ग्यारसपुर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, उपभोक्ता परेशान – एजेंसी पर लापरवाही के आरोप ग्यारसपुर। क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला Indian Oil Corporation से संबद्ध इंडियन गैस एजेंसी ग्यारसपुर का सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर में पानी निकलने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। ग्यारसपुर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, उपभोक्ता परेशान – एजेंसी पर लापरवाही के आरोप ग्यारसपुर। क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला Indian Oil Corporation से संबद्ध इंडियन गैस एजेंसी ग्यारसपुर का सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर में पानी निकलने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। ग्राम निवासी विनीता बाई कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिया था। उन्होंने दिनांक 13 अप्रैल 2026 को ₹930 में गैस सिलेंडर भरवाया था, लेकिन लगभग 12 दिन बाद अचानक सिलेंडर ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने जब सिलेंडर को उठाकर जांच की तो उसमें पानी जैसी आवाज सुनाई दी। सिलेंडर को दबाने पर उसमें से तेज गति से पानी निकलने लगा। इसके बाद रमेश कुशवाहा सिलेंडर को लेकर एजेंसी पहुंचे, जहां जांच में पाया गया कि करीब 4 किलो गैस उपयोग हो चुकी थी, जबकि शेष सिलेंडर में पानी भरा हुआ था। पीड़ित परिवार ने एजेंसी संचालक अभिषेक सुगंधि से शिकायत की, लेकिन उन्होंने सिलेंडर बदलने या वापस लेने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़ितों ने स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नया सिलेंडर भरवाने में असमर्थ है, जबकि अधिकारियों द्वारा दूसरा सिलेंडर लेने की सलाह दी जा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उन्हें लगभग 2 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र तक जाना पड़ता है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
ग्यारसपुर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, उपभोक्ता परेशान – एजेंसी पर लापरवाही के आरोप ग्यारसपुर। क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला Indian Oil Corporation से संबद्ध इंडियन गैस एजेंसी ग्यारसपुर का सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर में पानी निकलने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। ग्यारसपुर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, उपभोक्ता परेशान – एजेंसी पर लापरवाही के आरोप ग्यारसपुर। क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला Indian Oil Corporation से संबद्ध इंडियन गैस एजेंसी ग्यारसपुर का सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर में पानी निकलने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। ग्राम निवासी विनीता
बाई कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिया था। उन्होंने दिनांक 13 अप्रैल 2026 को ₹930 में गैस सिलेंडर भरवाया था, लेकिन लगभग 12 दिन बाद अचानक सिलेंडर ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने जब सिलेंडर को उठाकर जांच की तो उसमें पानी जैसी आवाज सुनाई दी। सिलेंडर को दबाने पर उसमें से तेज गति से पानी निकलने लगा। इसके बाद रमेश कुशवाहा सिलेंडर को लेकर एजेंसी पहुंचे, जहां जांच में पाया गया कि करीब 4 किलो गैस उपयोग हो चुकी थी, जबकि शेष सिलेंडर में पानी भरा हुआ था। पीड़ित परिवार ने एजेंसी संचालक अभिषेक सुगंधि से शिकायत की, लेकिन उन्होंने सिलेंडर बदलने या वापस लेने से साफ इंकार कर दिया। इसके
बाद पीड़ितों ने स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नया सिलेंडर भरवाने में असमर्थ है, जबकि अधिकारियों द्वारा दूसरा सिलेंडर लेने की सलाह दी जा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उन्हें लगभग 2 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र तक जाना पड़ता है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
