सूरत जिले के पलसाना तालुका में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ममता दिवस टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान पांच बच्चों को पैरासिटामोल की गोली के बजाय गलती से डायबिटीज की बेहद भारी दवा दे दी गई। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट के कारण सभी पांच बच्चों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आने वाले सब सेंटर पलसाना 1 में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। आम तौर पर टीकाकरण के बाद बुखार या दर्द से बचने के लिए बच्चों को पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने बड़ी गलती करते हुए पैरासिटामोल के बजाय डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली 'ग्लाइमपिराइड-2 एमजी' दवा दे दी। यह भारी दवा पेट में जाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते ही परिजनों ने अपने बच्चों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। जिला स्वास्थ्य तंत्र और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज की समीक्षा की। सूरत जिले के पलसाना तालुका में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ममता दिवस टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान पांच बच्चों को पैरासिटामोल की गोली के बजाय गलती से डायबिटीज की बेहद भारी दवा दे दी गई। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट के कारण सभी पांच बच्चों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आने वाले सब सेंटर पलसाना 1 में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। आम तौर पर टीकाकरण के बाद बुखार या दर्द से बचने के लिए बच्चों को पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने बड़ी गलती करते हुए पैरासिटामोल के बजाय डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली 'ग्लाइमपिराइड-2 एमजी' दवा दे दी। यह भारी दवा पेट में जाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते ही परिजनों ने अपने बच्चों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। जिला स्वास्थ्य तंत्र और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज की समीक्षा की। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की लगातार निगरानी में हैं। यह घटना सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच के बाद गंभीर लापरवाही बरतने वाली महिला हेल्थ वर्कर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
सूरत जिले के पलसाना तालुका में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ममता दिवस टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान पांच बच्चों को पैरासिटामोल की गोली के बजाय गलती से डायबिटीज की बेहद भारी दवा दे दी गई। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट के कारण सभी पांच बच्चों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आने वाले सब सेंटर पलसाना 1 में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। आम तौर पर टीकाकरण के बाद बुखार या दर्द से बचने के
लिए बच्चों को पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने बड़ी गलती करते हुए पैरासिटामोल के बजाय डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली 'ग्लाइमपिराइड-2 एमजी' दवा दे दी। यह भारी दवा पेट में जाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते ही परिजनों ने अपने बच्चों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। जिला स्वास्थ्य तंत्र और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज की समीक्षा की। सूरत जिले के पलसाना तालुका में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ममता दिवस टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान पांच बच्चों को पैरासिटामोल
की गोली के बजाय गलती से डायबिटीज की बेहद भारी दवा दे दी गई। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट के कारण सभी पांच बच्चों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आने वाले सब सेंटर पलसाना 1 में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। आम तौर पर टीकाकरण के बाद बुखार या दर्द से बचने के लिए बच्चों को पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने बड़ी गलती करते हुए पैरासिटामोल के बजाय डायबिटीज के मरीजों
