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बिहार सरकार और जिला प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार को मखदुमपुर प्रखंड की छरियारी, मंझोस और जमनगंज पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इन शिविरों में कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। छरियारी पंचायत में 50 आवेदन मिले और 14 का तुरंत निष्पादन किया गया। मंझोस पंचायत में 29 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, जमनगंज पंचायत में आए 34 आवेदनों में से 18 का समाधान कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिलेभर में ऐसे ही शिविर आयोजित करके लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।
Ramesh Kumar
बिहार सरकार और जिला प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार को मखदुमपुर प्रखंड की छरियारी, मंझोस और जमनगंज पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इन शिविरों में कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। छरियारी पंचायत में 50 आवेदन मिले और 14 का तुरंत निष्पादन किया गया। मंझोस पंचायत में 29 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, जमनगंज पंचायत में आए 34 आवेदनों में से 18 का समाधान कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिलेभर में ऐसे ही शिविर आयोजित करके लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।
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- टेहटा थाना पुलिस ने पोक्सो एक्ट, मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े एक चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पश्चिमी उंटा निवासी भोला कुमार और निजामुद्दीनपुर निवासी नागेंद्र कुमार को पकड़ा गया। एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज किया गया था। इस केस में होटल संचालक और मैनेजर सहित कई अन्य लोगों पर पोक्सो एक्ट, दुष्कर्म और मानव तस्करी जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। गिरफ्तारी के बाद, न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- जहानाबाद के राजद विधायक राहुल कुमार ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर बच्चों एवं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने देश में बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और युवाओं के सामने बढ़ती चुनौतियों को गंभीर मुद्दे बताया। विधायक के अनुसार, सरकार इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की। राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि 12वीं की सीबीएसई परीक्षा के परिणामों में कई अनियमितताएं देखने को मिली हैं, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असंतोष व्याप्त है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के रद्द होने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, जिससे वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों को बार-बार निराशा का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हालांकि, वर्तमान सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के बजाय धार्मिक उन्माद फैलाने और समाज को विभाजित करने की राजनीति कर रही है, जिसके कारण देश के वास्तविक मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं। राहुल कुमार ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाबदेह बनना होगा, तभी देश का समुचित विकास संभव हो सकेगा।1
- औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड स्थित टकौरा गांव के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण डिजिटल युग में भी बारिश और बाढ़ के दौरान बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के लोगों को हर साल मानसून में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहाँ विकास के दावों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखता है। पंचायत मुखिया आशा देवी के पुत्र सूरज कुमार और ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि बरसात और बाढ़ के समय पूरे गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। सड़क पर तीन फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव रहता है, जिससे आवागमन ठप्प हो जाता है। जलभराव के कारण हजारों बीघा खेत पानी में डूब जाते हैं और पूरा गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो रुक जाती है। इसके अलावा, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को गांव से बाहर निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक पुल के निर्माण से इस बदहाल स्थिति को हमेशा के लिए बदला जा सकता है। डिजिटल युग में भी विकास से कोसों दूर इस टकौरा गांव की मुख्य समस्या पुल के अभाव में हर बरसात में गहराती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी हर साल दांव पर लगी रहती है।1
- मसौढ़ी में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें नियमों को तोड़ने वाले चालकों से करीब ₹70 हजार का जुर्माना वसूला गया। यह सघन वाहन जांच अभियान थानाध्यक्ष विवेक भारती के नेतृत्व में नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर चलाया गया था। इस दौरान मुख्य रूप से ट्रिपल लोडिंग, बिना हेलमेट बाइक चलाने और लहरिया कट मारकर स्टंटबाजी करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष विवेक भारती ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से सड़क पर सुरक्षित रहने, हेलमेट पहनने और सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।1
- भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा प्रेमानंद महाराज की शरण में पहुंचे। इस अवसर पर, विराट कोहली ने वहाँ उपस्थित सभी लोगों का 'राधे-राधे' कहकर अभिवादन किया।1
- जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से बिहार के सभी जिलों में 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गया जिले के प्रभारी सचिव श्री रोबर्ट एल. चोंग्थू ने बोधगया प्रखंड स्थित इटरा पंचायत में आयोजित 'सहयोग शिविर' में भाग लिया। यह पहल राज्य सरकार की 'सात निश्चय योजना-3' के अवयव 'सबका सम्मान जीवन आसान' के संकल्प को साकार करने के लिए की गई है, जिसके तहत प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर इन शिविरों का आयोजन होगा। मगध प्रमंडल के आयुक्त ने बताया कि 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम पूरे जिले में शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने 11 मई को ही सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था, जिससे लोग सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जन समस्याओं का समाधान हर हाल में निर्धारित 30 दिनों की समय सीमा के भीतर हो। उन्होंने इस पहल को लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान का एक महत्वपूर्ण जरिया बताया, जिसमें राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूर्ण सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कार्यक्रम बिहार की समृद्धि और भारत के विकास में योगदान देने का एक प्रयास है। गया के जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने जानकारी दी कि सहयोग शिविर और सहयोग पोर्टल के माध्यम से जिले में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 8260 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 7,000 से अधिक आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, और आज शिविर में आवेदकों को निष्पादित पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सभी प्राप्त आवेदनों का समाधान 30 दिनों के अंदर सुनिश्चित किया जाएगा और शिविर की तिथि पर आवेदकों को निष्पादन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अनेक आवेदकों को बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, मनरेगा जॉब कार्ड और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लाभुकों को प्रोत्साहन राशि के सांकेतिक कागजात प्रदान किए गए। इस 'सहयोग शिविर' में प्रभारी सचिव श्री रोबर्ट एल. चोंग्थू के अतिरिक्त आईजी मगध प्रक्षेत्र, जिला पदाधिकारी गया, वरीय पुलिस अधीक्षक, डीपीओ आईसीडीएस, इटरा पंचायत के सम्मानित मुखिया, जिला जन संपर्क पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी बोधगया, अंचलाधिकारी बोधगया सहित अन्य तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरे जिले में प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किया जाएगा, ताकि लोगों के सपने साकार हो सकें और उनकी समस्याओं का समाधान अंचल, प्रखंड या थाना स्तर पर भी 30 दिन के अंदर हो सके।1
- मंगलवार को बिहार सरकार और जिला प्रशासन के निर्देश पर मखदुमपुर प्रखंड की छरियारी, मंझोस और जमनगंज पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। इन तीनों पंचायतों में कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। छरियारी पंचायत में प्राप्त 50 आवेदनों में से 14 का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि मंझोस पंचायत में मिले 29 आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं, जमनगंज पंचायत में प्राप्त 34 आवेदनों में से 18 का समाधान सफलतापूर्वक कर दिया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिलेभर में ऐसे सहयोग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।1
- मसौढ़ी नगर परिषद क्षेत्र के अशोक सम्राट भवन में आयोजित एक सहयोग शिविर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य राशन कार्ड, मनरेगा, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन करना था। शिविर में स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पीएचईडी, बिजली विभाग, बाल विकास परियोजना और मद्य निषेध विभाग सहित कई सरकारी विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। इस पहल से लोगों को एक ही छत के नीचे सरकारी योजनाओं की जानकारी और सेवाओं का लाभ मिल सका, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल की जमकर सराहना की, उनका कहना था कि इससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिली है। मसौढ़ी में आयोजित इस मेगा सहयोग शिविर ने सैकड़ों लोगों की समस्याओं का समाधान करके सरकारी सेवाओं को आम जनता के और भी करीब पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।1
- सरेण पंचायत के ग्राम नटेशर में बिहार सरकार द्वारा आयोजित 'सहयोग शिविर' का सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल को जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसकी सराहना की। शिविर के दौरान, राशन कार्ड, पेंशन, नल-जल, आवास योजना, बिजली और अन्य विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए, और साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला से प्रभारी पदाधिकारी अनिकिता मैडम, अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना अध्यक्ष समेत सभी विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में उपस्थित मोहम्मद औरंगज़ेब, जो जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि और जदयू युवा प्रदेश महासचिव हैं, ने बताया कि इस 'सहयोग शिविर' का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और गांव स्तर पर ही समस्याओं का निवारण सुनिश्चित करना है।4