उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण हादसे का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो जयपुर के भांकरोटा में हुए भयानक अग्निकांड की याद दिलाता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि 26 जून की सुबह करीब 7 बजे कानपुर से वाराणसी जा रहा एक तेज रफ्तार एलपीजी गैस टैंकर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा के पास ओवरटेक करने की कोशिश में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराता है। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया और चंद सेकंड में ही एक ज़ोरदार धमाके के साथ पूरा टोल प्लाजा आग के विशाल गोले में तब्दील होकर मौत के भयानक मंजर में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 से 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मिर्जापुर निवासी टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र द्विवेदी केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और मौके पर ही जिंदा जल गए। इसके अलावा, टोल प्लाजा के कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्होंने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि टोल प्लाजा के कई केबिन के साथ-साथ वहां खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण हादसे का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो जयपुर के भांकरोटा में हुए भयानक अग्निकांड की याद दिलाता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि 26 जून की सुबह करीब 7 बजे कानपुर से वाराणसी जा रहा एक तेज रफ्तार एलपीजी गैस टैंकर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा के पास ओवरटेक करने की कोशिश में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराता है। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया और चंद सेकंड में ही एक ज़ोरदार धमाके के साथ पूरा टोल प्लाजा आग के विशाल गोले में तब्दील होकर मौत के भयानक मंजर में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 से 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मिर्जापुर निवासी टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र द्विवेदी केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और मौके पर ही जिंदा जल गए। इसके अलावा, टोल प्लाजा के कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्होंने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि टोल प्लाजा के कई केबिन के साथ-साथ वहां खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
- जयपुर में अचानक सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने सुरक्षा उपायों के तहत क्षेत्र को घेरकर यातायात रोक दिया है। सड़क धंसने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।1
- चिड़ावा के वार्ड नंबर 4 में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। सामाजिक एकता मंच के बैनर तले वार्डवासियों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार बलबीर कुल्हरी को उपखंड अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समिति अध्यक्ष सीताराम पंवार ने बताया कि वार्ड नंबर 4 में लंबे समय से अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आबकारी अधिकारियों पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का भी गंभीर आरोप लगाया। ज्ञापन में विशेष रूप से बताया गया कि वार्ड नंबर 4, 5 और 6 अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ अवैध शराब बिक्री से सामाजिक माहौल लगातार खराब हो रहा है। वार्डवासियों ने पुरजोर मांग की है कि जिस भूमि पर यह अवैध शराब बेची जा रही है, उसके मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, आबकारी विभाग को सख्त निर्देश देकर शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई गई। इस दौरान नगर अध्यक्ष बाबूलाल सोलंकी, बसंतलाल बसवाला, बजरंग बराला, रणधीर ओला, दलीप कुमार, गुलाब सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- दांतारामगढ़ क्षेत्र की मगनपुरा ग्राम पंचायत के नाडा गाँव में सड़क की हालत बेहद खराब है, जहां लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप पड़ जाता है। हैरानी की बात यह है कि नाडा गाँव स्वयं ग्राम पंचायत का मुख्यालय है, इसके बावजूद सड़क की यह दुर्दशा बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्तमान विधायक वीरेंद्र सिंह को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी तरह, भाजपा प्रत्याशी गजानंद कुमावत को भी इस मामले की जानकारी दी गई थी, परंतु किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय तो नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे अपनी जिम्मेदारियां भूल जाते हैं। गाँव की यह सड़क अब पूरी तरह से तालाब का रूप ले चुकी है और आवाजाही के लिए बेकार हो गई है। स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश है, उनका कहना है कि स्थानीय विधायक और सरपंच गहरी नींद में सोए हुए हैं और जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।3
- भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर वह किस व्यक्ति से भयभीत हैं।1
- अटेली में आरती सिंह राव के जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस विशाल जनसमूह को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज एक जन्मदिन समारोह था या फिर समर्थकों का एक शक्ति प्रदर्शन।1
- सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने नारनौल में एक दिशा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण हादसे का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो जयपुर के भांकरोटा में हुए भयानक अग्निकांड की याद दिलाता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि 26 जून की सुबह करीब 7 बजे कानपुर से वाराणसी जा रहा एक तेज रफ्तार एलपीजी गैस टैंकर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा के पास ओवरटेक करने की कोशिश में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराता है। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया और चंद सेकंड में ही एक ज़ोरदार धमाके के साथ पूरा टोल प्लाजा आग के विशाल गोले में तब्दील होकर मौत के भयानक मंजर में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 से 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मिर्जापुर निवासी टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र द्विवेदी केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और मौके पर ही जिंदा जल गए। इसके अलावा, टोल प्लाजा के कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्होंने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि टोल प्लाजा के कई केबिन के साथ-साथ वहां खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।1