मध्य प्रदेश के मंडला जिले में इस साल मानसून की रफ्तार पिछले साल की तुलना में काफी धीमी बनी हुई है। भू-अभिलेख कार्यालय से मंगलवार 21 जुलाई को दोपहर तीन बजे प्राप्त वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, जिले में इस दिन औसतन 29.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 21 जुलाई तक जिले में कुल औसत वर्षा केवल 349.5 मिलीमीटर ही रिकॉर्ड की गई है। चिंता का विषय यह है कि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जिले में 973.7 मिलीमीटर की जोरदार बारिश दर्ज की गई थी, जो वर्तमान आंकड़े से काफी अधिक है। जिले की विभिन्न तहसीलों में अब तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मंडला तहसील में सबसे अधिक 457.8 मिलीमीटर और नारायणगंज में सबसे कम 151.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा घुघरी में 406.8 मिलीमीटर, बिछिया में 401.1 मिलीमीटर, नैनपुर में 389.6 मिलीमीटर और निवास में 258.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश के इन कम आंकड़ों के बीच अब प्रशासन और किसान दोनों ही आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में इस साल मानसून की रफ्तार पिछले साल की तुलना में काफी धीमी बनी हुई है। भू-अभिलेख कार्यालय से मंगलवार 21 जुलाई को दोपहर तीन बजे प्राप्त वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, जिले में इस दिन औसतन 29.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 21 जुलाई तक जिले में कुल औसत वर्षा केवल 349.5 मिलीमीटर ही रिकॉर्ड की गई है। चिंता का विषय यह है कि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जिले में 973.7 मिलीमीटर की जोरदार बारिश दर्ज की गई थी, जो वर्तमान आंकड़े से काफी अधिक है। जिले की विभिन्न तहसीलों में अब तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मंडला तहसील में सबसे अधिक 457.8 मिलीमीटर और नारायणगंज में सबसे कम 151.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा घुघरी में 406.8 मिलीमीटर, बिछिया में 401.1 मिलीमीटर, नैनपुर में 389.6 मिलीमीटर और निवास में 258.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश के इन कम आंकड़ों के बीच अब प्रशासन और किसान दोनों ही आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।
- मंडला जिले के नैनपुर मुक्तिधाम में बदहाल व्यवस्थाओं की एक बेहद गंभीर स्थिति सामने आई है, जहां बारिश के मौसम में भी लोगों को खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुक्तिधाम में बदइंतजामी के कारण बारिश के बीच बिना किसी छत या शेड के खुले में ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई, जो प्रशासन की बदहाल व्यवस्था को पूरी तरह उजागर करती है।1
- मध्य प्रदेश के मण्डला जनपद में इन दिनों "कमीशन दो काम लो" का खेल चल रहा है, जी हाँ, कुछ ऐसा ही सुनने को मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो, यहाँ जनपद में बैठे कुछ अधिकारी बाउंड्री वॉल निर्माण के कार्य के लिए खुले तौर पर कमीशन की मांग कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के मण्डला जिले के नारायणगंज में राज्य परियोजना प्रबंधक ने सघन भ्रमण किया है। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जमीनी हकीकत को परखा और स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया।1
- मध्यप्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया गया है कि राज्य में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश में पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और नई भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। पुलिस बल के माध्यम से राज्य के नागरिकों को एक पूरी तरह से भयमुक्त, सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- सिवनी जिले के घंसौर अंतर्गत खमरिया बाजार में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीओपी नम्रता सोंधिया और पुलिस स्टाफ ने ग्रामीणों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया और युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने समझाया कि नशा किस तरह व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कार्यक्रम के अंत में वहां उपस्थित ग्रामीणों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र में नशामुक्त वातावरण बनाने का एक प्रभावी संदेश दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी पुलिस कप्तान श्री कृष्ण लाल चंदानी जी के करकमलों से सब इंस्पेक्टर की पदोन्नति के क्रम में दो स्टार को तीन स्टार किया गया है। इसी कड़ी में धनोरा थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर (SI) मनीष बंसोड़ को पदोन्नत कर थ्री स्टार दिया गया है। मनीष बंसोड़ के तीन फूल वाले दरोगा जी बनने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर धनोरा जनपद सदस्य, जनपद के कर्मचारियों, अधिकारियों और आम जनता द्वारा उन्हें पुष्प गुच्छ, शाल और श्रीफल भेंट कर उनके अच्छे कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।1
- डिंडौरी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस जनसुनवाई में कुल 77 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन और डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए, जिनमें ग्राम अमगवां निवासी श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (पूर्व पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ और जीआईएस राशि के भुगतान की मांग की, जिस पर अपर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा को जांच और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम पंचायत पड़रिया-2 के ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक शाला भवन के अत्यधिक जर्जर होने के कारण नए भवन निर्माण की मांग रखी, जिसके लिए जिला परियोजना समन्वयक को स्थल निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाने और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए आवेदन दिए, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए गए। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध निराकरण करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।2
- मध्य प्रदेश के मंडला में एक रेलवे ओवरब्रिज पर करंट लगने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी थी, जिसके कारण मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी।1