अतिथि शिक्षक भर्ती में ‘मेरिट’ पर सवाल, पूरे ब्लॉक की चयन प्रक्रिया की जांच की मांग 218.22 स्कोर वाले अभ्यर्थी ने लगाया कम अंक वालों के चयन का आरोप, सुविधा शुल्क नहीं देने पर चयन से बाहर करने का दावा डीईओ को शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला भितरवार। अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भितरवार विकासखंड में अतिथि शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती में मेरिट, पात्रता और चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक अभ्यर्थी ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पूरे विकासखंड में हुई अतिथि शिक्षक भर्ती की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अधिक स्कोर होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया, जबकि उससे कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया। 218.22 स्कोर के बावजूद नहीं मिला अवसर कलेक्टर को दिए आवेदन में अतिथि शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थी दिनेश कुमार प्रजापति ने बताया कि उसका गेस्ट आईडी GTJJ8148 है और वर्ग-3 में उसका स्कोर 218.22 है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्तमान अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में अवसर पाने के लिए उसने विकासखंड के विभिन्न संकुलों एवं विद्यालयों में संपर्क किया, लेकिन उसे चयन का अवसर नहीं मिला। आवेदन में शिकायतकर्ता ने शासकीय विद्यालय पुलिस कॉलोनी का उदाहरण देते हुए श्रीमती हेतलता शर्मा का स्कोर 162 होने के बावजूद चयन किए जाने की जानकारी का उल्लेख किया है। इसी तरह शासकीय प्राथमिक विद्यालय रिठौदन में 218 और 212 स्कोर वाले अभ्यर्थियों के चयन का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन मामलों की मेरिट, पात्रता और चयन रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति की जांच हो सकती है। सुविधा शुल्क’ नहीं दिया, इसलिए चयन नहीं होने का आरोप मामले को और गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में सुविधा शुल्क की मांग और लेनदेन के कारण योग्य अभ्यर्थियों को पीछे किया गया। उसका दावा है कि उसने कथित सुविधा शुल्क नहीं दिया, जिसके चलते अधिक स्कोर होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया, जबकि कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। डीईओ को शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन संबंधित अधिकारियों के निर्देश के बावजूद विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर शिकायत का अपेक्षित निराकरण नहीं किया गया। इसके बाद मामला अब सीएम हेल्पलाइन 181 तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने शिकायत क्रमांक 40390826 दर्ज कराई है। पूरे विकासखंड की भर्ती जांच के घेरे में शिकायतकर्ता ने केवल अपने प्रकरण की जांच की मांग नहीं की है, बल्कि पूरे भितरवार विकासखंड में अतिथि शिक्षक भर्ती के दौरान हुए चयन की जांच कराने की मांग उठाई है। इसमें विद्यालयवार रिक्त पद, मेरिट सूची, चयनित अभ्यर्थियों के अंक, पात्रता, संकुल स्तर पर की गई कार्रवाई और पोर्टल पर दर्ज चयन प्रक्रिया का मिलान कराने की मांग की गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि 218.22 स्कोर वाले अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ तो उससे कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों का चयन किन मापदंडों के आधार पर हुआ? क्या सभी चयनित अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता और मेरिट के अनुरूप हैं? और क्या पूरे विकासखंड में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार पारदर्शी तरीके से हुई? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल शिकायतकर्ता पिछले करीब दस दिनों से अपने चयन एवं अधिकार को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। अब उसकी मांग है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए और यदि चयन प्रक्रिया में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाए।
अतिथि शिक्षक भर्ती में ‘मेरिट’ पर सवाल, पूरे ब्लॉक की चयन प्रक्रिया की जांच की मांग 218.22 स्कोर वाले अभ्यर्थी ने लगाया कम अंक वालों के चयन का आरोप, सुविधा शुल्क नहीं देने पर चयन से बाहर करने का दावा डीईओ को शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला भितरवार। अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भितरवार विकासखंड में अतिथि शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती में मेरिट, पात्रता और चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक अभ्यर्थी ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पूरे विकासखंड में हुई अतिथि शिक्षक भर्ती की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अधिक स्कोर होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया, जबकि उससे कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया। 