भिण्ड जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना देहात और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने लहार रोड स्थित दुर्गा नगर में चल रही एक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में बने-अधबने हथियार और उनके निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री बरामद की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पड़ोसियों को अपने काले कारोबार की भनक न लगे, इसके लिए फैक्ट्री के अंदर तेज आवाज में गाने बजाते थे। इसी शोर की आड़ में हथियारों को बनाने का काम किया जाता था। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिन्हें आपस में पिता-पुत्र बताया जा रहा है। छापेमारी में 10 कट्टे (315 बोर), जिनमें 06 बड़े और 04 छोटे कट्टे शामिल हैं, साथ ही 02 जिंदा कारतूस (12 बोर और 315 बोर) भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़े, रेती, कटर, स्प्रिंग और लोहा काटने की आरी जैसे भारी मात्रा में औजार और कच्चा माल भी बरामद हुआ है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि ये आरोपी उत्तर प्रदेश से कारीगर बुलाकर हथियार बनवाते थे और फिर उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की कीमत पर बेचते थे। इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी डकैती की योजना, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। भिण्ड पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस सफल कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देहात और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियार खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है।
भिण्ड जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना देहात और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने लहार रोड स्थित दुर्गा नगर में चल रही एक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में बने-अधबने हथियार और उनके निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री बरामद की है। पुलिस ने बताया
कि आरोपी पड़ोसियों को अपने काले कारोबार की भनक न लगे, इसके लिए फैक्ट्री के अंदर तेज आवाज में गाने बजाते थे। इसी शोर की आड़ में हथियारों को बनाने का काम किया जाता था। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिन्हें आपस में पिता-पुत्र बताया जा रहा है। छापेमारी में 10 कट्टे (315 बोर), जिनमें 06 बड़े और 04 छोटे कट्टे शामिल हैं, साथ
ही 02 जिंदा कारतूस (12 बोर और 315 बोर) भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़े, रेती, कटर, स्प्रिंग और लोहा काटने की आरी जैसे भारी मात्रा में औजार और कच्चा माल भी बरामद हुआ है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि ये आरोपी उत्तर प्रदेश से कारीगर बुलाकर हथियार बनवाते थे और फिर उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की कीमत पर बेचते थे। इन आरोपियों के
खिलाफ पहले भी डकैती की योजना, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। भिण्ड पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस सफल कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देहात और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियार खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है।
- भिण्ड जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना देहात और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने लहार रोड स्थित दुर्गा नगर में चल रही एक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में बने-अधबने हथियार और उनके निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री बरामद की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पड़ोसियों को अपने काले कारोबार की भनक न लगे, इसके लिए फैक्ट्री के अंदर तेज आवाज में गाने बजाते थे। इसी शोर की आड़ में हथियारों को बनाने का काम किया जाता था। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिन्हें आपस में पिता-पुत्र बताया जा रहा है। छापेमारी में 10 कट्टे (315 बोर), जिनमें 06 बड़े और 04 छोटे कट्टे शामिल हैं, साथ ही 02 जिंदा कारतूस (12 बोर और 315 बोर) भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़े, रेती, कटर, स्प्रिंग और लोहा काटने की आरी जैसे भारी मात्रा में औजार और कच्चा माल भी बरामद हुआ है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि ये आरोपी उत्तर प्रदेश से कारीगर बुलाकर हथियार बनवाते थे और फिर उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की कीमत पर बेचते थे। इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी डकैती की योजना, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। भिण्ड पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस सफल कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देहात और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियार खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है।4