- गंज बासौदा में ट्रैफिक पर सख्ती: 13 वाहन चालकों पर कार्रवाई, ₹6300 जुर्माना वसूला 🔊 मोडिफाइड साइलेंसर पर शिकंजा, नाबालिग चालकों को दी सख्त चेतावनी 📢 ऑटो पार्ट्स दुकानों की जांच, नागरिकों को योजनाओं की दी जानकारी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे एवं एसडीओपी श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में गंज बासौदा में विशेष यातायात चेकिंग एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व यातायात प्रभारी निरपत सिंह लोधी ने अपनी टीम के साथ किया। 🔊 मोडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई अभियान के दौरान शहर की प्रमुख ऑटो पार्ट्स दुकानों की जांच की गई। दुकानदारों को मोडिफाइड साइलेंसर का विक्रय न करने एवं ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि इससे अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण होता है, जिससे आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं बुजुर्गों को गंभीर असुविधा होती है। 🧒 नाबालिग चालकों पर सख्ती वाहन चलाते पाए गए नाबालिगों के परिजनों को मौके पर बुलाकर समझाइश दी गई तथा भविष्य में पुनरावृत्ति न करने की सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही नगर पालिका टीम के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सड़क पर अव्यवस्थित खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई। 🚗 चालानी कार्रवाई यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 13 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल ₹6300 का शमन शुल्क वसूला गया। 📋 जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अभियान के दौरान नागरिकों को राहवीर योजना, कैशलेस उपचार योजना एवं हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया। 📢 विदिशा पुलिस की अपील “यातायात नियमों का पालन केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने4
- किसानों ने NH-45 भोपाल-जबलपुर मार्ग पर किया चक्का जाम ,अनुविभागीय अधिकारियों ने कराया जाम खत्म1
- Post by Vineet maheshwari1
- सागर। शहर के गुरुगोविंद सिंह वार्ड में नागरिक सुविधाओं का बुरा हाल है। सड़क पर बहता गंदा पानी, जर्जर रास्ते और बेतहाशा अतिक्रमण ने स्थानीय निवासियों सहित राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत राज ने वार्ड की इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। सड़कें जर्जर, नालियों का अभाव वार्डवासियों के अनुसार, क्षेत्र में नालियों का उचित प्रबंध न होने के कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन राहगीर इन रास्तों पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद लक्ष्मीकांत राज ने बताया कि गुरुगोविंद सिंह वार्ड से सदर बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर व्यापक स्तर पर अतिक्रमण कर लिया गया है। अवैध निर्माण और कब्जे के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र से रसूखदार नेताओं और जन प्रतिनिधियों का जुड़ाव है, फिर भी अतिक्रमणकारी बेखौफ हैं। पानी की टंकी और स्कूल पर मंडराता खतरा वार्ड के बड़े नाले में कैंट क्षेत्र के निवासियों द्वारा बड़े पैमाने पर कचरा फेंका जा रहा है। गंदगी के इस अंबार से पास ही स्थित सरकारी स्कूल के बच्चों में संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। दूषित जल का संकट: गंदगी के कारण विठ्ठल नगर पानी की टंकी का जलस्तर दूषित होने की प्रबल संभावना बनी हुई है, जो पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। दिग्गजों का क्षेत्र, फिर भी उपेक्षा उल्लेखनीय है कि इसी नाले के पास कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष का निवास है और यहीं से नगर निगम अध्यक्ष के वार्ड का गंदा पानी भी निकलता है। इसके बावजूद सफाई और विकास कार्य ठप पड़े हैं।2
- रायसेन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गेहूं, चना और मसूर के उपार्जन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर हो रहे खरीदी कार्य की प्रगति, पारदर्शिता और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रायसेन जिले में कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि तौल, परिवहन और भंडारण की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों तथा किसानों को उनके उपज का भुगतान समय पर किया जाए। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले में उपार्जन की वर्तमान स्थिति, पंजीकृत किसानों की संख्या, खरीदी गई फसल और भुगतान की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में उपार्जन कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बैठक में समर्थन मूल्य पर खरीदी की गुणवत्ता, नमी मापदंड, परिवहन व्यवस्था और गोदामों में भंडारण की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों के हित सर्वोपरि हैं। इस उच्चस्तरीय समीक्षा से साफ है कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।2
