चिड़ावा के वार्ड नंबर 4 में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। सामाजिक एकता मंच के बैनर तले वार्डवासियों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार बलबीर कुल्हरी को उपखंड अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समिति अध्यक्ष सीताराम पंवार ने बताया कि वार्ड नंबर 4 में लंबे समय से अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आबकारी अधिकारियों पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का भी गंभीर आरोप लगाया। ज्ञापन में विशेष रूप से बताया गया कि वार्ड नंबर 4, 5 और 6 अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ अवैध शराब बिक्री से सामाजिक माहौल लगातार खराब हो रहा है। वार्डवासियों ने पुरजोर मांग की है कि जिस भूमि पर यह अवैध शराब बेची जा रही है, उसके मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, आबकारी विभाग को सख्त निर्देश देकर शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई गई। इस दौरान नगर अध्यक्ष बाबूलाल सोलंकी, बसंतलाल बसवाला, बजरंग बराला, रणधीर ओला, दलीप कुमार, गुलाब सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
चिड़ावा के वार्ड नंबर 4 में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। सामाजिक एकता मंच के बैनर तले वार्डवासियों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार बलबीर कुल्हरी को उपखंड अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समिति अध्यक्ष सीताराम पंवार ने बताया कि वार्ड नंबर 4 में लंबे समय से अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आबकारी अधिकारियों पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का भी गंभीर आरोप लगाया। ज्ञापन में विशेष रूप से बताया गया कि वार्ड नंबर 4, 5 और 6 अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ अवैध शराब बिक्री से सामाजिक माहौल लगातार खराब हो रहा है। वार्डवासियों ने पुरजोर मांग की है कि जिस भूमि पर यह अवैध शराब बेची जा रही है, उसके मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, आबकारी विभाग को सख्त निर्देश देकर शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई गई। इस दौरान नगर अध्यक्ष बाबूलाल सोलंकी, बसंतलाल बसवाला, बजरंग बराला, रणधीर ओला, दलीप कुमार, गुलाब सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
- जयपुर में अचानक सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने सुरक्षा उपायों के तहत क्षेत्र को घेरकर यातायात रोक दिया है। सड़क धंसने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।1
- चिड़ावा के वार्ड नंबर 4 में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। सामाजिक एकता मंच के बैनर तले वार्डवासियों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार बलबीर कुल्हरी को उपखंड अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समिति अध्यक्ष सीताराम पंवार ने बताया कि वार्ड नंबर 4 में लंबे समय से अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आबकारी अधिकारियों पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का भी गंभीर आरोप लगाया। ज्ञापन में विशेष रूप से बताया गया कि वार्ड नंबर 4, 5 और 6 अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ अवैध शराब बिक्री से सामाजिक माहौल लगातार खराब हो रहा है। वार्डवासियों ने पुरजोर मांग की है कि जिस भूमि पर यह अवैध शराब बेची जा रही है, उसके मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, आबकारी विभाग को सख्त निर्देश देकर शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई गई। इस दौरान नगर अध्यक्ष बाबूलाल सोलंकी, बसंतलाल बसवाला, बजरंग बराला, रणधीर ओला, दलीप कुमार, गुलाब सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर वह किस व्यक्ति से भयभीत हैं।1
- अटेली में आरती सिंह राव के जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस विशाल जनसमूह को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज एक जन्मदिन समारोह था या फिर समर्थकों का एक शक्ति प्रदर्शन।1
- सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने नारनौल में एक दिशा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं पर चर्चा की।1
- भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने पंचायत भवन में जिला सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि सड़क हादसों में किसी भी नागरिक की जान न जाए, जिसके लिए जन सुरक्षा सर्वोपरि है। सांसद ने अधिकारियों को जागरूकता बढ़ाने और सड़क पर नियमों की कड़ी पालना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान विधायक कंवर सिंह यादव भी मौजूद रहे। सांसद ने हाल ही में नेशनल हाईवे 152-डी पर हुए बस हादसे का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि लोगों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी और पुलिस विभाग को एक संयुक्त अभियान चलाकर हाईवे के दोनों तरफ 15 मीटर के दायरे में बनी सभी अवैध दुकानों और ढाबों को तुरंत प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया, क्योंकि नियमों के अनुसार इस क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियाँ वर्जित हैं। इसके अतिरिक्त, सांसद ने पुलिस और संबंधित विभागों को सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को चिन्हित करने और उनके कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट अगली बैठक से पहले प्रस्तुत करने के लिए कहा। आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सिंचाई विभाग को जिले की अन्य छोटी सड़कों पर बनी नहरों की जर्जर पुलियाओं का स्पेशल ऑडिट कराकर उन्हें समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, लोक निर्माण विभाग को महेंद्रगढ़ रोड पर महावीर चौक से लहरोदा बाईपास के बीच बने अवैध कटों को हटाने के भी आदेश दिए गए। बैठक में उपस्थित उपायुक्त अनुपमा अंजली और पुलिस अधीक्षक दीपक ने आश्वासन दिया कि लोगों की सुरक्षा जिला प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान आरटीए सचिव मनोज कुमार ने पिछले दो माह के आंकड़े प्रस्तुत किए।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण हादसे का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो जयपुर के भांकरोटा में हुए भयानक अग्निकांड की याद दिलाता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि 26 जून की सुबह करीब 7 बजे कानपुर से वाराणसी जा रहा एक तेज रफ्तार एलपीजी गैस टैंकर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा के पास ओवरटेक करने की कोशिश में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराता है। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तुरंत गैस का रिसाव शुरू हो गया और चंद सेकंड में ही एक ज़ोरदार धमाके के साथ पूरा टोल प्लाजा आग के विशाल गोले में तब्दील होकर मौत के भयानक मंजर में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 से 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मिर्जापुर निवासी टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र द्विवेदी केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और मौके पर ही जिंदा जल गए। इसके अलावा, टोल प्लाजा के कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्होंने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि टोल प्लाजा के कई केबिन के साथ-साथ वहां खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं।1