- मध्य प्रदेश के पोरसा क्षेत्र में बीहड़ में कुछ युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो वायरल होने के बाद, पोरसा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने इस मामले में 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश के पोरसा में पुलिस ने अपराध का खौफ फैलाने वाले बदमाशों का जुलूस निकाला। पुलिस द्वारा इन बदमाशों को सरेआम सड़कों पर घुमाकर एक सख्त संदेश दिया गया है।1
- अंबाह नगर के प्रसिद्ध तालाब में एक बार फिर मगरमच्छ दिखाई देने से आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल छा गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मगरमच्छ तालाब के किनारे नजर आया, जिसके बाद उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। यह घटना शाहेवेआलम खांन नामक पत्रकार द्वारा सामने लाई गई है। तालाब के नजदीक रहने वाले नागरिकों का आरोप है कि मगरमच्छ की लगातार मौजूदगी से मवेशियों, आवारा कुत्तों और खुद रहवासियों की सुरक्षा खतरे में है। उनका कहना है कि बार-बार मगरमच्छ दिखाई देने के बावजूद नगर प्रशासन और वन विभाग द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में गुस्सा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर किसी उपयुक्त स्थान पर छोड़ना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि को रोका जा सके। फिलहाल लोगों को तालाब के किनारे जाने और बच्चों व पशुओं को तालाब से दूर रखने की सलाह दी जा रही है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- अंबाह नगर के प्रसिद्ध तालाब में एक बार फिर मगरमच्छ दिखाई देने से आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने मगरमच्छ को तालाब के किनारे देखा, जिसके बाद उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। तालाब के आसपास रहने वाले नागरिकों का कहना है कि मगरमच्छ की मौजूदगी से क्षेत्र के मवेशियों, आवारा कुत्तों और तालाब के नजदीक रहने वाले रहवासियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का आरोप है कि लगातार मगरमच्छ दिखाई देने के बावजूद नगर प्रशासन और वन विभाग ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर किसी उपयुक्त स्थान पर छोड़े, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की घटना न हो। फिलहाल, लोगों को तालाब के किनारे जाने से बचने और बच्चों तथा पशुओं को तालाब से दूर रखने की सलाह दी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- पोरसा कस्बे में रंगदारी वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कथित रूप से आठ बदमाशों ने पाँच युवकों का अपहरण कर उन्हें बीहड़ में ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि इन बदमाशों ने युवकों से एक लाख रुपये की मांग की और उन्हें मु*र्गा बनवाकर बाइक चोरी कबूल करने का दबाव डाला, यहाँ तक कि बीहड़ में उन्हें थर्ड डिग्री भी दी गई। फरियादी सौरभ तोमर ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसने कोई बाइक चोरी नहीं की थी, बल्कि आरोपियों द्वारा एक लाख रुपये की वसूली के उद्देश्य से उस पर झूठा आरोप लगाया जा रहा था। सौरभ ने यह भी सवाल उठाया कि यदि वास्तव में बाइक चोरी हुई थी, तो आरोपियों ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज क्यों नहीं कराई। पुलिस ने सौरभ तोमर की शिकायत पर आकाश, खिलाड़ी, मनीष सिंह, वीरू, विष्णु सिंह, हिमांशु सिंह, छोटू और प्रमोद तोमर निवासी पोरसा के खिलाफ धमकाकर रुपये वसूलने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- आगरा जिले के बाह में पुलिस ने लूट के बाद एक महिला की हत्या के आरोपी के साथ मुठभेड़ की है। यह घटना बाह क्षेत्र में हुई, जिसमें आरोपी का सामना पुलिस से हुआ।2
- मुरैना जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने शुक्रवार रात्रि में व्यापक रात्रिकालीन निरीक्षण किया। यह निरीक्षण रात्रि 11 बजे से प्रातः 3 बजे तक लगातार जारी रहा, जिसमें राजघाट चंबल, पिपरई, नंदपुरा, पिपरसेवा, हिंगोना कलां, हिंगोना खुर्द और आरटीओ चेक पोस्ट सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल किया गया। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने चेक पोस्टों पर संदिग्ध वाहनों की सघन एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करने और किसी भी परिस्थिति में अवैध खनिज परिवहन को अनुमति न देने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने चंबल नदी क्षेत्र में सतत एवं कड़ी निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी अनियमितता पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने पुलिस चौकियों एवं चेक पोस्टों पर रात्रिकालीन गश्त और निगरानी को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करने तथा चेकिंग व्यवस्था को और प्रभावी एवं मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए, साथ ही यह स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1