बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए बड़े फर्जीवाड़े के तार अब मुंगेर जिले तक फैल गए हैं। पटना पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा धांधली और सॉल्वर गैंग से जुड़े 107 आरोपी मुंगेर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसी के मद्देनजर, परीक्षा माफियाओं के खिलाफ पटना और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। अब तक इस मामले में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 90 से अधिक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद पटना पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। जांच के दौरान सामने आया कि इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा फर्जीवाड़े के तार मुंगेर जिले से जुड़े हुए हैं, जिसके बाद पटना पुलिस ने मुंगेर पुलिस को 107 आरोपी परीक्षार्थियों की एक सूची सौंपी है। इन पर परीक्षा में धांधली करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने और संगठित परीक्षा माफिया गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 160/25 में मुंगेर से जुड़े 45 आरोपी शामिल हैं, वहीं सचिवालय थाना कांड संख्या 76/2025 में 62 आरोपियों का संबंध भी मुंगेर जिले से बताया गया है। मुंगेर पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस के हवाले किया है। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना पुलिस द्वारा दी गई 107 आरोपियों की सूची में से 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी जमानत पर हैं। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया जाएगा। एसपी ने इसे केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क का हिस्सा बताया, जो मोटी रकम लेकर नौकरी दिलाने का खेल चला रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड, सॉल्वर गैंग और आर्थिक लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की इस कार्रवाई को बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए बड़े फर्जीवाड़े के तार अब मुंगेर जिले तक फैल गए हैं। पटना पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा धांधली और सॉल्वर गैंग से जुड़े 107 आरोपी मुंगेर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसी के मद्देनजर, परीक्षा माफियाओं के खिलाफ पटना और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। अब तक इस मामले में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 90 से अधिक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद पटना पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। जांच के दौरान सामने आया कि इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा फर्जीवाड़े के तार मुंगेर जिले से जुड़े हुए हैं, जिसके बाद पटना पुलिस ने मुंगेर पुलिस को 107 आरोपी परीक्षार्थियों की एक सूची सौंपी है। इन पर परीक्षा में धांधली करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने और संगठित परीक्षा माफिया गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 160/25 में मुंगेर से जुड़े 45 आरोपी शामिल हैं, वहीं सचिवालय थाना कांड संख्या 76/2025 में 62 आरोपियों का संबंध भी मुंगेर जिले से बताया गया है। मुंगेर पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस के हवाले किया है। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना पुलिस द्वारा दी गई 107 आरोपियों की सूची में से 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी जमानत पर हैं। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया जाएगा। एसपी ने इसे केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क का हिस्सा बताया, जो मोटी रकम लेकर नौकरी दिलाने का खेल चला रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड, सॉल्वर गैंग और आर्थिक लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की इस कार्रवाई को बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
- लखीसराय जिले में 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन के लिए एक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। श्रम विभाग द्वारा लखीसराय समाहरणालय परिसर से शुरू हुए इस अभियान के तहत, विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता सिंह और जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर, जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बाल श्रम को एक सामाजिक कुरीति बताते हुए इसे समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बाल श्रम की घटनाओं की सूचना प्रशासन को दें और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। इसके अतिरिक्त, समाहरणालय के मंत्रणा कक्ष में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बाल श्रम न करने तथा इसके विरुद्ध जागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई गई। इस कार्यक्रम में कई प्रशासनिक अधिकारी और श्रम विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।1