218.22 स्कोर के बावजूद नहीं मिला अवसर कलेक्टर को दिए आवेदन में अतिथि शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थी दिनेश कुमार प्रजापति ने बताया कि उसका गेस्ट आईडी GTJJ8148 है और वर्ग-3 में उसका स्कोर 218.22 है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्तमान अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में अवसर पाने के लिए उसने विकासखंड के विभिन्न संकुलों एवं विद्यालयों में संपर्क किया, लेकिन उसे चयन का अवसर नहीं मिला। आवेदन में शिकायतकर्ता ने शासकीय विद्यालय पुलिस कॉलोनी का उदाहरण देते हुए श्रीमती हेतलता शर्मा का स्कोर 162 होने के बावजूद चयन किए जाने की जानकारी का उल्लेख किया है। इसी तरह शासकीय प्राथमिक विद्यालय रिठौदन में 218 और 212 स्कोर वाले अभ्यर्थियों के चयन का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन मामलों की मेरिट, पात्रता और चयन रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति की जांच हो सकती है। सुविधा शुल्क’ नहीं दिया, इसलिए चयन नहीं होने का आरोप मामले को और गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में सुविधा शुल्क की मांग और लेनदेन के कारण योग्य अभ्यर्थियों को पीछे किया गया। उसका दावा है कि उसने कथित सुविधा शुल्क नहीं दिया, जिसके चलते अधिक स्कोर होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया, जबकि कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। डीईओ को शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन संबंधित अधिकारियों के निर्देश के बावजूद विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर शिकायत का अपेक्षित निराकरण नहीं किया गया। इसके बाद मामला अब सीएम हेल्पलाइन 181 तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने शिकायत क्रमांक 40390826 दर्ज कराई है। पूरे विकासखंड की भर्ती जांच के घेरे में शिकायतकर्ता ने केवल अपने प्रकरण की जांच की मांग नहीं की है, बल्कि पूरे भितरवार विकासखंड में अतिथि शिक्षक भर्ती के दौरान हुए चयन की जांच कराने की मांग उठाई है। इसमें विद्यालयवार रिक्त पद, मेरिट सूची, चयनित अभ्यर्थियों के अंक, पात्रता, संकुल स्तर पर की गई कार्रवाई और पोर्टल पर दर्ज चयन प्रक्रिया का मिलान कराने की मांग की गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि 218.22 स्कोर वाले अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ तो उससे कम स्कोर वाले अभ्यर्थियों का चयन किन मापदंडों के आधार पर हुआ? क्या सभी चयनित अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता और मेरिट के अनुरूप हैं? और क्या पूरे विकासखंड में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार पारदर्शी तरीके से हुई? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल शिकायतकर्ता पिछले करीब दस दिनों से अपने चयन एवं अधिकार को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। अब उसकी मांग है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए और यदि चयन प्रक्रिया में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाए।
- ऑपरेशन ईगल में भितरवार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, युवक दो अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार ऑपरेशन ईगल में भितरवार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, युवक दो अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार #highlightseveryone #bhitarwar #gwalior1
- कथित अभद्र पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर महिलाओं-पुरुषों ने जताया आक्रोश, FIR की मांग कथित अभद्र पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर महिलाओं-पुरुषों ने जताया आक्रोश, FIR की मांग करैरा। बगीचा वाली माई के भक्तों ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर की गई अभद्र पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में करैरा थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष भक्त थाने पहुंचे और संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, हाल ही में करौली-मेहंदीपुर बालाजी की यात्रा के दौरान कुछ युवकों द्वारा कथित रूप से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट एवं टिप्पणियां किए जाने का मामला सामने आया। पोस्ट सामने आने के बाद बगीचा वाली माई के भक्तों में नाराजगी फैल गई। मामले को लेकर भक्तों ने करैरा थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत और नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मांग की कि सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। भक्तों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले में शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। 📍 स्थान: करैरा, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश)1
