प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के सिरवैया गांव में मंगलवार रात बकरियों द्वारा धान की बेहन चराने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद खूनी तांडव में बदल गया। आरोप है कि पहले से ही लामबंद होकर पहुंचे हमलावरों ने एक परिवार के घर में घुसकर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और कटवासे जैसे धारदार हथियारों से कहर बरपा दिया, जिसमें दंपति सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद गांव में सनसनी और दहशत का माहौल है। अनिल कुमार पुत्र राजकुमार सोनकर द्वारा बारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे पुन्नीलाल, वीरेंद्र, बेटू, विष्णु, गूंगे का भांजा और कुछ अन्य अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी हमलावरों ने जानलेवा इरादे से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अनिल के पिता राजकुमार के सिर पर कुल्हाड़ी और कटवासे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें अधमरा कर दिया और जमीन पर गिरने के बाद भी उनकी पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों पर लाठियां बरसाते रहे, जिससे राजकुमार मौके पर ही बेहोश हो गए। पति को बचाने आईं उनकी पत्नी सुधा देवी के सिर पर भी धारदार हथियार से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे अनिल कुमार और उनकी बहन को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे भी घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर खुलेआम धमकी देते हुए फरार हो गए कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो अगली बार पूरे परिवार को जिंदा जलाकर खत्म कर दिया जाएगा। इस धमकी से परिवार सहमा हुआ है। बताया गया है कि मंगलवार सुबह बकरियों द्वारा धान की बेहन चराए जाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, और इसी रंजिश में शाम होते-होते हमलावरों ने एकजुट होकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर बारा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचाया, जहां राजकुमार और सुधा देवी की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, और पीड़ित परिवार ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के सिरवैया गांव में मंगलवार रात बकरियों द्वारा धान की बेहन चराने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद खूनी तांडव में बदल गया। आरोप है कि पहले से ही लामबंद होकर पहुंचे हमलावरों ने एक परिवार के घर में घुसकर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और कटवासे जैसे धारदार हथियारों से कहर बरपा दिया, जिसमें दंपति सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद गांव में सनसनी और दहशत का माहौल है। अनिल कुमार पुत्र राजकुमार सोनकर द्वारा बारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे पुन्नीलाल, वीरेंद्र, बेटू, विष्णु, गूंगे का भांजा और कुछ अन्य अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी हमलावरों ने जानलेवा इरादे से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अनिल के पिता राजकुमार के सिर पर कुल्हाड़ी और कटवासे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें अधमरा कर दिया और जमीन पर गिरने के बाद भी उनकी पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों पर लाठियां बरसाते रहे, जिससे राजकुमार मौके पर ही बेहोश हो गए। पति को बचाने आईं उनकी पत्नी सुधा देवी के सिर पर भी धारदार हथियार से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे अनिल कुमार और उनकी बहन को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे भी घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर खुलेआम धमकी देते हुए फरार हो गए कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो अगली बार पूरे परिवार को जिंदा जलाकर खत्म कर दिया जाएगा। इस धमकी से परिवार सहमा हुआ है। बताया गया है कि मंगलवार सुबह बकरियों द्वारा धान की बेहन चराए जाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, और इसी रंजिश में शाम होते-होते हमलावरों ने एकजुट होकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर बारा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचाया, जहां राजकुमार और सुधा देवी की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, और पीड़ित परिवार ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- प्रयागराज में मेजा के चर्चित ट्रिपल मर्डर कांड का मुख्य आरोपी हिमांशु यादव पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब आरोपी हिमांशु को हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने एक दारोगा की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हिमांशु के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। फिलहाल, पुलिस इस मामले की आगे की जांच में जुटी है।4