को दी जाने वाली 'ग्लाइमपिराइड-2 एमजी' दवा दे दी। यह भारी दवा पेट में जाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते ही परिजनों ने अपने बच्चों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। जिला स्वास्थ्य तंत्र और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज की समीक्षा की। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की लगातार निगरानी में हैं। यह घटना सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच के बाद गंभीर लापरवाही बरतने वाली महिला हेल्थ वर्कर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
- सूरत जिले के पलसाना तालुका में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ममता दिवस टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान पांच बच्चों को पैरासिटामोल की गोली के बजाय गलती से डायबिटीज की बेहद भारी दवा दे दी गई। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट के कारण सभी पांच बच्चों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आने वाले सब सेंटर पलसाना 1 में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। आम तौर पर टीकाकरण के बाद बुखार या दर्द से बचने के लिए बच्चों को पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने बड़ी गलती करते हुए पैरासिटामोल के बजाय डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली 'ग्लाइमपिराइड-2 एमजी' दवा दे दी। यह भारी दवा पेट में जाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते ही परिजनों ने अपने बच्चों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। जिला स्वास्थ्य तंत्र और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज की समीक्षा की। सूरत जिले के पलसाना तालुका में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ममता दिवस टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान पांच बच्चों को पैरासिटामोल की गोली के बजाय गलती से डायबिटीज की बेहद भारी दवा दे दी गई। दवा के गंभीर साइड इफेक्ट के कारण सभी पांच बच्चों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आने वाले सब सेंटर पलसाना 1 में टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया था। 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। आम तौर पर टीकाकरण के बाद बुखार या दर्द से बचने के लिए बच्चों को पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने बड़ी गलती करते हुए पैरासिटामोल के बजाय डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली 'ग्लाइमपिराइड-2 एमजी' दवा दे दी। यह भारी दवा पेट में जाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते ही परिजनों ने अपने बच्चों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। जिला स्वास्थ्य तंत्र और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज की समीक्षा की। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की लगातार निगरानी में हैं। यह घटना सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच के बाद गंभीर लापरवाही बरतने वाली महिला हेल्थ वर्कर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।4
- हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा *🚆 1. भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन* ▪︎ 17 जुलाई 2026 को जींद–सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-फ्यूल-सेल ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ 10 कोच की ट्रेन — 2 Hydrogen Driving Power Cars + 8 Trailer Coaches। ▪︎ दोनों पावर कार मिलकर 2,400 kW शक्ति प्रदान करती हैं। ▪︎ ट्रेन की नियमित परिचालन गति 75 km/h और डिजाइन गति 110 km/h है। ▪︎ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से ट्रेन में ही बिजली उत्पन्न होती है। ▪︎ *इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प है;* दहन के कारण धुआँ या प्रत्यक्ष टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। ▪︎ लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन उच्च क्षमता वाले हाइड्रोजन रेल संचालन का प्रदर्शन करती है। ▪︎ जींद में समर्पित हाइड्रोजन स्टोरेज, कंप्रेशन और डिस्पेंसिंग सुविधा विकसित की गई है। ▪︎ 17 जुलाई के बाद शुरुआती संचालन में ट्रेन ने 1,200+ km की यात्रा कर 3,200+ लीटर डीजल की खपत बचाई। *🚆 2. भारत की पहली LNG–डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन* ▪︎ 27 सितंबर 2026 को गुजरात के साबरमती से भारत की पहली LNG-powered ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ ट्रेन में LNG + डीजल ड्यूल-फ्यूल सिस्टम है — इंजन दोनों ईंधनों पर चल सकता है। ▪︎ LNG का इस्तेमाल डीजल की खपत, ईंधन लागत और उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ▪︎ यह 8-कोच DEMU है और जरूरत के अनुसार LNG तथा डीजल के बीच संचालन किया जा सकता है। ▪︎ रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित वार्षिक बचत लगभग ₹23.9 लाख तक हो सकती है। *🇮🇳 हाइड्रोजन + LNG — दो अलग तकनीकी रास्ते* ▪︎ *हाइड्रोजन:* फ्यूल-सेल तकनीक के जरिए ट्रेन में बिजली का उत्पादन। ▪︎ *LNG:* मौजूदा डीजल इंजन प्रणाली को ड्यूल-फ्यूल तकनीक के साथ इस्तेमाल करना। ▪︎ दोनों पहलें रेलवे में वैकल्पिक ईंधन, ऊर्जा दक्षता और डीजल पर निर्भरता कम करने के अलग-अलग तकनीकी मॉडल प्रस्तुत करती हैं। *🇮🇳 हाइड्रोजन ट्रेन से LNG-डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन तक — भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन आधारित तकनीकों के अलग-अलग मॉडल को वास्तविक संचालन में ला रहा है।*1
- Post by RAMESH CHANDRA VARMA4
- मिर्जापुर में समाजवादी व्यापार सभा का मंडलीय सम्मेलन, व्यापारियों को एक मंच पर लाने पर जोर मिर्जापुर में समाजवादी व्यापार सभा का मंडलीय सम्मेलन, व्यापारियों को एक मंच पर लाने पर जोर1
- योग से निरोग, देश की तरक्की में सहयोग - सारिका श्रीवास्तव 27/09/2026 ** गोपीगंज। धरती को बचाने और इंसानी सेहत को एक नई जिंदगी देने के संकल्प के साथ रविवार को भदोही साइकिलिंग क्लब ने एक ऐसा ऐतिहासिक और भव्य जागरूकता महा-अभियान छेड़ा, जिसने पूरे क्षेत्र में एक नई चेतना फूंक दी है। *पर्यावरण योद्धा 'साइकिल मैन भदोही' अताउल मुस्तफा अंसारी* के नेतृत्व में जब साइकिलों का काफिला सड़कों पर उतरा, तो नजारा देखने लायक था। इस महा-यात्रा का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ सोई हुई पर्यावरण चेतना को जगाना है, बल्कि हर नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम की उस ज्वाला को प्रज्वलित करना है जो देश की प्रगति का आधार है। *राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़े चौराहे से* इस भव्य साइकिल यात्रा का शुभारंभ होकर जन-जागरूकता का संदेश समेटे यह यात्रा लाई बाज़ार, पड़ाव, कांजी हाउस, झिलियापुल, शहीद तिराहा, काली देवी जैसे मुख्य मार्गों से गुजरते हुए विहान बालिका आवासीय विद्यालय मिर्ज़ापुर रोड पहुँची। विशाल साइकिल यात्रा के *विहान बालिका आवासीय विद्यालय मिर्ज़ापुर रोड* पहुँचने पर माहौल उत्सवमय हो गया। विद्यालय की यशस्वी वार्डन सारिका श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में अध्यापिका अर्चना मौर्या, श्रद्धा रैकवार, अंकिता मोहन नामदेव, निधि बाजपेयी एवं समस्त छात्राओं ने अभूतपूर्व गर्मजोशी दिखाई। उन्होंने पुष्पवर्षा, करतल ध्वनि और गगनभेदी जयघोष के बीच इन पर्यावरण प्रहरियों का पलक-पावड़े बिछाकर ऐतिहासिक अभिनंदन किया। विहान बालिका आवासीय विद्यालय की *यशस्वी वार्डन सारिका श्रीवास्तव* ने कहा कि आज की इस अंधी भागदौड़ और आपाधापी भरी जिंदगी में इंसान इतना व्यस्त हो चुका है कि वह अपने सबसे अनमोल धन—अपने शरीर—को ही भूल बैठा है। यही कारण है कि आज का युवा अपनी तरुणाई में ही गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहा है। विशेषकर हमारी गृहणियाँ (हाउसवाइफ), जो पूरे घर का तो ख्याल रखती हैं, लेकिन योग