बिहार के बांका जिले में अमरपुर रेफरल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कामदेवपुर गाँव की पाँच वर्षीय ज्योति कुमारी को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुँचे। हालाँकि, प्राथमिक उपचार देने के बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए तुरंत भागलपुर रेफर कर दिया गया। यह घटना जिले के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल की क्षमताओं पर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर जब वह सर्पदंश जैसे आपातकालीन मामलों का भी पूर्ण इलाज प्रदान करने में असमर्थ है। ऐसे में यह बड़ा प्रश्न उठता है कि यदि यह महत्वपूर्ण अस्पताल भी गंभीर स्थिति में पूरा इलाज नहीं कर पाता, तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ कहाँ मिलेंगी? अस्पताल में रोज़ाना सैकड़ों मरीज़ आते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में 'रेफर' करना ही अक्सर अंतिम विकल्प बन जाता है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी और गहरी चिंता बढ़ रही है, और यह स्थानीय अस्पतालों में जीवनरक्षक सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
बिहार के बांका जिले में अमरपुर रेफरल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कामदेवपुर गाँव की पाँच वर्षीय ज्योति कुमारी को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुँचे। हालाँकि, प्राथमिक उपचार देने के बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए तुरंत भागलपुर रेफर कर दिया गया। यह घटना जिले के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल की क्षमताओं पर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर जब वह सर्पदंश जैसे आपातकालीन मामलों का भी पूर्ण इलाज प्रदान करने में असमर्थ है। ऐसे में यह बड़ा प्रश्न उठता है कि यदि यह महत्वपूर्ण अस्पताल भी गंभीर स्थिति में पूरा इलाज नहीं कर पाता, तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ कहाँ मिलेंगी? अस्पताल में रोज़ाना सैकड़ों मरीज़ आते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में 'रेफर' करना ही अक्सर अंतिम विकल्प बन जाता है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी और गहरी चिंता बढ़ रही है, और यह स्थानीय अस्पतालों में जीवनरक्षक सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
- शुक्रवार को बौंसी रेफरल अस्पताल परिसर में बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- बनौली गांव में एक भैंस की जान बिजली के चपेट में आने से चली गई।1
- हरपुर थाना क्षेत्र के बेलबिहमा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। सूचना मिलने पर हरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने जानकारी दी कि जमीन विवाद के चलते दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद यह मारपीट हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पहले पक्ष से रमेश उर्फ सोनू कुमार और पंकज कुमार, जबकि दूसरे पक्ष से अशोक यादव, विनय यादव और अनंत यादव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में किसी भी पक्ष द्वारा लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। क्षेत्र में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, सभी आरोपितों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वहां धारा 126 के तहत बांड भरवाकर उन्हें छोड़ा जाएगा। पुलिस ने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा स्थित लोगाय पंचायत में विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों ने अब अपनी आवाज़ उठाई है, जिससे क्षेत्र में गहरा असंतोष व्याप्त है।1
- भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र के पीथन पोस्ट से संबंधित एक गंभीर मामले में सीओ मैडम पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत लेने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। पोस्ट के अनुसार, थाना नंबर 218 से जुड़ा यह मामला काफी समय से लंबित है, जिसके चलते एक गरीब परिवार को अभी तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि सीओ मैडम ने घूस ले लिया है, फिर भी उन्होंने अपना काम नहीं किया, जिसके कारण पीड़ित परिवार को अभी भी न्याय की बाट जोहनी पड़ रही है।1
- मुंगेर के तारापुर में पानी की आपूर्ति को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जहाँ ग्राम पंचायत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पानी के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया है, जिसके कारण घरों में पानी का दबाव बिलकुल भी नहीं आता। इस समस्या के लिए ग्राम पंचायत के कथित भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- अमरपुर के निवासियों को एक बड़ी राहत मिली है, जिसके तहत अब वे अपने दूसरे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के बाद ही कर सकेंगे।1
- बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने बांका जिले के बेलहर प्रखंड कार्यालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की, जहाँ उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से विभाग की पाँच प्रमुख उपलब्धियों और पाँच अधूरे कार्यों की विस्तृत जानकारी माँगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके और सभागार में गंभीरता का माहौल छा गया। बैठक में शिक्षक-अभिभावक संवाद को सशक्त बनाने, स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जाँच करने तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, जल्द ही शुरू होने वाले “समाधान पोर्टल” के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसका लक्ष्य शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस समीक्षा बैठक में बेलहर विधायक मनोज यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष विक्की मिश्रा, समाजसेवी ओमप्रकाश गुप्ता के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।1
- शुक्रवार को हरपुर थाना क्षेत्र के तीन माइल चौक के पास सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर एक युवक पुलिस वाहन को देखकर अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया। तारापुर की ओर से आ रहा यह युवक लाल रंग की हीरो स्प्लेंडर बाइक (बीआर10आर-7873) चला रहा था, जो सड़क किनारे खड़े पुलिस वाहन को देखते ही घबरा गया और गाड़ी छोड़कर भाग निकला। युवक की इस हरकत से पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद तत्काल बाइक की तलाशी ली गई। हालांकि, तलाशी के दौरान वाहन से कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामान बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने यह भी बताया कि जब्त की गई बाइक में डिक्की नहीं लगी थी। हरपुर थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने जानकारी दी कि बाइक को जब्त कर थाने लाया गया है और पुलिस उसके चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है, और चालक की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1