- प्रयागराज के यमुनानगर स्थित शंकरगढ़ थाना क्षेत्र की नारीबारी चौकी में इन दिनों उपजाऊ खेती की मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। इसके साथ ही, सुंदरीकरण के लिए बनाए गए तालाबों से भी अवैध खुदाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर लगातार यह बात उठाई जा रही है कि इस अवैध खनन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस स्थिति पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और क्या इस अवैध गतिविधि में प्रशासन की मिलीभगत है।1
- प्रयागराज में यमुनानगर के डीसीपी विवेक यादव को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां तीन लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी हिमांशु यादव को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी है। डीसीपी घटना के बाद से ही घटनास्थल पर स्वयं मौजूद रहकर मामले की निगरानी कर रहे थे। यह मुठभेड़ मेजा क्षेत्र में हुई। पुलिस ने आरोपी हिमांशु यादव को हत्या का हथियार बरामद करने के लिए ले जाया था। इसी दौरान, बदमाश ने एक सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनकर पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस की त्वरित जवाबी कार्रवाई में बदमाश हिमांशु यादव के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीसीपी ने बताया कि यह घटना दुखद थी और इस मामले में शामिल सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है।4
- प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र के अमिलिया कला गाँव की वंदना पति शिव बाबू ने मेजा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उपनिरीक्षक मनोज कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वंदना का कहना है कि एक ज़मीन विवाद के मामले में उपनिरीक्षक ने जबरन सीमेंट शीट रखवा दी है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह पूरा मामला सिविल कोर्ट प्रयागराज में मुकदमा संख्या 695/2025 के तहत विचाराधीन है। वंदना के अनुसार, पुलिस अधिकारी द्वारा की गई यह कार्रवाई सीधे तौर पर कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बारा थाना क्षेत्र में 14 जून की आधी रात एक परिवार के घर पर पथराव करने और जातिसूचक गालियां देने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित फूलचन्द्र ने बताया कि रात करीब 12 बजे तीन वाहनों में सवार होकर आए कुछ लोगों ने उनके दरवाजे पर गाली-गलौज की और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन पर ईंट-पत्थर बरसाए गए। आरोप है कि इस हमले में मालती देवी सहित परिवार के कई लोग चोटिल हुए हैं। पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि हमलावर उन पर जमीन छोड़ने का दबाव बना रहे थे और उन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी है, जिसके कारण पूरा परिवार दहशत में है। इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों को शिकायत सौंपी है, जिसकी पुष्टि पुलिस द्वारा की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।4
- प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के सिरवैया गांव में मंगलवार रात बकरियों द्वारा धान की बेहन चराने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद खूनी तांडव में बदल गया। आरोप है कि पहले से ही लामबंद होकर पहुंचे हमलावरों ने एक परिवार के घर में घुसकर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और कटवासे जैसे धारदार हथियारों से कहर बरपा दिया, जिसमें दंपति सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद गांव में सनसनी और दहशत का माहौल है। अनिल कुमार पुत्र राजकुमार सोनकर द्वारा बारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे पुन्नीलाल, वीरेंद्र, बेटू, विष्णु, गूंगे का भांजा और कुछ अन्य अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी हमलावरों ने जानलेवा इरादे से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अनिल के पिता राजकुमार के सिर पर कुल्हाड़ी और कटवासे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें अधमरा कर दिया और जमीन पर गिरने के बाद भी उनकी पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों पर लाठियां बरसाते रहे, जिससे राजकुमार मौके पर ही बेहोश हो गए। पति को बचाने आईं उनकी पत्नी सुधा देवी के सिर पर भी धारदार हथियार से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे अनिल कुमार और उनकी बहन को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे भी घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर खुलेआम धमकी देते हुए फरार हो गए कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो अगली बार पूरे परिवार को जिंदा जलाकर खत्म कर दिया जाएगा। इस धमकी से परिवार सहमा हुआ है। बताया गया है कि मंगलवार सुबह बकरियों द्वारा धान की बेहन चराए जाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, और इसी रंजिश में शाम होते-होते हमलावरों ने एकजुट होकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर बारा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचाया, जहां राजकुमार और सुधा देवी की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, और पीड़ित परिवार ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1