और व्यायाम के अभाव में खुद मोटापा, कमर दर्द और जोड़ों के असहनीय दर्द से जूझ रही हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि विचारणीय भी है।" उन्होंने देश के नागरिकों का आह्वान करते हुए आगे कहा, "स्वस्थ शरीर ही सुखी जीवन का आधार है। इसलिए हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा अपने स्वास्थ्य, योग और व्यायाम के लिए अवश्य निकालना चाहिए। याद रखिए, जब आप स्वयं पूर्णतः स्वस्थ और ऊर्जावान रहेंगे, तभी अपने कार्यक्षेत्र में शत-प्रतिशत योगदान दे पाएंगे। एक स्वस्थ नागरिक से एक समृद्ध परिवार बनता है, और समृद्ध परिवारों के योग से ही हमारा राष्ट्र उन्नति के शिखर पर पहुँचेगा। राष्ट्र की तरक्की का रास्ता हर नागरिक के उत्तम स्वास्थ्य से होकर ही गुजरता है।" विहान बालिका आवासीय विद्यालय की यशस्वी वार्डन सारिका श्रीवास्तव ने विधिवत *हरी झंडी दिखाकर* इस गौरवशाली साइकिल यात्रा को अगले गंतव्य के लिए रवाना किया और स्वयं साइकिल लेकर यात्रा में शामिल हुईं। विहान बालिका आवासीय विद्यालय से प्रारंभ हुई यह चेतना यात्रा *मिर्ज़ापुर रोड, ककराही* के विभिन्न अंचलों से गुजरते हुए आगे बढ़ी। पूरी यात्रा के दौरान साइकिल सवारों का अदम्य उत्साह और संकल्प देखते ही बनता था। 'साइकिल चलाएँ, ईंधन बचाएँ', 'वृक्ष लगाओ, पर्यावरण बचाओ' और 'करो योग, रहो निरोग' जैसे गगनभेदी नारों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा। 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत उद्घोष के साथ सभी यात्रियों ने एक सुर में संकल्प लिया—'हम सबने यह ठाना है, पूरे उत्तर प्रदेश को स्वस्थ बनाना है।' जनमानस को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूक करने का यह पुनीत अभियान अपने उद्देश्य को पूरा करते हुए पुनः विहान बालिका आवासीय विद्यालय स्कूल पहुँचा, जहाँ हर्षोल्लास के साथ इसका भव्य समापन हुआ। इस मुहिम को सफल बनाने में मुख्य रूप से प्रवीण श्रीवास्तव, इंद्रजीत सिंह, उजाला, निधि, दृष्टि, लवली, अंकिता, काजल, जिज्ञासा, खुशबू, पलक, कनकलता, नंदनी, साधना, विनोद सिंह फौजी, विष्णु कांत पांडेय, बनारसी बिंद, प्रमोद मौर्या, राजीव जायसवाल, जगदीश यादव, जिगर गुप्ता, रितिक कनौजिया, अहेम मोदनवाल, सभाजीत गौतम, अनुराग शर्मा, सरफराज अहमद, अर्चना मौर्या, श्रद्धा रैकवार, अंकिता मोहन नामदेव, निधि बाजपेयी, श्याम सुंदर बिंद, अबू हरैरा अंसारी, संदीप बिंद, अबू दर्दा अंसारी, आदर्श बिंद, आशीष बिंद, फैज आलम, रोहित कुमार, राजा बिंद, अजहान खान, रविंद्र बिंद, बृजेश बिंद, हमजा सिद्दीकी, मुज्तबा अंसारी, आदित्य बिंद, इरफान अंसारी, यशस्वी बिंद, मोजस्सीम खान, सक्षम बिंद, ताहा खान, रोहित बिंद, नीरज बिंद, अभी कनौजिया, हिमांशु बिंद, बद्री प्रसाद बिंद, उज्जवल गुप्ता, अनित बिंद, नैतिक कनौजिया, पप्पू मोदनवाल सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।2
- तेज हवा-बारिश से धान की फसल गिरी, किसान मायूस ऊंचडीह बाजार और सोनार का तारा समेत कई इलाकों में नुकसान, मौसम खराब रहने से बढ़ी चिंता उरुवा, मेजा (प्रयागराज)। उरुवा विकासखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के बीच तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई। ऊंचडीह बाजार, सोनार का तारा,सिटकी , लोहारी समेत कई गांवों में धान की फसल खेत में गिर गई है। फसल गिरने से किसानों के सामने नुकसान की चिंता खड़ी हो गई है। बताया गया कि तीन दिनों से तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल कई स्थानों पर जमीन पर गिर गई। कुछ खेतों में फसल गिरने के कगार पर है। लगातार खराब मौसम के चलते किसानों को धान की फसल के और नुकसान की आशंका सता रही है। ऊंचडीह बाजार निवासी किसान बाबूलाल कुशवाहा ने बताया कि तेज हवा और बारिश के कारण उनके खेत में खड़ी धान की पूरी फसल गिर गई है। उन्होंने बताया कि फसल इस समय पकने की ओर थी, ऐसे में गिरने से उपज प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि तेज हवा और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में खड़ी अन्य फसल भी गिर सकती है। इससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों प्रभावित होंगी। खराब मौसम को लेकर क्षेत्र के किसान लगातार चिंतित हैं।1
