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सकारात्मक शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आयोजित 'लक्ष्य' सेमिनार हाल ही में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कारों, व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सेमिनार के समापन पर कुल 450 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
Vinod Rajput
सकारात्मक शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आयोजित 'लक्ष्य' सेमिनार हाल ही में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कारों, व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सेमिनार के समापन पर कुल 450 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
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- पुलिस आयुक्तालय में महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत एक संपर्क सभा और वर्चुअल संवाद का आयोजन किया गया। यह आयोजन महिला सुरक्षा को लेकर संकल्पबद्धता को दर्शाता है।1
- एक अत्यंत हृदय विदारक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर गहरी पीड़ा होती है और यह उन लोगों की आँखें खोलने के लिए ज़रूरी है जो बच्चों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी के प्रति लापरवाह हैं। यह वीडियो एक मासूम बच्चे के स्कूल बस से उतरकर बिना किसी सुरक्षा के सड़क पार करने की कोशिश में दुर्घटना का शिकार होने की घटना को दर्शाता है। इस घटना को देखकर यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या यह किसी की अपनी गलती थी, या उस व्यवस्था की कमी जिसने बच्चे को सड़क के बीचों-बीच अकेले छोड़ दिया। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि स्कूल बस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा की अहम ज़िम्मेदारी है। जब बच्चा बस से उतरता है, तो उसकी सुरक्षा बस ड्राइवर और कंडक्टर की निगरानी में होती है, लेकिन यहाँ बच्चे को बिना किसी सुरक्षा के सड़क पार करने की कोशिश में हादसे का शिकार होना पड़ा। पोस्ट में पूछा गया है कि क्या बस को किनारे (दीवार की तरफ) लगाकर बच्चे को सुरक्षित नहीं उतारा जा सकता था, और क्या कंडक्टर का काम सिर्फ़ बच्चों को बिठाना है या उन्हें सुरक्षित घर तक पहुँचाना भी है। अभिभावकों से भी नम्र निवेदन किया गया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल बस में बिठाते और लेते समय खुद सतर्क रहें और बस के आने-जाने के समय पर मौजूद रहें। इसके साथ ही, स्कूल प्रशासन से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा के अनिवार्य नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इस मार्मिक संदेश में कहा गया है कि एक छोटी सी सावधानी किसी के घर का चिराग बुझने से बचा सकती है, और इसे ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है ताकि यह आवाज़ हर स्कूल और हर अभिभावक तक पहुँचकर लोगों को जागरूक करे।1
- धौलपुर जिले की राजाखेड़ा नगरपालिका परिसर में 12 जून से शहरी सेवा शिविर का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों की विभिन्न समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है, जहां सभी विभागों के कार्य एक ही छत के नीचे किए जा रहे हैं। शिविर शुरू होने के बाद से अब तक कृषि भूमि पट्टे से संबंधित 9 मामले, 69 'क' के पट्टे के 3 मामले, भूमि रूपांतरण के 5 मामले और लाइट संबंधी 40 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 40 लोगों को एनओसी जारी की गई हैं। नगरपालिका द्वारा 2 नई लाइटें भी स्थापित की गई हैं, जिससे क्षेत्र में रोशनी की सुविधा में सुधार हुआ है। पालिका शिविर प्रभारी दयाल सिंह ने बताया कि शहरी सेवा शिविर का मुख्य लक्ष्य आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना है। स्थानीय प्रशासन इस शिविर को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, जिसके तहत नागरिकों को विभिन्न विभागों से संबंधित दस्तावेजी कार्य, शिकायत निवारण और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि शिविर में आने वाले नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ निपटाया जा रहा है।1
- हनुमानगढ़ जिले के चांदपोल क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने गंदगी से परेशान होकर रास्ता रोक दिया, जिससे सड़क पर जाम लग गया। नाराज़ निवासियों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए वार्ड प्रभारी को पद से हटाने की मांग की है।1
- जयपुर में अचानक सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने सुरक्षा उपायों के तहत क्षेत्र को घेरकर यातायात रोक दिया है। सड़क धंसने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।1
- बज्जू तहसील के बांगड़सर गांव, बीकानेर में 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत एक विशाल और भव्य कुश्ती दंगल का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। 'नशा भगाओ – खेलों को अपनाओ' के सामाजिक संदेश के साथ आयोजित इस दंगल में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां युवाओं और बुजुर्गों दोनों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पंचायत भवन परिसर के पास आयोजित इस खेल मेले में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई नामी पहलवानों ने हिस्सा लिया। इनमें अर्जुनसर के मुकेश गोदारा, बाबा फरीद, रियासत अली, राजपुरिया के जेठाराम और श्रवण बिश्नोई जैसे दिग्गज पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेच से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अखाड़े के चारों ओर बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुश्ती प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने देशभक्ति और खेल भावना के नारों से पूरा मैदान गुंजायमान कर दिया, जिससे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन हुआ। ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित यह दंगल मात्र मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा भी दी। इस आयोजन ने क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक एकता और व्यापक जनजागरण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण हादसे का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो जयपुर के भांकरोटा में हुए भयानक अग्निकांड की याद दिलाता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि 26 जून की सुबह करीब 7 बजे कानपुर से वाराणसी जा रहा एक तेज रफ्तार एलपीजी गैस टैंकर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा के पास ओवरटेक करने की कोशिश में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराता है। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया और चंद सेकंड में ही एक ज़ोरदार धमाके के साथ पूरा टोल प्लाजा आग के विशाल गोले में तब्दील होकर मौत के भयानक मंजर में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 से 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मिर्जापुर निवासी टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र द्विवेदी केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और मौके पर ही जिंदा जल गए। इसके अलावा, टोल प्लाजा के कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्होंने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि टोल प्लाजा के कई केबिन के साथ-साथ वहां खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।1