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मुंगेर के तारापुर में पानी की आपूर्ति को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जहाँ ग्राम पंचायत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पानी के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया है, जिसके कारण घरों में पानी का दबाव बिलकुल भी नहीं आता। इस समस्या के लिए ग्राम पंचायत के कथित भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
Kunal kumar
मुंगेर के तारापुर में पानी की आपूर्ति को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जहाँ ग्राम पंचायत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पानी के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया है, जिसके कारण घरों में पानी का दबाव बिलकुल भी नहीं आता। इस समस्या के लिए ग्राम पंचायत के कथित भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
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- लालू यादव के जन्मदिन के अवसर पर उनके 'बवाल' कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ केक काटा। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण बात भी बोल दी।1
- बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए बड़े फर्जीवाड़े के तार अब मुंगेर जिले तक फैल गए हैं। पटना पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा धांधली और सॉल्वर गैंग से जुड़े 107 आरोपी मुंगेर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसी के मद्देनजर, परीक्षा माफियाओं के खिलाफ पटना और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। अब तक इस मामले में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 90 से अधिक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद पटना पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। जांच के दौरान सामने आया कि इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा फर्जीवाड़े के तार मुंगेर जिले से जुड़े हुए हैं, जिसके बाद पटना पुलिस ने मुंगेर पुलिस को 107 आरोपी परीक्षार्थियों की एक सूची सौंपी है। इन पर परीक्षा में धांधली करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने और संगठित परीक्षा माफिया गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 160/25 में मुंगेर से जुड़े 45 आरोपी शामिल हैं, वहीं सचिवालय थाना कांड संख्या 76/2025 में 62 आरोपियों का संबंध भी मुंगेर जिले से बताया गया है। मुंगेर पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस के हवाले किया है। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना पुलिस द्वारा दी गई 107 आरोपियों की सूची में से 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी जमानत पर हैं। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया जाएगा। एसपी ने इसे केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क का हिस्सा बताया, जो मोटी रकम लेकर नौकरी दिलाने का खेल चला रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड, सॉल्वर गैंग और आर्थिक लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की इस कार्रवाई को बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।1
- बदायूं के कादर चौक क्षेत्र स्थित चुतरी नगला गांव में ग्राम समाज की जमीन पर बने एक अवैध मस्जिद के निर्माण को दो बुलडोजरों ने तीन घंटे के भीतर ढहा दिया। यह कार्रवाई तहसीलदार कोर्ट से दूसरी बार बेदखली का आदेश जारी होने और तीन बार नोटिस दिए जाने के बाद की गई। दरअसल, ग्राम प्रधान अमरावती ने ग्राम समाज की जमीन पर निर्माण कर मस्जिद बनाने और नमाज़ पढ़ने को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधान अमरावती ने इस संबंध में तहसीलदार सदर कोर्ट में वाद दायर किया था। तहसीलदार कोर्ट ने 22 जुलाई 2022 को ग्राम समाज की भूमि से बेदखली के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसके तहत इस निर्माण कार्य को अवैध करार देते हुए इसे 11 जून 2026 को तोड़ने का आदेश दिया गया था। गुरुवार को एसडीएम सदर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई, जिसमें प्रशासन चुतरी नगला गांव पहुंचा और अवैध मस्जिद भवन को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।3
- शुक्रवार को बौंसी रेफरल अस्पताल परिसर में बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने बांका जिले के बेलहर प्रखंड कार्यालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की, जहाँ उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से विभाग की पाँच प्रमुख उपलब्धियों और पाँच अधूरे कार्यों की विस्तृत जानकारी माँगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके और सभागार में गंभीरता का माहौल छा गया। बैठक में शिक्षक-अभिभावक संवाद को सशक्त बनाने, स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जाँच करने तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, जल्द ही शुरू होने वाले “समाधान पोर्टल” के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसका लक्ष्य शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस समीक्षा बैठक में बेलहर विधायक मनोज यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष विक्की मिश्रा, समाजसेवी ओमप्रकाश गुप्ता के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यकर्ता विकास वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस वर्ग के दौरान, स्वयंसेवकों ने असाधारण अनुशासन का प्रदर्शन किया और अपनी मजबूत संगठन क्षमता का परिचय दिया।1
- शिक्षा मंत्री के बांका दौरे को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, जहाँ यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या स्मार्ट क्लास के बहाने कोई बड़ा संदेश देने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में यह भी चर्चा है कि क्या सम्राट चौधरी के क्षेत्र में शिक्षा की एक नई क्रांति आने वाली है।1
- लखीसराय में बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की एक महत्वपूर्ण बैठक 12 जून 2026, शुक्रवार को शिव मंदिर प्रांगण (कोर्ट परिसर) में आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दफादार-चौकीदारों की विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ पुस्तैनी बहाली से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 18 जून 2026 को पटना के उत्तरी गांधी मैदान में होने वाले रोषपूर्ण प्रदर्शन को सफल बनाने का संकल्प लेना था। यह प्रदर्शन बिहार राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत द्वारा दिवंगत पूर्व सांसद राम अवधेश सिंह की 89वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। वक्ताओं ने इस दौरान स्पष्ट किया कि दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पुस्तैनी बहाली बंद होने के बाद से संगठन लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। प्रदर्शन को सफल बनाने के उद्देश्य से, सभी कार्यरत चौकीदारों, एवजी कर्मियों और स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति प्राप्त कर्मियों के आश्रितों से अधिक से अधिक संख्या में पटना पहुंचने और इस आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।1
- अमरपुर के निवासियों को एक बड़ी राहत मिली है, जिसके तहत अब वे अपने दूसरे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के बाद ही कर सकेंगे।1