- करछना यमुनानगर प्रयागराज//* प्रयागराज यमुनानगर अंतर्गत करछना तहसील व थाना क्षेत्र स्थित अमर बाजार से कुछ ही दूरी पर अर्धरात्रि के बाद लगभग डेढ़ बजे एक अल्टो कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई दुर्घटना के बाद जब आस-पास के लोग बचाव की दृष्टि से वहां पहुंचे तो कार के अंदर का नजारा देखकर अचम्भित रह गये प्रायः यह देखा गया है कि अल्टो कार में पांच लोगों से अधिक नहीं बैठ सकते हैं लेकिन उस कार में चार चोर और एक भैस अंदर देखी गई जों अपनें आप में एक अनोखी संवारी थी जिसके बारे में कल्पना भी नहीं किया जा सकता है। यह कोई कल्पना या कहानी नहीं है वल्की जीवंत उदाहरण है जिसके बारे में इससे पहले न तो आज तक किसी ने सोचा य देखा होगा। बचाव करने पहुंचे लोगों ने जब कार के अन्दर छुपाकर भैंस ले जाने के बारे में पूंछ - तांछ करना प्रारंभ किया तो गोल मटोल तथा भ्रामक जवाब से लोगों में संसय का भाव प्रकट हुआ कि यह चोरी का मामला हो सकता है ग्रामीणों ने इस दुर्घटना की जानकारी सम्बंधित थाना को दिया। जिसके बाद मौके पर पुलिस बल पहुंचते इससे पहले चार चोरों में से दो भाग निकले दो को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया। करछना पुलिस के अनुसार भैंस चोरी की ऐसी कोई सिकायत नहीं होने के कारण चोटिल हुए दो चोर को इलाज हेतु स्वरूपरानी नेहरू जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए पुलिस अपने कस्टडी में लें गई वापस लौटते समय चोर लघुशंका के बहाने फरार हो गए अब इस घटनाक्रम को महज़ एक इत्तेफाक माना जायें य सोचीं समझीं गैर जिम्मेदाराना रवैया भर हाल विना किसी सबूत के पुलिस के ऊपर संदेह करना तर्क संगत नहीं है। पुलिस को चकमा देकर फरार चोरों को की तलाश जारी है।1
- डिડોली में शराब के अड्डे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गोपाल यादव पर हमला: बुटलेगर मनोज मालिया के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई शून्य, स्थानीय लोगों में भारी रोष डिડોली में शराब के अड्डे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गोपाल यादव पर हमला: बुटलेगर मनोज मालिया के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई शून्य, स्थानीय लोगों में भारी रोष सूरत: सूरत शहर के डिડોली क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाना भारी पड़ गया है। क्षेत्र में चल रहे शराब के अड्डों और अवैध गतिविधियों का विरोध करने वाले जागरूक नागरिक गोपाल यादव पर मनोज मालिया नामक बुटलेगर ने जानलेवा हमला करने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। सबसे गंभीर और चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद, डिंडोली पुलिस ने अभी तक हमलावर बुटलेगर मनोज मालिया के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की इस संदिग्ध निष्क्रियता के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। क्या सच बोलने वाले का ही दोष है? इस घटना के बाद क्षेत्र में एक ही चर्चा चल रही है कि, "क्या डिंडोली क्षेत्र में सच बोलने वालों और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों का यही हाल होता रहेगा?" स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि असामाजिक तत्वों और बुटलेगरों को कानून का कोई डर नहीं रहा है। जागरूक नागरिक जब पुलिस और प्रशासन को सहयोग करके इस बुराई को खत्म करने का प्रयास करते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस ही बुटलेगरों का साथ दे रही है। उच्च अधिकारियों के समक्ष कड़ी कार्रवाई की मांग डिंडोली क्षेत्र में खुलेआम चल रहे शराब के अड्डों और पुलिस की रहमदिली के कारण बेखौफ हुए असामाजिक तत्वों के खिलाफ अब सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं, ऐसी जनता की मांग है। सूरत शहर के पुलिस कमिश्नर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें, पीड़ित गोपाल यादव को न्याय दिलाएं और आरोपी मनोज मालिया तथा उसके पीछे सक्रिय शराब के नेटवर्क को जेल की सलाखों के पीछे भेजें—ऐसी पुरजोर लोक मांग उठ रही है।1