*सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
*सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है।1
- गणेश उत्सव को लेकर एसडीओपी दतिया ने आयोजकों एवं डीजे संचालकों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से दतिया पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गणेश उत्सव आयोजकों, गणेश पंडाल समितियों, डीजे संचालकों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम दतिया में एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक दिनेश राजपूत के साथ बैठक आयोजित कर गणेश उत्सव की तैयारियों एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आयोजकों एवं डीजे संचालकों को निर्धारित ध्वनि सीमा, समय-सीमा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसडीओपी दतिया द्वारा आयोजकों से अपील की गई कि गणेश उत्सव के दौरान पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराएं। इसी क्रम में जिले के अन्य थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में गणेश पंडाल समितियों, आयोजकों एवं डीजे संचालकों की बैठकें लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि उत्सव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियों तथा निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दतिया पुलिस की आमजन से अपील है कि गणेश उत्सव को आपसी भाईचारे, सद्भाव एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। गणेश उत्सव को लेकर एसडीओपी दतिया ने आयोजकों एवं डीजे संचालकों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से दतिया पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गणेश उत्सव आयोजकों, गणेश पंडाल समितियों, डीजे संचालकों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम दतिया में एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक दिनेश राजपूत के साथ बैठक आयोजित कर गणेश उत्सव की तैयारियों एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आयोजकों एवं डीजे संचालकों को निर्धारित ध्वनि सीमा, समय-सीमा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसडीओपी दतिया द्वारा आयोजकों से अपील की गई कि गणेश उत्सव के दौरान पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराएं। इसी क्रम में जिले के अन्य थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में गणेश पंडाल समितियों, आयोजकों एवं डीजे संचालकों की बैठकें लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि उत्सव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियों तथा निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दतिया पुलिस की आमजन से अपील है कि गणेश उत्सव को आपसी भाईचारे, सद्भाव एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।2
- गणेश उत्सव को लेकर एसडीओपी दतिया ने आयोजकों एवं डीजे संचालकों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश* दतिया में आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से दतिया पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गणेश उत्सव आयोजकों, गणेश पंडाल समितियों, डीजे संचालकों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस कंट्रोल रूम दतिया में एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक दिनेश राजपूत के साथ बैठक आयोजित कर गणेश उत्सव की तैयारियों एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आयोजकों एवं डीजे संचालकों को निर्धारित ध्वनि सीमा, समय-सीमा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसडीओपी दतिया द्वारा आयोजकों से अपील की गई कि गणेश उत्सव के दौरान पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराएं। इसी क्रम में जिले के अन्य थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में गणेश पंडाल समितियों, आयोजकों एवं डीजे संचालकों की बैठकें लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि उत्सव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियों तथा निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दतिया पुलिस की आमजन से अपील है कि गणेश उत्सव को आपसी भाईचारे, सद्भाव एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।1
- आखिर पण्डोखर सरकार महंत का इशारा किस ओर................. आखिर पण्डोखर सरकार महंत का इशारा किस or1
- गोद ली आंगनबाड़ी में पहुंचे कलेक्टर वानखड़े, सपरिवार की गणपति स्थापना; बच्चों संग मनाया गणेशोत्सव अन्य गोद ली आंगनबाड़ी में गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे गोद ली आंगनबाड़ी में पहुंचे कलेक्टर वानखड़े, सपरिवार की गणपति स्थापना; बच्चों संग मनाया गणेशोत्सव अन्य गोद ली आंगनबाड़ी में गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे1
- दो युवकों के साथ मारपीट का सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल रायसेन में दो युवको के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल। दो युवकों के साथ चार युवक कर रहे है खुलेआम मारपीट। लाठी डंडों से खुलेआम बेख़ौफ़ कर रहे है जमकर मारपीट। नेशनल हाइवे 12 ओबैदुल्लाहगंज थाना क्षेत्र की घटना। पुलिस का कहना है की हमारे पास नहीं है अभी तक मारपीट होने की कोई सूचना। सोशल मीडिया पर तेजी से वीडियो वायरल होने से पुलिस अब आई है हरकत में। मारपीट करने वाले और पिटने बाले किसी पक्ष ने नहीं की पुलिस में शिकायत। पुलिस अब ख़ुद जानकारी जुटाकर करेगी आगे की कार्रवाई।।1
- भाण्डेर में कच्ची शराब के कथित कारोबार पर सवाल, लहार-सरसई रोड किनारे शराबखोरी का वीडियो वायरल, जांच की मांग भांडेर थाना क्षेत्र में कथित अवैध कच्ची शराब की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार दोपहर 02 बजे से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़क किनारे शराब की महफिलें दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक लहार रोड, चिरागांव रोड, सरसई रोड और दतिया रोड के आसपास अवैध शराब बिक्री और सेवन की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि शाम के समय सड़क किनारे शराबखोरी से राहगीरों को परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस और आबकारी विभाग से वायरल वीडियो की जांच कर वास्तविकता सामने लाने तथा अवैध बिक्री की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।1