भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत: आबूरोड रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई निःशुल्क शीतल जल सेवा। आबूरोड। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए भारत विकास परिषद एवं भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आज से आबूरोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए निःशुल्क शीतल जल सेवा प्रारंभ की गई। इस सेवा के अंतर्गत ट्रेनों के जनरल कोच के सामने ठंडे पानी के कैंपर लगाए जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। प्रतिदिन लगभग 50 ठंडे पानी के कैंपर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा यह सेवा आगामी डेढ़ से दो माह तक लगातार संचालित की जाएगी। सामाजिक कार्यकर्त्ता अरविंद अग्रवाल ने बताया कि भारत विकास परिषद एवं भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट सदैव सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के साथ समाजहित के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। इसी क्रम में भीषण गर्मी को देखते हुए संस्था द्वारा विभिन्न स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी की टंकियां एवं परिंडे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि मूक प्राणियों को भी इस गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में यात्रियों को शीतल जल उपलब्ध कराना एक छोटा लेकिन अत्यंत उपयोगी प्रयास है, जिससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। परिषद का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि आवश्यकता के समय समाज के प्रत्येक वर्ग एवं जीव-जंतुओं तक राहत पहुँचाना है। इस पुनीत सेवा कार्य की स्थानीय नागरिकों, रेल यात्रियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। यह पहल सेवा, मानवता और जीवों के प्रति करुणा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत: आबूरोड रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई निःशुल्क शीतल जल सेवा। आबूरोड। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए भारत विकास परिषद एवं भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आज से आबूरोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए निःशुल्क शीतल जल सेवा प्रारंभ की गई। इस सेवा के अंतर्गत ट्रेनों के जनरल कोच के सामने ठंडे पानी के कैंपर लगाए जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। प्रतिदिन लगभग 50 ठंडे पानी के कैंपर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा यह सेवा आगामी डेढ़ से दो माह तक लगातार संचालित की जाएगी। सामाजिक कार्यकर्त्ता अरविंद अग्रवाल ने बताया कि भारत विकास परिषद एवं भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट सदैव सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के साथ समाजहित
के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। इसी क्रम में भीषण गर्मी को देखते हुए संस्था द्वारा विभिन्न स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी की टंकियां एवं परिंडे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि मूक प्राणियों को भी इस गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में यात्रियों को शीतल जल उपलब्ध कराना एक छोटा लेकिन अत्यंत उपयोगी प्रयास है, जिससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। परिषद का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि आवश्यकता के समय समाज के प्रत्येक वर्ग एवं जीव-जंतुओं तक राहत पहुँचाना है। इस पुनीत सेवा कार्य की स्थानीय नागरिकों, रेल यात्रियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। यह पहल सेवा, मानवता और जीवों के प्रति करुणा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
- सिरोही के बसंतगढ़ में राजपुरोहित समाज का वार्षिक मेला उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इसमें हजारों लोगों ने भाग लिया और 'रक्तदान महादान' को सार्थक करते हुए 70 यूनिट रक्त एकत्र किया।2
- जालौर शनिवार को ग्राम रथ अभियान के तहत गांव में लोक कल्याणकारी योजना की जानकारी दी *ग्राम रथ अभियानः आमजन की समस्याओं के समाधान तथा लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर गांव-गांव पहुंच रही सरकार- मुख्य सचेतक* *मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ग्राम रथ कार्यक्रम में हुए शामिल, जीवाणा व डाबली में की संध्या चौपाल* *कला जत्थों के कलाकारों द्वारा योजनाओं के किए जा रहे प्रचार-प्रसार की सराहना की* जालोर 9 मई। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारीे आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में चल रहे ग्राम रथ अभियान के तहत राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग शुक्रवार को जीवाणा व डाबली ग्राम पंचायत में आयोजित संध्या चौपाल व कार्यक्रमों में भाग लिया। संध्या चौपाल कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि ग्राम रथ अभियान का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना है। साथ ही संध्या चौपालों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करवाया जा रहा हैै। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी अपेक्षाएं और सुझाव जानकर कहा कि विकसित राजस्थान के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में आमजन की भागीदारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है तथा सरकार जनता की भावनाओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थय, पेयजल, सड़क, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार एवं कृषि क्षेत्र में लगातार विकास कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कला जत्था के कलाकारों द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं का लोकगायन शैली में किए गए प्रचार-प्रसार की सराहना की। *संध्या चौपाल कर ग्रामीणों की सुनी परिवेदनाएँ, समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश* राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने संध्या चौपाल कर ग्रामीणों के परिवेदनाएँ सुनी व सुझाव लिए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान उन्होंने पानी, बिजली, सड़क चिकित्सा, शिक्षा एवं रोजगार व बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए ग्रामीणों से सुझाव लिए। उन्होंने रोजमर्रा कि आवश्यताओं व जरूरी सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा विभिन्न माँगों समस्यायों के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही