रायगढ़ पुलिस ने तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली एक महिला की लाश के सनसनीखेज अंधे कत्ल का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतिका के प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले एक पगडंडी मार्ग पर अधेड़ महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिस पर पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल पर शव को घसीटने के निशान भी मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर विशेष दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा औद्योगिक क्षेत्रों में प्रसारित किए, जिससे उसकी पहचान जशपुर जिले के ग्राम बोरो निवासी मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लक्ष्मी कॉलोनी में रहने वाला इमिलीयूस तिग्गा (45 वर्ष) भी घटना के बाद से गायब था, जिसे बाद में पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था और करीब तीन माह पहले उसकी पहचान मंगरिता एक्का से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। दोनों पति-पत्नी की तरह किराए के मकान में साथ रह रहे थे, लेकिन मृतिका उसे दूसरी पत्नी रखने के शक में अक्सर विवाद करती थी। आरोपी के अनुसार, 17 जून को दोनों घर से निकले और रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने मंगरिता की साड़ी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और बाद में पेट्रोल खरीदकर शव को क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले जाकर आग के हवाले कर दिया ताकि उसकी पहचान छिपायी जा सके। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस, घटनाकाल के कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है, और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
रायगढ़ पुलिस ने तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली एक महिला की लाश के सनसनीखेज अंधे कत्ल का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतिका के प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले एक पगडंडी मार्ग पर अधेड़ महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिस पर पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल पर शव को घसीटने के निशान भी मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
शशि मोहन सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर विशेष दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा औद्योगिक क्षेत्रों में प्रसारित किए, जिससे उसकी पहचान जशपुर जिले के ग्राम बोरो निवासी मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लक्ष्मी कॉलोनी में रहने वाला इमिलीयूस तिग्गा (45 वर्ष) भी घटना के बाद से गायब था, जिसे बाद में पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था और करीब तीन माह
पहले उसकी पहचान मंगरिता एक्का से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। दोनों पति-पत्नी की तरह किराए के मकान में साथ रह रहे थे, लेकिन मृतिका उसे दूसरी पत्नी रखने के शक में अक्सर विवाद करती थी। आरोपी के अनुसार, 17 जून को दोनों घर से निकले और रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने मंगरिता की साड़ी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और बाद में पेट्रोल खरीदकर शव को क्रेशर डस्ट के ढेर के पास
ले जाकर आग के हवाले कर दिया ताकि उसकी पहचान छिपायी जा सके। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस, घटनाकाल के कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है, और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुआं पाली स्कूल के पास एक अज्ञात वाहन से गिरने के कारण एक शराबी युवक की मौत हो गई है। बिल्हा पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना शनिवार दोपहर की है, जिसकी सूचना बिल्हा पुलिस को डायल 112 के माध्यम से प्राप्त हुई थी। बिल्हा पुलिस से रविवार सुबह 11:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर 1:30 बजे डायल 112 को एक कॉलर ने फोन पर सूचना दी कि ग्राम कुआं पाली स्कूल के नजदीक मरघट के पास सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम को लोगों की भीड़ मिली, जिसमें से कुछ लोगों ने बताया कि मृतक का नाम शिवकुमार मरावी, पिता जयपाल मरावी, उम्र 35 वर्ष है। वह ग्राम खम्हारडी थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ का रहने वाला था। शिवकुमार हमाली का काम करता था और शराबी किस्म का था, जो अक्सर घूम-घूम कर शराब पिया करता था। घटना के दिन वह बरतोरी की ओर से एक अज्ञात मोटरसाइकिल में एक अज्ञात व्यक्ति के साथ शराब पीकर आ रहा था। वह अत्यधिक शराब के नशे में था और खुद ही सड़क किनारे गिर गया, जिससे उसके सीने, नाक और मुंह में चोटें आईं। मोटरसाइकिल चला रहा अज्ञात व्यक्ति उसे वहीं पर छोड़कर भाग गया। शिवकुमार काफी समय तक घटना स्थल पर पड़ा रहा और वहां से गुजरने वाले लोग उसे शराब के नशे में पड़ा हुआ समझते रहे, लेकिन सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद तत्काल मृतक को डायल 112 वाहन से बिल्हा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताली मेमो प्राप्त होने पर बिल्हा पुलिस ने मर्ग इंटीमेशन कायम कर जांच पंचनामा की कार्रवाई की। मृतक के परिजनों को सूचना देकर शनिवार शाम करीब 6:30 बजे मृतक के शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। बिल्हा पुलिस इस मामले की आगे की जांच में डटी हुई है। इस घटना से यह बात साफ है कि उमस भरी गर्मी के दिनों में अत्यधिक शराब का सेवन और शराब पीकर वाहन चलाना या वाहन के पीछे बैठना भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए वाहन चलाते वक्त हेलमेट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए और शराब पीकर वाहन चलाने से बचना चाहिए, क्योंकि जीवन अमूल्य है।1
- रायपुर जिला की ग्राम पंचायत बुंडेरा के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग और गुंडागर्दी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत बुंडेरा निवासी तोरण कुमार साहू, पिता शत्रुघ्न साहू ने खरोरा थाना, तहसील खरोरा, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ में आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा गुंडागर्दी करते हुए उनके घर और एक ब्रिक्स कंपनी पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जिसके लिए उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है। तोरण कुमार साहू के अनुसार, पैसा न दिए जाने पर 14.06.2026 को सरपंच ने अपने भाई, पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके घर के चारों तरफ बनी सुरक्षा बाउंड्री को तोड़ दिया, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक एवं आर्थिक क्षति पहुंची है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, उनकी ही जमीन पर श्रम दिवस मनाने और 'प्रधानमंत्री जी के 12 वर्ष पूर्ण होने का दिवस' मनाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के लगभग 200 लोगों को बुलाया। इस दौरान, सरपंच और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेरा छोड़ दिया, जबकि उन्हें सरपंच या तहसील कार्यालय से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। तोरण कुमार साहू का आरोप है कि सरपंच द्वारा उन्हें बार-बार गाली-गलौज और मानसिक-आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुद सरपंच कई जगहों पर बेजा कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि गरीब परिवारों का भी बहुत शोषण किया जा रहा है। इस मामले में तोरण कुमार साहू ने एसडीम कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने सरपंच के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरपंच द्वारा किए गए अवैध कब्जों की भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।4
