बन गई है। गाज गिरने की इस घटना ने न सिर्फ मवेशियों के मालिकों को गहरा सदमा पहुँचाया है, बल्कि पूरे समुदाय को भी चिंता में डाल दिया है। स्थानीय प्रशासन इस घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई में जुट गया है। प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उदयपुर उप-जिले में बारिश का कहर इतना ज्यादा है कि लोग अपने घरों से निकलने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो मौसम ने अपना करवट बदल लिया है और अब यह बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। परसों से शुरू हुई इस भारी बारिश ने पूरे इलाके में जलभराव कर दिया है, जिससे रास्ते जाम हो गए हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- एमपी नगर थाना क्षेत्र में स्थित ड्रैगन हॉर्स क्लब नियमों और वायदों की जमकर धज्जियां उड़ा रहा है। इस क्लब में अक्सर देर रात तक नशे की पार्टियां आयोजित होती हैं। क्लब के बाहर आए दिन युवा और युवतियां नशे की हालत में आपस में विवाद करते नजर आते हैं। इन सब के बावजूद आबकारी विभाग और संबंधित थाना क्षेत्र कुंभकरण की नींद सोया हुआ है। खुलेआम चल रही इन गतिविधियों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्लब मैनेजमेंट और इसके संचालकों को पुलिस तथा आबकारी विभाग का जरा भी भय क्यों नहीं है।1
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोन नदी के दूधिया घाट पर रविवार शाम मछली पकड़ने गए अतिथि शिक्षक महेंद्र कुमार रैदास की नदी में डूबने से मौत हो गई। जलकुंभी में पैर फंस जाने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने सोमवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की और करीब 9 बजे शव को बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मृतक की पहचान शाहडोल जिले के मीठी निवासी 38 वर्षीय महेंद्र कुमार रैदास के रूप में हुई है, जो मॉडल स्कूल जैतहरी में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनके साथी विजय चौधरी के अनुसार, घाट के एक छोर से दूसरे छोर लौटते समय किनारे के पास महेंद्र का पैर पानी में किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने हाथ डालकर पैर छुड़ाने का प्रयास किया और साथी विजय ने भी तुरंत पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई अधिक होने और जलकुंभी में पैर फंसे होने के कारण वे डूब गए। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम में नायक मुन्ना लाल रविदास, सैनिक अनुज कुमार, सुनील सिंह, बृजभान सिंह, रामेश्वर सिंह, देवेन्द्र सिंह, रामभरोसे सिंह और प्रहलाद सिंह शामिल रहे। जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा बनाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी में परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।2
- छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री से मांग की गई है कि वे जीवन दीप समिति के सदस्यों पर संज्ञान लें। यह मांग समिति के सदस्यों द्वारा की गई है, जो इसी क्षेत्र के निवासी हैं। स्वास्थ्य मंत्री का इस क्षेत्र से गहरा नाता है, इसलिए स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करेंगे।1
- अंबिकापुर–मनेन्द्रगढ़ मार्ग पर NH-43 स्थित महराजपुर टोल प्लाजा के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक तेज रफ्तार रेसिंग बाइक अचानक मोड़ पर अनियंत्रित होकर सीधे पुल के नीचे जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। वाहन चालकों को गति सीमित रखने और विशेष रूप से मोड़ों पर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।1