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यमुनानगर क्षेत्र में मंगलवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया, जिसके चलते तेज आंधी-तूफान के साथ धूल भरी हवाएं चलने लगीं। इस अचानक हुए बदलाव से स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण पूरे आसमान में धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है। विभाग ने नागरिकों को घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Rohit Sharma
यमुनानगर क्षेत्र में मंगलवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया, जिसके चलते तेज आंधी-तूफान के साथ धूल भरी हवाएं चलने लगीं। इस अचानक हुए बदलाव से स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण पूरे आसमान में धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है। विभाग ने नागरिकों को घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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- प्रयागराज के करछना तहसील क्षेत्र के डाड़ो गांव में हरे-भरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। आरोप है कि लकड़ी माफिया खुलेआम पेड़ों पर आरा चलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई का खेल क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा है। हालिया मामले में दर्जनों वर्ष पुराने आम के पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे क्षेत्र की हरियाली खतरे में है और पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि लकड़ी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस स्थिति से विभागीय कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। डाड़ो गांव के लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल इस मामले की जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अवैध कटान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और पर्यावरण को गंभीर नुकसान उठाना पड़ेगा।3
- प्रयागराज के घूरपुर बाजार और आसपास के इलाकों में बुधवार शाम हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी, तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश ने बड़ी राहत दी। दोपहर तक जहां तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण घरों से निकलना मुश्किल था, वहीं शाम होते-होते आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक शुरू हुई बारिश से घूरपुर बाजार में खरीदारी कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई, और वे दुकानों व छज्जों के नीचे शरण लेते नजर आए। दुकानदारों ने भी अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखा। कुछ देर की तेज बारिश के कारण बाजार की सड़कों पर पानी भी जमा हो गया। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों ने राहत की सांस ली। बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया, जबकि बुजुर्गों ने भी इस मौसम परिवर्तन को सुखद बताया। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेतों की नमी बढ़ेगी और आगामी फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। हालांकि, कुछ किसानों ने अधिक बारिश होने पर जलभराव की आशंका भी व्यक्त की है। बारिश के बाद सड़कों और पेड़ों पर जमी धूल साफ हो गई, जिससे चारों ओर हरियाली और ताजगी का एहसास होने लगा। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि यदि आने वाले दिनों में इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही तो गर्मी से और अधिक राहत मिलेगी। फिलहाल, घूरपुर बाजार की इस बारिश ने क्षेत्रवासियों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है।1
- प्रयागराज में मेजा के चर्चित ट्रिपल मर्डर कांड का मुख्य आरोपी हिमांशु यादव पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब आरोपी हिमांशु को हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने एक दारोगा की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हिमांशु के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। फिलहाल, पुलिस इस मामले की आगे की जांच में जुटी है।4
- प्रयागराज के यमुनानगर स्थित शंकरगढ़ थाना क्षेत्र की नारीबारी चौकी में इन दिनों उपजाऊ खेती की मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। इसके साथ ही, सुंदरीकरण के लिए बनाए गए तालाबों से भी अवैध खुदाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर लगातार यह बात उठाई जा रही है कि इस अवैध खनन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस स्थिति पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और क्या इस अवैध गतिविधि में प्रशासन की मिलीभगत है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर कांड के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा मेजा के एसडीएम पर फूट पड़ा है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुर कटवा गांव में हुए तीन हत्याओं के मामले में तनाव बढ़ गया है, जहाँ मंगलवार रात पोस्टमार्टम के बाद घर पहुँचे तीनों शवों का बुधवार शाम 4 बजे तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। मृतकों के परिजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डटे हुए हैं और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं। परिजनों की प्रमुख मांगों में आरोपी का "हाफ नहीं, फुल एनकाउंटर" किए जाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सरकारी आवास, एक विक्षिप्त महिला के लिए राशन कार्ड और घर तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने आरोपी के घर पर ही शव दफनाने की बात भी कही है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।3
- प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के सिरवैया गांव में मंगलवार रात बकरियों द्वारा धान की बेहन चराने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद खूनी तांडव में बदल गया। आरोप है कि पहले से ही लामबंद होकर पहुंचे हमलावरों ने एक परिवार के घर में घुसकर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और कटवासे जैसे धारदार हथियारों से कहर बरपा दिया, जिसमें दंपति सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद गांव में सनसनी और दहशत का माहौल है। अनिल कुमार पुत्र राजकुमार सोनकर द्वारा बारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे पुन्नीलाल, वीरेंद्र, बेटू, विष्णु, गूंगे का भांजा और कुछ अन्य अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी हमलावरों ने जानलेवा इरादे से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अनिल के पिता राजकुमार के सिर पर कुल्हाड़ी और कटवासे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें अधमरा कर दिया और जमीन पर गिरने के बाद भी उनकी पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों पर लाठियां बरसाते रहे, जिससे राजकुमार मौके पर ही बेहोश हो गए। पति को बचाने आईं उनकी पत्नी सुधा देवी के सिर पर भी धारदार हथियार से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे अनिल कुमार और उनकी बहन को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे भी घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर खुलेआम धमकी देते हुए फरार हो गए कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो अगली बार पूरे परिवार को जिंदा जलाकर खत्म कर दिया जाएगा। इस धमकी से परिवार सहमा हुआ है। बताया गया है कि मंगलवार सुबह बकरियों द्वारा धान की बेहन चराए जाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, और इसी रंजिश में शाम होते-होते हमलावरों ने एकजुट होकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर बारा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचाया, जहां राजकुमार और सुधा देवी की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, और पीड़ित परिवार ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1