- खबर जिला सागर से। सागर पुलिस (थाना–रहली) दिनांक: 25/04/2026 *अंधे कत्ल का 24 घंटे में सनसनीखेज खुलासा: पत्नी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार करने वाला क्रूर हत्यारा गिरफ्तार* *जंगलों में छुपकर पुलिस को छकाने की कोशिश हुई नाकाम, रहली पुलिस के बिछाए जाल में फंसा आरोपी* सागर: सागर पुलिस ने हत्या के एक वीभत्स मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस अधीक्षक सागर श्री विकाश कुमार शाहवाल (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं एस.डी.ओ.पी. रहली श्री प्रकाश मिश्रा के सटीक मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रहली सुनील शर्मा और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। *घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनांक 23.04.2026 को ग्राम बोमा खजूरा में उस वक्त सनसनी फैल गई जब दोपहर लगभग 03:00 बजे आरोपी मोहन गौड़ ने अपनी पत्नी देवकी की सोते समय कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट मृतका के परिजन बलराम गौड़ द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोपी आदतन शराबी था और अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुए अक्सर विवाद करता था। जघन्य कृत्य को अंजाम देने के बाद आरोपी घने जंगलों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था। *पुलिस की घेराबंदी और 'ऑपरेशन विजयपुरा'* घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी रहली सुनील शर्मा ने तत्काल मोर्चा संभाला। मामला पेचीदा था क्योंकि आरोपी स्थानीय भूगोल से भली-भांति परिचित था और पुलिस को चकमा देने के लिए बोमा और आसपास के दुर्गम जंगलों में छिप गया था। आरोपी पुलिस की हर हरकत पर नजर रखते हुए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर सटीक मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ पुलिस का एक ऐसा अभेद्य जाल बिछाया कि आरोपी का बच निकलना नामुमकिन हो गया। घने जंगलों में चली घंटों की 'सर्चिंग' और पुलिस की आक्रामक घेराबंदी के दबाव में आकर अंततः आरोपी को ग्राम विजयपुरा के पास से दबोच लिया गया। *आरोपी का कबूलनामा और बरामदगी* पूछताछ में आरोपी मोहन पिता भूपत गौड़ (31 वर्ष) ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि चरित्र शंका के चलते उसने हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। *इस अंधे कत्ल को सुलझाने और फरार अपराधी को 24 घंटे के भीतर दबोचने में थाना प्रभारी रहली उनि. सुनील शर्मा की रणनीतिक सूझबूझ और अदम्य साहस की मुख्य भूमिका रही। उनके नेतृत्व में टीम ने बिना सोए लगातार सर्चिंग की, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशंसा की गई है।* *सराहनीय टीम:* उनि. सुनील शर्मा (थाना प्रभारी रहली) उनि. हरिसिंह तोमर (चौकी प्रभारी बलेह) प्रआर अमित चौबे, आर सतीश आरक्षक विनय पथरोल, चालक आरक्षक सुनील दुबे *सागर पुलिस का संकल्प: >* "अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। कानून का हाथ हर अपराधी की गर्दन तक पहुँचेगा। हम जिले में शांति और न्याय व्यवस्था बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं।" 1
- सागर जिले के बीना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां पुरानी रंजिश और गवाही के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद बदमाशों ने एक युवक को रास्ते में रोककर गोली मार दी। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- ग्यारसपुर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, उपभोक्ता परेशान – एजेंसी पर लापरवाही के आरोप ग्यारसपुर। क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला Indian Oil Corporation से संबद्ध इंडियन गैस एजेंसी ग्यारसपुर का सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर में पानी निकलने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। ग्राम निवासी विनीता बाई कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिया था। उन्होंने दिनांक 13 अप्रैल 2026 को ₹930 में गैस सिलेंडर भरवाया था, लेकिन लगभग 12 दिन बाद अचानक सिलेंडर ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने जब सिलेंडर को उठाकर जांच की तो उसमें पानी जैसी आवाज सुनाई दी। सिलेंडर को दबाने पर उसमें से तेज गति से पानी निकलने लगा। इसके बाद रमेश कुशवाहा सिलेंडर को लेकर एजेंसी पहुंचे, जहां जांच में पाया गया कि करीब 4 किलो गैस उपयोग हो चुकी थी, जबकि शेष सिलेंडर में पानी भरा हुआ था। पीड़ित परिवार ने एजेंसी संचालक अभिषेक सुगंधि से शिकायत की, लेकिन उन्होंने सिलेंडर बदलने या वापस लेने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़ितों ने स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नया सिलेंडर भरवाने में असमर्थ है, जबकि अधिकारियों द्वारा दूसरा सिलेंडर लेने की सलाह दी जा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उन्हें लगभग 2 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र तक जाना पड़ता है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।3