मनुज क्रांति न्यूज़ के रिपोर्टर और मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुज चौहान ने पनई बुज़ुर्ग, उन्नाव से युवाओं को एक 'कड़क और सच्चा संदेश' दिया है, जिसमें उन्होंने नौजवानों से अपनी शक्ति और जवानी के सही मूल्य को पहचानने का आह्वान किया। चौहान ने समाज के युवाओं की आलोचना करते हुए कहा कि वे सही और गलत का अंतर भूलकर सिर्फ भीड़ का हिस्सा बन रहे हैं, और अपनी जवानी सिर्फ नेताओं की रैलियों में पीछे खड़े होकर तालियां बजाने तथा नारों में समय बर्बाद करने में खपा रहे हैं। चौहान के अनुसार, जवानी जोश, ईमानदारी और बदलाव का नाम है, और जीवन का उद्देश्य तब पूरी मजबूती के साथ गलत, भ्रष्टाचार, या किसी गरीब व कमजोर को सताए जाने के खिलाफ खड़ा होना है, न कि मूकदर्शक बने रहना। उन्होंने अपनी "अनाया सिंह पाठशाला 1" का उदाहरण दिया, जहाँ बच्चों को बचपन से ही सही-गलत की पहचान करना, निडर बनना और एक अच्छे समाज का निर्माण करना सिखाया जा रहा है। अनुज चौहान ने दृढ़ता से कहा कि जब हमारा युवा जागेगा और गलत के खिलाफ आवाज़ उठाएगा, तभी यह देश और हमारा क्षेत्र आगे बढ़ेगा। उन्होंने युवाओं से अंधविश्वास और स्वार्थ की पट्टी अपनी आँखों से उतारकर अपने हक और सच्चाई के लिए खड़े होना सीखने का आग्रह किया, और इस संदेश पर अपनी राय कमेंट में देने तथा इसे हर युवा साथी के साथ साझा करने की प्रेरणा दी।
मनुज क्रांति न्यूज़ के रिपोर्टर और मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुज चौहान ने पनई बुज़ुर्ग, उन्नाव से युवाओं को एक 'कड़क और सच्चा संदेश' दिया है, जिसमें उन्होंने नौजवानों से अपनी शक्ति और जवानी के सही मूल्य को पहचानने का आह्वान किया। चौहान ने समाज के युवाओं की आलोचना करते हुए कहा कि वे सही और गलत का अंतर भूलकर सिर्फ भीड़ का हिस्सा बन रहे हैं, और अपनी जवानी सिर्फ नेताओं की रैलियों में पीछे खड़े होकर तालियां बजाने तथा नारों में समय बर्बाद करने में खपा रहे हैं। चौहान के अनुसार, जवानी जोश, ईमानदारी और बदलाव का नाम है, और जीवन का उद्देश्य तब पूरी मजबूती के साथ गलत, भ्रष्टाचार, या किसी गरीब व कमजोर को सताए जाने के खिलाफ खड़ा होना है, न कि मूकदर्शक बने रहना। उन्होंने अपनी "अनाया सिंह पाठशाला 1" का उदाहरण दिया, जहाँ बच्चों को बचपन से ही सही-गलत की पहचान करना, निडर बनना और एक अच्छे समाज का निर्माण करना सिखाया जा रहा है। अनुज चौहान ने दृढ़ता से कहा कि जब हमारा युवा जागेगा और गलत के खिलाफ आवाज़ उठाएगा, तभी यह देश और हमारा क्षेत्र आगे बढ़ेगा। उन्होंने युवाओं से अंधविश्वास और स्वार्थ की पट्टी अपनी आँखों से उतारकर अपने हक और सच्चाई के लिए खड़े होना सीखने का आग्रह किया, और इस संदेश पर अपनी राय कमेंट में देने तथा इसे हर युवा साथी के साथ साझा करने की प्रेरणा दी।
- बाबा बागेश्वर धाम से जुड़ी एक खबर में जानकारी दी गई है कि धाम के पिता ईश्वर पर एक बार फिर आरोप लगाए गए हैं। हालाँकि, इन आरोपों की प्रकृति या अन्य कोई विस्तृत जानकारी खबर में नहीं दी गई है।1
- कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक महिला के घर पर हुए हमले की सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि यह घटना वाहन के साइलेंसर को लेकर हुए एक विवाद का परिणाम थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में शिवा यादव और पारस ठाकुर नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कबूल किया कि उन्होंने पटाखा यूनिट से विस्फोटक सामग्री ली थी और यूट्यूब से हमला करने का तरीका सीखा था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने दी।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक हैरान कर देने वाली घटना में एक महिला के ऊपर से पूरी आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन गुजर गई, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गई। घटना उन्नाव जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर शनिवार रात करीब 12:10 बजे हुई, जब महिला ट्रेन में चढ़ते समय फिसलकर पटरियों के बीच गिर गई और ट्रेन के 21 डिब्बे उसके ऊपर से गुजर गए, जिससे उसे केवल कान में मामूली खरोंच आई। मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के कोरबा के आम्रपाली गांव की रहने वाली 48 वर्षीय रामशिला अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ कई महीनों से उन्नाव में रह रही थीं और अचलगंज में एक ईंट भट्ठे पर काम करती थीं। बेटे सागर ने बताया कि शनिवार रात वे लोग अपने गांव वापस जा रहे थे और आम्रपाली एक्सप्रेस का टिकट लिया था। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने के बाद वह और उनके पिताजी सामान लेकर ट्रेन में चढ़ गए, जबकि उनकी मां रामशिला आखिर में चढ़ रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर जा गिरीं। सागर के मुताबिक, उनकी मां गिरते समय चीखीं, जिस पर वह और उनके पिताजी बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरे, लेकिन तब तक ट्रेन चल पड़ी थी। बेटे ने कहा कि यह गनीमत रही कि उनकी मां पटरियों के बिल्कुल बीचोबीच लेटी हुई थीं, जिससे ट्रेन की सभी 21 बोगियां उनके ऊपर से गुजर गईं और भगवान ने उन्हें बचा लिया। ट्रेन के गुजरने के बाद GRP-RPF के कर्मियों ने महिला को उठाया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित और होश में है, उसे केवल कान में मामूली चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे के बाद रामशिला काफी देर तक सहमी हुई नजर आईं और अस्पताल में भी अपने पति का हाथ पकड़े रहीं, जिन्हें वह दिलासा देते रहे कि उसे कुछ नहीं हुआ है।3
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोतवाली थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड पर चिकन बिरयानी खा रहे एक दंपती का दो लाख रुपये की नकदी से भरा बैग गायब हो गया। सीसीटीवी फुटेज से यह बात सामने आई है कि एक अन्य महिला बैग उठाकर अपने साथ ले गई। फुटेज में यह भी दिखा कि महिला ने बैग उठाने से पहले नकदी से भरा बैग खोलकर देखा था। इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी महिला की तलाश शुरू कर दी है।1
- पुलिस विभाग के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि विभाग सही से काम नहीं करता और अत्यधिक लापरवाही बरतता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस गरीबों का सम्मान भंग करती है और उन्हें मनमाने ढंग से उठाकर अंदर कर देती है, जहाँ गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती। यह भी दावा किया गया है कि पुलिस केवल पैसे की सुनवाई करती है। इस संबंध में एक वीडियो भेजने का जिक्र किया गया है, जिसमें पुलिस की लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई गई है। शिकायतकर्ता ने पुरजोर मांग की है कि ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।1
- रायबरेली को फतेहपुर से जोड़ने वाले असली गंगापुर पुल पर चल रहा मरम्मत का कार्य अब अंतिम चरण में पहुँच गया है। हालाँकि, क्षेत्रीय जनता ने इस कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे कंक्रीट और डामर दोनों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जनता का कहना है कि पुल मरम्मत में प्रयोग की जा रही सामग्री गुणवत्ता के निर्धारित मानकों से परे है।2
- मनुज क्रांति न्यूज़ के रिपोर्टर अनुज चौहान ने बताया है कि राजधानी लखनऊ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला अपनी आँखों में आँसू लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी से न्याय की गुहार लगा रही है। महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष द्वारा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। यह पूरा मामला पारिवारिक कलह और प्रताड़ना के आरोपों से जुड़ा हुआ है। मनुज क्रांति न्यूज़ ने इस वायरल वीडियो के दावों पर अपनी निष्पक्ष और ज़िम्मेदार टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि एक स्वतंत्र न्यूज़ चैनल होने के नाते, उनका उद्देश्य समाज के हर पक्ष की बात को सामने लाना है। चैनल इस वीडियो के दावों की पूरी तरह पुष्टि नहीं करता है और न ही यह तय कर रहा है कि महिला सही है या उसका ससुराल पक्ष। चैनल ने शासन और प्रशासन से निवेदन किया है कि इस वायरल वीडियो का तुरंत संज्ञान लिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्षता से जाँच की जाए, ताकि जो भी दोषी हो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सके और निर्दोष को न्याय मिल सके। अनुज चौहान ने जनता से इस पूरे विषय और वायरल वीडियो पर अपनी राय मर्यादित शब्दों में कमेंट बॉक्स में देने और निष्पक्ष पत्रकारिता का समर्थन करने के लिए इस खबर को आगे साझा करने का भी आग्रह किया है।2