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जमुई छेड़खानी मामले की संज्ञान लेते हुए क्या बोले डीएम साहब
Sushil Kumar
जमुई छेड़खानी मामले की संज्ञान लेते हुए क्या बोले डीएम साहब
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- जमुई वायरल वीडियो मामले में 120 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR, वीडियो शेयर करने वालों पर कार्रवाई; सुनिए क्या बोले SP विश्वजीत दयाल Jamui News Today: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमुई पुलिस के अनुसार, नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले और बिना ब्लर वीडियो प्रसारित करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और X से जुड़े अकाउंट्स को पुलिस ने चिह्नित किया है। वहीं पुलिस ने वीडियो को आगे शेयर या पोस्ट नहीं करने की अपील की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टेकडाउन की कार्रवाई भी शुरू की गई है। मामले की जांच SIT कर रही है और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। सुनिए जमुई के SP विश्वजीत दयाल ने पूरे मामले पर क्या कहा।1
- लखीसराय किऊल थाना क्षेत्र के खगौर गांव में लेबर ठेकेदार केघर बमबारी पुलिस कर रही जांच लखीसराय। किऊल थाना क्षेत्र के खगौर गांव में सोमवार की देर रात लेबर ठेकेदार के घर बमबारी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। किऊल थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करते देखा गया।बताया जा रहा है कि खगौर निवासी मोहन मंडल किऊल रेलवे स्टेशन पर सीमेंट रैक की लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले मजदूरों के हेड हैं। पीड़ित मोहन मंडल ने आरोप लगाया कि इसी गांव के रहने वाले कुछ लोगों के द्वारा उनसे लंबे समय से प्रत्येक महीने 30 हजार रुपये रंगदारी की मांग की जा रही थी। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।पीड़ित का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर सोमवार की देर रात अपराधियों ने उनके घर को निशाना बनाते हुए बमबारी की। घटना के बाद मोहन मंडल समेत उनका पूरा परिवार दहशत में है। पीड़ित ने पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।इधर, पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बमबारी की घटना के कारणों और आरोपों की जांच के साथ आरोपितों की भूमिका का भी सत्यापन कर रही है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से नहीं संभल पा रहा बिहार यादव के नाम आने से राजनीतिक गंज तेज देखिए ग्राउंड रिपोर्ट। जमुई छोङछाङ मामला #samratchoudhary Samrat Choudhary #BiharNews #jamui #NewsUpdate1
- मुंगेर डीएम साहेब क्या बोल रहे हैं, ज़रा आप भी ध्यान से सुनिएगा। मुंगेर डीएम साहेब ने इस मामले को लेकर क्या कहा और उनका संदेश क्या है, यह जानने के लिए उनका पूरा बयान ध्यान से सुनिए। डीएम साहेब की कही गई हर बात इस मामले को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।1
- तीसरी में कागजों तक सीमित प्रशासनिक कार्रवाई; पोकलेन, हाइवा और विस्फोटकों से धड़ल्ले से जारी है पत्थरों का काला कारोबार तीसरी में कागजों तक सीमित प्रशासनिक कार्रवाई; पोकलेन, हाइवा और विस्फोटकों से धड़ल्ले से जारी है पत्थरों का काला कारोबार तीसरी प्रखंड क्षेत्र में अवैध पत्थर खनन पर नकेल कसने के प्रशासनिक दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग द्वारा समय समय पर की गई बड़ी कार्रवाइयों के बावजूद बेलवाना पंचायत के घोड़मरवा पहाड़ी ,बरवाडीह पंचायत के चंदली ,लेदवाटांड़ और कन्हाई क्षेत्र में अवैध उत्खनन का काला कारोबार बेधड़क जारी है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 04 अप्रैल 2026 को अंचलाधिकारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में चंदली गांव की 45 एकड़ में फैली अवैध खदान से टाटा हिटाची एक्स 200 सुपर पोकलेन जब्त कर चालक रोहित कुमार सिंह को जेल भेजा गया था, जिसमें पोकलेन मालिक नंदलाल सिंह बरही, मनोज कुमार यादव, पप्पू पासवान और जन्नत अंसारी की संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद 13 जून 2026 को गावां वनक्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार के निर्देश पर बरवाडीह पंचायत के लेडवाटांड़ स्थित संरक्षित वन क्षेत्र से ड्रिल मशीन युक्त डीआई ट्रैक्टर जब्त किया गया था। वहीं 02 जुलाई 2026 को एसडीएम समीर रैनियर खलखो के नेतृत्व में बेलवाना पंचायत के घोड़मराव पहाड़ी पर औचक छापेमारी कर पोकलेन मशीन जब्त करते हुए तिसरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, इन तमाम सरकारी कार्रवाइयों के बावजूद वर्तमान स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कथित प्रशासनिक मिलीभगत की शह पर आज भी भारी भरकम पोकलेन मशीनों से बेधड़क अवैध खुदाई की जा रही है और हाइवा वाहनों से पत्थरों की ढुलाई जारी है। माफियाओं द्वारा हैवी ड्रिल मशीनों से पहाड़ियों को कोड़ा जा रहा है और निर्बाध रूप से खतरनाक डेटोनेटर विस्फोट किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई केवल चालकों या वाहनों की जब्ती तक सीमित रह जाती है, जिससे मुख्य सरगना बेखौफ हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से केवल औपचारिकता निभाने के बजाय अवैध खनन के मुख्य सरगनाओं पर सख्त नकेल कसने की मांग की है।4
- सोशल मीडिया वीडियो से खुला जमुई का मामला, पुलिस ने खुद शुरू की जांच; SIT ने तीन को पकड़ा जमुई सदर थाना क्षेत्र में 19 सितंबर की शाम छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार घटना की कोई प्रारंभिक शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन सोशल मीडिया सामग्री के आधार पर पीड़ितों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की गई। SP विश्वजीत दयाल के निर्देश पर SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में SIT गठित की गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कांड संख्या 428/26 में BNS और POCSO की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से नहीं संभाल पा रहा बिहार नंदन यादव के नाम आने से राजनीतिक गंज तेज देखिए ग्राउंड रिपोर्ट।1
- शेखपुरा वंदे भारत एक्सप्रेस का स्टॉपेज जल्द मिलेsheikhpura हमारे शेखपुरा जिले में लंबी दूरी करने वाली ट्रेन, वंदे भारत एक्सप्रेस, का आज तक एक भी स्टॉपेज नहीं मिला है। यह बहुत दुख की बात है। मेरा रेल मंत्रालय से विनम्र निवेदन है कि जैसे आपने नवादा में स्टॉपिंग दी है, वैसे ही शेखपुरा को भी यह सुविधा दें। इससे हमारे पूरे जिले का हौसला बढ़ेगा और हमें नई पहचान मिलेगी। जय हिंद, जय भारत।" इसे कॉपी करके वहाँ पेस्ट कर दें।यहाँ एक संदेश है "निवेदन है कि जैसे आपने नवादा में स्टॉपिंग दी है, वैसे ही शेखपुरा को भी यह सुविधा दें। इससे हमारे पूरे जिले का हौसला बढ़ेगा और हमें नई पहचान मिलेगी। जय हिंद, जय भारत।"1
- बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से अभद्रता का वीडियो वायरल, तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता। @officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।1