- मधेपुरा के तीन जाँबाज थानाध्यक्षों, रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार, अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्र ज्ञानेंद्र, और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार को नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। इन तीनों पुलिस अधिकारियों ने बेगूसराय में हुए एक सड़क हादसे में अपनी जान गंवा दी थी। पुलिस लाइन में इन सभी को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस भावुक क्षण में पुलिस अधिकारी, जवान और दिवंगत थानाध्यक्षों के परिजन मौजूद रहे, जिन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की।1
- बनौली गांव में एक भैंस की जान बिजली के चपेट में आने से चली गई।1
- हरपुर थाना क्षेत्र के बेलबिहमा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। सूचना मिलने पर हरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने जानकारी दी कि जमीन विवाद के चलते दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद यह मारपीट हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पहले पक्ष से रमेश उर्फ सोनू कुमार और पंकज कुमार, जबकि दूसरे पक्ष से अशोक यादव, विनय यादव और अनंत यादव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में किसी भी पक्ष द्वारा लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। क्षेत्र में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, सभी आरोपितों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वहां धारा 126 के तहत बांड भरवाकर उन्हें छोड़ा जाएगा। पुलिस ने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।1
- मुंगेर के तारापुर में पानी की आपूर्ति को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जहाँ ग्राम पंचायत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पानी के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि पानी का स्तर बहुत नीचे चला गया है, जिसके कारण घरों में पानी का दबाव बिलकुल भी नहीं आता। इस समस्या के लिए ग्राम पंचायत के कथित भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- एक व्यक्ति ने अपने 5 साल के छोटे भाई की पढ़ने की असाधारण क्षमता पर हैरत और खुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनका भाई, जिसकी उम्र मात्र 5 वर्ष है, किताबों को इस तरह पढ़ रहा है, जैसे कोई बड़ा बच्चा पढ़ता हो। इस अद्भुत दृश्य को देखकर वे चकित और अभिभूत हैं।1
- मुंगेर जिले के असरगंज थाना क्षेत्र में एक अनोखा विवाह संपन्न हुआ, जहाँ शादी से पहले मिलने पहुंचे एक प्रेमी जोड़े को पुलिस ने पकड़ा। दुल्हर गाँव निवासी पूजा कुमारी की शादी बांका जिले के भरको गाँव के बिट्टू कुमार से तय हुई थी। शादी की रस्में पूरी होने से पहले, बिट्टू कुमार देर रात अपनी होने वाली पत्नी पूजा कुमारी से मिलने दुल्हर गाँव पहुँचा। इसी दौरान गाँव के बाहर गश्ती दल की नज़र उन पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस प्रेमी जोड़े को पूछताछ के लिए असरगंज थाना ले आई। घटना की सूचना मिलते ही, युवती के पिता जयप्रकाश यादव सहित दोनों पक्षों के परिजन और ग्रामीण थाने पहुँचे। थाने में हुई बातचीत के बाद, सभी की सहमति से थाना परिसर के सामने स्थित काली मंदिर में युवक और युवती का विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान दोनों परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि, थाना पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। विवाह की सभी रस्में विधिवत पूरी की गईं, जिसके बाद बिट्टू कुमार अपनी नवविवाहिता पत्नी पूजा कुमारी को अपने घर ले गया।1
- बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए बड़े फर्जीवाड़े के तार अब मुंगेर जिले तक फैल गए हैं। पटना पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि परीक्षा धांधली और सॉल्वर गैंग से जुड़े 107 आरोपी मुंगेर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसी के मद्देनजर, परीक्षा माफियाओं के खिलाफ पटना और मुंगेर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। अब तक इस मामले में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 90 से अधिक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद पटना पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। जांच के दौरान सामने आया कि इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा फर्जीवाड़े के तार मुंगेर जिले से जुड़े हुए हैं, जिसके बाद पटना पुलिस ने मुंगेर पुलिस को 107 आरोपी परीक्षार्थियों की एक सूची सौंपी है। इन पर परीक्षा में धांधली करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने और संगठित परीक्षा माफिया गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 160/25 में मुंगेर से जुड़े 45 आरोपी शामिल हैं, वहीं सचिवालय थाना कांड संख्या 76/2025 में 62 आरोपियों का संबंध भी मुंगेर जिले से बताया गया है। मुंगेर पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस के हवाले किया है। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना पुलिस द्वारा दी गई 107 आरोपियों की सूची में से 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी जमानत पर हैं। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया जाएगा। एसपी ने इसे केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क का हिस्सा बताया, जो मोटी रकम लेकर नौकरी दिलाने का खेल चला रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड, सॉल्वर गैंग और आर्थिक लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की इस कार्रवाई को बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।1