- करैरा थाने पर बगीचा वाली माई के भक्तों का प्रदर्शन, अभद्र पोस्ट करने वालों पर FIR की मांग करैरा। बगीचा वाली माई के भक्तों ने सोमवार को करैरा थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि हाल ही में करौली-मेहंदीपुर बालाजी यात्रा के दौरान कुछ युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अभद्र पोस्ट एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर महिलाओं और पुरुषों ने थाने पहुंचकर नाराजगी जताई और संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में पुलिस को जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। अब पुलिस द्वारा शिकायत और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। #Karera #Shivpuri #BagichaWaliMai #MehandipurBalaji #Karauli #FIR #PoliceAction #BreakingNews #MadhyaPradesh #InsideShivpuri1
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- स्लग: डबरा में सहेली ने नशीला पदार्थ खिलाकर की चोरी की कोशिश एंकर: डबरा में भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बचपन की सहेली बनकर घर में आई महिला ने कथित तौर पर कोल्डड्रिंक और लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिला दिया। परिवार के लोग बेहोश हुए तो महिला ने जेवर चोरी करने की कोशिश की, लेकिन बेटी की आंख खुलने पर वह रंगे हाथों पकड़ी गई। VO: मामला जेल रोड स्थित काली माता मंदिर के पास का है। फरियादिया उर्मिला बघेल की बचपन की सहेली भगवती चौहान घर में रहने आई थी। आरोप है कि उसने स्प्राईट और बूंदी के लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को खिलाया, जिसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान महिला जेवर चोरी करने लगी, तभी बेटी पूजा की नींद खुल गई और उसने शोर मचा दिया। परिजनों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।4
- सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है।1
- दिनारा में जमीनों पर ‘भूमि माफिया’ की नजर का आरोप, गरीब बोले—कागज हमारे, कब्जा दबंगों का! खसरा नंबर 347 को लेकर उठे सवाल, मृत व्यक्ति से जुड़ी कथित रजिस्ट्री की जांच की मांग — कलेक्टर व एसडीएम से निष्पक्ष जांच की अपील दिनारा/शिवपुरी। दिनारा क्षेत्र में भूमि विवाद और कथित अवैध कब्जों को लेकर समाजसेवी कल्लू महाराज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनों पर दबंगों एवं कथित भूमि माफियाओं की नजर होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कल्लू महाराज ने कलेक्टर अर्पित वर्मा एवं करैरा एसडीएम से मांग की है कि भूमि संबंधी शिकायतों में राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज, नक्शा, सीमांकन और मौके की स्थिति का मिलान कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। खसरा नंबर 347 को लेकर जांच की मांग दिनारा में अशोक होटल के पास स्थित खसरा नंबर 347 को लेकर उन्होंने विशेष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन के दस्तावेजों में दर्ज रकबे और मौके पर मौजूद वास्तविक रकबे की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से संबंधित भूमि का सीमांकन कराकर राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे और पंजीयन दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की है। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मृत व्यक्ति से संबंधित रजिस्ट्री पर सवाल कल्लू महाराज ने बैजनाथ पुत्र जगदीश तिवारी से संबंधित जमीन की कथित रजिस्ट्री को लेकर भी जांच की मांग उठाई है। उनका सवाल है कि यदि संबंधित व्यक्ति का निधन पहले हो चुका था, तो उनके नाम से जुड़ी जमीन की रजिस्ट्री किस प्रकार हुई। उन्होंने प्रशासन से रजिस्ट्री दस्तावेज, पंजीयन कार्यालय के रिकॉर्ड, विक्रेता की पहचान, हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान तथा संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। गरीब परिवारों को न्याय दिलाने की मांग कल्लू महाराज का कहना है कि भूमि विवादों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीब लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अधिकारियों के माध्यम से मौके पर जांच कराई जाए। दिनारा में विशेष अभियान की मांग उन्होंने दिनारा क्षेत्र में विवादित जमीनों, संदिग्ध रजिस्ट्री, सरकारी भूमि, रास्तों और कथित अवैध कब्जों की शिकायतों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का वास्तविक अधिकार केवल दबाव या प्रभाव से तय नहीं होना चाहिए, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड और कानून के आधार पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। जांच के बाद सामने आएगा सच कल्लू महाराज ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा उठाए गए सवाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग के रूप में हैं। उनका कहना है कि दस्तावेजों और मौके की स्थिति का निष्पक्ष सत्यापन होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब खसरा नंबर 347 सहित अन्य विवादित जमीनों के रकबे, स्वामित्व, रजिस्ट्री और कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह प्रशासनिक एवं राजस्व जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा दिनारा में जमीनों पर ‘भूमि माफिया’ की नजर का आरोप, गरीब बोले—कागज हमारे, कब्जा दबंगों का! खसरा नंबर 347 को लेकर उठे सवाल, मृत व्यक्ति से जुड़ी कथित रजिस्ट्री की जांच की मांग — कलेक्टर व एसडीएम से निष्पक्ष जांच की अपील दिनारा/शिवपुरी। दिनारा क्षेत्र में भूमि विवाद और कथित अवैध कब्जों को लेकर समाजसेवी कल्लू महाराज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनों पर दबंगों एवं कथित भूमि माफियाओं की नजर होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कल्लू महाराज ने कलेक्टर अर्पित वर्मा एवं करैरा एसडीएम से मांग की है कि भूमि संबंधी शिकायतों में राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज, नक्शा, सीमांकन और मौके की स्थिति का मिलान कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। खसरा नंबर 347 को लेकर जांच की मांग दिनारा में अशोक होटल के पास स्थित खसरा नंबर 347 को लेकर उन्होंने विशेष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन के दस्तावेजों में दर्ज रकबे और मौके पर मौजूद वास्तविक रकबे की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से संबंधित भूमि का सीमांकन कराकर राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे और पंजीयन दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की है। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मृत व्यक्ति से संबंधित रजिस्ट्री पर सवाल कल्लू महाराज ने बैजनाथ पुत्र जगदीश तिवारी से संबंधित जमीन की कथित रजिस्ट्री को लेकर भी जांच की मांग उठाई है। उनका सवाल है कि यदि संबंधित व्यक्ति का निधन पहले हो चुका था, तो उनके नाम से जुड़ी जमीन की रजिस्ट्री किस प्रकार हुई। उन्होंने प्रशासन से रजिस्ट्री दस्तावेज, पंजीयन कार्यालय के रिकॉर्ड, विक्रेता की पहचान, हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान तथा संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। गरीब परिवारों को न्याय दिलाने की मांग कल्लू महाराज का कहना है कि भूमि विवादों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीब लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अधिकारियों के माध्यम से मौके पर जांच कराई जाए। दिनारा में विशेष अभियान की मांग उन्होंने दिनारा क्षेत्र में विवादित जमीनों, संदिग्ध रजिस्ट्री, सरकारी भूमि, रास्तों और कथित अवैध कब्जों की शिकायतों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का वास्तविक अधिकार केवल दबाव या प्रभाव से तय नहीं होना चाहिए, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड और कानून के आधार पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। जांच के बाद सामने आएगा सच कल्लू महाराज ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा उठाए गए सवाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग के रूप में हैं। उनका कहना है कि दस्तावेजों और मौके की स्थिति का निष्पक्ष सत्यापन होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब खसरा नंबर 347 सहित अन्य विवादित जमीनों के रकबे, स्वामित्व, रजिस्ट्री और कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह प्रशासनिक एवं राजस्व जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा1
- भाण्डेर में कच्ची शराब के कथित कारोबार पर सवाल, लहार-सरसई रोड किनारे शराबखोरी का वीडियो वायरल, जांच की मांग भांडेर थाना क्षेत्र में कथित अवैध कच्ची शराब की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार दोपहर 02 बजे से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़क किनारे शराब की महफिलें दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक लहार रोड, चिरागांव रोड, सरसई रोड और दतिया रोड के आसपास अवैध शराब बिक्री और सेवन की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि शाम के समय सड़क किनारे शराबखोरी से राहगीरों को परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस और आबकारी विभाग से वायरल वीडियो की जांच कर वास्तविकता सामने लाने तथा अवैध बिक्री की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।1