एव स्थाई समाधान के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है और प्रशासन को जवाबदेह बनाते हुए प्रत्येक व्यक्ति को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आमजन को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जोधपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष प्रो. महेन्द्र सिंह राठौड़, सायला उपखण्ड अधिकारी सूरजभान विश्नोई, विकास अधिकारी गौरव विश्नोई, महेन्द्र मेघवाल, गजेन्द्र सिंह सिसोदिया, उदयसिंह दादाल, श्रीमती मंजू मेघवाल, तुलसाराम चौधरी, केवदाराम चौधरी, दुर्गाराम महिया, नेनाराम जाखड़, पीराराम भाम्भू, कमलेश बेनीवाल, पदमाराम, पुरखाराम महिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी व ग्रामीणजन मौजूद रहे। *संध्या चौपाल एवं कला जत्था के माध्यम से किया जा रहा ग्रामीणों को जागरूक* इस अभियान में जिले के पाँचों विधानसभा क्षेत्रों में ग्राम रथ की एलईडी स्क्रीन पर किसानों को खेती बाडी की आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी जा रही है और संध्या चौपाल एवं कला जत्था के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों के सुझावों के लिए रथों पर सुझाव पेटिका रखी गई है। जिनके जरिए प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर भविष्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक जनोपयोगी और पारदर्शी बनाया जाएगा। *शनिवार को इन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचे रथ* शनिवार को जालमपुरा, बाला, सांगााणा, लुम्बा की ढाणी, सिराणा, दांता, नैनोल, पांचला, कूड़ा, खासरवी, काछेला, जैसावास, खोखा, रंगाला व बिजलिया ग्राम पंचायत में ग्राम रथों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के संदेश प्रसारित कर जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। योजनाओं को रोचक बनाने के लिए लोक कलाकारों द्वारा शाम के समय गांवों में ‘संध्या चौपाल’ में कला जत्था के माध्यम से योजनाओं को गीतों और नाटकों के जरिए प्रभावी ढंग से समझाया गया। ग्राम रथ को देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड पड़ा। *13 विभागों की योजनाओं की मिल रही जानकारी* ग्राम रथों के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायती राज, ग्रामीण विकास विभाग की सहभागिता से कृषकों एवं पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।2
- बाली फालना मार्ग पर कार की ऊंट से टक्कर, तीन घायल, ऊंट की मौत बाली-फालना मार्ग पर कार की ऊंट से टक्कर, तीन घायल, ऊंट की मौत बाली फालना बाली-फालना सड़क मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक कार अचानक सड़क पर आए ऊंट से टकरा गई। हादसे में कार में सवार तीन लोग घायल हो गए, जबकि ऊंट की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को बाली अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, कार फालना से बाली की ओर आ रही थी। घायलों की पहचान बिस्मिल्लाह बानो (50), मोहम्मद आवेश (28) और रुस्तम (25) के रूप में हुई है। पीएमओ डॉ. भरत टेलर ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद मोहम्मद आवेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रेफर किया गया। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए जाम लग गया। बाद में क्रेन की सहायता से मृत ऊंट को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर कई बार रोड लाइटें बंद रहती हैं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।3
- पाली जिले के फालना में एक 70 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी बाबूलाल गर्ग की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। नेहरू कॉलोनी में पानी की टंकी के पास से उनकी हीरो होंडा बाइक 5 मई की शाम को गायब हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।1
- स्कूल से ही बालिकाओं के भविष्य के लिए करियर सबसे बड़ी चुनौती है। यदि करियर खो जाए तो उनका पूरा जीवन उजड़ सकता है, इसलिए माता-पिता के साथ-साथ जागरूकता लाना अत्यंत अनिवार्य है।1
- जालोर के सायला उपखंड में रेलवे ट्रैक पर एक पोल खतरनाक तरीके से झुका हुआ है। इससे कभी भी बड़ा रेल हादसा होने का खतरा बना हुआ है।1
- पाली के बाली मार्ग पर देर रात एक कार अचानक ऊंट से टकरा गई। इस भीषण हादसे में कार सवार तीन लोग घायल हुए और ऊंट की मौके पर मौत हो गई। एक घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आगे रेफर किया गया है।1
- जालौर के प्रणव देवड़ा स्पेन में गुजराती गरबा और मारवाड़ी नृत्य सिखाकर भारतीय संस्कृति का परचम लहरा रहे हैं। उनकी लगन और मेहनत से विदेश में देश का नाम रोशन हो रहा है।1
- डूंगरपुर में डिजिटल जनगणना का प्रशिक्षण संपन्न, 16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण का कार्य, दो चरणों में होगा काम प्रगणकों ने सीखा डिजिटल डेटा फीडिंग और नजरी नक्शा बनाने का हुनर संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित जनगणना 2027 के प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के तीसरे बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सत्र में आगामी जनगणना की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें विशेष रूप से पारंपरिक पद्धति के स्थान पर इस बार अपनाई जा रही डिजिटल जनगणना की कार्यप्रणाली पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि आगामी जनगणना दो मुख्य चरणों में पूरी होगी। प्रथम चरण 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। वहीं, द्वितीय चरण 1 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच संपन्न होगा, जो मुख्य जनगणना का काल होगा। प्रगणकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए लेआउट मैप और नजरी नक्शा बनाने का अभ्यास कराया गया। साथ ही, मोबाईल एप के माध्यम से मकान सूचीकरण से संबंधित 34 प्रश्नों के सटीक अंकन और परिवारों से संपर्क के लिए रोल प्ले के जरिए संवाद कौशल सिखाया गया। इस बार की जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी दिया गया है। प्रशिक्षण में मौजूद कार्मिकों ने स्वयं के परिवार की स्व-गणना कर एप की कार्यप्रणाली को समझा। चार्ज अधिकारी व तहसीलदार उज्ज्वल जैन ने प्रशिक्षार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए फील्ड में सामान्य, संस्थागत और बेघर परिवारों की गिनती के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर फील्ड ट्रेनर दुर्गाशंकर गामोट, विनय चौबीसा सहित तकनीकी सहायक और तहसील कार्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।1