- बलौदा बाजार जिले में कलेक्टर कुलदीपक शर्मा और पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा सहित जिले के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों ने एक साथ योग किया।4
- जांजगीर-चांपा में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद रोजगार सहायक रिया यादव को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है।1
- ज़िले के डबरा में आयोजित की गई जिला स्तरीय जैविक खेती कार्यशाला अब सवालों के घेरे में आ गई है।1
- रायगढ़ पुलिस ने तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली एक महिला की लाश के सनसनीखेज अंधे कत्ल का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतिका के प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले एक पगडंडी मार्ग पर अधेड़ महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिस पर पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल पर शव को घसीटने के निशान भी मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर विशेष दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा औद्योगिक क्षेत्रों में प्रसारित किए, जिससे उसकी पहचान जशपुर जिले के ग्राम बोरो निवासी मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लक्ष्मी कॉलोनी में रहने वाला इमिलीयूस तिग्गा (45 वर्ष) भी घटना के बाद से गायब था, जिसे बाद में पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था और करीब तीन माह पहले उसकी पहचान मंगरिता एक्का से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे। दोनों पति-पत्नी की तरह किराए के मकान में साथ रह रहे थे, लेकिन मृतिका उसे दूसरी पत्नी रखने के शक में अक्सर विवाद करती थी। आरोपी के अनुसार, 17 जून को दोनों घर से निकले और रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने मंगरिता की साड़ी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और बाद में पेट्रोल खरीदकर शव को क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले जाकर आग के हवाले कर दिया ताकि उसकी पहचान छिपायी जा सके। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस, घटनाकाल के कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है, और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।4
- नगर पंचायत बिल्हा के मंडी परिसर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक ने सहभागिता की और सामूहिक योगाभ्यास किया। यह जानकारी रविवार दोपहर 12:05 बजे बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक के निज सचिव से मिली। अपने संबोधन में विधायक कौशिक ने योग को केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम न बताकर इसे मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का आधार बताया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अथक प्रयासों की सराहना की, जिनके कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है और अब पूरा विश्व भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को अपना रहा है। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों, युवाओं और योग प्रेमियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन और दिनचर्या में योग को नियमित रूप से अपनाएं, ताकि एक स्वस्थ, सशक्त और निरोग समाज के निर्माण का संकल्प साकार हो सके। कार्यक्रम के दौरान योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले योग शिक्षक श्री कलेश्वर साहू जी को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके प्रेरणादायी कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी जी, जनपद पंचायत बिल्हा के अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक जी, नगर पंचायत बिल्हा की अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेंद्रे जी, उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा जी, बिल्हा मंडल अध्यक्ष श्री उमाशंकर कश्यप जी और बरतोरी मंडल अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह जी सहित बड़ी संख्या में योग प्रेमी, गणमान्य नागरिक, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित थे।1
- बलौदाबाजार जिले में योग दिवस के अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक ऐतिहासिक पल में योग किया। इस दौरान कलेक्टर, एसपी और समस्त कर्मचारी-अधिकारी उनके समक्ष उपस्थित थे। यह आयोजन योग दिवस पर विशेष था।4
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी गिरीश यादव का पिस्तौल की नोक पर अपहरण कर फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पर पहुंचे, जिन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा और गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों आरोपी जबरन घर में घुस गए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने गिरीश यादव को स्टील रंग की पिस्तौल दिखाते हुए स्वयं को पुलिसकर्मी बताया और साथ चलने को कहा। विरोध करने पर उन्हें पैर में गोली मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद बदमाश उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के सदस्यों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भाग निकले। पंकज यादव ने पुलिस को वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा "OD 8552" देखा होने की जानकारी दी है। इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्तियों को व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही की ओर भाग निकले। व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि लगभग 25 दिन पहले ही जिले में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन गंभीर वारदातों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अपराधियों द्वारा पुलिस का भेष धारण कर दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिए जाने से व्यापारियों और आम नागरिकों में गहरी चिंता व्याप्त है। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हुई हैं।1